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77वें गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रनिर्माताओं का सम्मान, 10 हजार विशेष अतिथि होंगे शामिल

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नई दिल्ली- 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड इस बार जनभागीदारी और राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने वाले नागरिकों के सम्मान का भव्य उदाहरण बनेगी। इस अवसर पर देशभर से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों (पति/पत्नी सहित) को आमंत्रित किया गया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इन विशेष अतिथियों में किसान, वैज्ञानिक, स्टार्ट-अप उद्यमी, शोधकर्ता, खिलाड़ी, महिला स्वयं सहायता समूह, कारीगर, श्रमिक, छात्र, स्वयंसेवक और समाज के हाशिए पर खड़े वर्गों से जुड़े वे लोग शामिल हैं, जिन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इनका चयन राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को सम्मानित करने और राष्ट्रीय आयोजनों में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।

विशेष अतिथियों की सूची में विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के विजेता, प्राकृतिक खेती करने वाले किसान, ‘पल्सेज आत्मनिर्भरता मिशन’ के अंतर्गत उत्कृष्ट किसान, पीएम-स्माइल योजना के तहत पुनर्वासित ट्रांसजेंडर और भिक्षुक, जल जीवन मिशन, पीएम आवास योजना (ग्रामीण), पीएम फसल बीमा योजना, पीएम स्वनिधि, मुद्रा योजना, एनआरएलएम की ‘लखपति दीदी’, पीएम विश्वकर्मा योजना, खादी विकास योजना, महिला कॉयर योजना सहित कई योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं।

इसके अलावा इसरो, डीआरडीओ, डीप ओशन मिशन, जैव प्रौद्योगिकी, सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से जुड़े वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ, नवाचार एवं स्टार्ट-अप क्षेत्र के उत्कृष्ट प्रदर्शनकर्ता, अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के विजेता, अटल टिंकरिंग लैब के प्रतिभाशाली छात्र, ‘वीर गाथा’ परियोजना के विजेता तथा ‘मन की बात’ के प्रतिभागी भी परेड के साक्षी बनेंगे।

उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के कलाकार, कारीगर, खिलाड़ी, आदिवासी उद्यमी, सीमा सड़क संगठन (BRO) के निर्माण श्रमिक, स्वच्छ गंगा मिशन के ‘जल योद्धा’, एनडीएमए के स्वयंसेवक, माय भारत वॉलंटियर्स, सर्वश्रेष्ठ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के प्रतिनिधि भी विशेष रूप से आमंत्रित किए गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह आयोजन विशेष रहेगा, जहां यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम-2026 के विदेशी प्रतिनिधि, दूसरे वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन में शामिल अंतरराष्ट्रीय व भारतीय भिक्षु प्रतिनिधिमंडल तथा खगोल विज्ञान एवं खगोल भौतिकी ओलंपियाड 2025 के पदक विजेता छात्र भी शामिल होंगे।

गणतंत्र दिवस समारोह के साथ-साथ इन विशेष अतिथियों के लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, प्रधानमंत्री संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थलों के भ्रमण की व्यवस्था की गई है। उन्हें संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से संवाद का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।

यह पहल न केवल भारत की विविध उपलब्धियों को मंच पर लाएगी, बल्कि ‘जन भागीदारी से जन सशक्तिकरण’ के संकल्प को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगी।

राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) 23 नवंबर 2025 को मनाएगा अपना 78वां स्थापना दिवस

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राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) 23 नवंबर 2025 को अपना 78वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर से पहले 22 नवंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल में एक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इसमें रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और महानिदेशक एनसीसी लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने पूरी संस्था की ओर से शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। यह आयोजन राष्ट्र-निर्माण और युवा विकास में एनसीसी की भूमिका को रेखांकित करते हुए देशभर में होने वाले कार्यक्रमों का शुभारंभ था।

तीनों सेनाओं की तीन एनसीसी गर्ल कैडेट्स ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। समारोह के बाद रक्षा सचिव, डीजी एनसीसी और उपस्थित जनों ने दिल्ली के विभिन्न स्कूलों के एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत बैंड प्रदर्शन का आनंद लिया, जिसने समारोह में गरिमा और उत्साह का संचार किया।

1948 में मात्र 20,000 कैडेट्स के साथ स्थापित एनसीसी आज 20 लाख कैडेट्स के साथ दुनिया का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन बन गया है। वर्ष 2014 से 2025 के बीच इसमें 6 लाख कैडेट्स की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में एनसीसी का विस्तार देश के 780 में से 713 जिलों तक है, जो इसे भारत के सबसे व्यापक युवा संगठनों में से एक बनाता है।

स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कैडेट्स ने जन-सेवा गतिविधियों में भाग लिया, जिनमें रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम, और नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम शामिल थे। इन पहलों ने समुदाय सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को दर्शाया।

रक्षा सचिव ने अपने संबोधन में एनसीसी के बहुआयामी योगदान की सराहना की। उन्होंने आपदा मित्र प्रशिक्षण, एनसीसी माउंट एवरेस्ट अभियान, तथा पाठ्यक्रम में ड्रोन एवं साइबर प्रशिक्षण जैसी प्रमुख पहलों का उल्लेख किया।

78वें स्थापना दिवस पर एनसीसी एक सशक्त, आधुनिक और भविष्य-उन्मुख संगठन के रूप में विकसित होता जा रहा है, जो अनुशासित, सामाजिक रूप से जागरूक और तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में योगदान करने के लिए तैयार कर रहा है।


17 सितंबर 1949 से 2025 तक : आईडीएसई की 76 वर्ष की उपलब्धियों का उत्सव

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भारतीय रक्षा अभियंता सेवा (IDSE) का 76वां स्थापना दिवस मनाया गया

भारतीय रक्षा अभियंता सेवा (IDSE), जो रक्षा मंत्रालय (MoD) के अंतर्गत एक संगठित ग्रुप ‘ए’ कैडर है, ने 17 सितंबर 2025 को दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में अपना 76वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह मुख्य अतिथि थे।

अपने संबोधन में रक्षा सचिव ने आईडीएसई कैडर अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विश्वस्तरीय अवसंरचना के माध्यम से राष्ट्रीय रक्षा तैयारियों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए वे उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए सदैव तत्पर रहें तथा बदलते समय के अनुरूप नई प्रौद्योगिकियों को अपनाएं।

रक्षा सचिव के संबोधन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं। रक्षा मंत्रालय और सेना मुख्यालय के वरिष्ठ नागरिक एवं सैन्य अधिकारी इस आयोजन में उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि आईडीएसई की औपचारिक स्थापना 17 सितंबर 1949 को हुई थी, जो भारत की रक्षा अभियंत्रण यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही है। इस कैडर के अधिकारी देशभर के सैन्य स्टेशनों पर तैनात रहते हैं और वे रक्षा अवसंरचना के निर्माण व रखरखाव की जिम्मेदारी निभाते हैं। इसमें आवासीय परिसर, तकनीकी एवं प्रशासनिक भवन, हवाई पट्टियां, हैंगर, नौसैनिक जेट्टी, अस्पताल और सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल तथा डीआरडीओ के लिए विशेष सुविधाओं का विकास शामिल है।


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