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आईएनएस इक्षाक सेशेल्स पहुंचा, राष्ट्रीय दिवस समारोह में करेगा भारत का प्रतिनिधित्व

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नई दिल्ली- भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से निर्मित सर्वे वेसल लार्ज (Survey Vessel Large - SVL) आईएनएस इक्षाक (INS Ikshak) 26 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी परिचालन तैनाती के तहत सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया बंदरगाह (Port Victoria) पहुंच गया।

आईएनएस इक्षाक की यह यात्रा सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह के साथ हो रही है, जो भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत समुद्री संबंधों और मित्रता को और सुदृढ़ करने का प्रतीक है।

राष्ट्रीय दिवस समारोह और नौसैनिक सहयोग

अपने प्रवास के दौरान आईएनएस इक्षाक सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेगा। इसके साथ ही भारतीय नौसेना और सेशेल्स डिफेंस फोर्सेज के बीच कई पेशेवर बैठकों और संयुक्त गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग, समन्वय (Interoperability) और सामरिक साझेदारी को और मजबूत करना है।

सामुदायिक सेवा गतिविधियों का भी आयोजन

इस दौरे के दौरान भारतीय नौसेना स्थानीय समुदायों के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर, आवश्यक वस्तुओं का वितरण तथा अन्य सामुदायिक सेवा कार्यक्रम भी आयोजित करेगी। इन पहलों का उद्देश्य दोनों देशों के लोगों के बीच विश्वास, सद्भाव और आपसी संबंधों को और मजबूत करना है।

आम नागरिकों के लिए भी खुलेगा जहाज

पोर्ट कॉल के दौरान आईएनएस इक्षाक को आम नागरिकों के लिए भी खोला जाएगा, जिससे लोग भारतीय नौसेना की आधुनिक क्षमताओं, स्वदेशी तकनीक और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को करीब से जान सकेंगे।

MAHASAGAR विजन को मिलेगा बल

आईएनएस इक्षाक की यह तैनाती MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) विजन के अनुरूप हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करती है।

यह यात्रा एक बार फिर दर्शाती है कि भारत अपने मित्र देशों के साथ समुद्री साझेदारी को मजबूत करते हुए सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के निर्माण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

सेशेल्स पहुंचा आईएनएस तरकश, भारत-सेशेल्स समुद्री साझेदारी हुई और मजबूत

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सेशेल्स- भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस तरकश दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी परिचालन तैनाती के दौरान सेशेल्स की राजधानी पोर्ट विक्टोरिया पहुंचा। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सहयोग तथा द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाना है।

आईएनएस तरकश ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड के जहाज पीएस ज़ोरोस्टर को भारत से सेशेल्स तक सुरक्षित रूप से एस्कॉर्ट किया। यह जहाज कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) में मरम्मत और उन्नयन कार्य पूरा करने के बाद सेशेल्स लौट रहा था। यह सहयोग दोनों देशों के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी और आपसी विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।

इस दौरे के दौरान आईएनएस तरकश के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन रोहित मिश्रा सेशेल्स सरकार और रक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

भारतीय नौसेना सेशेल्स सरकार को महत्वपूर्ण तकनीकी उपकरण, आवश्यक स्पेयर पार्ट्स और अन्य जरूरी सामग्री भी सौंपेगी, जिससे समुद्री सुरक्षा और संचालन क्षमता को और मजबूती मिलेगी।

यह पोर्ट कॉल भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता, आपसी सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों देशों की सामरिक साझेदारी को भी बल मिलेगा।



भारत–श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग मजबूत, IN–SLN DIVEX 2026 का सफल आयोजन

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भारत और श्रीलंका ने अपने बढ़ते समुद्री सहयोग को और मजबूत करते हुए IN–SLN DIVEX 2026 के चौथे संस्करण का सफल आयोजन किया। यह संयुक्त डाइविंग अभ्यास Colombo में 21 से 28 अप्रैल 2026 तक आयोजित हुआ।

इस अभ्यास में भारतीय नौसेना की डाइविंग सपोर्ट और सबमरीन रेस्क्यू वेसल आईएनएस निरीक्षक के साथ दोनों देशों की नौसेनाओं के डाइविंग दलों ने हिस्सा लिया, जिससे आपसी तालमेल और पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन हुआ।

गहरे समुद्र में विशेष अभ्यास

यह अभ्यास जटिल पानी के भीतर संचालन (underwater operations) पर केंद्रित रहा। इसमें:

  • एडवांस डीप-सी डाइविंग अभ्यास

  • मिक्स्ड गैस डाइविंग ड्रिल्स

  • बंदरगाह और खुले समुद्र में गहन अभ्यास

विशेष रूप से, कोलंबो तट के पास द्वितीय विश्व युद्ध के जहाजों SS Worcester और SS Perseus के मलबे पर डाइविंग की गई।

बड़ी उपलब्धि

दोनों देशों के गोताखोरों ने 55 मीटर से अधिक गहराई तक सफल डाइव कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इससे:

  • अंडरवाटर सर्च और रेस्क्यू क्षमता मजबूत हुई

  • संयुक्त ऑपरेशन में समन्वय बेहतर हुआ

सहयोग और मित्रता

अभ्यास के दौरान:

  • संयुक्त बीच क्लीन-अप अभियान

  • मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताएं

  • योग सत्र

का आयोजन किया गया, जिससे दोनों देशों के बीच मित्रता और विश्वास और गहरा हुआ।

श्रद्धांजलि और मानवीय पहल

INS निरीक्षक के कमांडिंग ऑफिसर ने IPKF मेमोरियल पर जाकर शहीद भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

साथ ही, भारत की आरोग्य मैत्री पहल के तहत श्रीलंका को BHISM (भारत हेल्थ इनिशिएटिव) क्यूब्स सौंपे गए, जिससे आपदा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

व्यापक महत्व

यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) विजन के अनुरूप है।

कुल मिलाकर, IN–SLN DIVEX 2026 भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी और आपसी सहयोग का प्रतीक है।

INS त्रिकंड तंजानिया पहुँचा, भारत-तंजानिया समुद्री सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

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भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS त्रिकंड 03 अप्रैल 2026 को दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी तैनाती के तहत तंजानिया के दार-एस-सलाम पहुँचा। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और तंजानिया के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करना है।

इस पोर्ट कॉल के दौरान कई गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें पेशेवर संवाद और तंजानिया नौसेना के साथ संयुक्त प्रशिक्षण शामिल है, ताकि आपसी तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) और समुद्री सहयोग को बढ़ाया जा सके। इसके अलावा, सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के तहत मैत्रीपूर्ण खेल मुकाबले और योग सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। जहाज पर एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा, जो आपसी सद्भाव और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा।

इस यात्रा के दौरान भारत से लाए गए आवश्यक सामग्रियों (क्रिटिकल स्टोर्स) को भी सौंपा जाएगा।

जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स और यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तंजानिया सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

INS त्रिकंड का यह दौरा भारत की ‘महासागर’ (MAHASAGAR – Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) दृष्टि के अनुरूप है।


संशोधक’ सर्वे वेसल भारतीय नौसेना को सौंपा गया, समुद्री क्षमता और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल

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भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया अंतिम सर्वे वेसल (लार्ज) जहाज ‘संशोधक’ (यार्ड 3028), जिसे गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE), कोलकाता में बनाया गया है, 30 मार्च 2026 को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया।

चार सर्वे वेसल (लार्ज) जहाजों के निर्माण का अनुबंध 30 अक्टूबर 2018 को किया गया था। इसी श्रेणी के अन्य जहाज—INS संधायक, INS निर्देशाक और INS इक्षाक—को क्रमशः 3 फरवरी 2024, 18 दिसंबर 2024 और 6 नवंबर 2025 को नौसेना में शामिल किया जा चुका है।

ये जहाज भारतीय रजिस्टर ऑफ शिपिंग के मानकों के अनुसार डिजाइन और निर्मित किए गए हैं। ‘संशोधक’ तटीय और गहरे समुद्र में हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करने में सक्षम है, जिसमें बंदरगाहों के मार्गों का अध्ययन और नेविगेशनल चैनलों का निर्धारण शामिल है। इसके अलावा, यह रक्षा और नागरिक उपयोग के लिए समुद्र विज्ञान एवं भू-भौतिकीय डेटा भी एकत्र करेगा।

लगभग 3400 टन के विस्थापन और 110 मीटर लंबाई वाले इस जहाज में अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जैसे डेटा अधिग्रहण एवं प्रोसेसिंग सिस्टम, ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (AUV), रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV), डीजीपीएस लॉन्ग-रेंज पोजिशनिंग सिस्टम और डिजिटल साइड स्कैन सोनार। दो डीजल इंजनों से संचालित यह जहाज 18 नॉट से अधिक गति प्राप्त कर सकता है।

इस जहाज की कील जून 2022 में रखी गई थी और जून 2023 में इसे लॉन्च किया गया। डिलीवरी से पहले इसने बंदरगाह और समुद्र में व्यापक परीक्षणों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

‘संशोधक’ में 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। इसकी डिलीवरी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भारत सरकार और भारतीय नौसेना के सतत प्रयासों का प्रमाण है, साथ ही यह MSMEs और भारतीय उद्योग के सहयोग से देश की समुद्री क्षमता को सुदृढ़ करने का उदाहरण भी है।

INS त्रिकंड की मोज़ाम्बिक यात्रा संपन्न, भारत–मोज़ाम्बिक नौसैनिक सहयोग हुआ मजबूत

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भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS त्रिकंड ने 29 मार्च 2026 को मापुटो, मोज़ाम्बिक की अपनी पोर्ट कॉल सफलतापूर्वक पूरी की।

इस दौरान भारतीय नौसेना और मोज़ाम्बिक नौसेना के बीच संयुक्त प्रशिक्षण और पेशेवर गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिससे आपसी समन्वय (इंटरऑपरेबिलिटी) और समुद्री सहयोग को और मजबूती मिली।

भारत की ओर से मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सामग्री मोज़ाम्बिक को सौंपी गई। इस अवसर पर मोज़ाम्बिक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. उस्सेने हिलारियो इस्से, भारत के उच्चायुक्त रॉबर्ट शेटकिंटोंग सहित अन्य वरिष्ठ सरकारी और सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा, मोज़ाम्बिक नौसेना अस्पताल में एक चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया गया।

INS त्रिकंड के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने मोज़ाम्बिक में भारत के उच्चायुक्त से भी मुलाकात की।

पोर्ट कॉल के समापन पर, जहाज ने मोज़ाम्बिक नौसेना के कर्मियों के साथ संयुक्त विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) निगरानी और प्रशिक्षण गतिविधियाँ कीं, जिसके बाद वह अपने निर्धारित ऑपरेशनल तैनाती के लिए आगे बढ़ा।

यह पोर्ट कॉल ‘महासागर’ (MAHASAGAR - क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति) की भारत की नीति को दर्शाता है और हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना की एक विश्वसनीय सुरक्षा भागीदार और प्रथम प्रतिक्रिया बल के रूप में प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।


हिंद महासागर में भारत की ताकत: INS त्रिकंड का शानदार प्रदर्शन

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भारतीय नौसेना का स्टील्थ फ्रिगेट INS त्रिकंड 20 मार्च 2026 को सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया से एक सफल और उपयोगी पोर्ट कॉल पूरा करने के बाद रवाना हो गया।

जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने सेशेल्स के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और भारत के उच्चायुक्त से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान जहाज ने सेशेल्स सरकार को आवश्यक स्पेयर पार्ट्स और जरूरी सामग्री भी सौंपी।

INS त्रिकंड ने एक्सरसाइज लामीतिये 2026 के पहले त्रि-सेवा संस्करण में भाग लिया, जिसमें भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और सेशेल्स डिफेंस फोर्स (SDF) के सदस्य शामिल थे। यह इस अभ्यास के 11वें संस्करण में भारतीय नौसेना की पहली भागीदारी है।

अभ्यास के हार्बर चरण के दौरान, जहाज पर विज़िट, बोर्ड, सर्च एंड सीज़र (VBSS) प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें संयुक्त बोर्डिंग अभ्यास भी शामिल थे। इसके बाद समुद्री चरण में INS त्रिकंड ने SCGS Le Vigilant के साथ अभ्यास किया और भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो तथा SDF के स्पेशल फोर्सेज की संयुक्त टीम द्वारा समुद्र में बोर्डिंग ऑपरेशन किए गए।

इसके पश्चात भारतीय सेना और सेशेल्स डिफेंस फोर्स के जवानों ने प्रस्लिन द्वीप पर लैंडिंग ऑपरेशन किया। इस दौरान SDF के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज मेजर जनरल माइकल रोसेट, डिप्टी चीफ ब्रिगेडियर जीन अटाला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी समुद्री चरण का अवलोकन करने के लिए INS त्रिकंड पर सवार हुए।

यह अभ्यास भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सहयोग और आपसी तालमेल (interoperability) को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। “लामीतिये”, जिसका अर्थ क्रियोल भाषा में ‘मित्रता’ है, दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाता है।

यह पोर्ट कॉल भारत के MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Region) दृष्टिकोण को दर्शाता है और हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना की प्रमुख सुरक्षा भागीदार और प्रथम प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति (First Responder) के रूप में प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।


IOS सागर 2026 की शुरुआत, समुद्री सहयोग को नया बल

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हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोगात्मक समुद्री सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, इंडियन ओशन शिप (IOS) सागर का दूसरा संस्करण 16 मार्च 2026 को प्रारंभ हुआ।

फरवरी 2026 में भारतीय नौसेना ने इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम (IONS) की अध्यक्षता संभाली। इसलिए इस संस्करण में हिंद महासागर क्षेत्र के 16 IONS देशों की भागीदारी शामिल है।

यह पहल भारत के लंबे समय से चले आ रहे समुद्री सहयोग प्रयासों पर आधारित है और “सागर” (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के भारत सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती है, साथ ही “महासागर” (क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) के व्यापक ढांचे को भी आगे बढ़ाती है।

IOS सागर एक अनूठा परिचालन कार्यक्रम है, जिसके तहत मित्र देशों के नौसैनिक कर्मियों को भारतीय नौसेना के जहाज पर साथ प्रशिक्षण और यात्रा करने का अवसर मिलता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को जहाज पर गतिविधियों और पेशेवर प्रशिक्षण मॉड्यूल में शामिल कर यह पहल व्यावहारिक सहयोग, इंटरऑपरेबिलिटी और समुद्री संचालन की साझा समझ को बढ़ावा देती है।

IOS सागर के इस संस्करण में 16 मित्र देशों के नौसैनिक कर्मी भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत कोच्चि स्थित भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण संस्थानों में पेशेवर प्रशिक्षण सत्रों से होगी, जहां प्रतिभागियों को नौसैनिक संचालन, समुद्री कौशल और समुद्री सुरक्षा के प्रमुख पहलुओं से अवगत कराया जाएगा। इसके बाद प्रतिभागियों को भारतीय नौसेना के जहाज पर तैनात किया जाएगा, जहां वे भारतीय नौसेना के कर्मियों के साथ समुद्र में परिचालन गतिविधियों में भाग लेंगे।

यात्रा के दौरान जहाज विभिन्न समुद्री सहभागिता गतिविधियों और बंदरगाह दौरों को अंजाम देगा, जिससे क्षेत्र के साझेदार नौसेनाओं और समुद्री एजेंसियों के साथ संवाद संभव होगा। इन गतिविधियों का उद्देश्य पेशेवर संबंधों को मजबूत करना, श्रेष्ठ प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करना और साझा समुद्री चुनौतियों की गहरी समझ विकसित करना है।

ASI ने प्रोजेक्ट मौसाम पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की

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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने प्रोजेक्ट मौसाम के अंतर्गत “इंडियन ओशन क्षेत्र में समुद्री नेटवर्क के संगम पर द्वीप” शीर्षक से एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह राष्ट्रीय कार्यशाला नवंबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित की गई थी, और इसका उद्देश्य प्रोजेक्ट मौसाम के थीमैटिक फ्रेमवर्क दस्तावेज़ को अंतिम रूप देने के लिए अंतरविषयक इनपुट और दृष्टिकोण एकत्रित करना था। यह दस्तावेज़ परियोजना के लक्ष्य, उद्देश्य, दायरा और गतिविधियों के साथ-साथ भविष्य के लिए रोडमैप का विवरण प्रस्तुत करता है।

कार्यशाला के आयोजन के लिए ASI के आवंटित बजट से ₹30 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी, और इसका लगभग ₹25,70,182/- व्यय हुआ।

प्रोजेक्ट मौसाम में संयुक्त अंतरराष्ट्रीय नामांकन, अनुसंधान और प्रलेखन, तथा साझेदार देशों के बीच क्षमता निर्माण शामिल है।

यह जानकारी आज लोकसभा में संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक लिखित उत्तर में दी।

भारतीय नौसेना की 1TS ने मैपुटो, मोज़ाम्बिक में सफल चार दिवसीय दौरा संपन्न किया

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भारतीय नौसेना की प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS), जिसमें INS तीर, INS शार्दुल, INS सुजाता और ICGS सारथी शामिल थे, ने मैपुटो, मोज़ाम्बिक में चार दिवसीय बंदरगाह दौरा सफलतापूर्वक पूरा किया। यह दौरा दोनों देशों के बीच स्थायी समुद्री मित्रता और रक्षा सहयोग को प्रोत्साहित करने का प्रतीक रहा।

संयुक्त प्रशिक्षण एवं ऑपरेशनल सहयोग:

1TS ने मोज़ाम्बिक नौसेना के साथ सामूहिक प्रशिक्षण आयोजित किया, जिसमें गोताखोरी संचालन, अग्निशमन, बोर्डिंग और ब्रिज मशीनरी नियंत्रण अभ्यास शामिल थे। भारतीय नौसेना के प्रशिक्षुओं ने मोज़ाम्बिक के मरीन कमांडो स्कूल, सार्जेंट स्कूल और आर्मी प्रैक्टिसिंग स्कूल का दौरा किया। इसके अलावा, मोज़ाम्बिक नौसेना के सी राइडर्स ने 1TS जहाजों पर सवार होकर संयुक्त EEZ निगरानी में भाग लिया।

उच्च स्तरीय औपचारिक मुलाकातें:

1TS के वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन तिजो के जोसेफ और जहाज कमांडिंग अधिकारियों ने मोज़ाम्बिक नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल यूजेनियो डा सिल्वा मुआतुका, FADM निरीक्षक मेजर जनरल एज़ेकियल मुइंगा और मैपुटो एयर फ़ोर्स बेस कमांडेंट कर्नल कैंडिडो जोस तिरानो से मुलाकात की।

सामुदायिक outreach:

  • 1,000 से अधिक स्कूल बच्चों ने जहाजों का दौरा किया।

  • मैपुटो में नौसैनिक मुख्यालय और स्थानीय अस्पताल में चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 100 से अधिक मरीजों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान की गई।

  • महत्वपूर्ण रोगों की रोकथाम, आपातकालीन प्रतिक्रिया और प्राथमिक चिकित्सा पर जागरूकता अभियान चलाया गया।

  • योग सत्र और मैत्रीपूर्ण फुटसल मैच के माध्यम से दोनों नौसेनाओं के बीच भाईचारा और सहयोग बढ़ाया गया।

निष्कर्ष:

जैसे ही 1TS मोंबासा के लिए प्रस्थान करता है, यह दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, शांति और स्थिरता बढ़ाने, और भारतीय महासागर क्षेत्र में साझा समृद्धि को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। यह बंदरगाह दौरा भारत की अफ्रीकी देशों के साथ महासागरीय साझेदारी को सुदृढ़ करता है।

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