Media24Media.com: #InspiringStories

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #InspiringStories. Show all posts
Showing posts with label #InspiringStories. Show all posts

सरस्वती साइकिल योजना से वैष्णवी के सपनों को मिली नई उड़ान

No comments Document Thumbnail

सरस्वती साइकिल योजना से शिक्षा की राह हुई आसान

रायपुर- सरस्वती साइकिल वितरण योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी पहल है, जिसके तहत हाई स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को स्कूल तक आवागमन सुगम बनाने के लिए निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना, उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों से सुरक्षित और समय पर स्कूल पहुँचाने में मदद करना और ड्रॉप-आउट दर को कम करना है।

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल योजना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में सार्थक पहल साबित हो रही है। सूरजपुर जिले के शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, सूरजपुर की छात्रा वैष्णवी कसेरा को निःशुल्क साइकिल प्रदान की गई, जिससे उसके शिक्षा के सपनों को नई उड़ान मिली है।

बाजारपारा निवासी वैष्णवी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पहले वह प्रतिदिन पैदल विद्यालय आती-जाती थी, जिससे समय के साथ-साथ पढ़ाई पर भी प्रभाव पड़ता था। अब शासन से निःशुल्क साइकिल मिलने के बाद विद्यालय पहुँचना आसान हो जाएगा और वह नियमित रूप से अध्ययन कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अब मेरे सपनों को नया पंख मिल गया है। पहले पैदल विद्यालय आती थी, अब साइकिल से विद्यालय जाऊंगी और मन लगाकर पढ़ाई कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करूंगी।

वैष्णवी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरस्वती साइकिल योजना से छात्राओं में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग और अधिक सुगम हुआ है

इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट में रचा इतिहास

No comments Document Thumbnail

मुख्यमंत्री साय ने किया सम्मानित, किट देकर बढ़ाया हौसला

रायपुर- सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने वाली जशपुर जिले के इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट के मैदान में ऐसा प्रदर्शन किया कि आज वे जिले ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी इसी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर नगर के मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में उनसे मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

ग्राम इचकेला के शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की 16 बालिका खिलाड़ियों ने क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है और वे आगे भी इसी तरह राज्य और देश का नाम रोशन करती रहें।

इचकेला एमसीसी एक क्रिकेट अकादमी के रूप में उभरकर सामने आई है, जहां से वर्तमान में 40 बालिकाएं नियमित रूप से क्रिकेट का प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें से 17 खिलाड़ी अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और बोर्ड मैचों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।

वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों बाद राज्य स्तरीय अंडर-17 क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत में इचकेला एमसीसी की भूमिका निर्णायक रही। विजेता टीम के 11 खिलाड़ियों में से 9 खिलाड़ी इसी अकादमी की थीं। वहीं अंडर-19 वर्ग में भी सरगुजा संभाग ने रजत पदक जीता, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। रायगढ़ में आयोजित वर्ष 2025 के इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट में देशभर की टीमों के बीच इचकेला की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इन उपलब्धियों के पीछे कोच संतोष शंकर सोनी और पंडरी बाई का समर्पण और मार्गदर्शन प्रमुख रहा है।इचकेला की बेटियों की सफलता इस बात का सबूत है कि अगर मन में जुनून हो और सही मार्गदर्शन मिले तो संसाधनों की कमी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनती।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में साझा की देश के युवाओं, खेलों और जल-संरक्षण की प्रेरक कहानियाँ

No comments Document Thumbnail

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च माह के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित करते हुए विश्व की चुनौतियों, युवाओं की सहभागिता, खेलों में उपलब्धियों, जल-संरक्षण और सौर ऊर्जा क्रांति से जुड़ी प्रेरक कहानियों पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान विश्व परिस्थितियाँ कोरोना संकट के बाद भी शांति और स्थिरता के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। पड़ोसी देशों में युद्ध और संघर्ष से पेट्रोल और डीज़ल जैसी आवश्यकताओं पर असर पड़ रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और केवल सरकारी सूचना पर भरोसा करें।

युवाओं की सक्रिय भागीदारी और शिक्षा में नवाचार

प्रधानमंत्री ने ज्ञान भारतम सर्वे का जिक्र करते हुए कहा कि देश भर के नागरिक प्राचीन पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर रहे हैं। इस पहल में अरुणाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और लद्दाख से हजारों पांडुलिपियाँ ऐप के माध्यम से साझा की गई हैं।

युवा संगठन MY Bharat के माध्यम से देश के युवाओं को नीति निर्माण और बजट प्रक्रिया में जोड़ने का प्रयास हो रहा है। लगभग 12 लाख युवाओं ने इस बजट क्विज़ में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने युवाओं के विचारों की सराहना की, जो किसान कल्याण, महिला नेतृत्व, हरित भारत, खेल प्रतिभा और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं।

खेलों में उपलब्धियाँ और नई प्रेरणाएँ

प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट टीम की रणजी ट्रॉफी जीत और अन्य खेल उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से गोलवीर सिंह (उत्तर प्रदेश) और अनाहत सिंह (स्क्वैश) की अंतरराष्ट्रीय सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने योग और फिटनेस पर भी ध्यान देने का आग्रह किया।

जल-संरक्षण और पर्यावरणीय प्रयास

प्रधानमंत्री ने ‘जल संचय अभियान’ और ‘अमृत सरोवर अभियान’ के तहत देश भर में किए गए जल संरक्षण प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने त्रिपुरा के वांगमुन गाँव, छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले, और तेलंगाना के मुढ़िगुंटा गाँव के उदाहरण साझा किए, जहाँ समुदाय ने मिलकर जल संकट कम किया।

मछली पालन और महिला उद्यमिता में सफलता

प्रधानमंत्री ने ओडिशा की सुझाता भुयान, लक्षद्वीप की हव्वा गुलजार, कर्नाटक के शिवलिंग सतप्पा जैसे उद्यमियों के उदाहरण प्रस्तुत किए, जिन्होंने मछली पालन और सौर ऊर्जा में नवाचार करके परिवार और समाज की सेवा की।

सौर ऊर्जा क्रांति और स्वावलंबन

प्रधानमंत्री ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत देशभर में सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और इससे लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर के उदाहरण साझा किए, जहाँ लोगों ने सौर पंप और सोलर पैनल अपनाकर अपने जीवन और व्यवसाय को बेहतर बनाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में कहा कि ‘मन की बात’ अब केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशवासियों के बीच साझा संवाद बन गया है। उन्होंने सभी से प्रेरक कहानियाँ साझा करने का आग्रह किया और देशवासियों को स्वस्थ, खुशहाल और सतर्क रहने की शुभकामनाएँ दीं।


मिट्टी की झोपड़ी से पक्के घर तक : सन्ना गांव की महंती बेक की कहानी

No comments Document Thumbnail

साय सरकार की पहल से ग्रामीण महिला का सपना हुआ साकार

रायपुर-जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के सन्ना गांव की महंती बेक का वर्षों पुराना सपना, पक्के घर में रहने का आखिरकार साकार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके पति सुनील के नाम से पक्के मकान की स्वीकृति मिली है और निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मिट्टी और टिन की झोपड़ी में दुश्वारियों से जूझते परिवार के लिए अब स्थायित्व और सम्मान का अहसास मिलने जा रहा है।

महंती बेक कहती हैं कि “कभी बरसात में छत टपकती थी, सर्दी-गर्मी में झोपड़ी में परेशानी होती थी। पति के साथ मजदूरी कर बच्चों की परवरिश करना मुश्किल था। प्रधानमंत्री आवास योजना से गृह निर्माण हेतु आर्थिक सहायता मिली है और अब अपने नए घर की दीवारें खड़ी होते देख कर मुझे बहुत खुशी मिल रही है।”

वे आगे कहती हैं कि साय सरकार की “महतारी वंदन‘‘ योजना से हर माह 1000 रूपए की सहायता मुझे मिलती है, जिससे बच्चों की जरूरतें आसानी से पूरी हो जाती हैं। उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर मिला है, जिससे रसोई का काम भी अब आसान हो गया है और धुएं से मुक्ति मिली है। नए घर में बसने का सपना भी जल्द ही साकार होगा।”

महंती बेक आभार प्रकट करते हुए कहती हैं कि “हम गरीबों का घर बनाने का सपना पूरा करने के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी की हृदय से आभारी हूँ। सरकार की योजनाओं ने हमारे जीवन में स्थिरता और सम्मान की भावना दी है।”

साय सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन और उज्ज्वला जैसी योजनाएं छत्तीसगढ़ के लाखों जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों के लिए सामाजिक बदलाव और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई हैं।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.