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केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय: 2025 में ऊर्जा सुलभता, स्थिरता और सुरक्षा में प्रगति

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परिचय

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तेल और प्राकृतिक गैस के अन्वेषण एवं उत्पादन, परिष्करण, वितरण और विपणन, साथ ही उनके आयात, निर्यात और संरक्षण के लिए जिम्मेदार है। तेल और गैस भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण इनपुट हैं।

वित्तीय वर्ष 2025 में मंत्रालय ने सस्ती ऊर्जा पहुँच, घरेलू उत्पादन वृद्धि, बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना, स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना जैसी बहुआयामी पहलें की। ये सभी पहलें ऊर्जा पहुँच, ऊर्जा दक्षता, ऊर्जा स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं।

स्वच्छ रसोई ईंधन तक सार्वभौमिक पहुँच

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 1 दिसंबर 2025 तक लगभग 10.35 करोड़ लाभार्थियों को लाभ मिला। लंबित आवेदन निपटाने और एलपीजी कवरेज बढ़ाने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 लाख अतिरिक्त कनेक्शन की मंजूरी दी गई।

पात्रता प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एकल Deprivation Declaration लागू किया गया, जिससे आवेदन प्रक्रिया तेज और अधिक समावेशी हुई।

LPG की सस्ती उपलब्धता और उपभोग

  • PMUY लाभार्थियों के लिए 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर ₹300 की लक्षित सब्सिडी प्रति सिलेंडर, साल में नौ रिफिल तक।

  • इससे एलपीजी की खपत में निरंतर वृद्धि हुई—FY 2019-20 में औसत 3 रिफिल प्रति व्यक्ति, FY 2024-25 में 4.47 रिफिल और FY 2025-26 में 4.85 रिफिल तक बढ़ गई।

  • बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण को तेज किया गया—1 दिसंबर 2025 तक PMUY उपभोक्ताओं का 71% और गैर-PMUY उपभोक्ताओं का 62% प्रमाणित।

  • नवंबर 2025 में देशव्यापी अभियान चलाकर मोबाइल आधारित प्रमाणीकरण नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया।

सुरक्षा और जागरूकता

  • बेसिक सेफ्टी चेक अभियान के तहत 12.12 करोड़ से अधिक मुफ्त सुरक्षा निरीक्षण किए गए।

  • 4.65 करोड़ से अधिक एलपीजी होज़ को डिस्काउंट पर बदला गया।

  • इससे घरेलू LPG उपयोग में सुरक्षा मानक और जागरूकता बढ़ी।

पेट्रोलियम विपणन अवसंरचना

  • 90,000 से अधिक रिटेल आउटलेट्स में डिजिटल भुगतान सुविधा उपलब्ध कराई गई।

  • 2.71 लाख POS टर्मिनल समर्थित।

  • 3,200 से अधिक बोवसर कमिशनिंग के माध्यम से दूरदराज़ क्षेत्रों में डोर-टू-डोर वितरण बढ़ाया गया।

  • स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिकांश रिटेल आउटलेट्स में शौचालय की सुविधा और पुरुष/महिला के लिए अलग-अलग सुविधाएं सुनिश्चित की गईं।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और APNA GHAR

  • FAME-II योजना के तहत 8,932 EV चार्जिंग स्टेशन रिटेल आउटलेट्स में स्थापित।

  • Oil Marketing Companies द्वारा 18,500 से अधिक चार्जिंग स्टेशन अपने संसाधनों से।

  • APNA GHAR पहल के तहत 500+ ट्रकर्स के लिए वेसाइड सुविधा केंद्र स्थापित।

  • Public Sector Oil Marketing Companies 2024-25 से 2028-29 के दौरान 4,000 ऊर्जा स्टेशन स्थापित कर रही हैं।

  • ये स्टेशन इंटीग्रेटेड मोबिलिटी हब के रूप में विकसित हो रहे हैं—पेट्रोल, डीज़ल, CNG, LNG (जहाँ संभव हो) और EV चार्जिंग।

  • 1 नवंबर 2025 तक 1,064 ऊर्जा स्टेशन पूरे देश में स्थापित।

गैस आधारित अर्थव्यवस्था का विस्तार

  • परिचालन गैस पाइपलाइन लंबाई 15,340 किमी (2014) से बढ़कर 25,429 किमी (जून 2025)।

  • अतिरिक्त 10,459 किमी पाइपलाइन निर्माणाधीन।

  • PNGRB और सरकार द्वारा पूर्ण राष्ट्रीय गैस ग्रिड के निर्माण से गैस की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

  • Unified Pipeline Tariff (One Nation, One Grid, One Tariff) से क्षेत्रीय परिवहन लागत में समानता आई।

  • लगभग 90% पाइपलाइनें इस प्रणाली में शामिल।

  • सिटी गैस वितरण (CGD) 307 भौगोलिक क्षेत्रों तक बढ़ा।

  • 1.57 करोड़ PNG घरेलू कनेक्शन और 8,400+ CNG स्टेशन।

  • घरेलू गैस आवंटन के नए दिशानिर्देशों से उपभोक्ताओं की कीमत अस्थिरता कम हुई।

SATAT और बायोगैस

  • 1 नवंबर 2025 तक 130+ CBG संयंत्र चालू, कई निर्माणाधीन।

  • FY 2025-26 से CBG के CNG और PNG में अनिवार्य मिश्रण।

  • पाइपलाइन कनेक्टिविटी और बायोमास संग्रहण के लिए वित्तीय सहायता।

बायोफ्यूल्स और ethanol blending

  • पेट्रोल में ईथेनॉल मिश्रण 19.24% (ESY 2024-25)।

  • विदेशी मुद्रा बचत: ₹1.55 लाख करोड़ से अधिक।

  • Pradhan Mantri JI-VAN योजना के तहत एडवांस्ड बायोफ्यूल्स, Panipat और Numaligarh में 2nd generation ethanol plants।

  • Sustainable Aviation Fuel (SAF) blending: अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए 2027-2030 में क्रमशः 1%, 2% और 5% लक्ष्य।

  • IOCL ने Panipat refinery में SAF उत्पादन के लिए ISCC CORSIA प्रमाणन प्राप्त किया।

  • IOCL और Air India ने SAF आपूर्ति के लिए MoU किया।

  • Biodiesel blending और फीडस्टॉक विविधीकरण बढ़ाया गया।

अपस्ट्रीम सेक्टर सुधार

  • Oilfields (Regulation and Development) Amendment Act, 2025 लागू।

  • Petroleum and Natural Gas Rules, 2025 अधिसूचित।

  • Hydrocarbon Exploration Licensing Policy (HELP) के तहत 172 ब्लॉक्स (~3.78 लाख sq km) आवंटित।

  • निवेश: लगभग USD 4.36 बिलियन।

  • अन्वेषण गतिविधियां: भूकंपीय सर्वेक्षण, ड्रिलिंग, Mission Anveshan।

रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार

  • Phase-II सुविधाओं के तहत अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियाँ।

  • विदेशी निवेशों के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति स्रोतों में विविधीकरण।

निष्कर्ष

वित्तीय वर्ष 2025 में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ऊर्जा सुलभता, सस्ती उपलब्धता, स्थिरता और सुरक्षा में महत्वपूर्ण प्रगति की।
नीतिगत सुधार, बुनियादी ढांचे का विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा पहलें भारत को सशक्त, समावेशी और टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की दिशा में आगे ले जा रही हैं।


महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार की व्यापक योजनाएँ: सुरक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय स्वावलंबन पर जोर

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सरकार ने महिलाओं के वित्तीय और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए कई प्रमुख योजनाएँ लागू की हैं, जिनमें विधवाएँ, एकल माताएँ और कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाली महिलाएँ शामिल हैं। प्रमुख पहल और योजनाएँ इस प्रकार हैं:

1. महिला और बाल विकास मंत्रालय की योजनाएँ (15वीं वित्त आयोग अवधि, 2022-23 से):

  • मिशन शक्ति: महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए।

    • संबल: वन स्टॉप सेंटर (OSC), महिला हेल्पलाइन (WHL-181) जैसी सेवाओं के माध्यम से तत्काल सहायता।

    • समर्थ्य: प्रजनन लाभ (PMMVY), शाक्ति सदन (महिला आश्रय), कृष्णा कुटीर (विधवाओं के लिए घर), सखी निवास (कार्यरत महिलाओं के लिए होस्टल), पालना (डे-केयर), और SANKALP: महिला सशक्तिकरण हब।

  • सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0: बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों (14-18 वर्ष) के लिए पोषण और स्वास्थ्य कार्यक्रम।

  • मिशन वत्सल्य: कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के संरक्षण और कल्याण के लिए।

2. गृह मंत्रालय:

  • एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स (AHTU) की स्थापना और सशक्तिकरण।

  • 14,658 महिला हेल्प डेस्क स्थापित, जिनमें 13,743 महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा संचालन।

  • आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (ERSS-112) और महिला हेल्पलाइन (WHL-181)।

3. आयुष्मान भारत:

  • 55 करोड़ नागरिकों के लिए 1,200+ मुफ्त चिकित्सा पैकेज, जिनमें 141 पैकेज विशेष रूप से महिलाओं के लिए।

  • 1,50,000+ स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र।

  • PMBJK (16,000+) के माध्यम से किफायती दवाइयाँ और स्वास्थ्य सुरक्षा।

4. अन्य सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय सशक्तिकरण पहल:

  • PAN और पासपोर्ट नियमों में संशोधन: एकल माताओं के लिए आसान आवेदन।

  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मुफ्त LPG कनेक्शन।

  • महिलाओं के स्वामित्व वाली सूक्ष्म और लघु उद्यमों से कम से कम 3% केंद्रीय खरीद अनिवार्य।

  • MSME द्वारा कौशल विकास और महिलाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम।

  • MUDRA, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, PM SVANidhi, PMEGP और MGNREGS जैसी योजनाओं के माध्यम से रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर।

इन सभी पहलों का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय स्वतंत्रता और सामाजिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है।

यह जानकारी महिला और बाल विकास राज्य मंत्री ठाकुर ने आज राज्यसभा में दी।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत देशभर में 25 लाख नए एलपीजी कनेक्शन स्वीकृत

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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से उज्ज्वल होगा प्रदेश की बहनों का भविष्य - मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ में  “सुशासन तिहार” और “नियद नेल्ला नार योजना” के अंतर्गत 1.59 लाख माताओं-बहनों को मिलेगा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ

रायपुर- भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत देशभर में 25 लाख नए एलपीजी कनेक्शन स्वीकृत किए गए हैं। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ में  “सुशासन तिहार” और “नियद नेल्ला नार योजना” के अंतर्गत 1.59 लाख पात्र माताओं-बहनों को उज्ज्वला योजना का लाभ प्राप्त होगा।यह निर्णय छत्तीसगढ़ की लाखों माताओं-बहनों के जीवन में स्वच्छ ऊर्जा और स्वास्थ्य का उजाला लेकर आएगा। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में जो उजाला फैलाया है, वह आने वाले वर्षों में पूरे समाज के विकास का आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति हमेशा से परिवार और समाज की धुरी रही है। उज्ज्वला योजना के माध्यम से उन्हें वह सम्मान मिला है जिसकी वे हकदार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रत्येक पात्र बहन तक इस योजना का लाभ पहुँचाने के लिए कटिबद्ध है। भारत सरकार के इस निर्णय से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की महिलाएं अब प्रदूषण रहित वातावरण में जीवन जी सकेंगी। 

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लगभग 28 लाख महिलाएं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ प्राप्त कर रही हैं।

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