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एनएचपीसी लिमिटेड ने मनाया स्थापना के 50 गौरवशाली वर्ष और 51वां स्थापना दिवस उत्सवपूर्वक

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भारत सरकार का “नवरत्न” उपक्रम एनएचपीसी लिमिटेड ने अपनी स्थापना के 50 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने और 51वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 7 नवम्बर 2025 को पूरे उत्साह के साथ समारोह मनाया। इस अवसर पर एनएचपीसी के कॉरपोरेट कार्यालय, फरीदाबाद सहित सभी क्षेत्रीय कार्यालयों, विद्युत गृहों और परियोजनाओं में भव्य समारोह आयोजित किए गए।

फरीदाबाद स्थित कॉरपोरेट कार्यालय में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि, माननीय केंद्रीय विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने भारत सरकार के डाक विभाग द्वारा जारी एनएचपीसी पर आधारित “कस्टमाइज्ड माई स्टैम्प” तथा एनएचपीसी की 50 वर्षों की गौरवमयी यात्रा और उपलब्धियों पर आधारित “अचीवमेंट बुक” का विमोचन किया।

मुख्य अतिथि मनोहर लाल, माननीय केंद्रीय मंत्री (विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य), सचिन किशोर, मुख्य डाक महाप्रबंधक (हरियाणा परिमंडल),भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी), एनएचपीसी, निदेशकों, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) एवं स्वतंत्र निदेशकों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर माननीय केंद्रीय मंत्री एवं मुख्य डाक महाप्रबंधक, हरियाणा परिमंडल का स्वागत एनएचपीसी के सीएमडी भूपेंद्र गुप्ता ने पौधा एवं शॉल भेंट कर किया।

समारोह में विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग, विद्युत मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक उपक्रमों के अध्यक्ष एवं निदेशक, विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों/विभागों के प्रतिनिधि, एनएचपीसी अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

भारत सरकार के डाक विभाग ने एनएचपीसी की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में “माई स्टैम्प” का एक विशेष संस्करण जारी किया, जिसमें एनएचपीसी के 12 प्रसिद्ध बांधों और बैराजों को प्रदर्शित किया गया है। ये सभी संरचनाएँ इंजीनियरिंग उत्कृष्टता के प्रतीक हैं और देश के लिए जलविद्युत के क्षेत्र में एनएचपीसी की दक्षता का प्रतिनिधित्व करती हैं।

एनएचपीसी की “अचीवमेंट बुक” में पिछले 50 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों को आकर्षक तस्वीरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है, जो संगठन की समृद्ध विरासत, तकनीकी श्रेष्ठता, उल्लेखनीय योगदान और राष्ट्र-निर्माण के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

अपने संबोधन में माननीय मुख्य अतिथि मनोहर लाल ने एनएचपीसी परिवार को 51वें स्थापना दिवस और स्वर्ण जयंती पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि एनएचपीसी देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पाँच दशकों की उल्लेखनीय प्रगति के दौरान, जलविद्युत के क्षेत्र में एनएचपीसी का योगदान पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री ने 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है और इस दिशा में एनएचपीसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। इसके लिए एनएचपीसी को नवीकरणीय ऊर्जा के अधिकतम उपयोग और तकनीकी नवाचारों को अपनाना होगा। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में एनएचपीसी हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगी और देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करेगी।

इस अवसर पर माननीय विद्युत एवं नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने वीडियो संदेश के माध्यम से एनएचपीसी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पचास वर्षों की यात्रा केवल एक संख्या नहीं, बल्कि समर्पण और उत्कृष्टता की प्रेरणादायक कहानी है। 1975 में प्रारंभ हुआ यह संगठन आज भारत का अग्रणी जलविद्युत एवं हरित ऊर्जा उपक्रम बन चुका है। यह उपलब्धि एनएचपीसी की निष्ठा, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का परिणाम है।

इस अवसर पर विद्युत सचिव, भारत सरकार पंकज अग्रवाल ने भी सभी को बधाई देते हुए कहा कि यह क्षण गौरव का है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने जलविद्युत क्षेत्र में एनएचपीसी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं और एनएचपीसी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता से इन दायित्वों को निष्ठापूर्वक निभाएगा तथा विकसित भारत के विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।

अपने संबोधन में भूपेंद्र गुप्ता, सीएमडी, एनएचपीसी ने सभी कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं और माननीय केंद्रीय मंत्री का मार्गदर्शन एवं समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्युत मंत्रालय का भी निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे लिए गौरव, आत्मचिंतन और प्रेरणा का दिन है। एनएचपीसी ने पिछले पचास वर्षों में न केवल भारत के ऊर्जा क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, बल्कि देश की प्रगति में निरंतर योगदान भी दिया है। उन्होंने एनएचपीसी की यात्रा में जुड़े सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से संस्था आज इस ऊँचाई तक पहुँची है।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक और संगीतकार आनंद राज आनंद तथा लोकप्रिय हास्य कलाकार संकैत भोसले ने अपने शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।

दिन की शुरुआत में पुरस्कार वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन एनएचपीसी कॉरपोरेट कार्यालय, फरीदाबाद में किया गया। इस अवसर पर एनएचपीसी के ध्वज फहराने का कार्य सीएमडी  भूपेंद्र गुप्ता द्वारा किया गया। इस दौरान शिखा गुप्ता सहित एनएचपीसी के सभी निदेशक एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का आरंभ राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इसे गाकर किया गया। तत्पश्चात, इस अवसर पर एनएचपीसी परिवार ने माननीय प्रधानमंत्री का संबोधन (जो संस्कृति मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित समारोह में दिया गया) लाइव वेब लिंक के माध्यम से सुना।

इस अवसर पर “एनएचपीसी पुरस्कार योजना 2024-25” के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ विद्युत गृह, सर्वश्रेष्ठ निर्माण परियोजना, उत्कृष्ट समर्पण, एनएचपीसी स्टार तथा कक्षा 10 एवं 12 के स्टार विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा एनएचपीसी की विभिन्न विभागीय प्रकाशन सामग्री का विमोचन भी किया गया। एनएचपीसी के कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को और भी जीवंत बना दिया।


एनएचपीसी की स्वर्ण जयंती पर मनोहर लाल ने जारी किया 50 रुपये का स्मारक सिक्का और ‘छोटा भीम और बड़ा बांध’ कॉमिक बुक

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नई दिल्ली-केंद्रीय विद्युत, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज नई दिल्ली में एनएचपीसी (NHPC) के स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 50 रुपये मूल्य का स्मारक सिक्का जारी किया। इस अवसर पर विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल, एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता, निदेशक (कार्मिक) उत्तम लाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

एनएचपीसी लिमिटेड, जो विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत भारत की प्रमुख हाइड्रो पावर नवरत्न कंपनी है, 7 नवम्बर 2025 को अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर रही है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एनएचपीसी की 50 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा पर बधाई देते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी यह स्मारक सिक्का एनएचपीसी की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में रणनीतिक भूमिका और योगदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह सिक्का संगठन की सहनशीलता, नवाचार और राष्ट्र सेवा की गौरवशाली यात्रा को सम्मानित करता है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने एनएचपीसी की विशेष प्रकाशन — कॉमिक बुक “छोटा भीम और बड़ा बांध” का भी विमोचन किया। ‘छोटा भीम’ और उसके साथियों पर आधारित यह कॉमिक बच्चों और आम जनता को जलविद्युत की महत्ता और लाभ के बारे में सरल और रोचक ढंग से जानकारी देने के उद्देश्य से बनाई गई है।

एनएचपीसी के सीएमडी भूपेन्द्र गुप्ता ने इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय मंत्री का मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी यह ₹50 का स्मारक सिक्का एनएचपीसी की स्वर्ण जयंती पर उसके गौरवशाली योगदान की सराहना करता है और संगठन के लिए आने वाले वर्षों में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने की प्रेरणा देगा।

पिछले पाँच दशकों में एनएचपीसी ने देश के सबसे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक जलविद्युत परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया है। साथ ही कंपनी ने सौर, पवन और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार करते हुए स्वयं को 100% हरित ऊर्जा कंपनी के रूप में स्थापित किया है।

वर्तमान में एनएचपीसी की 30 पावर स्टेशनों से 8333 मेगावाट की स्थापित क्षमता है, जबकि 14 परियोजनाएँ 9704 मेगावाट से अधिक क्षमता के साथ निर्माणाधीन हैं। एनएचपीसी भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और देश को स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर करने में अहम भूमिका निभा रही है।


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