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पीपला फाउंडेशन ने किया शमी और बेल पौधे का वितरण

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हर साल करते धार्मिक महत्व के पौधों का दान 

आरंग- पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति को संवारने की दिशा में स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन ने एक बार फिर मिसाल पेश की है। संस्था प्रति वर्ष श्रावण माह के शुरू होते ही धार्मिक महत्व वाले शमी और बेल के पौधों का निःशुल्क वितरण कर लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित कर रही है। इन दोनों पौधों के पत्ते भगवान शिव को अर्पित किए जाते हैं। इसी धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए लोग पौधे लगाकर प्रतिदिन जल से सिंचाई कर पूजा करते हैं। फाउंडेशन का मानना है कि इस पहल से एक ओर जहां धार्मिक भावना जुड़ती है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण का कार्य भी स्वतः हो जाता है।

फाउंडेशन के संयोजक महेन्द्र पटेल ने बताया कि संस्था अब तक पौधे दान जन अभियान के तहत हजारों पौधों का वितरण कर चुकी है। श्रावण में हर सोमवार को नगर के अलग-अलग मंदिरों में जाकर पौधे वितरित किए जाते हैं।पौधरोपण में दूजेराम धीवर, महेन्द्र कुमार पटेल, संजय मेश्राम, कोमल लाखोटी और प्रतीक टोंड्रे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीपला फाउंडेशन की इस पहल की नगर व क्षेत्रवासी खूब सराहना कर रहे हैं।



पीपला फाउंडेशन ने आरंग थाना में लगाया वाटर कूलर

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थाना प्रभारी ने जताया फाउंडेशन का आभार

आरंग- विश्व जल दिवस के अवसर पर स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन ने रविवार को आरंग थाना परिसर में वाटर कूलर स्थापित किया। इस पहल की थाना प्रभारी हरीश साहू, एसआई चेतन दुबे सहित समस्त थाना स्टाफ ने मुक्तकंठ से सराहना करते हुए फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।

ज्ञात हो कि यह संस्था पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल प्रबंधन एवं संरक्षण के क्षेत्र में विगत पाँच वर्षों से निरंतर कार्य कर रही है। इसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर मूक पशुओं के लिए जलपात्र रखना, जनसहयोग से वाटर कूलर स्थापित करना, महानदी पुल एवं सरोवरों की सफाई, तथा जल संरक्षण एवं प्रबंधन पर नारा-लेखन और जागरूकता गीतों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जाता है।

फाउंडेशन के अध्यक्ष दूजेराम धीवर ने बताया कि संस्था द्वारा महासमुंद में एक तथा आरंग नगर में पाँच स्थानों पर वाटर कूलर लगाए जा चुके हैं, जिससे नगर एवं क्षेत्रवासियों को ठंडा पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

इस अवसर पर फाउंडेशन के संरक्षक पारसनाथ साहू, अध्यक्ष दूजेराम धीवर, संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल, कोषाध्यक्ष कोमल लाखोटी, गौ-सेवक राहुल जोशी, थाना प्रभारी हरीश साहू, एसआई चेतन दुबे सहित थाना स्टाफ उपस्थित रहे।

पीपला फाउंडेशन ने जताया डॉ पाणिग्राही का आभार

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महानदी में बने पुल का नाम "रानी पद्मावती" के नाम पर रखने किए थे मांग 

आरंग। स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन ने संबलपुर डीविजन के डीआर यू सी सी मेम्बर डॉ  विश्वनाथ पाणीग्रही के माध्यम से रेलवे द्वारा आयोजित डी आर यू सी सी मीटिंग में महानदी पर बने नए  रेल पुल का नामकरण महादानी राजा मोरध्वज की धर्मपत्नी  "रानी पद्मावती"  के नाम पर रखने की मांग किए थे।  फाउंडेशन व क्षेत्र की जनता से जुड़ी इस मांग को डॉ विश्वनाथ ने  बैठक में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया फांऊडेशन और आरंग क्षेत्र की जनता की जनभावनाओं के अनुरूप महानदी पर बने पुल का नामकरण"रानी पद्मावती " के नाम पर करने का प्रस्ताव रखा था जिसे रेलवे ने स्पष्टीकरण देते हुए अस्वीकार कर दिया‌। रेलवे ने स्पष्टीकरण दिया है कि इस तरह का पौराणिक या ऐतिहासिक व्यक्ति विशेष के नाम पर कोई पुल का नामकरण का प्रावधान रेलवे में नहीं  है । डॉ पाणीग्राही  ने कहा कि  डिविजनल अधिकारियों के द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद भी मैं निराश नहीं हूं तथा इस मांग को रेलवे के उच्चाधिकारियों एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी के समक्ष रखूंगा ।   पीपला फाउंडेशन ने डीआर यू सी सी मेंबर डॉ विश्वनाथ पाणिग्राही का उनके द्वारा फाउंडेशन व क्षेत्र की जनता की मांग को डी आर यू सी सी की मीटिंग में प्रमुखता से रखने के लिए आभार जताया है। वहीं फाउंडेशन के सदस्यों का कहना है महादानी राजा मोरध्वज की धर्मपत्नी महादानी रानी पद्मावती के नाम को अधिकांश लोग जानते भी नहीं है जिन्होंने अपने एकलौते पुत्र ताम्रध्वज को आरा में चिरकर भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन को अर्पित कर दी थी। उनके नाम पर आज तक कहीं कोई अस्पताल,स्कूल, कालेज, धर्मशाला, कोई पुल नहीं है। जिससे कि लोग रानी पद्मावती को स्मरण कर सके। ज्ञात हो कि यह संस्था महादानी राजा मोरध्वज व रानी पद्मावती से जुड़ी गाथा को स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल करने लगातार मांग कर रहे हैं।



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