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कंटेनर में बना रखा था सीक्रेट चेंबर, पुलिस ने बरामद किया 4.47 क्विंटल गांजा

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 कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का भंडाफोड़ किया है। चिल्फी बॉर्डर पर वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक कंटेनर ट्रक के गुप्त चेंबर से 4 क्विंटल 47 किलो 445 ग्राम गांजा बरामद किया। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 23 लाख 75 हजार 250 रुपये बताई गई है।


जानकारी के मुताबिक, 31 अगस्त को चिल्फी थाना पुलिस एनएच-30 पर थाने के सामने संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान बोडला की ओर से आ रहे एक कंटेनर ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान ड्राइवर सीट के ऊपर बनाए गए गुप्त चेंबर में गांजे के पैकेट छिपे मिले।

पुलिस के अनुसार, गांजे के पैकेटों को खाकी टेप से लपेटकर गुप्त चेंबर में छिपाया गया था। पुलिस ने गांजा बरामद कर कंटेनर को भी जब्त कर लिया।

एक आरोपी गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने कंटेनर चालक बलजीत सिंह, निवासी अमृतसर (पंजाब), को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गांजे के अलावा करीब 27 लाख रुपये कीमत का कंटेनर ट्रक और 5 हजार रुपये का मोबाइल फोन भी जब्त किया है।

तस्करी नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। एएनटीएफ टीम द्वारा गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की सफलता पर राजनांदगांव रेंज के आईजी अजय यादव ने टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

CG NEWS : मिठाई का लालच देकर नाबालिगों से छेड़छाड़, आरोपी गिरफ्तार

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 कवर्धा। कबीरधाम जिले के उड़ियाकला गांव में नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। महिला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।


मिठाई का लालच देकर की हरकत

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 9 अगस्त की शाम की है। आरोपी जागेश्वर साहू (39 वर्ष), निवासी उड़ियाकला, ने दो सगी नाबालिग बहनों और उनकी पड़ोस की एक अन्य बच्ची को मिठाई का लालच देकर अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान उसने बच्चियों के साथ अश्लील हरकतें कीं। बच्चियों द्वारा शोर मचाने और विरोध करने पर आरोपी मौके से फरार हो गया।

बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने 11 अगस्त को कबीरधाम महिला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 8 के तहत मामला पंजीकृत किया। पीड़ितों के बयान दर्ज कर उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया।

न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल

जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 12 अगस्त को आरोपी जागेश्वर साहू को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के प्रति अपराधों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।

CG NEWS : संस्कृति सहेजने और कर्ज से बचाने बैगा समाज का बड़ा फैसला: शादियों में डीजे और शराब पर पूर्ण प्रतिबंध

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 कबीरधाम : विशेष संरक्षित जनजाति और 'राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र' माने जाने वाले बैगा समाज ने अपनी पारंपरिक संस्कृति को बचाने, फिजूलखर्ची रोकने तथा गरीब परिवारों को कर्ज के बोझ से उबारने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। समाज ने शादी-ब्याह, छठी और अन्य सामाजिक आयोजनों में डीजे बजाने और शराब परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध (बैन) लगा दिया है।


कबीरधाम जिले के ग्राम हरमों में आयोजित बैगा समाज (सेक्टर भोरमदेव) की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। बैठक में सामाजिक पदाधिकारियों ने कहा कि डीजे और बढ़ते दिखावे के कारण गरीब परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। कई परिवारों को शादी निपटाने के लिए कर्ज लेना पड़ता था, जिससे आगे चलकर जमीन बिकने और पारिवारिक विवाद जैसी गंभीर स्थितियां पैदा होती थीं।

डीजे की जगह गूंजेगी मांदर और नगाड़े की थाप

समाज ने आधुनिक डीजे संस्कृति को नकारते हुए अपनी पारंपरिक संस्कृति की ओर लौटने का संकल्प लिया है। अब किसी भी मांगलिक या सामाजिक आयोजन में डीजे नहीं बजेगा। इसके स्थान पर बैगा समाज की पारंपरिक पहचान रहे मांदर और नगाड़ा की धुनों को फिर से बढ़ावा दिया जाएगा।

दशगात्र (मृत्यु संस्कार) के लिए सामूहिक सहयोग की नई व्यवस्था

बैगा समाज ने आपसी एकजुटता और शोकाकुल परिवार को संबल देने के लिए दशगात्र संस्कार के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत सेक्टर के किसी भी गांव में किसी सदस्य की मृत्यु होने पर:

  • प्रत्येक घर से 20 रुपये नकद और
  • एक पैली (लगभग 4 से 5 किलोग्राम) चावल सहयोग स्वरूप अनिवार्य रूप से दिया जाएगा।

नशामुक्ति की ओर कदम

सामाजिक वातावरण को सुधारने और आर्थिक तंगी से निपटने के लिए किसी भी आयोजन में शराब परोसने पर रोक लगा दी गई है। पदाधिकारियों का मानना है कि नशाखोरी के कारण न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति बदहाल होती है, बल्कि समाज का माहौल भी खराब होता है।

एक नज़र में: बैगा जनजाति

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के जंगलों में सर्वाधिक निवास करने वाली बैगा जनजाति को 'राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र' का दर्जा प्राप्त है। जिले में इनकी कुल जनसंख्या लगभग 60 हजार के आसपास है।

कवर्धा के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला

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भोरमदेव शक्कर कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी देगा सदस्यता

रायपुर-मुख्यमंत्री सुशासन तिहार, जनदर्शन, भारतीय किसान संघ और अन्य संगठनों द्वारा लंबे समय से गैर-अंशधारी किसानों को सदस्य बनाने की मांग की जा रही थी। इसलिए पिछले पेराई सत्र में जिन किसानों ने गन्ना दिया है, उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आने वाले पेराई सीजन में सर्वे के अनुसार जो भी गन्ना किसान कारखाने की आवश्यकता अनुसार गन्ना आपूर्ति करेंगे, उन्हें भी अगले वर्ष सदस्यता दी जाएगी।

कवर्धा जिले के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता देने जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा ने आगामी पेराई सीज़न 2025-26 में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी आने वाले साल में सदस्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार गन्ना देने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे सभी गन्ना किसानों को बराबरी का दर्जा मिलेगा और कारखाने की गन्ना आपूर्ति स्थिर व सुनिश्चित होगी।

यह कदम किसानों के हित में है और इससे क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। भोरमदेव शक्कर कारखाना 03 अप्रैल 2001 को पंजीकृत हुआ था और वर्तमान में इसकी क्षमता 3500 मैट्रिक टन प्रतिदिन है। स्थापना के समय न्यूनतम 2000 रुपए शेयर राशि और 100 रुपए प्रवेश शुल्क तय किया गया था। वर्तमान में इसमें 23,476 अंशधारी सदस्य हैं, जिनमें से हर साल लगभग 12,500 -13,000 किसान ही गन्ना आपूर्ति करते हैं। कारखाने के पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले वर्ष पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना समय से पहले बंद करना पड़ा।

प्रबंध संचालक मंडल ने किसानों की इस मांग को मानते हुए निर्णय लिया है कि अब भविष्य में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी कारखाने की सदस्यता दी जाएगी। कारखाना प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय से न केवल गन्ना आपूर्ति स्थिर होगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे गन्ना उत्पादकों के लिए नया अध्याय बताया है।


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