Media24Media.com: #PadmaShri

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #PadmaShri. Show all posts
Showing posts with label #PadmaShri. Show all posts

कृषि जैव विविधता संरक्षण को नई दिशा, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने विशेषज्ञ समिति का किया पुनर्गठन

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने जैव विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 13(1) के तहत कृषि जैव विविधता (Agrobiodiversity) पर विशेषज्ञ समिति का एक वर्ष के लिए पुनर्गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य कृषि जैव विविधता के संरक्षण, सतत उपयोग तथा एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (ABS) से जुड़े मामलों में विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करना है।

समिति के अध्यक्ष के रूप में पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ. पी. एल. गौतम को नियुक्त किया गया है। डॉ. गौतम राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण और पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPVFRA) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। हाल ही में उन्हें कृषि विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। वहीं PPVFRA के वर्तमान अध्यक्ष समिति के सह-अध्यक्ष (Co-Chair) होंगे।

यह विशेषज्ञ समिति वर्ष 2005 से राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण सलाहकार संस्था रही है और समय-समय पर कृषि आनुवंशिक संसाधनों से जुड़े उभरते मुद्दों के समाधान के लिए इसका पुनर्गठन किया जाता रहा है।

समिति ने अब तक कृषि जैव विविधता से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव दिए हैं। इनमें खाद्य एवं कृषि के लिए पौध आनुवंशिक संसाधनों पर अंतरराष्ट्रीय संधि (ITPGRFA), बीजों और पशु भ्रूणों के निर्यात से जुड़े लाभ-साझेदारी मुद्दे, पारंपरिक पौध प्रजनन गतिविधियां तथा जैविक संसाधनों से जुड़े अनुसंधान परियोजनाओं के लिए स्वीकृति प्रक्रियाएं शामिल हैं।

नई समिति में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), राष्ट्रीय पौध, पशु एवं मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, नाल्सार विधि विश्वविद्यालय और अन्य प्रमुख अनुसंधान एवं शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

समिति कृषि क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देने, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने, देशी फसलों एवं पशुधन नस्लों के संरक्षण तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोगी अनुसंधान से जुड़े दिशा-निर्देशों की समीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य करेगी।

सरकार का मानना है कि यह कदम कृषि जैव विविधता के संरक्षण, आनुवंशिक संसाधनों एवं पारंपरिक ज्ञान की सुरक्षा तथा जलवायु-अनुकूल और टिकाऊ कृषि प्रणाली को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इसके साथ ही समिति भारत के राष्ट्रीय जैव विविधता कार्ययोजना (NBSAP) लक्ष्यों तथा संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDG-2: शून्य भूख, SDG-13: जलवायु कार्रवाई और SDG-15: भूमि पर जीवन) को प्राप्त करने में भी सहयोग करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने दूरभाष पर पद्मश्री फुलबासन यादव से की चर्चा, जाना हालचाल

No comments Document Thumbnail

पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर फुलबासन यादव ने जताया संतोष, कहा- मिला पूरा सहयोग

पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के दिए गए हैं निर्देश

रायपुर- पद्मश्री सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी फुलबासन यादव के साथ हुई अप्रिय घटना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री साय ने आज सुबह स्वयं दूरभाष पर फुलबासन यादव से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा घटना की जानकारी ली। 


 मुख्यमंत्री साय ने आश्वस्त किया कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए हैं।

पद्मश्री फुलबासन यादव ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का किया विमोचन

No comments Document Thumbnail

सेवा और समर्पण का प्रेरक दस्तावेज है यह कृति: मुख्यमंत्री

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पद्मश्री जागेश्वर यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्य विशेष रूप से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति अटूट प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही जन्म लेता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “बिरहोर जननायक” पुस्तक उनके संघर्ष, समर्पण और सेवा की उस प्रेरक यात्रा को सामने लाती है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनने की दिशा देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगी।

इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने बताया कि इस पुस्तक की रचना आदिम जनजातियों, विशेषतः बिरहोर समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए जागेश्वर यादव द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस कृति में उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक योगदान और मानवीय दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) रैंक से सम्मानित किया गया

No comments Document Thumbnail

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 22 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में आयोजित पिपिंग समारोह के दौरान नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) का प्रतीक चिन्ह प्रदान किया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने नीरज चोपड़ा और उनके परिवार से बातचीत करते हुए उन्हें धैर्य, देशभक्ति और उत्कृष्टता की भारतीय भावना का प्रतीक बताया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,

“लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) नीरज चोपड़ा अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रीय गर्व के उच्चतम आदर्शों के प्रतीक हैं, और खेल जगत और सशस्त्र बलों में नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।”

इस अवसर पर भारतीय सेना के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

नीरज चोपड़ा ने 2016 में भारतीय सेना में भर्ती होकर राजपूताना राइफल्स के साथ सेवा दी है। 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के पानिपत जिले के खांद्रा गांव में जन्मे नीरज ने अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में अपनी शानदार उपलब्धियों के माध्यम से देश और सशस्त्र बलों का गर्व बढ़ाया है।

उन्होंने इतिहास रचा जब टोक्यो ओलंपिक 2020 में ट्रैक और फील्ड में भारत का पहला ओलंपिक गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद पेरिस ओलंपिक 2024 में सिल्वर और वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके अलावा उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और डायमंड लीग इवेंट्स में कई गोल्ड मेडल भी जीते हैं। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ भाला फेंक 90.23 मीटर (2025) भारतीय खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उनकी असाधारण उपलब्धियों और देश सेवा के सम्मान में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 16 अप्रैल 2025 को उन्हें टेरिटोरियल आर्मी में मानद आयोग प्रदान किया। इससे पहले उन्हें पद्मश्री, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार, परम विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.