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NCC साइक्लोथॉन 2026 का आयोजन, स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूरे होने पर युवाओं को दिया फिटनेस और राष्ट्रसेवा का संदेश

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नई दिल्ली- भारत की स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) ने रविवार (2 अगस्त 2026) को NCC साइक्लोथॉन 2026 का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा देशभक्ति, अनुशासन, एकता और राष्ट्रीय सेवा जैसे NCC के मूल्यों को सुदृढ़ करना था।

साइक्लोथॉन को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, विश्व प्रसिद्ध मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम, दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस तथा एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के तहत 79 एनसीसी कैडेटों ने स्वतंत्रता के 79 वर्षों का प्रतीकात्मक संदेश देते हुए 79 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पूरी की। साइक्लोथॉन की शुरुआत मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से हुई और राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख स्थलों से गुजरते हुए यात्रा का समापन भी वहीं हुआ।

"स्वच्छ भारत, हरित भारत, फिट इंडिया" थीम पर आयोजित इस साइक्लोथॉन के माध्यम से टीबी मुक्त भारत, स्वच्छ भारत अभियान, एक पेड़ मां के नाम और हर घर तिरंगा जैसे राष्ट्रीय अभियानों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। साथ ही लोगों को पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ परिवहन के रूप में साइकिल अपनाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शारीरिक फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण मंच भी बना। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को अनुशासन, टीम भावना, धैर्य और सामुदायिक सेवा की भावना अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव के दूत बनने का आह्वान किया गया।

NCC साइक्लोथॉन 2026 ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वस्थ, हरित और सशक्त भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।

एनसीसी और नाइलिट की संयुक्त पहल: कैडेट्स के लिए साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

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नई दिल्ली- देश में युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए National Cadet Corps (NCC) ने National Institute of Electronics and Information Technology (NIELIT) के सहयोग से एक व्यापक साइबर सुरक्षा क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Cyber Security Capacity Building Programme) की शुरुआत की है। इस संबंध में दोनों संस्थानों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर NCC के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल Virendra Vats और NIELIT के महानिदेशक Madan Mohan Tripathi उपस्थित रहे।

दो चरणों में होगा प्रशिक्षण

यह कार्यक्रम दो चरणों में लागू किया जाएगा:

1. साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम

पहले चरण में 15 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें कैडेट्स को डिजिटल साक्षरता, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर हाइजीन और साइबर खतरों के बारे में बुनियादी जानकारी दी जाएगी। यह प्रशिक्षण NIELIT के डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के सभी NCC कैडेट्स के लिए उपलब्ध होगा।

2. साइबर डिफेंडर कार्यक्रम

दूसरे चरण में 60 घंटे का गहन ऑफलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसमें चयनित कैडेट्स को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, रियल-लाइफ सिमुलेशन और आधुनिक साइबर सुरक्षा टूल्स का उपयोग सिखाया जाएगा, जिससे वे साइबर खतरों की पहचान और उनसे निपटने में सक्षम बन सकें।

उद्देश्य और महत्व

इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षित NCC साइबर कैडेट्स की एक मजबूत टीम तैयार करना है, जो:

  • समाज में साइबर जागरूकता फैलाएं

  • सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा दें

  • जमीनी स्तर पर साइबर सुरक्षा अभियानों में सहयोग करें

यह कार्यक्रम Digital India और राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) के लक्ष्यों के अनुरूप भी है।

निष्कर्ष

यह पहल न केवल युवाओं को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सक्षम बनाएगी, बल्कि देश में सुरक्षित और जागरूक डिजिटल समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

रक्षा राज्य मंत्री ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर का किया दौरा, कैडेट्स को देशभक्ति और स्वदेशी नवाचार का दिया संदेश

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रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 18 जनवरी 2026 को दिल्ली कैंट स्थित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर (RDC) का दौरा किया। उनके आगमन पर एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। इसके पश्चात द सिंधिया स्कूल, ग्वालियर के कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत बैंड प्रदर्शन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

अधिकारियों और कैडेट्स को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि हमारे संविधान और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करने का अवसर है। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स को भारत के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य के बीच की “जीवंत कड़ी” बताते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस शिविर देश के युवाओं के अनुशासन, प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता का सजीव प्रतिबिंब है।

संजय सेठ ने कैडेट्स को स्वदेशी सोच के साथ आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में स्टार्टअप्स की संख्या पिछले वर्षों में लगभग 800 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है, जो नवाचार और स्वदेशी उद्यमिता की ताकत को दर्शाता है।

रक्षा राज्य मंत्री ने वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन में भाग लेने वाले 15 एनसीसी कैडेट्स की विशेष सराहना की, जिन्होंने रांची से दिल्ली तक 1300 किलोमीटर की यात्रा कर राष्ट्रीय एकता और वीर बिरसा मुंडा के मूल्यों का संदेश दिया। इसके अलावा, वर्ष 2025 में माउंट एवरेस्ट पर सफल चढ़ाई करने वाले 10 एनसीसी कैडेट्स की उपलब्धि को भी उन्होंने प्रेरणादायक बताया।

अपने संबोधन के अंत में संजय सेठ ने कैडेट्स से आह्वान किया कि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करते हुए कर्तव्यनिष्ठा, देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े रहें तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने एनसीसी अधिकारियों और प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे देश के भावी नेतृत्व को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, तिरंगे की गरिमा और सम्मान को बनाए रखने का संकल्प लेने का भी उन्होंने आह्वान किया।

दौरे के दौरान रक्षा राज्य मंत्री ने कैडेट्स द्वारा विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों पर तैयार किए गए ‘फ्लैग एरिया’ का निरीक्षण किया तथा ‘हॉल ऑफ फेम’ का भी भ्रमण किया, जहां कैडेट्स ने एनसीसी के गौरवशाली इतिहास, प्रशिक्षण गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी साझा की।

दिल्ली की मुख्यमंत्री का एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर का दौरा

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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 15 जनवरी, 2026 को दिल्ली कैंट में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) का दौरा किया। कैडेट्स के अनुशासन और प्रस्तुति से प्रभावित होकर उन्होंने उनकी सराहना की और कहा कि उनकी समन्वित परेड, बैंड प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ राष्ट्र की धड़कन को प्रतिबिंबित करती हैं।

मुख्यमंत्री ने साहसी और जिम्मेदार युवाओं के निर्माण में एनसीसी की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संगठन युवाओं में राष्ट्रवाद, एकता और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता जैसे आजीवन मूल्यों का पोषण करता है। एनसीसी के समग्र प्रशिक्षण ढांचे पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ शिविरों और विशेष राष्ट्रीय एकता शिविरों जैसी राष्ट्रीय एकीकरण पहलों के महत्व पर भी जोर दिया।

अपने समापन संबोधन में गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दृष्टिकोण पर विश्वास व्यक्त किया कि ‘आज के कैडेट्स ही कल के नेता हैं’, जो भारत की एकता, अखंडता और गरिमा के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए विभिन्न भूमिकाओं में राष्ट्र की सेवा करेंगे। उन्होंने युवाओं से कर्तव्य की प्रबल भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है और विकसित भारत का निर्माण एक साझा मिशन है। उन्होंने राष्ट्र के गौरव और मातृभूमि की सेवा की भावना को बनाए रखने का आह्वान करते हुए अपने वक्तव्य का समापन किया।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ की समीक्षा की। इसके पश्चात केरल के थोडुपुझा स्थित न्यूमैन कॉलेज के कैडेट्स द्वारा एक प्रभावशाली बैंड प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया। बाद में उन्होंने सामाजिक विषयों और राष्ट्रीय प्रगति को दर्शाने वाले ‘फ्लैग एरिया’ का भ्रमण किया। इसके उपरांत उन्होंने ‘हॉल ऑफ फेम’ का दौरा किया, जहाँ उन्हें एनसीसी के इतिहास और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। दौरे का समापन कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ।

एनसीसी आरडीसी में सीडीएस का संबोधन, युवाओं से सशस्त्र बलों में करियर अपनाने की अपील

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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने 13 जनवरी 2026 को दिल्ली कैंट में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) गणतंत्र दिवस शिविर (RDC) का दौरा किया। एनसीसी कैडेट्स और अधिकारियों को संबोधित करते हुए CDS ने लगातार चौथी बार आरडीसी शिविर में शामिल होने पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कैडेट्स के उच्च मानकों और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि हर वर्ष उनमें नई ऊर्जा और देशभक्ति का भाव देखने को मिलता है।

युवाओं के लिए दृष्टि और इच्छाशक्ति के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा,

“यदि आप सही मार्ग चुनते हैं, तो सही मंज़िल तक पहुँचते हैं; आज सही मार्ग चुनना अत्यंत आवश्यक है।”
अपने जीवन और करियर के अनुभव साझा करते हुए CDS ने कैडेट्स को सशस्त्र बलों में करियर अपनाने के लिए प्रेरित किया और 2047 तक समृद्ध, सशक्त और सुरक्षित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा,
“आप ही विकसित भारत के भविष्य के नेता हैं।”

जनवरी माह के महत्व को रेखांकित करते हुए CDS ने इसे राष्ट्रीय गौरव से जुड़े महत्वपूर्ण आयोजनों का महीना बताया। उन्होंने कहा कि जनवरी में

  • 12 जनवरी – राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जयंती),

  • 14 जनवरी – वेटरन्स डे,

  • 15 जनवरी – सेना दिवस,

  • 23 जनवरी – पराक्रम दिवस (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती),

  • 26 जनवरी – गणतंत्र दिवस (संविधान अंगीकरण दिवस),

  • 30 जनवरी – शहीद दिवस
    मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी अवसर भारत की स्वतंत्रता, गणतांत्रिक मूल्यों और सच्ची राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक हैं।

CDS ने सेना, नौसेना और वायु सेना विंग के कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर और सैनिक स्कूल घोड़ाखाल, उत्तराखंड के कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत मधुर बैंड प्रदर्शन की प्रशंसा की। युवा कैडेट्स के जोश और ऊर्जा से प्रभावित होकर उन्होंने विविध और जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा ‘फ्लैग एरिया’ के माध्यम से सामाजिक जागरूकता फैलाने के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने एयरो और नेवल मॉडल्स की ब्रीफिंग, ड्रोन प्रदर्शन में भाग लेने वाले कैडेट्स की भी प्रशंसा की और कहा कि यह उनकी अनुशासनबद्धता और तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।

अपने संबोधन के समापन में जनरल चौहान ने कैडेट्स से कहा कि वे अपने लक्ष्यों के लिए आज ही कार्य करना शुरू करें, कल का इंतजार न करें, और जीवन में सकारात्मक व आशावादी दृष्टिकोण बनाए रखें।

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर का दौरा किया

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नई दिल्ली-भारतीय वायुसेना प्रमुख (चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने 8 जनवरी 2026 को दिल्ली कैंट स्थित राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) गणतंत्र दिवस शिविर (RDC) का दौरा किया।

इस अवसर पर वायुसेना प्रमुख ने थलसेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों विंग्स से आए एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इसके पश्चात राजस्थान के पिलानी स्थित बिड़ला बालिका विद्यापीठ की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत आकर्षक बैंड प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया।

एयर चीफ मार्शल ने सभी 17 एनसीसी निदेशालयों के कैडेट्स द्वारा विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों पर तैयार किए गए फ्लैग एरिया का निरीक्षण किया तथा इसके बाद एनसीसी हॉल ऑफ फेम का भ्रमण भी किया।

युवाओं की भूमिका पर जोर

कैडेट्स को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख ने भारत के युवाओं पर अपना विश्वास व्यक्त किया और राष्ट्र निर्माण में एनसीसी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनसीसी देश की सबसे बड़ी वर्दीधारी युवा संस्था है, जिसमें 20 लाख से अधिक कैडेट्स शामिल हैं, जिनमें 40 प्रतिशत बालिकाएं हैं।

एयर चीफ मार्शल सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एनसीसी कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी तथा विभिन्न सरकारी पहलों के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान की भी प्रशंसा की। उन्होंने कैडेट्स से आह्वान किया कि वे वर्दी से परे भी राष्ट्रवाद को अपने जीवन में अपनाएं और जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए “कभी हार न मानने” का दृष्टिकोण विकसित करें।

RDC में चयन पर दी बधाई

गणतंत्र दिवस शिविर के महत्व को रेखांकित करते हुए वायुसेना प्रमुख ने RDC 2026 में अपने-अपने निदेशालयों का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित होने पर कैडेट्स को बधाई दी।

सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां

इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स ने समूह गीत, बैले और समूह नृत्य के माध्यम से भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता हुआ एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसे एयर चीफ मार्शल तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने खूब सराहा।

एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दिल्ली कैंट में भव्य शुभारंभ

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राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) 2026 का शुभारंभ दिल्ली कैंट स्थित डीजी एनसीसी कैंप में उत्साहपूर्ण और भव्य समारोह के साथ हुआ। इस वर्ष गणतंत्र दिवस शिविर में कुल 2,406 कैडेट्स भाग ले रहे हैं, जिनमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से 127 कैडेट्स तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र से 131 कैडेट्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम (YEP) के अंतर्गत 25 मित्र देशों के कैडेट्स और अधिकारी भी इस शिविर में भाग लेंगे।

इस अवसर पर एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने एनसीसी परिवार को 77 वर्षों की सफल सेवा पूर्ण करने पर बधाई दी। उन्होंने गणतंत्र दिवस शिविर के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह शिविर कैडेट्स को गणतंत्र दिवस से पूर्व राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित होने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के माध्यम से देश की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने का एक सशक्त मंच है।

मीडिया को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल वत्स ने बताया कि देश के 90 प्रतिशत से अधिक जिलों में एनसीसी इकाइयों की उपस्थिति सुनिश्चित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 1948 में स्थापना के समय जहाँ एनसीसी कैडेट्स की संख्या मात्र 20,000 थी, वहीं वर्तमान में यह संख्या बढ़कर लगभग 20 लाख हो गई है, जिसमें 40 प्रतिशत महिला कैडेट्स शामिल हैं। उन्होंने विभिन्न शिविरों के माध्यम से युवाओं में चरित्र निर्माण और अनुशासन विकसित करने में एनसीसी की भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में एनसीसी ने 1,665 वार्षिक प्रशिक्षण शिविर, 06 विशेष राष्ट्रीय एकता शिविर तथा 33 ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ शिविर आयोजित किए, जिनका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों और संस्कृतियों के कैडेट्स के बीच एकता और आपसी संबंधों को सुदृढ़ करना था। इसके अलावा नियमित साहसिक गतिविधियों के साथ-साथ एनसीसी द्वारा निम्नलिखित प्रमुख गतिविधियाँ संचालित की गईं:

  • माउंट एवरेस्ट के लिए विशेष पर्वतारोहण अभियान

  • ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लगभग 75,000 कैडेट्स की भागीदारी, जिसमें नागरिक प्रशासन को सहयोग, चिकित्सा सहायता और स्वैच्छिक रक्तदान शामिल

  • वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के अंतर्गत सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान

  • ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 8 लाख पौधों का रोपण

  • विकसित भारत युवा नेता संवाद क्विज़ में 4 लाख से अधिक कैडेट्स की भागीदारी

  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 8 लाख से अधिक कैडेट्स की सहभागिता

  • स्वच्छोत्सव में 50,000 से अधिक कैडेट्स की भागीदारी

  • ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष के उपलक्ष्य में 6 लाख कैडेट्स की भागीदारी

  • 4 रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (RPTOs) में कैडेट्स को ड्रोन उड़ान प्रशिक्षण

  • 3,000 कैडेट्स को स्किल मंथन कार्यशालाओं में प्रशिक्षण

  • आइडिया एवं इनोवेशन प्रतियोगिता के अंतर्गत 340 कैडेट्स द्वारा 85 स्टार्टअप विचारों एवं समाधानों पर कार्य

वर्तमान में चल रहे अभियानों के बारे में जानकारी देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल वत्स ने बताया कि अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के 21 निर्जन द्वीपों के चारों ओर एक विशेष नौकायन अभियान संचालित किया जा रहा है, जो परमवीर चक्र विजेताओं को समर्पित है। इसके साथ ही वीर बिरसा मुंडा और पेशवा बाजीराव की विरासत, सामाजिक सुधार गतिविधियों तथा ऐतिहासिक उपलब्धियों को स्मरण करने हेतु दो साइक्लिंग अभियान भी आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा 315 जिलों के लगभग 94,400 एनसीसी कैडेट्स को युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत नामित किया गया है, जिन्हें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के समन्वय से मार्च 2026 तक आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

शिविर के दौरान अनेक गणमान्य अतिथि शिविर का दौरा करेंगे, जिनमें उपराष्ट्रपति, रक्षा मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री, दिल्ली के मुख्यमंत्री, रक्षा सचिव, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तथा थल सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुख शामिल हैं।

शिविर की गतिविधियों का समापन 28 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाली प्रधानमंत्री रैली के साथ होगा।


राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) 23 नवंबर 2025 को मनाएगा अपना 78वां स्थापना दिवस

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राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) 23 नवंबर 2025 को अपना 78वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर से पहले 22 नवंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल में एक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इसमें रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और महानिदेशक एनसीसी लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने पूरी संस्था की ओर से शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। यह आयोजन राष्ट्र-निर्माण और युवा विकास में एनसीसी की भूमिका को रेखांकित करते हुए देशभर में होने वाले कार्यक्रमों का शुभारंभ था।

तीनों सेनाओं की तीन एनसीसी गर्ल कैडेट्स ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। समारोह के बाद रक्षा सचिव, डीजी एनसीसी और उपस्थित जनों ने दिल्ली के विभिन्न स्कूलों के एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत बैंड प्रदर्शन का आनंद लिया, जिसने समारोह में गरिमा और उत्साह का संचार किया।

1948 में मात्र 20,000 कैडेट्स के साथ स्थापित एनसीसी आज 20 लाख कैडेट्स के साथ दुनिया का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन बन गया है। वर्ष 2014 से 2025 के बीच इसमें 6 लाख कैडेट्स की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में एनसीसी का विस्तार देश के 780 में से 713 जिलों तक है, जो इसे भारत के सबसे व्यापक युवा संगठनों में से एक बनाता है।

स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कैडेट्स ने जन-सेवा गतिविधियों में भाग लिया, जिनमें रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम, और नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम शामिल थे। इन पहलों ने समुदाय सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को दर्शाया।

रक्षा सचिव ने अपने संबोधन में एनसीसी के बहुआयामी योगदान की सराहना की। उन्होंने आपदा मित्र प्रशिक्षण, एनसीसी माउंट एवरेस्ट अभियान, तथा पाठ्यक्रम में ड्रोन एवं साइबर प्रशिक्षण जैसी प्रमुख पहलों का उल्लेख किया।

78वें स्थापना दिवस पर एनसीसी एक सशक्त, आधुनिक और भविष्य-उन्मुख संगठन के रूप में विकसित होता जा रहा है, जो अनुशासित, सामाजिक रूप से जागरूक और तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में योगदान करने के लिए तैयार कर रहा है।


लेफ्टिनेंट जनरल वीरेन्द्र वत्स ने संभाला एनसीसी का कार्यभार

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नई दिल्ली – लेफ्टिनेंट जनरल वीरेन्द्र वत्स ने आज राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के महानिदेशक का पदभार संभाला। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह का स्थान लिया।

एनसीसी, जो विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन है, फिलहाल अपने कैडेटों की संख्या बढ़ाकर 20 लाख तक ले जाने की प्रक्रिया में है। "एकता और अनुशासन" के ध्येय वाक्य के साथ यह संगठन अब विकसित भारत@2047 के विज़न के अनुरूप डिजिटल कौशल, नवाचार और वैश्विक दृष्टिकोण को अपनी परंपरागत देशभक्ति और चरित्र निर्माण की शिक्षा से जोड़ रहा है।

लेफ्टिनेंट जनरल वीरेन्द्र वत्स को 1988 में 19 कुमाऊँ रेजिमेंट में कमीशन मिला था। 37 वर्षों की सेवा में उन्होंने आतंकवाद-रोधी अभियानों से लेकर संयुक्त राष्ट्र मिशन (कांगो) तक कई अहम जिम्मेदारियाँ निभाईं। हाल ही में वे वेलिंगटन स्थित डिफेन्स सर्विसेज स्टाफ कॉलेज के कमांडेंट थे।

एनडीए, आईएमए, कॉलेज ऑफ डिफेन्स मैनेजमेंट और नेशनल डिफेन्स कॉलेज के पूर्व छात्र रहे जनरल वत्स से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने अनुभव और नेतृत्व क्षमता से एनसीसी को नई ऊर्जा देंगे और युवाओं को अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की दिशा में और अधिक तैयार करेंगे।


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