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यंग लीडर्स फोरम 2025: विकसित भारत @2047 की दिशा में युवाशक्ति और सशस्त्र बलों के योगदान पर केंद्रित आयोजन

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भारतीय सेना ने सेंटर फॉर लैंड वॉरफेयर स्टडीज़ (CLAWS) के सहयोग से 31 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में यंग लीडर्स फोरम (YLF) का आयोजन किया। यह कार्यक्रम चानक्य डिफेंस डायलॉग (CDD) 2025 के तीसरे संस्करण के पूर्व आयोजन के रूप में हुआ, जो 27–28 नवंबर 2025 को आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष CDD का विषय है — "Reform to Transform: सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत"।

राष्ट्रीय एकता दिवस (सardar वल्लभभाई पटेल की जयंती) पर आयोजित इस फोरम ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार किया। यह इस विचार को पुष्ट करता है कि युवा वर्ग परिवर्तन के अग्रदूत हैं, जो विकसित भारत @2047 की दिशा में राष्ट्र निर्माण के वाहक और लाभार्थी दोनों हैं।

इस कार्यक्रम में सैन्य बलों, शिक्षाविदों, थिंक टैंकों, उद्यमिता, अनुसंधान क्षेत्र, एनसीसी कैडेट्स, विद्यार्थियों, उद्योग साझेदारों और अर्द्धसैनिक बलों से जुड़े युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में आयोजित हुआ, जिसे सेना प्रशिक्षण संस्थानों, IITs, विश्वविद्यालयों और अन्य पेशेवर केंद्रों तक लाइव प्रसारित किया गया, जिससे देशभर के युवा इसमें सहभागी बन सके।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का संबोधन

  • कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री के विकसित भारत @2047 के विजन को साकार करने में भारतीय युवाओं और सशस्त्र बलों की अहम भूमिका पर बल दिया।
  • उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल और मेजर बॉब खाथिंग को भारत की एकता और संप्रभुता में उनके योगदान के लिए नमन किया।
  • उन्होंने कहा कि भारत की 7% से अधिक की आर्थिक वृद्धि दर इस बात का संकेत है कि देश आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
  • उन्होंने युवाओं से शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और देशभक्ति को जीवन के मूलमंत्र के रूप में अपनाने और सशस्त्र बलों के समान समर्पण और ईमानदारी से राष्ट्र के परिवर्तन का नेतृत्व करने का आह्वान किया।

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का संबोधन

  • जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपने संबोधन में युवाओं की भूमिका को भारत के भविष्य और उसकी संप्रभुता की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
  • उन्होंने कहा कि भारत की 65% से अधिक जनसंख्या 35 वर्ष से कम उम्र की है — जो नवाचार, साहस और ऊर्जा का एक विशाल भंडार है, जिसे सही दिशा और अनुशासन के साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है।
  • उन्होंने भारतीय सेना के "डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन" की रूपरेखा साझा की, जिसमें संरचना सुधार, तकनीकी नवाचार और युवाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है।
  • इसके तहत IITs में आर्मी सेल्स, टेक्नोलॉजी क्लस्टर्स और इंडियन आर्मी इंटर्नशिप प्रोग्राम (2025) जैसी पहलें शामिल हैं।
  • उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय सेना की संयम और संकल्पशीलता का प्रतीक है।
  • सेना प्रमुख ने युवाओं से आत्मनिर्भरता, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय गर्व को अपने जीवन के मार्गदर्शक मूल्यों के रूप में अपनाने की अपील की।

सांसद तेजस्वी सूर्या का संबोधन

  • तेजस्वी सूर्या ने अपने प्रेरक संबोधन “भारत के भविष्य की प्रेरणादायक दृष्टि” में युवाशक्ति को भारत की नैतिक और रणनीतिक मजबूती का आधार बताया।
  • उन्होंने कारगिल युद्ध के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारतीय वीरों का बलिदान और साहस ही उन्हें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
  • उन्होंने ललितादित्य, रानी चेनम्मा और महाराणा प्रताप जैसे ऐतिहासिक नायकों के उदाहरण देते हुए कहा कि आज भारत कमी से संभावना की ओर अग्रसर है — चंद्रयान की सफलता, डिजिटल शासन और स्टार्टअप इकोसिस्टम इसका प्रमाण हैं।
  • उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अनुशासित, आत्मनिर्भर और एकजुट भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँ, जहाँ नवाचार और ईमानदारी राष्ट्र की प्रगति की दिशा तय करेंगे।

यंग लीडर्स फोरम 2025 ने भारत की रणनीतिक समुदाय और नई पीढ़ी के बीच सेतु का कार्य किया। इस फोरम में हुई चर्चाएँ चानक्य डिफेंस डायलॉग 2025 की व्यापक थीम “Reform to Transform: सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत” को समृद्ध करेंगी।

कार्यक्रम का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि भारत की युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है — वे ही उसकी समृद्धि के निर्माता और उसकी संप्रभुता के रक्षक हैं।

राष्ट्रीय एकता दिवस 2025: सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर एक भारत, श्रेष्ठ भारत का उत्सव

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परिचय

राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) हर वर्ष 31 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में देश की एकता, अखंडता और विविधता में एकता के मूल्यों को सम्मान देने हेतु मनाया जाता है। सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के राजनीतिक और राष्ट्रीय एकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। इस दिवस का उद्देश्य नागरिकों को देश की एकता, संप्रभुता और अखंडता के प्रति संकल्पबद्ध करना है।

राष्ट्रीय एकता दिवस पहली बार वर्ष 2014 में मनाया गया था, जब भारत सरकार ने इसे औपचारिक रूप से घोषित किया। 31 अक्टूबर 2015 को आयोजित समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत (Ek Bharat Shreshtha Bharat)’ पहल की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच आपसी संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भावनात्मक एकता को सुदृढ़ करना है।

2025 का वर्ष विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का वर्ष है।

सरदार पटेल की विरासत

भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1947 में स्वतंत्रता के बाद भारत के राजनीतिक एकीकरण में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने 560 से अधिक रियासतों — जो देश के लगभग 40% क्षेत्र और जनसंख्या को कवर करती थीं — को भारत संघ में विलय कराया।
‘स्टेट्स डिपार्टमेंट’ के प्रमुख के रूप में उन्होंने कूटनीति, संवाद और आवश्यकतानुसार प्रशासनिक दृढ़ता का प्रयोग करते हुए देश के विखंडन को रोका और भारत की भौगोलिक एकता सुनिश्चित की। उनके नेतृत्व में आधुनिक भारत की एकीकृत लोकतांत्रिक संरचना की नींव पड़ी।

पटेल ने अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) की स्थापना की, जिसे उन्होंने देश की “इस्पाती ढांचा (Steel Frame)” कहा — जो आज भी राष्ट्रीय एकता और प्रशासनिक स्थिरता का आधार है।

एक भारत श्रेष्ठ भारत – सरदार पटेल के दृष्टिकोण की निरंतरता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 31 अक्टूबर 2015 को आरंभ की गई ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत (EBSB)’ पहल, सरदार पटेल के एकीकृत भारत के दृष्टिकोण का मूर्त रूप है।
यह कार्यक्रम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता है, जिससे “विविधता में एकता” का संदेश सशक्त हो सके।

मुख्य उद्देश्य:

  • नागरिकों के बीच भावनात्मक एकता को सुदृढ़ करना

  • राज्यों के बीच संवाद और साझेदारी बढ़ाना

  • भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करना

  • पारस्परिक समझ और श्रेष्ठ प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना

EBSB से जुड़े प्रमुख कार्यक्रम:

  • भाषा संगम ऐप – 22 आधिकारिक भाषाओं में 100 से अधिक वाक्यों को सीखने हेतु

  • युवा संगम एवं EBSB क्लब्स – युवाओं के लिए अंतर-राज्यीय संवाद मंच

  • काशी-तमिल संगमम् – उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक बंधन का उत्सव

  • My Bharat डिजिटल पोर्टल – नागरिक सहभागिता, क्विज़ और अभियान

  • Dekho Apna Desh एवं EBSB वॉल जैसी डिजिटल पहलें – देश की विविधता का उत्सव

2025 के आयोजन और कार्यक्रम

इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस विशेष रूप से ऐतिहासिक है, क्योंकि यह सरदार पटेल की 150वीं जयंती का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को एकता नगर (केवड़िया), गुजरात में आयोजित मुख्य समारोह में भाग लेंगे।

मुख्य कार्यक्रमों की झलक:

  • मुख्य परेड स्थल: एकता नगर, नर्मदा जिला

  • विशेष प्रदर्शन: वायुसेना की ‘सूर्य किरण’ टीम द्वारा एयर शो

  • भागीदारी: 9 राज्यों और 1 केंद्रशासित प्रदेश के 16 मार्चिंग दस्ते, 4 CAPF इकाइयाँ, NCC कैडेट्स, महिला अधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर

  • सांस्कृतिक झांकियाँ: “विविधता में एकता” थीम पर आधारित 900 कलाकारों का प्रदर्शन

  • भारत पर्व (1–15 नवंबर): विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, फूड फेस्टिवल और बिरसा मुंडा जयंती विशेष समारोह

  • Run for Unity: दिल्ली में राजघाट से लाल किला तक आयोजित मैराथन, जिसमें छात्र, विकलांगजन, और सुरक्षा बल शामिल होंगे

  • ₹280 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ

देशी नस्ल के कुत्तों की परेड

इस वर्ष की परेड में रामपुर हाउंड्स और मुढ़ोल हाउंड्स (BSF के भारतीय नस्ल के कुत्ते) का दल भी शामिल होगा। यह “आत्मनिर्भर भारत” की भावना को प्रदर्शित करेगा।
इन कुत्तों ने राष्ट्रीय सुरक्षा अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ‘रिया’ नामक मुढ़ोल हाउंड, जिसने ‘ऑल इंडिया पुलिस डॉग प्रतियोगिता’ में प्रथम स्थान प्राप्त किया, दल का नेतृत्व करेगी।

Sardar@150 Unity March

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा My Bharat प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से “Sardar@150 Unity March” का आयोजन किया जा रहा है।
यह यात्रा युवाओं में एकता, देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।

मुख्य बिंदु:

  • लॉन्च: 6 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा

  • प्रतियोगिताएँ: सोशल मीडिया रील्स, निबंध लेखन, Sardar@150 Young Leaders प्रोग्राम

  • पहला चरण (31 अक्टूबर – 25 नवंबर): सभी जिलों में पदयात्राएँ, निबंध-वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, महिला कल्याण शिविर आदि

  • राष्ट्रीय पदयात्रा (26 नवंबर – 6 दिसंबर): करमसद (पटेल का जन्मस्थान) से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया) तक 152 किमी की यात्रा

निष्कर्ष

  • राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार पटेल की उस दूरदर्शी नेतृत्व की याद दिलाता है, जिसने विभाजित रियासतों को जोड़कर एक भारत की नींव रखी।
  • आज यह दिवस केवल एक ऐतिहासिक स्मरण नहीं, बल्कि नागरिक एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रनिर्माण की सतत प्रेरणा बन चुका है।
  • ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के माध्यम से यह उत्सव अब केवल एक दिन नहीं, बल्कि सालभर चलने वाला जन आंदोलन बन गया है — जो भारत की विविधता में एकता के अमर मंत्र को जीवंत रखता है।

एकता परेड-2025 में छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन, बस्तर की विकास यात्रा और सांस्कृतिक गौरव का संदेश

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रायपुर- राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर) के अवसर पर गुजरात के एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) में आयोजित होने वाली एकता परेड-2025 में छत्तीसगढ़ राज्य की झांकी का चयन किया गया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में छत्तीसगढ़ के साथ जम्मू-कश्मीर, गुजरात, महाराष्ट्र, मणिपुर, उत्तराखंड, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, एनडीआरएफ और एनएसजी की झांकियाँ भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के जनसम्पर्क विभाग की पूरी टीम को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह चयन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपरा और एकता के भाव की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। झांकी में राज्य की ‘एकता में विविधता’ की अद्भुत परंपरा को प्रदर्शित किया जाएगा।

इस वर्ष की झांकी बस्तर की बदलती पहचान और विकास यात्रा पर केंद्रित होगी। इसमें बस्तर की जनजातीय अस्मिता, पारंपरिक लोकनृत्य, वेशभूषा, ढोकरा धातु कला, आदिवासी चित्रकला और आधुनिक विकास के समन्वय को प्रदर्शित किया जाएगा। झांकी का मुख्य संदेश होगा कि बस्तर अब संघर्ष से विकास की ओर, भय से विश्वास की ओर बढ़ रहा है।

राज्य सरकार की पुनर्वास और विकासोन्मुख नीतियों ने नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थायी परिवर्तन की दिशा में नई ऊर्जा का संचार किया है। झांकी न केवल बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा को प्रदर्शित करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, एकता और लोकगौरव की झलक भी पेश करेगी।

राष्ट्रीय एकता दिवस के भव्य परेड में प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री स्वयं उपस्थित रहेंगे और चयनित राज्यों की झांकियों का अवलोकन करेंगे। यह आयोजन भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर लाने का उद्देश्य रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी प्रधानमंत्री के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” संकल्प को सशक्त करेगी और देश के सामने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और सामाजिक एकता का उज्ज्वल उदाहरण प्रस्तुत करेगी।


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