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PM SVANidhi योजना का पुनर्गठित स्वरूप: 1.15 करोड़ स्ट्रीट वेंडर्स के लिए समग्र विकास और वित्तीय सशक्तिकरण

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प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 27 अगस्त 2025 को केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना के पुनर्गठन और लेंडिंग अवधि को 31 मार्च 2030 तक बढ़ाने को मंजूरी दी। इस योजना का कुल बजट ₹7,332 करोड़ है और इसका उद्देश्य 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ पहुंचाना है, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी शामिल हैं।

योजना का उद्देश्य और महत्व

स्ट्रीट वेंडर्स किसी भी शहर की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। वे आत्म-रोज़गार के माध्यम से रोज़मर्रा की वस्तुएँ और सेवाएँ नागरिकों तक पहुँचाते हैं। हालांकि, पहचान की कमी, सीमित वित्तीय पहुँच, शिक्षा और कौशल की कमी, उचित स्थानों का अभाव और सरकारी योजनाओं तक सीमित पहुँच जैसी चुनौतियाँ उनका सामना करती हैं। PM SVANidhi योजना का लक्ष्य इन्हीं चुनौतियों को दूर करना और स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।

प्रमुख विशेषताएँ और लाभ

  • लोन संरचना: पहली किस्त ₹15,000, दूसरी किस्त ₹25,000 और तीसरी किस्त ₹50,000 तक।

  • डिजिटल क्रेडिट कार्ड: समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों के लिए UPI-लिंक्ड RuPay क्रेडिट कार्ड।

  • कैशबैक प्रोत्साहन: डिजिटल लेन-देन पर अधिकतम ₹1,200 तक कैशबैक।

  • क्षेत्रीय विस्तार: योजना अब केवल सांविधिक शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि सेंसरस टाउन और पेरी-अर्बन क्षेत्रों में भी लागू।

कल्याण और क्षमता निर्माण

  • स्ट्रीट वेंडर्स को उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल कौशल और मार्केटिंग के प्रशिक्षण दिए जाएंगे।

  • स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए FSSAI के साथ मिलकर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण।

  • SVANidhi से समृद्धि (Svanidhi se Samriddhi): 8 सरकारी कल्याण योजनाओं से वेंडर्स और उनके परिवारों को जोड़ा गया। 47 लाख वेंडर्स का प्रोफाइल तैयार किया गया और 1.46 करोड़ योजनाएँ अब तक स्वीकृत।

क्रियान्वयन और साझेदारी

योजना का कार्यान्वयन आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) तथा वित्तीय सेवाएँ विभाग (DFS) के माध्यम से किया जाएगा। राज्यों, बैंकों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) की सक्रिय भागीदारी से लाभार्थियों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।

निष्कर्ष

PM SVANidhi योजना केवल वित्तीय स्थिरता प्रदान नहीं करती, बल्कि स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में शामिल कर, उन्हें आत्मनिर्भर और डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। यह योजना स्ट्रीट वेंडर्स के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है, जो समावेशी और टिकाऊ शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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