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भारतीय न्यायपालिका में AI का विस्तार: eCourts प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग

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e-Committee, सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, eCourts प्रोजेक्ट के तहत विकसित सॉफ्टवेयर अनुप्रयोगों में आधुनिक तकनीकों जैसे Artificial Intelligence (AI) तथा इसके उप-क्षेत्र Machine Learning (ML), Optical Character Recognition (OCR) और Natural Language Processing (NLP) का उपयोग किया जा रहा है। AI का एकीकरण अनुवाद, पूर्वानुमान और विश्लेषण, प्रशासनिक दक्षता में सुधार, स्वचालित फाइलिंग, बुद्धिमान शेड्यूलिंग, केस सूचना प्रणाली को बेहतर बनाने तथा चैटबॉट्स के माध्यम से वादकारियों से संवाद जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है।

AI आधारित न्यायिक उपकरण और नवाचार

1. Legal Research Analysis Assistant (LegRAA)

AI आधारित एक सॉफ्टवेयर टूल LegRAA राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिवीजन और NIC, पुणे के Centre of Excellence (eCourts) द्वारा, eCommittee, सुप्रीम कोर्ट के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है। यह टूल न्यायाधीशों को कानूनी शोध, दस्तावेज़ विश्लेषण और न्यायिक निर्णय समर्थन में सहायता देता है।

2. Digital Courts 2.1

  • न्यायिक अधिकारियों को एकीकृत जजमेंट डेटाबेस तक पहुँच

  • दस्तावेज़ प्रबंधन और एनोटेशन

  • स्वचालित ड्राफ्टिंग टेम्पलेट

  • JustIS ऐप से कनेक्टिविटी

  • ASR–SHRUTI (वॉइस-टू-टेक्स्ट)

  • PANINI (अनुवाद सुविधा)
    यह न्यायाधीशों को आदेश और निर्णय के उद्घोषण में सहायता करता है।

3. सुप्रीम कोर्ट–IIT मद्रास सहयोग

सुप्रीम कोर्ट ने IIT मद्रास के साथ मिलकर AI और ML आधारित उपकरण विकसित किए हैं जो:

  • ई-फाइलिंग सॉफ्टवेयर में खामियों की पहचान

  • मेटाडेटा निष्कर्षण

  • केस मैनेजमेंट सिस्टम (ICMIS) से एकीकरण

इन प्रोटोटाइप का उपयोग 200 Advocates-on-Record को दिया गया है।

4. SUPACE

Supreme Court Portal Assistance in Court Efficiency (SUPACE) AI आधारित एक टूल है जो अभी प्रायोगिक चरण में है। इसका उद्देश्य:

  • मामलों के तथ्यात्मक विवरण को समझना

  • बुद्धिमान रूप से नज़ीरों (precedents) की खोज

  • मामलों की पहचान को सरल बनाना

AI आधारित समाधानों का वर्तमान दायरा

AI आधारित समाधान फिलहाल नियंत्रित पायलट चरण में हैं ताकि:

  • जिम्मेदार उपयोग

  • सुरक्षित तकनीकी एकीकरण

  • व्यवहारिक और प्रभावी तैनाती
    सुनिश्चित की जा सके।
    इनका संचालन संबंधित उच्च न्यायालयों के कार्य संचालन नियमों और नीतियों के अनुसार होगा।

AI कमेटी और भविष्य की तकनीक

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक क्षेत्र में AI के उपयोग को समझने और लागू करने हेतु एक AI कमेटी का गठन किया है।
eCourts प्रोजेक्ट चरण-III (2023–24 से 4 वर्ष की अवधि) में Future Technological Advancement (AI, Blockchain आदि) के लिए ₹53.57 करोड़ का प्रावधान है।

AI को निम्न क्षेत्रों में एकीकृत किया जाएगा:

  • न्यायिक प्रशासनिक दक्षता में सुधार

  • मामले लंबित होने का पूर्वानुमान

  • न्यायालय प्रक्रियाओं का स्वचालन

  • न्यायालय संचालन का सुव्यवस्थित करना

AI आधारित उपकरणों और प्लेटफॉर्मों को पूरे देश की न्यायपालिका में उपयोग के लिए तैयार किया गया है।

यह जानकारी आज राज्यसभा में कानून एवं न्याय मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा प्रदान की गई।

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