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37वें अंतरराष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपियाड 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, चारों छात्रों ने जीते पदक

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12 से 19 जुलाई 2026 के दौरान विलनियस, लिथुआनिया में आयोजित 37वें अंतरराष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपियाड (International Biology Olympiad-IBO 2026) में भारत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चारों प्रतिभागी छात्रों ने पदक अपने नाम किए। भारतीय दल ने 1 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

पदक विजेता

  • भाव्या गुणवाल (महेंद्रगढ़, हरियाणा) – स्वर्ण पदक

  • सौमिल मैती (हावड़ा, पश्चिम बंगाल) – रजत पदक

  • निशित कलानी (पाली, राजस्थान) – रजत पदक

  • अनमोल कुमार (मानसा, पंजाब) – रजत पदक

भारतीय दल के साथ टीम लीडर के रूप में प्रो. रेखा वरताक (सेवानिवृत्त, एचबीसीएसई-टीआईएफआर, मुंबई) और डॉ. अनुपमा रोनाड (एचबीसीएसई-टीआईएफआर) मौजूद थीं। वैज्ञानिक पर्यवेक्षक (Scientific Observers) के रूप में डॉ. रंजीतसिंह देवकर (एम.एस. विश्वविद्यालय, बड़ौदा) तथा डॉ. सिद्धेश घाग (यूएम-डीएई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन बेसिक साइंसेज, मुंबई) ने दल का मार्गदर्शन किया।

इस वर्ष आयोजित ओलंपियाड में 78 देशों के 307 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में कुल 31 स्वर्ण, 61 रजत तथा 91 कांस्य पदक प्रदान किए गए।

चुनौतीपूर्ण रही प्रतियोगिता

आईबीओ-2026 की परीक्षाओं का आयोजन विलनियस विश्वविद्यालय के लाइफ साइंसेज सेंटर द्वारा किया गया, जिसमें माध्यमिक स्तर के जीवविज्ञान ज्ञान को उच्च स्तर पर परखा गया।

कुल छह घंटे की प्रयोगात्मक परीक्षा में प्रतिभागियों को चार विशिष्ट क्षेत्रों में जटिल वैज्ञानिक प्रयोग करने पड़े—

  • आणविक जीवविज्ञान एवं जैव रसायन (Molecular Biology & Biochemistry) में प्लास्मिड पर प्रतिबंध एंजाइम (Restriction Digestion), एगारोज़ जेल विश्लेषण तथा एंजाइम परीक्षण।

  • पशु शरीर क्रिया विज्ञान (Animal Physiology) में एस्पिरिन की फार्माकोकाइनेटिक्स का अध्ययन तथा विशेष मोबाइल एप एवं लाइट बॉक्स कलोरीमीटर की सहायता से रक्त नमूनों का विश्लेषण।

  • पशु आकारिकी एवं वर्गीकरण (Animal Morphology & Systematics) में कीट नमूनों का वर्गीकरण तथा मुखांगों (Mouth Parts) का सूक्ष्म विच्छेदन।

  • पादप कम्प्यूटेशनल जीवविज्ञान (Plant Computational Biology) में ImageJ सॉफ्टवेयर की सहायता से पौधों की जड़ों की लंबाई का विश्लेषण, विभिन्न पौध प्रजातियों का उच्च-आयामी मैक्रोफीनोटाइप अध्ययन तथा जटिल ट्रांसक्रिप्टोम विश्लेषण।

सैद्धांतिक परीक्षा भी रही अत्यंत कठिन

प्रयोगात्मक परीक्षा के अतिरिक्त प्रतिभागियों को दो चरणों में आयोजित छह घंटे की सैद्धांतिक परीक्षा भी देनी पड़ी। इसमें 100 अत्यंत चुनौतीपूर्ण प्रश्न शामिल थे, जो वास्तविक वैज्ञानिक अनुसंधान एवं क्षेत्रीय अध्ययनों पर आधारित थे।

प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों की केवल तथ्यात्मक जानकारी ही नहीं, बल्कि समस्या-समाधान क्षमता का भी मूल्यांकन किया गया। परीक्षा में कोशिका एवं आणविक जीवविज्ञान, पादप एवं प्राणी विज्ञान, आनुवंशिकी एवं विकासवाद, पारिस्थितिकी, प्राणी व्यवहार विज्ञान तथा जैव वर्गिकी जैसे विषय शामिल थे।

भारतीय दल को बधाई

भारत के सभी पदक विजेता छात्रों तथा पूरे भारतीय प्रतिनिधिमंडल को इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई।

देशभर के शिक्षकों, मार्गदर्शकों तथा एचबीसीएसई (HBCSE) की जीवविज्ञान ओलंपियाड इकाई ने प्रशिक्षण शिविरों एवं प्रस्थान-पूर्व ओरिएंटेशन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही राष्ट्रीय संचालन समिति, शिक्षक संगठनों तथा भारत सरकार की वित्तपोषण एजेंसियों के सतत सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया गया।

भारत का शानदार रिकॉर्ड

यह अंतरराष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपियाड में भारत की 26वीं भागीदारी थी।

अब तक इस प्रतियोगिता में भारत के 104 छात्र भाग ले चुके हैं, जिनमें—

  • 17 स्वर्ण पदक

  • 69 रजत पदक

  • 17 कांस्य पदक

  • 1 सम्मानजनक उल्लेख (Honourable Mention)

प्राप्त हुए हैं।

पिछले 10 वर्षों में भारत का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। इस अवधि में भारतीय प्रतिभागियों की स्वर्ण पदक सफलता दर 25 प्रतिशत तथा रजत पदक सफलता दर 68 प्रतिशत रही है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती वैज्ञानिक प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है।

विश्व कौशल एशिया 2025: भारत ने अपनी पदार्पण भागीदारी में हासिल की 8वां स्थान

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भारत ने विश्व कौशल एशिया प्रतियोगिता (WSAC) 2025 में अपनी पहली भागीदारी के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की, जिसमें 29 प्रतिभागी देशों में से 8वां स्थान प्राप्त किया। क्षेत्र की प्रमुख कौशल प्रणालियों के सामने पदार्पण करते हुए भारत ने उच्च मांग और उभरते ट्रेडों में अनुशासन, नवाचार और वैश्विक मानकों की उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।

मंत्रालय के नेतृत्व में, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), एनएसडीसी और अन्य तकनीकी साझेदारों द्वारा प्रशिक्षण और तैयारी को मार्गदर्शन दिया गया। भारतीय दल में 23 प्रतियोगी शामिल थे, जिन्होंने 21 कौशल श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा की। इन्हें 21 विशेषज्ञों द्वारा समर्थित किया गया।

भारत ने पारंपरिक और तकनीकी-आधारित कौशल श्रेणियों दोनों में असाधारण प्रदर्शन किया। भारत ने एक रजत पदक, दो कांस्य पदक और तीन उत्कृष्टता पदक प्राप्त किए, जो देश की वैश्विक कौशल उत्कृष्टता में तेजी से बढ़ती उपस्थिति को दर्शाते हैं।

पदक उपलब्धियां:

  • रजत: पेंटिंग और डेकोरेटिंग – मुस्कान

  • कांस्य: इंडस्ट्रियल डिज़ाइन टेक्नोलॉजी – कोमल पांडा

  • कांस्य: रोबोट सिस्टम इंटीग्रेशन – शिवम सिंह और दिनेश आर

  • उत्कृष्टता पदक: सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन डेवलपमेंट फॉर बिजनेस – मोहम्मद माफाज़ पी आर

  • उत्कृष्टता पदक: वेब टेक्नोलॉजीज़ – आदित्य नंदन

  • उत्कृष्टता पदक: इलेक्ट्रिकल इंस्टालेशन्स – धनुष एम जी

महिला प्रतियोगियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए पदक सूची में महत्वपूर्ण योगदान दिया, और यह दर्शाया कि भारत की कौशल प्रणाली में युवा महिलाओं की नेतृत्व क्षमता बढ़ रही है।

जयराम चौधरी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास और उद्यमिता ने कहा:

"विश्व कौशल एशिया 2025 में भारत का प्रदर्शन हमारे युवा प्रतिभा की आत्मविश्वास, रचनात्मकता और अनुशासन को दर्शाता है। यहां अर्जित हर पदक और मान्यता हमारे प्रतियोगियों के कठिन परिश्रम, प्रशिक्षकों की प्रतिबद्धता और भारत की बढ़ती कौशल प्रणाली की ताकत का प्रमाण है।"

प्रतियोगियों का चयन IndiaSkills National Competition 2024 के माध्यम से किया गया था और उन्हें उद्योग-नेतृत्व वाले प्रशिक्षण और वैश्विक विशेषज्ञों के समर्थन से कई महीनों तक तैयार किया गया।

विश्व कौशल एशिया 2025 ने एशिया के विभिन्न देशों के 500+ युवा प्रतिभागियों को एक मंच प्रदान किया, जहां उन्होंने नवाचार और भविष्य-तैयार क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता ने स्थानीय शिक्षा, अर्थव्यवस्था, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया।

भारत की लगातार वृद्धि इस क्षेत्र में राष्ट्रीय कौशल पहलों की प्रभावशीलता और युवा पेशेवरों की बढ़ती महत्वाकांक्षा को दर्शाती है।

लक्ष्य सेन ने जीता ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 खिताब: भारत के लिए गर्व का पल

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भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में लक्ष्य ने जापान के खिलाड़ी युशी तनाका को 21-15, 21-11 से हराकर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की।

यह जीत लक्ष्य सेन की लगातार बढ़ती परिपक्वता, दमदार फिटनेस और आक्रामक खेल शैली का प्रमाण है। मैच की शुरुआत से ही उन्होंने लय पकड़ी और विरोधी खिलाड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया। उनकी तेज़ रफ्तार स्मैश, नेट पर कंट्रोल और रणनीतिक खेल ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

यह खिताबी जीत न केवल लक्ष्य सेन के करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय बैडमिंटन के लिए भी एक गर्व का क्षण है, क्योंकि इससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत की दावेदारी और मजबूत होगी।

मुख्य बातें :

  • लक्ष्य सेन ने फाइनल में जापान के युशी तनाका को हराया

  • स्कोर: 21-15, 21-11

  • यह खिताब सुपर 500 कैटेगरी में आता है, जो विश्व बैडमिंटन में बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है

  • लक्ष्य की जीत भारतीय बैडमिंटन के उभरते सितारे की स्थिति को और मजबूत करती है

लक्ष्य सेन की यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देने वाली है और आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारतीय उम्मीदों को नई उड़ान देती है।

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