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छत्तीसगढ़ में ‘Made in Bastar’ को बढ़ावा, 2024 से अब तक करीब ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

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औद्योगिक विकास के साथ नए सेक्टरों पर फोकस, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन में निवेश की उम्मीद

रायपुर- छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार अब पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नए और उभरते क्षेत्रों पर भी फोकस कर रही है। इसी कड़ी में ‘Made in Bastar’ को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं। वर्ष 2024 से अब तक राज्य में करीब ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव सामने आने की बात कही गई है।

राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय संसाधनों, कौशल और उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। ‘Made in Bastar’ की अवधारणा के जरिए बस्तर की स्थानीय पहचान और उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

नए क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश अब केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

इन क्षेत्रों में निवेश से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ छोटे एवं मध्यम उद्यमों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में स्थानीय कच्चे माल और मानव संसाधन का उपयोग कर वैल्यू एडिशन को बढ़ावा दिया जा सकता है।

बस्तर के स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

‘Made in Bastar’ के तहत बस्तर की स्थानीय कला, हस्तशिल्प, वन आधारित उत्पादों और अन्य पारंपरिक उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इससे स्थानीय कारीगरों, उत्पादकों और उद्यमियों के लिए आय के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इससे क्षेत्र में पर्यटन आधारित रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

निवेश से औद्योगिक आधार मजबूत करने की तैयारी

करीब ₹8 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश को राज्य के औद्योगिक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि निवेश प्रस्ताव और वास्तविक निवेश अलग-अलग चरण हैं, इसलिए इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने के साथ ही इनके वास्तविक आर्थिक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

राज्य में निवेश के लिए बेहतर औद्योगिक माहौल तैयार करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

स्थानीय से ग्लोबल बाजार तक पहुंच बनाने की कोशिश

‘Made in Bastar’ के जरिए स्थानीय उत्पादों को केवल राज्य और देश के बाजार तक सीमित रखने के बजाय व्यापक बाजार तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही नए उद्योगों और निवेश के जरिए छत्तीसगढ़ को एक विविधीकृत औद्योगिक अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने पर जोर है।

इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन तक नए क्षेत्रों में संभावित निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था को विविधता मिलने के साथ स्थानीय स्तर

छत्तीसगढ़ ने लागू किया 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026', निवेश और उद्योगों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

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रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योगों और निवेशकों के लिए कारोबारी माहौल को अधिक सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 'छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026' लागू किया है। इस कानून का उद्देश्य उद्योगों की स्थापना और संचालन से जुड़ी सरकारी प्रक्रियाओं को तेज, सरल और समयबद्ध बनाना है, जिससे राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

नए कानून के तहत ट्रस्ट-बेस्ड (विश्वास आधारित) और रिस्क-बेस्ड (जोखिम आधारित) नियामक व्यवस्था अपनाई जाएगी। इसके तहत उद्योगों का वर्गीकरण उनके आकार, निवेश और जोखिम के आधार पर किया जाएगा। कम जोखिम वाले उद्योगों को बार-बार निरीक्षण और अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी, जबकि अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में आवश्यक निगरानी जारी रहेगी।

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से उद्योगों को विभिन्न विभागों से समयबद्ध मंजूरी मिलेगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुमति नहीं मिलने पर कई मामलों में 'डीम्ड अप्रूवल' (स्वतः स्वीकृति) का प्रावधान भी लागू होगा। साथ ही, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को स्व-प्रमाणन (Self-Certification) जैसी सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे अनुपालन लागत और प्रशासनिक बोझ कम होगा।

राज्य सरकार का मानना है कि यह कानून पारंपरिक निरीक्षण-आधारित व्यवस्था की जगह पारदर्शी, जवाबदेह और निवेशक-अनुकूल शासन प्रणाली को बढ़ावा देगा। इससे घरेलू और विदेशी निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा तथा औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से गति मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में विनिर्माण, एमएसएमई, कृषि-आधारित उद्योग, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स और अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश को नई रफ्तार मिल सकती है। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को देश के सबसे निवेश-अनुकूल राज्यों में शामिल करना है। नया ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है, जो उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाकर आर्थिक विकास को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।

छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 : नवाचार और निवेश का नया अध्याय

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4 नवम्बर को होगा आयोजन - स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए बड़ा अवसर

रायपुर-वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा 4 नवम्बर को छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राज्य के स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ-साथ उसे राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास है।

छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 में निवेशक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और युवा उद्यमी एक ही मंच पर जुटेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस और तकनीकी उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाना है। यह आयोजन नए निवेश को गति देगा, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के बीच साझेदारी के अवसर बढ़ाएगा, तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में राज्य की उभरती क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करेगा।

आयोजन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) और MeitY स्टार्टअप हब जैसे राष्ट्रीय संस्थान भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में नई तकनीक, नवाचार नीतियों और वैश्विक सहयोग के अवसरों पर चर्चा की जाएगी।

राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के तहत स्टार्टअप्स और आईटी/आईटीईएस निवेशकों के लिए सीड फंडिंग, संचालन सहायता और इनक्यूबेशन सपोर्ट जैसे अनेक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

इस अवसर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी समझौते भी किए जाएंगे ताकि छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, नवाचार और वैश्विक बाजारों तक पहुँच प्राप्त हो सके।

छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 राज्य को मध्य भारत का प्रमुख नवाचार और तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह आयोजन राज्य में एक मजबूत, नवाचार-प्रेरित और वैश्विक स्तर पर जुड़ा हुआ स्टार्टअप वातावरण तैयार करेगा।

“4 नवम्बर को आयोजित होने जा रहा ‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ राज्य में नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के नए युग की शुरुआत करेगा। यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ के युवाओं में स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि राज्य को ‘न्यू इंडिया’ के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन में एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करेगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियानों की भावना के अनुरूप है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में नवाचार और कौशल को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा विचार एक अवसर बने, और हर नवाचार राज्य की प्रगति में योगदान दे।”- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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