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प्रधानमंत्री को मिले 1300 से अधिक उपहारों में महाराष्ट्र के 101 खजाने

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प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी 2025 के 7वें संस्करण में महाराष्ट्र केंद्र में, राज्य के 101 अनूठे उपहार शामिल

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किए गए 1,300 से अधिक स्मृति चिह्नों में से महाराष्ट्र के 101 विशेष स्मृति चिन्ह इस वर्ष प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी 2025 में प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। ये अनमोल धरोहरें महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और कलात्मक विरासत को उजागर करती हैं। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आधुनिक कला गैलरी (एनजीएमए), नई दिल्ली के माध्यम से आयोजित यह ई-नीलामी 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक ऑनलाइन (www.pmmementos.gov.in) उपलब्ध है।

महाराष्ट्र से विशेष स्मृति चिन्हों की झलक:

  • हस्तनिर्मित देवी कोराड़ी माता की प्रतिमा – नागपुर के पास पूजनीय देवी कोराड़ी माता की दो-रंगी लकड़ी की उत्कृष्ट प्रतिमा, जो स्थानीय कारीगरों की कला और राज्य की आध्यात्मिक परंपरा का सुंदर उदाहरण है।

  • वारली कला से सुसज्जित तरपा वाद्य यंत्र – बांस से निर्मित तरपा वाद्य, जिस पर वारली कला के सूक्ष्म चित्र अंकित हैं। इनमें नर्तकों और वादकों का चित्रण है, जो महाराष्ट्र की जनजातीय जीवंतता, समरसता और लोककथाओं की परंपरा को दर्शाता है।

  • श्री कालाराम मंदिर, नाशिक से रजत राम दरबार – भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की रजत प्रतिमा, अलंकृत तोरण के नीचे, फाइबरग्लास केस में संरक्षित। यह भक्ति और शिल्पकला का अनुपम संगम है।

प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी के बारे में:
साल 2019 में शुरू हुई प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी से देश-विदेश के नागरिकों को प्रधानमंत्री को मिले उपहारों को प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इस नीलामी से प्राप्त समस्त राशि नमामि गंगे परियोजना को समर्पित की जाती है, जो गंगा नदी के पुनर्जीवन और संरक्षण हेतु भारत सरकार का प्रमुख मिशन है। अब तक हुए संस्करणों से इस परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई जा चुकी है।

इस वर्ष की नीलामी में नागरिकों, संग्राहकों और कला प्रेमियों को आमंत्रित किया जाता है कि वे इन दुर्लभ धरोहरों को अपने नाम करें, जो न केवल महाराष्ट्र की आत्मा को दर्शाती हैं बल्कि भारत की सांस्कृतिक और पारिस्थितिक विरासत के संरक्षण में भी योगदान देती हैं। अधिक जानकारी और भागीदारी के लिए www.pmmementos.gov.in पर जाएँ।


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