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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की, लॉजिस्टिक्स और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पर दिया जोर

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नई दिल्ली- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को नई दिल्ली में नेशनल हाईवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) की समीक्षा बैठक की। बैठक में देशभर में विकसित किए जा रहे मल्टी मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLPs), रोपवे, इंटरमोडल स्टेशन और वे-साइड सुविधाओं (Way Side Amenities) की परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।

बैठक के दौरान गडकरी ने कहा कि ये परियोजनाएं भारत में भविष्य के अनुरूप, आधुनिक और एकीकृत परिवहन तंत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि इन पहलों से मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी, नए आर्थिक अवसर सृजित होंगे, क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और देश की लॉजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

केंद्रीय मंत्री ने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही प्रमुख चुनौतियों की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों को सभी बाधाओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

गडकरी ने कहा कि इन परियोजनाओं के समयबद्ध पूरा होने से लॉजिस्टिक्स प्रणाली अधिक दक्ष बनेगी, परिवहन लागत में कमी आएगी और यात्रियों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

मार्च 2027 तक पूरे होंगे छत्तीसगढ़ के दो बड़े भारतमाला हाईवे प्रोजेक्ट, सड़क संपर्क और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्य में सड़क संपर्क बेहतर होगा, माल परिवहन तेज होगा और व्यापार एवं औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

सरकार के अनुसार, दोनों हाईवे परियोजनाएं छत्तीसगढ़ को पड़ोसी राज्यों से बेहतर ढंग से जोड़ेंगी, जिससे यात्रियों के साथ-साथ मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी अधिक सुगम और सुरक्षित होगी। इससे यात्रा का समय कम होगा, परिवहन लागत में कमी आएगी और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

इन परियोजनाओं के पूरा होने से उद्योग, कृषि और खनिज क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण किसानों और उद्यमियों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, जबकि औद्योगिक इकाइयों के लिए कच्चे माल और तैयार उत्पादों का परिवहन भी तेज और किफायती होगा।

भारतमाला परियोजना के तहत विकसित हो रहा यह सड़क नेटवर्क क्षेत्रीय विकास, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने के लिए निर्माण कार्य में तेजी ला रही हैं।

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय राजमार्ग कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा राज्य के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की, मानसून तैयारियों पर दिया विशेष जोर

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नई दिल्ली- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रगति की समीक्षा की। नई दिल्ली में आयोजित अलग-अलग समीक्षा बैठकों में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री  हर्ष मल्होत्रा भी उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान तेलंगाना में 4,931 किलोमीटर, जम्मू-कश्मीर में 2,035 किलोमीटर और लद्दाख में 804 किलोमीटर लंबाई की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की स्थिति का आकलन किया गया। यह समीक्षा मीडिया रिपोर्टों, सोशल मीडिया से प्राप्त फीडबैक तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर की गई।

बैठक में नितिन गडकरी ने चल रही परियोजनाओं की प्रगति, रखरखाव कार्यों और सुरक्षित, टिकाऊ एवं उच्च गुणवत्ता वाली सड़क अवसंरचना सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के साथ-साथ गुणवत्ता और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को निगरानी तंत्र मजबूत करने, कार्यों को समय पर पूरा करने तथा आधुनिक निर्माण तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क अवसंरचना से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों की सुविधा में सुधार होगा।

मानसून को देखते हुए गडकरी ने सभी परियोजना क्षेत्रों में व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावी जल निकासी व्यवस्था, ढलानों की सुरक्षा एवं स्थिरीकरण, तथा मौसम संबंधी बाधाओं से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये कदम सड़क सुरक्षा, निर्बाध यातायात और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

नितिन गडकरी ने दोहराया कि केंद्र सरकार समयबद्ध क्रियान्वयन, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आधुनिक इंजीनियरिंग समाधानों के माध्यम से देशभर में विश्वस्तरीय राजमार्ग अवसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


दिल्ली-जयपुर हाईवे पर शुरू हुई बैरियर-फ्री टोल व्यवस्था, बिना रुके कटेगा टोल

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नई दिल्ली- देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राजस्थान में दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर स्थित दौलतपुरा टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) आधारित टोलिंग प्रणाली शुरू कर दी है।

नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा पर बैरियर हटा दिए गए हैं, जिससे वाहन बिना रुके और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के आसानी से गुजर सकेंगे। इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रियों का समय बचेगा। NHAI अब शाहजहांपुर और मनोहरपुर टोल प्लाजा को भी इसी प्रणाली में बदलने की तैयारी कर रहा है, जिससे दिल्ली-जयपुर मार्ग पर सफर और अधिक सुगम हो जाएगा।

MLFF प्रणाली में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक और FASTag आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन का उपयोग किया गया है। यह तकनीक वाहन की नंबर प्लेट को पहचानकर स्वचालित रूप से टोल शुल्क काट लेती है, जिससे वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

इससे पहले NHAI गुजरात के सूरत-भरूच खंड के चोरयासी टोल प्लाजा और दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) स्थित मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर भी MLFF प्रणाली लागू कर चुका है। इन परियोजनाओं से वाहनों की आवाजाही तेज हुई है, ईंधन की बचत हुई है और प्रदूषण में भी कमी आई है।

NHAI ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने FASTag खाते में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें। यदि FASTag में पर्याप्त राशि नहीं होगी या वह अमान्य पाया जाता है, तो संबंधित वाहन मालिक को ई-नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर सामान्य टोल शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर दोगुना शुल्क वसूला जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, नई टोल प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी, संचालन लागत कम होगी और देशभर में टोल प्रबंधन अधिक कुशल एवं आधुनिक बनेगा।

राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव में तकनीक का बड़ा कदम, एनएचएआई ने शुरू की स्वचालित गड्ढा मरम्मत और यांत्रिक सफाई व्यवस्था

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नई दिल्ली- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के रखरखाव को अधिक प्रभावी, तेज और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए कई तकनीक-आधारित पहल शुरू की हैं। इसके तहत शहरी और विकसित क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम की यांत्रिक सफाई तथा स्वचालित गड्ढा भराई, कॉम्पैक्टिंग एवं पैचिंग मशीनों और यांत्रिक सड़क सफाई मशीनों के उपयोग संबंधी व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

इन पहलों का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों, निवारक रखरखाव उपायों और अनुबंधीय दायित्वों के सख्त पालन के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार करना है। इससे सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी, टिकाऊपन बढ़ेगा और यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुगम यात्रा अनुभव मिलेगा।

मानसून से पहले ड्रेनेज सफाई पर विशेष जोर

आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के शहरी क्षेत्रों में लाइनिंग युक्त नालियों की यांत्रिक सफाई अनिवार्य कर दी है। इसके लिए हाई-फ्लो सुपर सक्शन एवं जेटिंग यूनिट, हाइड्रोलिक ग्रैब मशीन और डी-वाटरिंग पंप सेट जैसे उन्नत उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।

इन मशीनों की सहायता से जल निकासी, जमी हुई गाद को ढीला करना, कीचड़ का सक्शन तथा भारी मलबे को हटाने जैसे कार्य तेजी और प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। भविष्य के रखरखाव अनुबंधों में इस व्यवस्था को अनिवार्य प्रावधान के रूप में शामिल किया जाएगा।

स्वचालित गड्ढा मरम्मत मशीनों से होगा त्वरित सुधार

एनएचएआई ने प्रदर्शन-आधारित रखरखाव अनुबंधों (PBMC) के तहत ऑटोमैटिक पॉटहोल फिलिंग, कॉम्पैक्टिंग एवं पैचिंग मशीनों तथा मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों की तैनाती के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इन मशीनों के उपयोग से सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत तेज गति से होगी, रखरखाव प्रतिक्रिया समय कम होगा और यात्रियों को होने वाली असुविधा में कमी आएगी। समय पर मरम्मत से सड़कों की संरचनात्मक मजबूती भी बनी रहेगी।

सड़कों की सफाई होगी अधिक प्रभावी

यांत्रिक सड़क सफाई मशीनों के माध्यम से धूल, गाद और अन्य कणों को व्यवस्थित रूप से हटाया जाएगा। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग अधिक स्वच्छ रहेंगे, दृश्यता बेहतर होगी, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और धूल प्रदूषण में कमी आएगी।

इन मशीनों को वाराणसी-औरंगाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग, हंडिया-राजातालाब राष्ट्रीय राजमार्ग तथा हरियाणा, पंजाब और गुजरात की विभिन्न परियोजनाओं में पहले ही तैनात किया जा चुका है।

एनएचएआई के अनुसार यांत्रिक ड्रेनेज सफाई, स्वचालित गड्ढा मरम्मत और आधुनिक सड़क सफाई तकनीकों को अपनाने से परिचालन दक्षता बढ़ेगी, निवारक रखरखाव को मजबूती मिलेगी और देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को बेहतर यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

कर्नाटक और केरल के राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता व रखरखाव की समीक्षा, नितिन गडकरी ने दिए सख्त निर्देश

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नितिन गडकरी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, ने कर्नाटक और केरल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव की प्रगति की समीक्षा की। यह समीक्षा मीडिया और सोशल मीडिया से प्राप्त फीडबैक के आधार पर की गई।

नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और अजय टम्टा सहित National Highways Authority of India (NHAI), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और परियोजना ठेकेदारों के अधिकारी शामिल हुए।

बैठक के दौरान गडकरी ने कर्नाटक में 7,926 किलोमीटर और केरल में 61 परियोजनाओं के तहत 1,513 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता और रखरखाव कार्यों की समीक्षा की।

उन्होंने समय पर कार्य पूर्ण करने, उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन करने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया, ताकि राजमार्ग बुनियादी ढांचा टिकाऊ और प्रभावी बन सके। साथ ही, जमीनी स्तर पर कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता निगरानी को मजबूत करने और आधुनिक निर्माण पद्धतियों को अपनाने के निर्देश दिए।

केंद्रीय मंत्री ने मानसून से पहले पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा, संरचनात्मक मजबूती और यातायात के सुचारू संचालन के लिए निवारक उपायों और मजबूत प्रतिक्रिया प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने अधिकारियों को मानसून के लिए अग्रिम योजना बनाने के निर्देश भी दिए, जिसमें जल निकासी प्रबंधन, ढलान संरक्षण उपाय और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करना शामिल है, ताकि बाधाओं को कम किया जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

NH-160A हाईवे परियोजना को मंजूरी, 3,320 करोड़ रुपये की लागत से महाराष्ट्र में सड़क नेटवर्क को बड़ी मजबूती

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने महाराष्ट्र में घोटी–त्र्यंबकेश्वर (मोखाडा)–जवाहर–मनोऱ–पालघर खंड (NH-160A) के पुनर्वास और उन्नयन परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लंबाई 154.635 किलोमीटर है और इसकी कुल पूंजीगत लागत 3,320.38 करोड़ रुपये है।

यह परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर लागू की जाएगी।

नासिक और मुंबई क्षेत्र को मिलेगा वैकल्पिक मार्ग

नासिक के पश्चिमी क्षेत्र, विशेषकर अंबाड और सतपुर औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में उद्योग इकाइयाँ हैं, जिससे भारी मालवाहक यातायात उत्पन्न होता है। वर्तमान में यह यातायात नासिक शहर से होकर गुजरता है, जिससे शहरी सड़कों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।

NH-160A के उन्नयन से औद्योगिक क्षेत्रों को त्र्यंबकेश्वर के माध्यम से वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे नासिक शहर में यातायात जाम में कमी आएगी।

4-लेन हाईवे और बेहतर कनेक्टिविटी

  • वर्ष 2028 के बाद इस कॉरिडोर पर यातायात 10,000 PCU प्रतिदिन से अधिक होने का अनुमान है, जिससे इसे 4-लेन हाईवे में विकसित किया जाएगा।

  • त्र्यंबकेश्वर से पालघर और मनोऱ तक का मार्ग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, NH-48 और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों को जोड़ेगा।

  • शहरी क्षेत्रों में यातायात को सुगम बनाने के लिए मनोऱ–पालघर खंड को 4-लेन किया जाएगा।

PM गति शक्ति योजना के तहत विकास

यह परियोजना पीएम गति शक्ति सिद्धांतों के अनुरूप प्रस्तावित है और महाराष्ट्र में:

  • 6 आर्थिक नोड्स

  • 7 सामाजिक नोड्स

  • 8 लॉजिस्टिक्स नोड्स
    को जोड़ेगी।
    इससे देश के लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस इंडेक्स (LPI) में भी सुधार होगा।

आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा

इस परियोजना से:

  • यात्रा समय में कमी आएगी

  • वाहन परिचालन लागत घटेगी

  • आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास होगा

  • क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा

परियोजना से लगभग:

  • 19.98 लाख व्यक्ति-दिन का प्रत्यक्ष रोजगार

  • 24.86 लाख व्यक्ति-दिन का अप्रत्यक्ष रोजगार
    उत्पन्न होने का अनुमान है।

परियोजना का विवरण

  • परियोजना नाम: घोटी–त्र्यंबकेश्वर–जवाहर–मनोऱ–पालघर (NH-160A) उन्नयन

  • कुल लंबाई: 154.635 किमी

  • कुल लागत: ₹3,320.38 करोड़

  • मोड: EPC

  • प्रमुख एक्सप्रेसवे कनेक्शन: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग

  • प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-848, NH-48

  • प्रमुख शहर: त्र्यंबकेश्वर, जवाहर, मनोऱ, पालघर, मुंबई, नासिक


राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित यात्रा के लिए NHAI और रिलायंस जियो ने किया समझौता

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राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और सहज यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने रिलायंस जियो के साथ एक समझौता (MoU) किया है। इस साझेदारी के तहत, जियो के मौजूदा 4G और 5G नेटवर्क का उपयोग कर राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों को मोबाइल पर अग्रिम चेतावनी दी जाएगी। यह सिस्टम उन क्षेत्रों के लिए काम करेगा, जिन्हें दुर्घटना-संवेदनशील क्षेत्र, आवारा पशु क्षेत्र, धुंध प्रभावित इलाके और आपातकालीन मार्ग परिवर्तनों के रूप में चिन्हित किया गया है।

उद्देश्य और लाभ

यह पहल सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यात्रियों को समय पर जानकारी देने का प्रयास है, ताकि वे अपनी गति और ड्राइविंग व्यवहार को पहले से समायोजित कर सकें। चेतावनियाँ SMS, WhatsApp और उच्च प्राथमिकता वाले कॉल के माध्यम से दी जाएंगी। यह प्रणाली NHAI के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे कि ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल एप्लिकेशन और आपातकालीन हेल्पलाइन 1033 के साथ चरणबद्ध रूप से एकीकृत की जाएगी।

प्रणाली की विशेषताएँ

  • यह स्वचालित प्रणाली सभी जियो मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए कार्य करेगी, जो राष्ट्रीय राजमार्गों पर या उसके पास हैं।

  • यात्रियों को खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले पूर्व चेतावनी प्रदान की जाएगी।

  • मौजूदा टेलिकॉम टावरों का उपयोग किया जाएगा, जिससे अतिरिक्त सड़क किनारे हार्डवेयर की आवश्यकता नहीं होगी।

  • इस साझेदारी के तहत जियो के डिजिटल नेटवर्क का लाभ उठाकर देश के 500 मिलियन से अधिक ग्राहकों तक समय पर सुरक्षा संदेश पहुँचाए जाएंगे।

प्रमुख बयानों से

NHAI के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने कहा, “यह पहल यात्रियों को समय पर और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने में महत्वपूर्ण कदम है। इससे यात्रियों को सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार अपनाने में मदद मिलेगी। मुझे विश्वास है कि यह पहल राष्ट्रीय राजमार्गों पर तकनीक-सक्षम सड़क सुरक्षा के नए मानक स्थापित करेगी।”

रिलायंस जियो के अध्यक्ष ज्योतिंद्र ठाक्कर ने कहा कि इस पहल के तहत जियो के नेटवर्क के माध्यम से बड़े पैमाने पर समय पर सुरक्षा चेतावनी दी जाएगी, जिससे यात्रियों की जागरूकता बढ़ेगी और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी।

भविष्य की योजना

प्रारंभिक पायलट डिप्लॉयमेंट कुछ क्षेत्रीय कार्यालयों में जोखिम क्षेत्र की पहचान और चेतावनी सीमा के तहत लागू की जाएगी। NHAI सभी नियामक प्रावधानों और डेटा सुरक्षा आवश्यकताओं का पूरी तरह पालन करेगा। भविष्य में NHAI अन्य टेलिकॉम सेवा प्रदाताओं के साथ भी इस तरह की पहल करेगा।

यह पहल डिजिटल अवसंरचना और वास्तविक समय संचार उपकरणों के संयोजन से यात्री जागरूकता बढ़ाने और दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगी। NHAI देशभर में सुरक्षित, स्मार्ट और कुशल राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रा सुनिश्चित करने के लिए नवाचारपूर्ण और पैमाने योग्य समाधान अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

त्योहारी सीज़न में यात्रा को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए FASTag वार्षिक पास एक उपयुक्त उपहार

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राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर पूरे वर्ष बिना किसी परेशानी के यात्रा के लिए FASTag वार्षिक पास एक आदर्श विकल्प है। इस पास को राजमार्ग यात्रा (Rajmargyatra) ऐप के माध्यम से उपहार स्वरूप भी दिया जा सकता है। ऐप में ‘Add Pass’ विकल्प पर क्लिक करके, उपहार प्राप्तकर्ता का वाहन नंबर और संपर्क विवरण दर्ज किया जाता है। सरल OTP सत्यापन के बाद वार्षिक पास उस वाहन के FASTag पर सक्रिय हो जाता है।

FASTag वार्षिक पास राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को सुलभ और किफायती यात्रा विकल्प प्रदान करता है और यह भारत के लगभग 1,150 टोल प्लाज़ा पर मान्य है।

वार्षिक पास के माध्यम से बार-बार FASTag रिचार्ज करने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। इसे एक बार की शुल्क राशि ₹3,000 देकर एक वर्ष की वैधता या 200 टोल क्रॉसिंग्स के लिए उपयोग किया जा सकता है। यह पास सभी गैर-वाणिज्यिक वाहनों पर लागू है जिनके पास वैध FASTag हो। भुगतान के बाद पास दो घंटे के भीतर वाहन से जुड़े FASTag पर सक्रिय हो जाता है।

15 अगस्त 2025 को लॉन्च किए गए FASTag वार्षिक पास ने दो महीनों के भीतर 25 लाख से अधिक उपयोगकर्ता और लगभग 5.67 करोड़ लेनदेन का आंकड़ा पार कर लिया। FASTag वार्षिक पास की इस अभूतपूर्व प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए सुगम और निर्बाध यात्रा अनुभव प्रदान करता है।

FASTag वार्षिक पास ने 25 लाख उपयोगकर्ताओं का मील का पत्थर पार किया, 5.67 करोड़ लेनदेन दर्ज

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नई दिल्ली- राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए ‘Ease of Commuting’ को और अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए FASTag वार्षिक पास को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। यह पास अब 25 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं तक पहुँच चुका है और पिछले दो महीनों में देश भर में लगभग 5.67 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए हैं।

15 अगस्त 2025 को लॉन्च किया गया यह FASTag वार्षिक पास राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए सुलभ और किफायती यात्रा विकल्प प्रदान करता है और यह लगभग 1,150 टोल प्लाज़ा पर लागू है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर स्थित हैं।

इस वार्षिक पास के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को बार-बार FASTag रिचार्ज करने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए एक बार का शुल्क ₹3,000 देना होता है, जो एक वर्ष की वैधता या 200 टोल क्रॉसिंग के लिए पर्याप्त है। यह पास सभी गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए मान्य है जिनमें वैध FASTag हो। भुगतान के बाद, राजमार्ग यात्रा ऐप या NHAI वेबसाइट के माध्यम से FASTag पर पास दो घंटे के भीतर सक्रिय हो जाता है।

यह वार्षिक पास हस्तांतरणीय नहीं है और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) तथा राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) के टोल प्लाज़ा पर मान्य है। एक्सप्रेसवे पर, राज्य राजमार्ग (SH) या स्थानीय निकायों द्वारा प्रबंधित टोल प्लाज़ा पर FASTag मौजूदा वॉलेट बैलेंस का उपयोग करके भुगतान के लिए लागू होगा, जैसे कि राज्य राजमार्ग टोल या पार्किंग।

राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं द्वारा FASTag वार्षिक पास की जबरदस्त प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि NHAI देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित, सुचारू और सहज यात्रा अनुभव प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्ध है।


NHAI राष्ट्रीय राजमार्गों पर QR कोड आधारित सूचना बोर्ड स्थापित करेगा; पारदर्शिता और सड़क सुरक्षा में सुधार

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राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए ‘ईज़ ऑफ कम्यूटिंग’ और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए NHAI QR कोड आधारित सूचना बोर्ड लगाएगा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को प्रोजेक्ट से संबंधित जानकारी और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग मार्गों पर प्रोजेक्ट सूचना बोर्ड (Project Information Sign Boards) जिनमें ‘क्विक रिस्पॉन्स (QR) कोड’ होंगे) स्थापित करेगा।

QR कोड सूचना बोर्ड में दी जाने वाली जानकारी:

  • राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या और हाईवे चैनिज

  • प्रोजेक्ट की लंबाई और निर्माण/रख-रखाव अवधि

  • संपर्क नंबर: हाईवे पेट्रोल, टोल मैनेजर, प्रोजेक्ट मैनेजर, रेसिडेंट इंजीनियर, आपातकालीन हेल्पलाइन 1033, NHAI क्षेत्रीय कार्यालय

  • पास के सुविधाएं: अस्पताल, पेट्रोल पंप, शौचालय, पुलिस स्टेशन, रेस्टोरेंट

  • टोल प्लाजा तक की दूरी, ट्रक ले-बाय, पंचर रिपेयर शॉप, वाहन सर्विस स्टेशन / ई-चार्जिंग स्टेशन

बोर्डों की विशेषताएँ और स्थान:

  • अधिक दृश्यता के लिए, QR कोड बोर्डों को रास्ते के किनारे सुविधाओं, विश्राम स्थलों, टोल प्लाजा, ट्रक ले-बाय, हाईवे के प्रारंभ/समापन बिंदु और अन्य संकेतों के पास रखा जाएगा।

लाभ:

  • राष्ट्रीय राजमार्ग मार्गों से संबंधित विशिष्ट जानकारी प्रदान करना

  • पारदर्शिता बढ़ाना

  • आपातकालीन और स्थानीय जानकारी तक बेहतर पहुंच से सड़क सुरक्षा में सुधार

  • उपयोगकर्ता अनुभव और जागरूकता में वृद्धि

इस पहल से NHAI उपयोगकर्ताओं के लिए यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सूचनापरक बनाएगा।

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