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भारत में एआई शिक्षा सुधार की बड़ी पहल: उद्योग के साथ मिलकर पाठ्यक्रम को नया रूप देने की तैयारी

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भारत सरकार उद्योग जगत के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पाठ्यक्रम में व्यापक सुधार की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि छात्रों को उभरती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर रूप से तैयार किया जा सके। इस संबंध में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में एआई पाठ्यक्रम टास्कफोर्स के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।

मौजूदा पाठ्यक्रम का अध्ययन

टास्कफोर्स ने देश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में चल रहे बी.टेक (कंप्यूटर साइंस एवं संबंधित शाखाओं) के पाठ्यक्रम का आधारभूत अध्ययन किया। यह अध्ययन उद्योग विशेषज्ञों और नैसकॉम के सहयोग से किया गया।

अध्ययन में पाया गया कि भारत में एआई से जुड़े विषयों का विस्तार हुआ है, लेकिन अभी भी शिक्षण पद्धति, बुनियादी ढांचे और व्यावहारिक प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण अंतर मौजूद हैं। विशेष रूप से जनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग ऑपरेशंस (MLOps) और फाउंडेशन मॉडल विकास जैसे क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता बताई गई।

प्रमुख फोकस क्षेत्र

टास्कफोर्स ने पाठ्यक्रम सुधार के लिए निम्न प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया:

  • व्यावहारिक आधारित शिक्षण: पहले सेमेस्टर से ही वास्तविक उद्योग उपयोग मामलों पर आधारित शिक्षा

  • क्रेडिट-आधारित एकीकरण: एआई पाठ्यक्रम को औपचारिक शैक्षणिक क्रेडिट प्रणाली में शामिल करना

  • व्यावहारिक प्रशिक्षण में वृद्धि: 25–30% से बढ़ाकर 40–75% तक व्यावहारिक अनुभव

  • उद्योग-एकीकृत शिक्षण: कैपस्टोन प्रोजेक्ट और एआई समाधान विकास पर जोर

  • जिम्मेदार एआई: सभी सेमेस्टर में एआई गवर्नेंस और नैतिकता का समावेश

  • मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम: प्रमाणपत्र, डिप्लोमा और उन्नत डिप्लोमा की सुविधा

शिक्षक विकास पर जोर

बैठक में यह भी माना गया कि पाठ्यक्रम सुधार के साथ-साथ शिक्षकों का प्रशिक्षण भी आवश्यक है। इसके लिए निम्न सुझाव दिए गए:

  • ट्रेन-द-ट्रेनर कार्यक्रम

  • मानकीकृत मूल्यांकन ढांचा

  • आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना

  • उद्योग विशेषज्ञों को सहायक शिक्षक के रूप में शामिल करना

साझा एआई अवसंरचना

एक राष्ट्रीय स्तर के साझा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा गया, जिसमें सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थान मिलकर काम करेंगे। इससे सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को GPU कंप्यूटिंग, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और अन्य आधुनिक तकनीकों तक समान पहुंच मिल सकेगी।

भविष्य की कार्ययोजना

बैठक में निम्नलिखित अगले कदमों पर सहमति बनी:

  • राष्ट्रीय स्तर पर संसाधनों और आवश्यकताओं का आकलन

  • एआईसीटीई के साथ समन्वय कर नए पाठ्यक्रम को लागू करना

  • उद्योग-आधारित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम

  • गैर-तकनीकी विषयों में एआई जागरूकता के लिए अलग कार्ययोजना

यह पहल भारत में एआई शिक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मंत्री पीयूष गोयल ने निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के साथ बैठक की अध्यक्षता की

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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 29 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में निर्यात संवर्धन परिषदों (EPCs) और उद्योग संघों के साथ बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में वाणिज्य विभाग, राजस्व विभाग, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), निर्यात संवर्धन परिषदों और विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) और वाणिज्य विभाग ने वित्त वर्ष 2025–26 की पहली छमाही में की गई प्रमुख सुधार पहलों, निर्यात सुगमता के लिए प्रस्तावित आगामी सुधार उपायों तथा इस अवधि के दौरान निर्यात प्रदर्शन पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिए।

चर्चा का मुख्य केंद्र उद्योग द्वारा सामना की जा रही चुनौतियाँ, निर्यात विविधीकरण में प्राप्त उपलब्धियाँ, और देश से निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए हितधारकों के विचार व अपेक्षाएँ रहीं।

बैठक में फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO), वस्त्र, परिधान, इंजीनियरिंग, रत्न एवं आभूषण, चिकित्सा उपकरण, औषधि, सेवा क्षेत्र, EPCH, दूरसंचार, चमड़ा, CII, FICCI, PHDCCI, SIAM, ASSOCHAM और NASSCOM सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और भारतीय निर्यातकों के लिए अनुकूल व्यापारिक वातावरण तैयार करने तथा वैश्विक बाज़ारों में अवसरों का विस्तार करने में केंद्रीय मंत्री और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की।

पीयूष गोयल ने यह दोहराया कि सरकार ‘व्यवसाय करने में सुगमता’ (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने और भारतीय निर्यातकों के लिए वैश्विक बाज़ार तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित करने हेतु एक सक्षम व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के प्रति प्रतिबद्ध है।

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