Media24Media.com: #JournalismMatters

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #JournalismMatters. Show all posts
Showing posts with label #JournalismMatters. Show all posts

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर जनसंपर्क विभाग में विचार गोष्ठी, मीडिया की विश्वसनीयता पर जोर

No comments Document Thumbnail

रायपुर-राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर आज जनसंपर्क संचालनालय में  विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस विचार गोष्ठी में संपादकों, वरिष्ठ पत्रकारों और जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

वरिष्ठ संपादक जयप्रकाश मिश्रा ने कहा कि कुछ लोग अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए भ्रामक सूचनाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ एक ही तरह की भ्रामक सामग्री को भेजते हैं, जिससे उसका एल्गोरिदम बढ़ जाता है और पाठक भ्रमित होकर उसे सच मान बैठता है। उन्होंने दिल्ली मेट्रो का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीधरन जी जब भी मेट्रो में किसी तरह की रूकावट आती थी तब तुरंत ही सूचना प्रचार माध्यमों में समाचार जारी कर तकनीकी त्रुटि को ठीक करने में लगने वाला संभावित समय भी बता देते थे। जब सही और गुणवत्तापूर्ण सूचनाएं आगे बढ़ती हैं तो भ्रामक सूचनाएं ठहर नहीं पाती। 

संपादक रवि भोई ने कहा कि खबरों की सच्चाई अहम है इससे समझौता नहीं करना चाहिए। भले ही समय लगता हो लेकिन पुष्टि के पश्चात ही खबरे प्रसारित करना चाहिए। संपादक एएन द्विवेदी ने कहा कि सूचनाओं की गुणवत्ता और उनके प्रसारण से पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर बेहद गंभीरता बरतते हुए इन्हें जनसामान्य को प्रेषित किया जाना चाहिए। इसमें छोटी चूक भी बड़ी दुर्घटना का रूप ले लेती है। वरिष्ठ पत्रकार अशोक साहू ने कहा कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता के मानदंडों पर यदि काम किया जाए तो किसी तरह की भ्रामक सूचना जाने की आशंका नहीं रहती। 

अपर संचालक उमेश मिश्रा ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता लोकतंत्र का आधार स्तंभ है, इसे किसी भी कीमत पर बनाए रखना जरूरी है। मीडिया को तकनीकी बदलाव के चलते तेजी से फैलती गलत सूचनाओं पर अपनी जिम्मेदारी के साथ-साथ सतर्कता बरतनी होगी। 

अपर संचालक आलोक देव ने कहा कि मीडिया की सबसे बड़ी ताकत है उसकी विश्वसनीयता। मीडिया सिर्फ खबरे नहीं देता, प्रेस मार्गदर्शन करता है, संदेह दूर करता है और विश्वास का निर्माण करता है। उप संचालक सौरभ शर्मा ने कहा कि आज का दौर एआई का है ऐसे समय में गलत सूचनाओं का एल्गोरिथम बढ़ने से व्यापक रूप से हमारे बीच पहुंचता है। हमें ऐसी सूचनाओं को जांच-परख कर ही प्रसारित करना चाहिए। कार्यक्रम में अरविन्द मिश्रा सहित अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनसंपर्क विभाग के अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं

No comments Document Thumbnail

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस 16 नवंबर के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है। निष्पक्ष प्रेस और निर्भीक पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। मीडिया नागरिकों को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित के प्रति जागरूक करता  है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय प्रेस दिवस भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के महत्व और योगदान को याद करने का दिन है।  

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया अपनी प्रखरता, संवेदनशीलता और सत्यनिष्ठा के साथ लोकतंत्र के पथ को और अधिक प्रकाशमान करता रहेगा।

https://x.com/vishnudsai/status/1989883622476874009?s=19

राष्ट्रीय प्रेस दिवस 2025: स्वतंत्र और जिम्मेदार मीडिया की शक्ति का उत्सव

No comments Document Thumbnail

परिचय

भारत में हर साल 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जाता है, जो समाज में स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानित करता है। मीडिया को अक्सर लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, जो जनमत को आकार देने, विकास को प्रेरित करने और सत्ता को जवाबदेह बनाने में अहम भूमिका निभाता है। प्रेस का उद्देश्य जनता को सूचित और शिक्षित करना है, और यह सुनिश्चित करना है कि पत्रकारिता स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

राष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता की जड़ें

राष्ट्रीय प्रेस दिवस 16 नवंबर को प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) की स्थापना की स्मृति में मनाया जाता है। PCI की स्थापना 1966 में भारतीय प्रेस काउंसिल अधिनियम, 1965 के तहत हुई थी। 1975 में यह अधिनियम समाप्त कर नया अधिनियम बनाया गया, जिसके तहत 1979 में PCI को पुनर्गठित किया गया। PCI एक स्वतंत्र निकाय है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रेस के उच्च मानकों को बनाए रखना और बाहरी प्रभावों से मुक्त रखना है।

भारत में पंजीकृत प्रकाशनों की संख्या 2004–05 में 60,143 से बढ़कर 2024–25 में 1.54 लाख हो गई है, जो प्रेस की बढ़ती ताकत और पहुंच को दर्शाता है।

राष्ट्रीय पुरस्कार और स्मारिका

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पत्रकारों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। इसमें राजा राम मोहन रॉय पुरस्कार सर्वोच्च सम्मान के रूप में दिया जाता है। साथ ही इस दिन प्रेस स्मारिका भी जारी की जाती है, जिसमें नेताओं के संदेश और मीडिया विशेषज्ञों के लेख शामिल होते हैं।

मीडिया शासन: प्रमुख पहल और कानूनी सुधार

भारत में प्रेस स्वतंत्रता, नैतिक पत्रकारिता और मीडिया पेशेवरों के समर्थन के लिए कई संस्थान, कानून और पहल हैं। इनमें शामिल हैं:


 

  • प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI): प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा और पत्रकारिता के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए स्थापित।

  • प्रेस रजिस्टार जनरल ऑफ इंडिया (PRGI): 1956 में स्थापित, यह निकाय प्रकाशनों का पंजीकरण करता है।

  • प्रेस और पंजीकरण अधिनियम 2023 (PRP Act, 2023): यह अधिनियम पुराने औपनिवेशिक कानून को बदलता है और पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाता है।

  • प्रेस सेवा पोर्टल: डिजिटल और पेपरलेस प्रणाली, 40,000 प्रकाशकों को ऑनबोर्ड किया, 3,000 प्रेस पंजीकृत किए।

भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC)

IIMC की स्थापना 17 अगस्त 1965 को हुई। यह संस्थान पत्रकारिता प्रशिक्षण और अनुसंधान में अग्रणी रहा है। अब IIMC को विशेष श्रेणी के तहत विश्वविद्यालय का दर्जा मिला है और यह डॉक्टोरल डिग्री देने में सक्षम है।


पत्रकार कल्याण योजना

इस योजना का उद्देश्य पत्रकारों और उनके परिवारों को अत्यंत कठिन परिस्थितियों में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसमें मृत्यु, स्थायी विकलांगता, गंभीर बीमारियों और दुर्घटना से संबंधित सहायता शामिल है।

अन्य प्रमुख कानून

  • वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट, 1955: पत्रकारों के कार्य और वेतन नियम तय करता है।

  • कर्मचारी भविष्य निधि एवं अन्य प्रावधान अधिनियम, 1952: मीडिया कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय प्रेस दिवस 2025 स्वतंत्र, जिम्मेदार और स्वतंत्र प्रेस की लोकतंत्र में भूमिका का उत्सव है। PRP अधिनियम 2023 और प्रेस सेवा पोर्टल जैसी पहलों ने प्रकाशकों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बना दिया है। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और प्रेस रजिस्टार जनरल ऑफ इंडिया द्वारा नैतिक पत्रकारिता, समावेशिता और वैश्विक जुड़ाव को बढ़ावा देने के प्रयास मीडिया को सशक्त बनाते हैं। यह दिन प्रेस स्वतंत्रता की महत्वता और लोकतंत्र को मजबूत करने में मीडिया की भूमिका को याद दिलाता है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.