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जिनेवा में 114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे की महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें, कौशल विकास और श्रम सहयोग पर जोर

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श्रम एवं रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्य मंत्री, भारत सरकार, शोभा करंदलाजे ने 9 जून 2026 को स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में आयोजित 114वां अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन (ILC) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने समावेशी विकास, लैंगिक समानता और सामाजिक संवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। सम्मेलन के दौरान उनकी सहभागिता और उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों ने भारत की सशक्त एवं समन्वित कूटनीतिक उपस्थिति को प्रदर्शित किया।

सम्मेलन के इतर, केंद्रीय राज्य मंत्री ने नेपाल के युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्री रामजी यादव के साथ द्विपक्षीय बैठक की। नेपाल ने भारत के डिजिटल पोर्टलों की सराहना की। भारत ने “Neighbourhood First” नीति के अंतर्गत नेपाल को एक प्राथमिक साझेदार बताया। दोनों मंत्रियों ने कौशल विकास, श्रम गतिशीलता तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इस वार्ता ने दोनों देशों के श्रमिकों के लिए अवसरों और कल्याण को बढ़ावा देने तथा पारंपरिक और भाईचारेपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

अंगोला की लोक प्रशासन, श्रम एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्री टेरेसा रोड्रिग्स डायस के साथ बैठक में श्रम एवं रोजगार, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा और कार्यबल प्रशिक्षण में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने रोजगार सेवाओं, कौशल विकास, कार्यबल नियोजन और डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। अंगोला ने भारत की डिजिटल सार्वजनिक प्रणालियों की सराहना की और ज्ञान-साझाकरण का अनुरोध किया। भारत ने रोजगार सेवाओं, श्रमिक पंजीकरण, रोजगार एवं कौशल मिलान के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के डिज़ाइन, विकास और संचालन में तकनीकी सहायता तथा क्षमता निर्माण सहयोग की पेशकश की।

मॉरीशस के श्रम एवं औद्योगिक संबंध मंत्री मुहम्मद रेजा कासम उतीम के साथ बैठक में मंत्री शोभा करंदलाजे ने दोनों देशों के बीच साझा इतिहास, संस्कृति, लोकतांत्रिक मूल्यों और गहरे जन-से-जन संबंधों पर आधारित घनिष्ठ एवं दीर्घकालिक संबंधों की सराहना की। मॉरीशस ने श्रम एवं रोजगार क्षेत्र में भारत द्वारा विकसित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) में हुई उल्लेखनीय प्रगति की प्रशंसा की। भारत ने अपनी विशेषज्ञता साझा करने तथा डिजिटल समाधान विकसित करने में निरंतर तकनीकी सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इसके अतिरिक्त, शोभा करंदलाजे ने फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण कोरिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के श्रम मंत्रियों से भी मुलाकात की। इन बैठकों में कौशलों की पारस्परिक मान्यता (Mutual Recognition of Skills) और मांग-आधारित कौशल विकास के माध्यम से भारत से कुशल जनशक्ति के कानूनी प्रवासन के मार्गों पर चर्चा की गई।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय प्रस्तावित करेगा जुलाई 2026–जून 2027 में प्रवासन पर सर्वेक्षण

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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने जुलाई 2026 से जून 2027 के दौरान प्रवासन पर सर्वेक्षण करने का प्रस्ताव रखा है।

MoSPI समय-समय पर प्रवासन सर्वेक्षण आयोजित करता रहा है; सबसे हालिया प्रवासन डेटा पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2020–21 और मल्टीपल इंडिकेटर सर्वे (2020–21) के माध्यम से एकत्र किए गए थे। आगामी प्रवासन सर्वेक्षण ग्रामीण–शहरी और राज्य-स्तरीय प्रवासन की सीमा और पैटर्न, प्रवासन के कारण, वापसी प्रवासन, मौसमी प्रवासन, प्रवासियों की रोजगार प्रोफाइल आदि पर व्यापक और अद्यतन डेटा प्रदान करेगा।

इस सर्वेक्षण के परिणाम श्रम गतिशीलता, रेमिटेंस प्रवाह और संबंधित पहलुओं को समझने में सहायक होंगे। यह जानकारी नीति-निर्माताओं, योजनाकारों, शोधकर्ताओं और विकास कार्यकर्ताओं के लिए अत्यंत उपयोगी होगी, क्योंकि इसके माध्यम से शहरी नियोजन, आवास, परिवहन, रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में लक्षित हस्तक्षेपों की योजना बनाई जा सकेगी।

PLFS 2020–21 के अनुसार, भारत में प्रवासन दर 28.9% अनुमानित की गई थी।

सभी भारत स्तर पर पुरुषों में प्रवासन दर 10.7% और महिलाओं में 47.9% अनुमानित की गई। प्रवासन के कारण लिंग के अनुसार भिन्न हैं। महिलाओं में विवाह प्रमुख कारण है, जो सभी महिला प्रवासियों का लगभग 86.8 प्रतिशत हिस्सा है। इसके विपरीत, पुरुषों में रोजगार या बेहतर रोजगार की तलाश में प्रवासन सबसे अधिक है, जो सभी भारत स्तर पर 22.8% है। ये विशिष्ट पैटर्न भारत में प्रवासन की लिंग-विशिष्ट प्रकृति को उजागर करते हैं, जिसमें महिलाओं का प्रवासन सामाजिक कारणों जैसे विवाह से प्रभावित है, जबकि पुरुषों का प्रवासन मुख्य रूप से श्रम बाजार के अवसरों से प्रभावित है।

यह जानकारी आज राज्यसभा में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री, योजना मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री और संस्कृति मंत्रालय राज्यमंत्री राव इंदरजीत सिंह ने दी।


डॉ. मनसुख मांडविया ने WSSF, कुआलालंपुर में द्विपक्षीय बैठकों में सामाजिक सुरक्षा सहयोग, कौशल मान्यता एवं श्रमिक गतिशीलता पर की चर्चा; भारत को मिला ISSA अवॉर्ड 2025

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श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मामलों के केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज कुआलालंपुर, मलेशिया में आयोजित विश्व सामाजिक सुरक्षा शिखर सम्मेलन (WSSF) के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (ISSA) के अध्यक्ष तथा मलेशिया और युगांडा के प्रतिनिधिमंडलों के साथ उपयोगी द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में कौशल की पारस्परिक मान्यता, सुरक्षित श्रमिक गतिशीलता तथा सामाजिक सुरक्षा सहयोग पर चर्चा हुई।

डॉ. मांडविया भारत सरकार की ओर से ‘सामाजिक सुरक्षा में उत्कृष्ट उपलब्धि’ के लिए ISSA अवॉर्ड 2025 ग्रहण करने मलेशिया गए हैं।

ISSA अध्यक्ष एवं PERKESO सीईओ के साथ बैठक

डॉ. मांडविया ने ISSA अध्यक्ष एवं मलेशिया की सामाजिक सुरक्षा संस्था PERKESO के सीईओ प्रो. दातो’डॉ. मोहम्मद अज़मान से भेंट की।

  • उन्होंने भारत की सामाजिक सुरक्षा उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए ISSA का आभार व्यक्त किया।

  • भारत की ISSA में बढ़ी हुई प्रतिनिधित्व क्षमता और मतदान अधिकारों का स्वागत किया।

  • भारत के डिजिटल-फर्स्ट दृष्टिकोण पर बल देते हुए ई-श्रम और नेशनल करियर सर्विस (NCS) प्लेटफॉर्म की विशेष चर्चा की।

ISSA अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा सामाजिक सुरक्षा कवरेज के उल्लेखनीय विस्तार की सराहना की।

युगांडा के साथ बैठक

डॉ. मांडविया ने युगांडा की लैंगिक, श्रम एवं सामाजिक विकास मंत्री हेर एक्सीलेंसी बेट्टी अमोंगी ओंगोम से भेंट की।

  • दोनों पक्षों ने सौ वर्ष पुराने ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया और 23 वर्षों बाद इस वर्ष नई दिल्ली में आयोजित भारत-युगांडा संयुक्त व्यापार सहयोग सत्र के पुनरुद्धार का स्वागत किया।

  • सार्वजनिक कार्य, कृषि, पारंपरिक चिकित्सा एवं टेली-मेडिसिन में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

  • भारत ने युगांडा को डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने में सहयोग की इच्छा जताई ताकि प्रतिभा और अवसर का बेहतर मिलान हो सके।

  • युगांडा ने भारत के ई-श्रम और NCS जैसे डिजिटल सार्वजनिक ढांचे को जल्द से जल्द अपनाने में गहरी रुचि दिखाई।

मलेशिया के साथ बैठक

डॉ. मांडविया ने मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री हेर एक्सीलेंसी स्टीवन सिम ची कीओंग से चर्चा की।

  • ISSA फोरम की सफल मेजबानी के लिए मलेशिया को बधाई दी।

  • भारत ने अपने पेशेवर और कुशल कार्यबल के माध्यम से मलेशिया की श्रम बाज़ार आवश्यकताओं को पूरा करने की तत्परता व्यक्त की।

  • भारत-मलेशिया एन्हांस्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत आईटी, नवीकरणीय ऊर्जा और अवसंरचना जैसे भावी क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया।

  • भारत ने ESIC और PERKESO के बीच सहयोग ज्ञापन (MoC) को आगे बढ़ाने की पुष्टि की।

डॉ. मांडविया ने यह भी कहा कि ग्लोबल साउथ को गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की मॉडल परिभाषाएँ तैयार करने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।

मलेशिया ने वर्ष 2026 में होने वाले प्लेटफॉर्म वर्कर्स पर शिखर सम्मेलन के लिए डॉ. मांडविया को आमंत्रित किया।

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