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कोच्चि में BRICS महिला कार्य समूह की बैठक शुरू, महिला सशक्तिकरण और महिला-नेतृत्व वाले विकास पर मंथन

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कोच्चि- भारत की BRICS अध्यक्षता-2026 के तहत सोमवार को केरल के कोच्चि में BRICS महिला कार्य समूह (Women's Working Group- WWG) की दो दिवसीय बैठक शुरू हुई। बैठक में BRICS सदस्य देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी महिला सशक्तिकरण, महिला-नेतृत्व वाले विकास तथा साझा हितों के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।


बैठक का उद्घाटन करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव अनिल मलिक ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरी के बावजूद महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति BRICS देशों की साझा प्रतिबद्धता उन्हें एक-दूसरे से जोड़ती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बैठक सार्थक संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोग को नई दिशा देगी।

अनिल मलिक ने बताया कि भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान महिला ट्रैक को चार प्रमुख प्राथमिकताओं के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इनमें महिलाओं के नेतृत्व और सुशासन को बढ़ावा देकर अधिक सशक्त BRICS का निर्माण, वित्तीय एवं डिजिटल समावेशन को प्रोत्साहन, महिला उद्यमिता और कौशल विकास को बढ़ावा देना तथा जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और पोषण के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना शामिल है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से इन्हीं प्राथमिकताओं के आधार पर सदस्य देशों के बीच सहयोग और विचार-विमर्श जारी है, जो कोच्चि बैठक में भी चर्चा का मुख्य आधार रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदस्य देशों के बीच सकारात्मक सहयोग की भावना बैठक के सफल परिणाम सुनिश्चित करेगी।

बैठक भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम "Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability" (लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के निर्माण) के अनुरूप आयोजित की जा रही है, जो मानव-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण को दर्शाती है।

महिला कार्य समूह की बैठक के बाद 8 और 9 जुलाई 2026 को कोच्चि में BRICS देशों के महिला एवं बाल विकास मंत्रियों की दो दिवसीय मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी।

भारतीय नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी सर्वे पोत ‘इक्षाक’, समुद्री सर्वेक्षण क्षमता को मिलेगा नया बल

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भारतीय नौसेना अपनी हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण क्षमता को और सुदृढ़ करने जा रही है, क्योंकि ‘इक्षाक’ (Ikshak) — सर्वे वेसल (लार्ज) [SVL] वर्ग का तीसरा पोत और दक्षिणी नौसेना कमान में तैनात होने वाला पहला पोत — नौसेना में शामिल किया जा रहा है। इस पोत को 06 नवम्बर 2025 को नौसेना बेस, कोच्चि में आयोजित एक समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी की उपस्थिति में औपचारिक रूप से नौसेना में कमीशन किया जाएगा।

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) लिमिटेड, कोलकाता द्वारा निर्मित यह पोत भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता और आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें 80% से अधिक स्वदेशी उपकरण और सामग्री का उपयोग किया गया है, जो GRSE और भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के बीच प्रभावी सहयोग को दर्शाता है।

‘इक्षाक’ नाम का अर्थ संस्कृत में ‘मार्गदर्शक (Guide)’ है, जो इस पोत की भूमिका को पूरी तरह परिभाषित करता है — सटीकता और उद्देश्य का प्रहरी। यह पोत बंदरगाहों, हार्बरों और नौवहन चैनलों के तटीय और गहरे जल में पूर्ण पैमाने पर हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करने के लिए डिजाइन किया गया है। एकत्र किए गए आंकड़े समुद्री नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारत की समुद्री सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में सहायक होंगे।

इस पोत में अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक और ओशनोग्राफिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनमें हाई-रेज़ोल्यूशन मल्टी-बीम इको साउंडर, ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (AUV), रीमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV) और चार सर्वे मोटर बोट्स (SMBs) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पोत में हेलीकॉप्टर डेक भी है, जो इसकी परिचालन सीमा को बढ़ाता है और बहु-आयामी मिशनों को संभव बनाता है।

‘इक्षाक’ का कमीशन भारतीय नौसेना के सर्वेक्षण और चार्टिंग ढांचे को सशक्त बनाने के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह पोत स्वदेशी सामर्थ्य, तकनीकी उत्कृष्टता और समुद्री नेतृत्व का प्रतीक है। अब ‘इक्षाक’ राष्ट्र की सेवा के लिए तत्पर है — अज्ञात समुद्री सीमाओं को मानचित्रित करने और भारत के विशाल समुद्री सीमांतों की रक्षा करने के लिए।


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