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कानपुर आयुध निर्माणी के 423 संविदा श्रमिकों के वेतन विवाद का समाधान, ₹50 लाख बकाया वेतन का भुगतान

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उन्नत आयुध एवं उपकरण इंडिया लिमिटेड (AWEIL) के अंतर्गत आयुध निर्माणी, कानपुर में कार्यरत 423 संविदा श्रमिकों से संबंधित एक महत्वपूर्ण वेतन विवाद का केंद्रीय क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), कानपुर के समय पर हस्तक्षेप और निरंतर सुलह प्रयासों से सफलतापूर्वक समाधान कर लिया गया है। यह कार्रवाई मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में की गई।

सुलह प्रयासों के फलस्वरूप ठेकेदार मैसर्स इमेंस मैनपावर प्राइवेट लिमिटेड ने 13 अगस्त 2026 को 423 श्रमिकों को जून और जुलाई 2026 के बकाया वेतन के रूप में लगभग ₹50,00,000 (पचास लाख रुपये) का भुगतान किया।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), कानपुर के हस्तक्षेप के बाद प्रधान नियोक्ता द्वारा ठेकेदार का मई 2026 का लंबित बिल भी जारी कर दिया गया। इससे वेतन संबंधी मुद्दों के समाधान में मदद मिली और संबंधित श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सका।

समय पर किए गए हस्तक्षेप और प्रभावी सुलह प्रयासों के परिणामस्वरूप आयुध निर्माणी, कानपुर में श्रमिकों के एक समूह द्वारा प्रस्तावित हड़ताल/प्रदर्शन को सफलतापूर्वक टाल दिया गया। इससे औद्योगिक गतिविधियों में संभावित व्यवधान को रोका जा सका और प्रतिष्ठान में औद्योगिक शांति एवं सौहार्द को बढ़ावा मिला।

सुलह कार्यवाही के दौरान प्रबंधन को श्रमिक कल्याण, उचित सेवा शर्तों और श्रम कानूनों के अनुपालन से संबंधित अपने वैधानिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया गया। रचनात्मक संवाद के माध्यम से सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध बनाए रखने तथा कल्याणकारी उपायों को समय पर लागू करने के महत्व पर जोर दिया गया।

प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि वह कार्यबल के कल्याण और वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेगा।

यह सफल सुलह प्रक्रिया श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, वैधानिक लाभों की समय पर प्राप्ति सुनिश्चित करने, निष्पक्ष श्रम प्रथाओं को बढ़ावा देने तथा प्रभावी सुलह और रचनात्मक संवाद के माध्यम से सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध कायम करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पाकल दुल जलविद्युत परियोजना में श्रमिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान, 210 श्रमिकों को ₹1.12 करोड़ से अधिक के वैधानिक लाभ

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नई दिल्ली- श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय के अधीन क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), जम्मू के सतत सुलह प्रयासों से जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ स्थित पाकल दुल जलविद्युत परियोजना में एलएंडटी कंस्ट्रक्शन (L&T Construction) द्वारा उप-ठेकेदारों के माध्यम से नियोजित श्रमिकों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण औद्योगिक विवाद सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है।

प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच कई चरणों में हुई सुलह वार्ताओं एवं रचनात्मक संवाद के बाद 13 जुलाई 2026 को समझौता हुआ। इसके साथ ही किसान मजदूर यूनियन, नागसेनी द्वारा घोषित हड़ताल समाप्त हो गई और परियोजना स्थल पर औद्योगिक शांति एवं सौहार्द बहाल हो गया।

इस समझौते से 210 श्रमिकों को लाभ मिला। समझौते के परिणामस्वरूप 30 जुलाई 2026 को श्रमिकों को कुल ₹1,12,70,560 (एक करोड़ बारह लाख सत्तर हजार पांच सौ साठ रुपये) के वैधानिक देयकों का भुगतान किया गया।

प्रदत्त राशि में निम्नलिखित लाभ शामिल हैं:

  • छंटनी (Retrenchment) मुआवजा

  • बोनस

  • अर्जित अवकाश का नकदीकरण (Leave Encashment)

  • नोटिस वेतन (Notice Pay)

  • अन्य वैधानिक अंतिम सेवा लाभ

यह भुगतान लागू श्रम कानूनों के अनुरूप किया गया, जिससे श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हुई।

सुलह प्रक्रिया के दौरान प्रबंधन को श्रमिक कल्याण, निष्पक्ष सेवा शर्तों तथा श्रम कानूनों के पालन से संबंधित वैधानिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही रचनात्मक संवाद के माध्यम से सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध बनाए रखने तथा श्रमिक कल्याण संबंधी उपायों को समयबद्ध ढंग से लागू करने के महत्व पर बल दिया गया।

प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि वह भविष्य में भी श्रमिकों के कल्याण तथा सभी वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा।

यह समझौता एलएंडटी कंस्ट्रक्शन के प्रबंधन, किसान मजदूर यूनियन, नागसेनी के महासचिव एवं श्रमिक प्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग तथा क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), जम्मू के मार्गदर्शन एवं मध्यस्थता से संभव हो सका।

यह सफल सुलह श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, वैधानिक लाभों के समयबद्ध भुगतान, निष्पक्ष श्रम प्रथाओं को बढ़ावा देने तथा प्रभावी सुलह और रचनात्मक संवाद के माध्यम से सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध स्थापित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

श्रम मंत्रालय की बड़ी पहल: जागरूकता, सुलह और त्वरित कार्रवाई से श्रमिकों को मिला करोड़ों का लाभ

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नई दिल्ली- केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) [CLC(C)] संगठन देशभर में श्रमिक कल्याण, औद्योगिक सौहार्द और श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। जबलपुर, भुवनेश्वर, रायपुर और कानपुर में हाल ही में की गई पहलें इस दिशा में संगठन की सक्रिय भूमिका को दर्शाती हैं।

मंत्रालय के अनुसार, इन प्रयासों का उद्देश्य श्रम संहिताओं (Labour Codes) को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना, श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना, श्रम कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा शिकायतों का समयबद्ध समाधान करना है।

जबलपुर में सामाजिक सुरक्षा संहिता पर जागरूकता कार्यक्रम

जबलपुर स्थित उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) कार्यालय द्वारा सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के प्रबंधन प्रतिनिधियों, मानव संसाधन (HR) अधिकारियों और कर्मचारियों को संहिता के तहत उनके अधिकारों और दायित्वों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकार, मातृत्व लाभ, सुरक्षित कार्य वातावरण और क्रेच सुविधा संबंधी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

भुवनेश्वर में 81 संविदा श्रमिकों को मिले ₹51.27 लाख

भुवनेश्वर स्थित उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) कार्यालय ने गेल (GAIL) से जुड़े लंबे समय से लंबित मामले का सफल समाधान किया। सुलह प्रक्रिया के बाद 81 संविदा श्रमिकों को बकाया वेतन, अवकाश वेतन और बोनस सहित कुल ₹51.27 लाख का भुगतान कराया गया। इस पहल से श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हुई।

रायपुर में सात श्रमिकों को मिला ग्रेच्युटी का भुगतान

रायपुर स्थित उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) कार्यालय ने बैकोंठ सीमेंट वर्क्स में कार्यरत पूर्व संविदा श्रमिकों की ग्रेच्युटी भुगतान संबंधी शिकायत का समाधान किया। समय पर हस्तक्षेप और ठेकेदार तथा प्रधान नियोक्ता के बीच समन्वय स्थापित कर सात पात्र श्रमिकों को कुल ₹3.31 लाख की ग्रेच्युटी दिलाई गई। यह कार्रवाई श्रमिकों को उनके वैधानिक लाभ दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कानपुर में बीमार श्रमिक को घर पहुंचकर मिला ₹20.32 लाख का भुगतान

कानपुर में क्षेत्रीय श्रमायुक्त (केंद्रीय) कार्यालय ने गंभीर रूप से बीमार और बिस्तर पर पड़े एक श्रमिक से जुड़े औद्योगिक विवाद का मानवीय संवेदनशीलता के साथ समाधान किया। सुलह प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित श्रमिक को ₹20.32 लाख की अंतिम भुगतान राशि उसके घर जाकर सौंपी गई, जिससे अनावश्यक प्रशासनिक देरी से बचते हुए उसे समय पर न्याय मिल सका।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कहा कि मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) संगठन जागरूकता कार्यक्रमों, प्रभावी सुलह प्रक्रिया और शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, जिम्मेदार रोजगार प्रथाओं को बढ़ावा देने तथा देशभर में श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।


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