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डॉ. जितेंद्र सिंह ने चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2025 की तैयारियों की उच्च-स्तरीय समीक्षा की

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2025 की तैयारियों की समीक्षा हेतु एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह महोत्सव 6 से 9 दिसंबर 2025 तक चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा।

29 सितंबर 2025 को हुई पिछली समीक्षा बैठक की प्रगति पर आगे बढ़ते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस वर्ष का IISF भारत की वैज्ञानिक सोच और नवाचार की दिशा में हुए परिवर्तनकारी बदलाव को प्रदर्शित करेगा, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ है।

उन्होंने कहा, “आज विज्ञान नीतियों का नेतृत्व कर रहा है। पहले विज्ञान नीतियों का इंतजार करता था, लेकिन अब नीतियाँ विज्ञान और प्रौद्योगिकी द्वारा निर्देशित हो रही हैं।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने विज्ञान-आधारित शासन (Science-led Governance) की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार अब नियंत्रक की बजाय एक सहायक (Facilitator) की भूमिका निभा रही है, जहाँ निजी क्षेत्र, स्टार्टअप्स और युवा नवाचारकर्ता डीप टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, क्वांटम टेक्नोलॉजी और स्वच्छ ऊर्जा नवाचारों को आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि IISF 2025 भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों का उत्सव होगा — जिसमें मंत्रालयों, अकादमिक संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप्स की भागीदारी रहेगी — और यह आत्मनिर्भर भारत की भावना को सशक्त रूप से प्रदर्शित करेगा।

मंत्री ने बताया कि इस वर्ष का IISF भारत की उन उपलब्धियों को उजागर करेगा जो राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के प्रमुख स्तंभ बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि IISF 2025 न केवल वैज्ञानिक संवाद का मंच होगा, बल्कि यह भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता का भी उत्सव बनेगा।

बैठक में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, पृथ्वी विज्ञान सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन, परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. अजीत कुमार मोहंती, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. अभय करंदीकर, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश गोकले, तथा वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग की सचिव एवं सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी उपस्थित रहीं।

इसके अतिरिक्त विज्ञान भारती (Vijnana Bharati) के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।

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