Media24Media.com: #IndependenceDay2026

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लोकपाल कार्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, भ्रष्टाचार मुक्त शासन के संकल्प पर जोर

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नई दिल्ली- भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोकपाल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अजय माणिकराव खानविलकर ने लोकपाल कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर लोकपाल के सदस्य न्यायमूर्ति लिंगप्पा नारायण स्वामी, न्यायमूर्ति संजय यादव, सुशील चंद्र, न्यायमूर्ति ऋतु राज अवस्थी, पंकज कुमार और अजय तिर्की सहित वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में न्यायमूर्ति खानविलकर ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के उस आदर्श को याद किया, जिसमें ऐसे राष्ट्र की कल्पना की गई है जहां मन भय से मुक्त हो और सिर ऊंचा रहे। उन्होंने सभी नागरिकों से इस आदर्श को अपने विचारों और कार्यों में बनाए रखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत की आजादी स्वतंत्रता सेनानियों और अनगिनत देशभक्तों के बलिदान का परिणाम है। राष्ट्रीय ध्वज फहराना केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के गौरवशाली अतीत और आजादी के साथ जुड़ी जिम्मेदारियों की याद दिलाने वाला अवसर है।

न्यायमूर्ति खानविलकर ने कहा कि वास्तविक स्वतंत्रता का अर्थ भूख, अन्याय, उत्पीड़न और असमानता से मुक्ति के साथ हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर देना है।

भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए लोकपाल की प्रतिबद्धता

उन्होंने लोकपाल संस्था की स्वच्छ और भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। लोकपाल को प्राप्त हो रही शिकायतों की बढ़ती संख्या को उन्होंने नागरिकों की बढ़ती भागीदारी और संस्था के प्रति विश्वास का संकेत बताया।

उन्होंने संविधान, कानून का शासन, जवाबदेही, दक्षता, पारदर्शिता और सुगमता के प्रति लोकपाल की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से संस्था को और अधिक पारदर्शी, कुशल और सुलभ बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता, निष्पक्षता और वस्तुनिष्ठता के साथ देखा जाए। उन्होंने कहा कि हर फाइल के पीछे एक नागरिक होता है, जो न्याय की उम्मीद रखता है और संस्थागत फैसलों से उसका जीवन प्रभावित होता है।

कार्यक्रम के अंत में न्यायमूर्ति खानविलकर ने लोकपाल के सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों के समर्पण एवं व्यावसायिकता के लिए आभार व्यक्त किया। संबोधन का समापन ‘जय हिंद’ के देशभक्तिपूर्ण उद्घोष के साथ हुआ।


स्वतंत्रता दिवस समारोह : शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

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सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा में सरगुजा संभाग प्रथम और दुर्ग संभाग के विद्यार्थी  द्वितीय स्थान पर रहे 

रायपुर-  राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड, पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग साढ़े 800 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इन प्रस्तुतियों के बीच हुई स्पर्धा में छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के स्कूली विद्यार्थियों को पहला, छत्तीसगढ़ पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के विद्यार्थियों को दूसरा और मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने शील्ड-मेडल देकर सभी विजेताओं को सम्मानित किया।

छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के 286 स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा वंदे मातरम, जय हिंद हम सबका अभिमान...  जैसे रिमिक्स गीत पर देश भक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने वंदे मातरम के 150 वर्षों की तपस्या और मातृभूमि के अनंत प्रेम की कहानी को प्रदर्शित किया, साथ ही युवा शक्ति से लेस होकर नई ऊंचाईयों को छूते भारत को भी आकर्षक अंदाज में प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया।

पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के 277 विद्यार्थियों ने सजता, संवरता, निखरता ये देश...  गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से अनेक अवसरों पर होने वाले नृत्यों की भी सुन्दर छाप दर्शकों के बीच पेश की। स्कूल के बच्चों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से अपने भावों को अपने कदमों की लय और ऊर्जा में पिरो कर राष्ट्र प्रेम की अटूट झलक भी प्रस्तुत की।  

मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग के 280 बच्चों द्वारा संकल्प बोल के हम तो निकल पड़े... फ्यूजन गीत पर मनोरम प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने सैनिकों के शौर्य, उनके त्याग और बलिदान की गाथा को जीवंत किया।


घुड़सवारों के साहस, महिला बैग पाईपर बैंड की लय और श्वान दल के रोमांचक प्रदर्शन से सजा स्वतंत्रता दिवस समारोह

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रायपुर-  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम में घुड़सवार दलों ने अपने अदम्य साहस और ऊर्जा का जीवंत प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में महिला बैग बाईपर बैंड की लयबद्ध प्रस्तुति ने उपस्थित जनों की सराहना पाई। इसके साथ ही आज के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस के श्वान दल के रोमांचक प्रदर्शन में दर्शकों को बेहद उपयोगी जानकारी भी दी। 

घुड़सवार दल का हॉर्स शो आकर्षण का केंद्र

स्वतंत्रता दिवस समारोह में घुड़सवार दल का हॉर्स शो भी आकर्षण का केंद्र रहा। तीसरी वाहिनी अमलेश्वर के घुड़सवार दल ने फ्लैग मार्च, टेंट पैगिंग, नेज़ाबंदी शो, जंपिंग और गैलप राउंड जैसी रोमांचक प्रस्तुतियां दी। आरक्षक धनेश्वर कंवर ने अश्व आदित्री पर फ्लैग मार्च किया। अजय कुमार यादव ने अश्व आभा पर स्टैडिंग सैल्यूट किया गया। टैंट पैंगिंग में अश्व रूद्र, अश्वस्थामा, प्रिंसेस सारा और शक्ति में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अश्व युवराज, अवनि, कावेरी, जूही और ओजस ने शो जंपिंग में जलवा दिखाया। उपस्थित जनसमुदाय ने अश्वदल का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत अभिनंदन किया।   

महिला बैगपाइपर बैंड ने दी आकर्षक प्रस्तुति

आरक्षक सोनबती ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश के पहले महिला बैगपाइपर बैंड ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में आर्कषक प्रस्तुति दी। 20वीं भारत रक्षित वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के 35 सदस्यों के इस बैगपाइपर बैंड द्वारा क्विक मार्च में इंडिया गेट, केसरिया बाना, हार्श मेन, शांति सेना और पुलकित हिमालय जैसी धुनें बजाई गई। बैंड ने स्लो मार्च में नवरंगी और तर्शपे रील, ड्रम कॉल भी सुनाया। बैंड के सदस्यों ने अपने हाथों में सेरेमोनियम मेस बैंड, बेस, टेनर, साइड ड्रम और बैगपाइपर जैसे वाद्ययंत्रों पर मोहक धुनें बजाकर उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। 

इस बैगपाइपर महिला बैंड ने 2022 में हरियाणा के पंचकुला में आईटीबीपी के बीटीसी मानु में 6 महीनों तक कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस बैगपाइपर बैंड ने 25 वीं अखिल भारतीय पुलिस बैंड प्रतियोगिता दीमापुर नागालैंड में 2024 में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। यह प्रतियोगिता असम रायफल्स के दीमापुर प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित हुई थी। 26वीं अखिल भारतीय पुलिस पाईप बैंड हैदराबाद में आयोजित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दल को गोल्ड मेडल भी मिला था। इस प्रतियोगिता में सोनबती ठाकुर ने बेस्ट कंडक्टर और पूरे प्लाटून में ऑल राउंडर द बेस्ट का खिताब भी जीता था। 

डॉग स्क्वाड द्वारा रोमांचक एवं उपयोगी प्रदर्शन

स्वतंत्र दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ पुलिस के डॉग स्क्वाड ने भी अपनी दक्षता, अनुशासन, सुंघने की शक्ति का रोमांचक प्रदर्शन किया। स्क्वाड प्रभारी राज कपूर के नेतृत्व में 7 विधााओं में डॉग स्क्वाड के श्वानों द्वारा अपने हैंडलर्स के निर्देशों का पालन प्रदर्शन करने पर उपस्थित जनसमुदाय भी रोमांच से भर गया। पुलिस डॉग मैक्स ने सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। प्रशिक्षित श्वानों ने कमल फूल की आकृति में खुद को व्यवस्थित कर खूब तालियां बटोरी। श्वानों द्वारा गोल रिंग में सिट, डाउन, रेस्ट स्लीप, रोल और अप जैसे निर्देश पूरी दक्षता से पूरे किये। वहीं गोल रिंग में जल रही आग के बीच से श्वान दुलार, मेरी और शिवा ने छलांग लगाकर लोगों को रोमांचित कर दिया। पुलिस परेड ग्राउंड पर इन प्रशिक्षित श्वानों ने जमीन में दबे विस्फोटक पदार्थों और नारकोटिक सामग्रियों को भी बड़ी तीव्रता से ढूंढ निकाला। श्वानों ने कई गंधों के मिश्रण से एक निर्धारित गंध की पहचान करने रूमाल सूंघ कर संबंधित व्यक्ति को पहचानने का भी प्रदर्शन किया।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करकमलों से उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित हुए पुलिस एवं नगर सेना के अधिकारी-कर्मचारी

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पदक व राज्य स्तरीय पुरस्कारों से हुए अलंकृत

धमतरी के एएसआई रामावतार सिंह राजपूत को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक

आईजी रामगोपाल सहित 10 अधिकारियों को भारतीय पुलिस पदक 

रायपुर- स्वतंत्रता दिवस के 80वें पावन अवसर पर आज राजधानी रायपुर स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गरिमामय राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करकमलों से छत्तीसगढ़ पुलिस एवं नगर सेना के अधिकारियों तथा जवानों को उनकी कर्तव्यनिष्ठा, असाधारण कार्यकुशलता और विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित पदकों तथा राज्य स्तरीय पुरस्कारों से अलंकृत किया गया।

समारोह में रक्षित केन्द्र धमतरी के सहायक उप निरीक्षक रामावतार सिंह राजपूत को उनकी 36 वर्षों से अधिक की निष्ठावान सेवा और आधारभूत प्रशिक्षण में उत्कृष्ट योगदान हेतु देश के सर्वाेच्च ’राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक-2026’ से सम्मानित किया गया। 

सराहनीय सेवाओं, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था एवं आधुनिक नवाचारों के लिए भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों सहित कुल 10 पुलिसकर्मियों को ’सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक-2026’ प्रदान किया गया। इस पदक से अलंकृत होने वालों में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल (भा.पु.से.), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशिमोहन सिंह (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक एटीएस नवा रायपुर राजश्री मिश्रा (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा (भा.पु.से.), सेनानी 7वीं वाहिनी छ.स.बल भिलाई निवेदिता पॉल, सेनानी 20वीं वाहिनी छ.स.बल महासमुंद मनीषा ठाकुर रावटे, पुलिस उपायुक्त रायपुर तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विशेष आसूचना शाखा नवा रायपुर उनैजा खातून अंसारी, सहायक सेनानी प्रथम वाहिनी छ.स.बल भिलाई  जयलाल मरकाम तथा प्लाटून कमाण्डर 20वीं वाहिनी छ.स.बल महासमुंद हजारी लाल साहू शामिल हैं।

आपदा प्रबंधन, राहत कार्यों और जनसेवा में अद्वितीय भूमिका निभाने के लिए नगर सेना राजनांदगांव के नायक उत्तम कुमार साहू को शिवनाथ नदी में बाढ़ बचाव कार्य तथा नगर सेना रायपुर के लांस नायक जोगेश्वर कुमार धीवर को उत्कृष्ट गोताखोरी व प्रशिक्षण कार्यों के लिए ’गृह रक्षक तथा नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक-2026’ प्रदान किया गया।

कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति-जनजाति तथा महिला एवं बाल सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को वर्ष 2025 के राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कारों से नवाजा गया। इसके तहत जांजगीर-चांपा के सहायक उप निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद यादव को ’गुरु घासीदास पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व बिलासपुर रेंज को रनिंग शील्ड) प्रदान किया गया। कमजोर वर्गों एवं महिला-बाल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर की निरीक्षक श्रीमती अर्चना धुरंधर को ’राज्यपाल पुरस्कार’ एवं ’रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार’ (प्रत्येक में 50 हजार रुपये नकद व रायपुर रेंज को रनिंग शील्ड) से अलंकृत किया गया। गरियाबंद की अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सुश्री निशा सिन्हा को पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने हेतु ’मुख्यमंत्री पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व रायपुर रेंज को रनिंग शील्ड), अजाक थाना बिलासपुर के निरीक्षक उत्तम साहू को उत्कृष्ट थाना संचालन हेतु ’शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व बिलासपुर रेंज को रनिंग शील्ड) तथा उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) बिलासपुर डी.आर. टंडन को ’पुलिस महानिदेशक पुरस्कार’ (25 हजार रुपये नकद एवं प्रशंसा पत्र) से सम्मानित किया गया।

समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद (भा.पु.से.) के संपूर्ण प्रभार तथा नगर पुलिस अधीक्षक दर्री (कोरबा) विमल कुमार पाठक (भा.पु.से.) के नेतृत्व में भव्य परेड का आयोजन किया गया। परेड में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल, जेल पुलिस, नगर सेना, एन.सी.सी. तथा विशेष शाखाओं की टुकड़ियों ने अनुशासित एवं आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह : मुख्यमंत्री साय ने पुलिस परेड ग्राउंड पर किया ध्वजारोहण, परेड की ली सलामी

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हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया आजादी का 80वां पर्व

17 प्लाटूनों ने परेड में किया आकर्षक मार्च पास्ट 

उत्कृष्ट दलों को मिले पुरस्कार 

रायपुर- राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन पूरे हर्षाेल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के नाम अपने संदेश का वाचन भी किया।

समारोह में 17 प्लाटूनों ने भव्य मार्च पास्ट कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह मार्च पास्ट भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी विमल कुमार पाठक के नेतृत्व में हुई। इस बार बिहार प्रदेश की पुलिस टुकड़ी आमंत्रित वर्ग में परेड में शामिल हुई। परेड के टूआईसी निशांत गौरव कुर्रे थे। परेड में सीमा सुरक्षा बल,  सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष-महिला), छत्तीसगढ़ पुलिस, जेल पुलिस, नगर सेना (पुरुष-महिला), एनसीसी (बालक-बालिका), बैण्ड प्लाटून, घुड़सवार दल और डॉग स्क्वॉड शामिल रहे। समारोह में महिला बैग पाईपर बैंड दल ने भी आकर्षक प्रस्तुती दी। 

स्वतंत्रता दिवस समारोह की परेड में उत्कृष्ट दलों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। केन्द्रीय बलों के वर्ग में भारत तिब्ब्त सीमा पुलिस की टुकड़ी को पहला स्थान मिला। आईटीबीपी के दल को पांच हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।  दूसरे स्थान पर सीमा सुरक्षा बल और तीसरे स्थान पर केन्द्रिय रिजर्व पुलिस बल का दल रहा। सीमा सुरक्षा बल की टुकड़ी को तीन हजार रूपए और सीआरपीएफ की टुकड़ी को दो हजार रूपए नकद राशि के साथ ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। 


राज्य बलों के वर्ग में पहला स्थान छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला) को प्राप्त हुआ। विजेताओं को पांच हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ जेल पुलिस का दल दूसरे स्थान पर रहा, जिसे तीन हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल (पुरूष) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, जिन्हें दो हजार रूपए की नकद राशि और ट्रॉफी से नवाजा गया। 

कंटीजेंट एनसीसी वर्ग में पहला स्थान एनसीसी गर्ल्स और दूसरा स्थान एनसीसी बॉयज के दल को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोनों दल कमांडरों को ट्रॉफी प्रदान कर प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर परेड-टू-आईसी निशांत गौरव कुर्रे, परेड कमांडर विमल कुमार पाठक, महिला बैग पाईपर दल की कमांडर  सोनबती ठाकुर, घुड़सवार दल के कमांडर अनिल यादव, श्वान दल के कमांडर  राज कपूर सहित परेड प्रस्तुतियोजन के लिए डॉ. अनुराधा दुबे और मनीष परमानंद को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।


देश की आजादी में छत्तीसगढ़ के वीर नायकों का योगदान नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस पर सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा से विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर तक को एक मंच पर समेट रही प्रदर्शनी

‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और सुशासन की उपलब्धियों का सजीव प्रदर्शन

ऐतिहासिक टाउन हॉल और शहीद स्मारक के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा - अपनी विरासत को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़

21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10.30 से रात 8 बजे तक आम नागरिक कर सकेंगे प्रदर्शनी का अवलोकन

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और राज्य में सुशासन एवं विकास की उपलब्धियों को समेटे यह प्रदर्शनी अतीत के गौरव से वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं तक छत्तीसगढ़ की यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदर्शनी के विभिन्न खंडों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित दुर्लभ छायाचित्रों, दस्तावेजों एवं सूचनात्मक सामग्री में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए छत्तीसगढ़ की धरती के अनेक वीर सपूतों ने संघर्ष और बलिदान किया। उनके योगदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल इतिहास का स्मरण नहीं कराती, बल्कि विरासत से प्रेरणा लेकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी सुदृढ़ करती है। एक ओर इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमर गाथाएं हैं, तो दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, आधुनिक अधोसंरचना और नई तकनीक के माध्यम से बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर भी दिखाई गई है।

‘वंदे मातरम्’—राष्ट्रजागरण के अमर स्वर की 150 वर्षों की यात्रा

प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में इसके राष्ट्रजागरण के मंत्र के रूप में स्थापित होने तक की यात्रा को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को एक सूत्र में बांधने और मातृभूमि के लिए त्याग एवं बलिदान की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके स्वर ने स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। 150 वर्ष की इस ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शनी में विशेष स्थान देकर नई पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के राष्ट्रभाव और उसके ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया गया है।

छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों की संघर्ष और बलिदान की गौरवगाथा

प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका को विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग यहां दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन के उस दौर से रूबरू कराते हैं, जब छत्तीसगढ़ की धरती पर भी ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष और जनजागरण की आवाज बुलंद हुई थी।

महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा यहां के सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया है। इन ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से नई पीढ़ी यह जान सकेगी कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ का योगदान कितना व्यापक और गौरवपूर्ण रहा है।

टाउन हॉल और शहीद स्मारक के लिए 50-50 लाख रुपये की घोषणा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों - टाउन हॉल और शहीद स्मारक - के संरक्षण, साज-सज्जा एवं नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों की स्मृतियों को संजोए हुए है, जबकि ऐतिहासिक टाउन हॉल रायपुर की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन धरोहरों का संरक्षण हमारी गौरवशाली विरासत के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘विरासत से विकास तक’ की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक विकास की गति के साथ प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की गरिमा भी अक्षुण्ण रहे। इन स्थलों को बेहतर स्वरूप मिलने से नई पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और बलिदान की परंपरा को और निकटता से जान सकेगी।

योजनाओं ने बदली जिंदगी - महिलाओं से किसानों और युवाओं तक विकास की झलक

प्रदर्शनी का एक महत्वपूर्ण खंड राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर केंद्रित है। इसमें महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने वाली योजनाओं एवं पहलों को छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, कृषक उन्नति योजना से किसानों को मिल रहे संबल तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने के साकार होने की तस्वीर यहां दिखाई गई है। युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, रोजगार एवं नए अवसरों के विस्तार और श्रमिकों सहित विभिन्न वर्गों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

प्रदर्शनी यह संदेश देती है कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उसके जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाना है।

सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना से उभरते विकसित छत्तीसगढ़ की तस्वीर

प्रदर्शनी में राज्य की विकास यात्रा को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। डिजिटल पंजीयन के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता, सुशासन तिहार के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान, हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में किए जा रहे प्रयास तथा शिक्षा और अधोसंरचना के विस्तार की झलक यहां देखने को मिलती है।

बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को भी प्रदर्शित किया गया है। इस प्रकार प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और तेजी से आकार लेते भविष्य को एक साथ प्रस्तुत करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा मिलती है और यही प्रेरणा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारी ऊर्जा बनती है।

एआई से जुड़ा विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव

प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अभिनव संगम भी आकर्षण का केंद्र है। विशेष एआई आधारित पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में इसे लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

इस पहल के माध्यम से तकनीक का उपयोग कर नई पीढ़ी को प्रदेश की पर्यटन, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से रोचक तरीके से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आगंतुक इन डिजिटल तस्वीरों को प्रदर्शनी की स्मृति के रूप में भी प्राप्त कर सकते हैं।

विजिटर डायरी और विशेष डॉक्यूमेंट्री भी बनी आकर्षण का केंद्र

प्रदर्शनी स्थल पर रखी गई विजिटर डायरी में आगंतुक स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रप्रेम और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा से जुड़े अपने विचार एवं अनुभव दर्ज कर सकते हैं। राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास यात्रा पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने विजिटर बुक में अपने विचार दर्ज करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का यह उपयोगी प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से प्रदर्शनी देखने की अपील करते हुए कहा कि अपने इतिहास और विरासत को जानना हमें वर्तमान के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है और बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, विधायक पुरंदर मिश्रा, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर गौरव सिंह, अपर संचालक उमेश मिश्रा, संजीव तिवारी,  आलोक देव सहित जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में यह सात दिवसीय प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी।

अमित शाह ने PM मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन को बताया मील का पत्थर

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नई दिल्ली- केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए संबोधन को ‘स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता’ के संकल्प से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह संबोधन भारत को सभी क्षेत्रों में अग्रणी राष्ट्र बनाने की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा।

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ‘विकसित भारत’ के निर्माण का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। इसमें नशामुक्त भारत, सुरक्षित भारत और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना को प्रमुखता दी गई।

https://twitter.com/i/status/2088522144808677769

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और रेलवे परिवहन सहित कई क्षेत्रों में हुई अभूतपूर्व प्रगति को रेखांकित किया। साथ ही देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ‘सप्तधारा’ यानी सात शक्तियों के मंत्र को सामने रखा गया।

अमित शाह के अनुसार, युवाओं की क्षमता को दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री ने एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक युवाओं को AI कौशल प्रदान करने, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करने और 2036 ओलंपिक के लिए टैलेंट हंट अभियान शुरू करने जैसी पहलों की घोषणा की।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने और आठ नई सेमीकंडक्टर इकाइयां स्थापित करने जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य सामने रखे हैं।

अमित शाह ने कहा कि स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के संकल्प से ओत-प्रोत प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन भारत को सभी क्षेत्रों में अग्रणी राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।

लाल किले पर पहली बार गूंजा ‘वंदे मातरम्’

अमित शाह ने अपने एक अन्य पोस्ट में स्वतंत्रता आंदोलन के जोशीले उद्घोष ‘वंदे मातरम्’ का लाल किले की प्राचीर से पहली बार गूंजना ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पल को देखना उनके लिए रोमांचकारी अनुभव था और इससे उनका पूरा अस्तित्व उत्साह से भर उठा।


लाल किले से बड़ा संदेश: 2047 तक विकसित भारत का संकल्प, आत्मनिर्भरता और युवाशक्ति पर जोर

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नई दिल्ली- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने देश के सामने 2047 तक विकसित भारत बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा। अपने संबोधन में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, विनिर्माण, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, युवाओं, कृषि, रक्षा और महिला सशक्तिकरण को देश की विकास यात्रा के प्रमुख आधार बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता। देश को बड़े सपने देखने होंगे और उन्हें मजबूत संकल्प व सामूहिक प्रयासों के जरिए पूरा करना होगा। उन्होंने 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का आह्वान किया।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

भाषण में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय शक्ति का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। सेमीकंडक्टर निर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू उत्पादन की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को केवल दुनिया के लिए बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक भरोसेमंद केंद्र बनना होगा।

उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में ‘क्वालिटी, क्वालिटी, क्वालिटी’ को वैश्विक पहचान बनाने का मंत्र बताया और कहा कि भारतीय उत्पादों को लागत, गुणवत्ता और पैमाने के मामले में दुनिया के मानकों पर खरा उतरना होगा।

‘सप्त धारा’ से विकास की नई दिशा

देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री ने ‘सप्त धारा’ का विजन सामने रखा। इसके तहत विनिर्माण शक्ति, कृषि एवं खाद्य उत्पादन, तकनीक एवं नवाचार, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था और भारत की सॉफ्ट पावर को प्रमुख क्षेत्र बताया गया।

उन्होंने कहा कि इन सात शक्तियों को साथ लेकर आगे बढ़ने से भारत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयां हासिल कर सकता है।

युवाओं के लिए बड़े ऐलान

युवाओं को विकसित भारत की यात्रा का सबसे बड़ा लाभार्थी और प्रमुख शक्ति बताते हुए प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप, AI, शिक्षा, कौशल और खेल के क्षेत्र में अवसर बढ़ाने की बात कही।

उन्होंने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI कौशल में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही युवाओं को शोध और नवाचार के लिए संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की योजना का भी उल्लेख किया गया।

खेल और 2036 ओलंपिक की तैयारी

प्रधानमंत्री ने भारत में 2036 ओलंपिक आयोजित करने की इच्छा दोहराते हुए देश में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए व्यापक टैलेंट-हंट अभियान की बात कही। 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा खोजकर उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।

महिला शक्ति को नई भूमिका

महिला सशक्तिकरण को विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए प्रधानमंत्री ने ‘लखपति दीदी’ अभियान का विस्तार करने की बात कही। उन्होंने 3 करोड़ नई लखपति दीदियां बनाने के लक्ष्य का उल्लेख किया।

साथ ही लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की।

नशामुक्त भारत और सुरक्षा पर भी फोकस

युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए 100 सप्ताह के नशामुक्त भारत अभियान का उल्लेख किया गया। वहीं नक्सलवाद, आधुनिक युद्ध, साइबर सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर भी प्रधानमंत्री ने देश को सतर्क रहने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि बदलते दौर में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, इसलिए भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ आधुनिक नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना होगा।

2047 का लक्ष्य, सबकी भागीदारी जरूरी

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार का लक्ष्य नहीं है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों, उद्योग, किसानों, युवाओं, महिलाओं और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि सपनों को संकल्प में, संकल्प को क्षमता में और क्षमता को सफलता में बदला जाए। यही सामूहिक प्रयास 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस के 152 अधिकारी और जवान होंगे सम्मानित

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रायपुर- स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस पदकों की घोषणा की है। इस बार छत्तीसगढ़ पुलिस के 152 अधिकारी और जवान अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित होंगे। इनमें 141 को वीरता पदक, 10 को सराहनीय सेवा पदक और 1 अधिकारी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 141 वीरता पदकों की घोषणा की है, जो देश में सबसे ज्यादा हैं। डीआईजी एमएल कोटवानी को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक मिलेगा, जबकि गायत्री सिंह, दीपमाला कश्यप, अर्चना झा, डीएसपी सविता परिहार, सहित 10 अधिकारियों को राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया है इन सभी अधिकारियों को 26 जनवरी 2027 को पदक मिलेगा। सूची संलग्न हैः-

स्वतंत्रता दिवस 2026 पर छत्तीसगढ़ पुलिस के पदक विजेताओं की सूची

भारत सरकार, गृह मंत्रालय, नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रपति का वीरता पदक, विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पदक से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।

1. राष्ट्रपति का वीरता पदक

वरिष्ठ अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी

  1. रॉबिनसन गुड़िया — अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर; वर्तमान में DCP रायपुर

  2.  विनय कुमार — उप पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर; वर्तमान में SDOP बेरला, जिला बेमेतरा

  3. सोहन लाल — उप पुलिस अधीक्षक, STF

  4.  महंथ कुमार — उप पुलिस अधीक्षक, STF

  5. उप निरीक्षक हरिशंकर प्रसाद ध्रुव — नारायणपुर

  6. प्लाटून कमांडर भूपेंद्र बघेल — STF

  7. सहायक प्लाटून कमांडर गजराज सिंह राठावत — STF

  8. सउनि राजूराम नेताम — नारायणपुर

  9. प्रधान आरक्षक 129 लछमन कुमार — नारायणपुर

  10. प्रधान आरक्षक 564 हरि दुग्गा — नारायणपुर

  11. प्रधान आरक्षक 615 चंदन सिंह भोयर — नारायणपुर

  12. प्रधान आरक्षक 471 उजियार सिंह नुरेटी — नारायणपुर

  13. प्रधान आरक्षक 77 सुकनाथ नुरेटी — नारायणपुर

  14. प्रधान आरक्षक 424 लोमसिंह ध्रुव — नारायणपुर

  15. आरक्षक 313 रामचन्द्र यादव — नारायणपुर

  16. आरक्षक 781 देवप्रसाद दरो — नारायणपुर

  17. आरक्षक 872 बज्जूराम कचलाम — नारायणपुर

  18. बस्तर फाइटर आरक्षक 1046 पीताम्बर दास वैष्णव — नारायणपुर

  19. बस्तर फाइटर आरक्षक 1255 कु. रामबाई पोर्टाई — नारायणपुर

  20. आरक्षक 494 टंकेश पोते — नारायणपुर

  21. आरक्षक 512 धर्मेन्द्र ध्रुव — नारायणपुर

  22. आरक्षक 745 रामधर कुमेटी — नारायणपुर

  23. बस्तर फाइटर आरक्षक 1161 जितेन्द्र कुमार समरथ — नारायणपुर

  24. बस्तर फाइटर आरक्षक 1086 राजेश कुमार — नारायणपुर

  25. आरक्षक 239 अमर पोर्टाई — नारायणपुर

  26. बस्तर फाइटर आरक्षक 1231 कु. ललिता कोर्राम — नारायणपुर

  27. बस्तर फाइटर आरक्षक 1106 सुखदेव वटदा — नारायणपुर

  28. आरक्षक 361 जयसिंह सलाम — नारायणपुर

  29. आरक्षक 668 कोसा राम मरकाम — STF

  30.  स्मृतिक राजनाला — अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दंतेवाड़ा; वर्तमान में DCP क्राइम, रायपुर

  31. कंपनी कमांडर यादराम बघेल — STF

  32.  प्रशांत देवांगन — उप पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर

  33.  राहुल कुमार उईके — उप पुलिस अधीक्षक, दंतेवाड़ा

  34.  लक्ष्मण सिंह पोर्टाई — उप पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर; SDOP केसलूर, जिला बस्तर

  35. सउनि नेहरू राम भगत — दंतेवाड़ा

  36. DSF आरक्षक 1497 पिंकी कावड़े — नारायणपुर

  37. आरक्षक 126 मनीष सलाम — नारायणपुर

  38. आरक्षक 1040 जगबंधु जैन — कांकेर

  39. DSF आरक्षक 1395 तीरथ नाग — नारायणपुर

  40. बस्तर फाइटर आरक्षक 1085 कुमार कोवाची — नारायणपुर

  41. बस्तर फाइटर आरक्षक 1096 लालसू राम उसेंडी

  42. आरक्षक 817 अमलूराम मरकाम — नारायणपुर

  43. आरक्षक 718 हीरासिंह धनेवलिया — नारायणपुर

  44. स्व. आरक्षक 876 नितेश एक्का — STF

  45. सउनि सम्पत टांडिया — कांकेर

  46. बस्तर फाइटर स्व. आरक्षक 2295 रमेश कुमार कोरटी — कांकेर

सुकमा जिले के पदक विजेता

  1. प्रधान आरक्षक 973 सोढ़ी रामा — सुकमा

  2. प्रधान आरक्षक 419 सोढ़ी अजय — सुकमा

  3. आरक्षक 2311 बोड्डू लक्ष्मैया — सुकमा

  4. आरक्षक 2264 कट्टम मुत्ता — सुकमा

  5. आरक्षक 2321 सेमल रमेश — सुकमा

  6. आरक्षक 2159 कुहराम रामबाबू — सुकमा

  7. आरक्षक 2353 माड़वी कोसा — सुकमा

  8. आरक्षक 1515 पंडा रोहित — सुकमा

  9. आरक्षक 1656 वेट्टी छोटेलाल — सुकमा

  10. आरक्षक 1617 सोयम जोगा — सुकमा

  11. आरक्षक 1454 करतम लिंगा — सुकमा

  12. आरक्षक 1277 जयसिंह नाग — सुकमा

  13. आरक्षक 204 राजेन्द्र नाग — सुकमा

  14. आरक्षक 456 रामधर कश्यप — सुकमा

  15. आरक्षक 478 माड़वी गंगा — सुकमा

  16. आरक्षक 1088 नुरूम दुल्ला — सुकमा

  17. आरक्षक 251 कवती रामा — सुकमा

  18. आरक्षक 1121 मौसम चंद्रा — सुकमा

  19. नव आरक्षक 399 मड़काम गंगा — सुकमा

  20. आरक्षक 1677 सोढ़ी नरेश — सुकमा

  21. नव आरक्षक 493 मुचाकी देवा — सुकमा

  22. आरक्षक 397 माड़वी मुकेश — सुकमा

  23. आरक्षक 759 मड़काम भीमा — सुकमा

  24. आरक्षक 993 कुंजाम पोदिया — सुकमा

  25. आरक्षक 240 वेट्टी देवा — सुकमा

  26. आरक्षक 1506 सोयम राजू — सुकमा

  27. DSF आरक्षक 2166 सोयम राजू — सुकमा

  28. DSF आरक्षक 2116 माड़वी रमेश — सुकमा

  29. नव आरक्षक 341 सोयम रमेश — सुकमा

  30. आरक्षक 1576 माड़वी कन्ना — सुकमा

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं कांकेर के पदक विजेता

  1.  सुन्दरराज पी. — भा.पु.से., पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर; वर्तमान में NIA, नई दिल्ली

  2.  इंदिरा कल्याण एलिसेला — भा.पु.से., उप पुलिस महानिरीक्षक, छसबल सरगुजा रेंज

  3.  संदीप पटेल — भा.पु.से., अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक; वर्तमान में पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर

  4. डॉ. प्रशांत शुक्ला — अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कांकेर; वर्तमान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, रायपुर

  5.  रवि कुमार कुजूर — अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, पखांजूर, कांकेर

  6. उप निरीक्षक रामचन्द्र साहू — कांकेर

  7. उप निरीक्षक संतोष मिश्रा — कांकेर

  8. आरक्षक 454 सुयमकान्त श्रीमाली — कांकेर

  9. आरक्षक 515 श्रीनाथ मतलाम — कांकेर

  10. बस्तर फाइटर आरक्षक 2068 पवन देव साहू — कांकेर

  11. बस्तर फाइटर आरक्षक 2266 रोहित कुमार यादव — कांकेर

  12. DSF आरक्षक 2362 तिजऊ राम मरकाम — कांकेर

  13. आरक्षक 467 अर्जुन ताती — कांकेर

  14. आरक्षक 510 कमलेश मरकाम — कांकेर

  15. आरक्षक 1270 दिनेश कांगे — कांकेर

  16. बस्तर फाइटर आरक्षक 2004 गिरधर शोरी — कांकेर

  17. बस्तर फाइटर आरक्षक 2008 विवेकानंद नेताम — कांकेर

  18. बस्तर फाइटर आरक्षक 2010 ओमेश मंडावी — कांकेर

  19. बस्तर फाइटर आरक्षक 2243 रविन्द्र कुमार साहू — कांकेर

  20. बस्तर फाइटर आरक्षक 2013 तरुण कुमार — कांकेर

  21. बस्तर फाइटर आरक्षक 2001 नन्द कुमार — कांकेर

  22. बस्तर फाइटर आरक्षक 2239 निरंजन मरकाम — कांकेर

  23. बस्तर फाइटर आरक्षक 2181 प्रवीण कोरटी — कांकेर

  24. बस्तर फाइटर आरक्षक 2088 प्रमोद कुमार — कांकेर

  25. बस्तर फाइटर आरक्षक 2133 सोनुराम भास्कर — कांकेर

  26. आरक्षक 933 आत्माराम ध्रुव — कांकेर

  27. बस्तर फाइटर आरक्षक 2252 महेन्द्र कुमार भुआर्य — कांकेर

  28. बस्तर फाइटर आरक्षक 2206 नवल राम मंडावी — कांकेर

  29. बस्तर फाइटर आरक्षक 2242 कामेश्वर कावड़े — कांकेर

  30. बस्तर फाइटर आरक्षक 2079 गुलशन कोर्राम — कांकेर

  31. बस्तर फाइटर आरक्षक 2007 विकास कुमार नेताम — कांकेर

  32. बस्तर फाइटर आरक्षक 2011 पूनम चंद्र — कांकेर

  33. DSF आरक्षक 2305 प्यारे लाल तारम — कांकेर

  34. बस्तर फाइटर आरक्षक 2207 विनय कुमार दुग्गा — कांकेर

  35. बस्तर फाइटर आरक्षक 2244 निलेश कुमार टांडिया — कांकेर

  36. आरक्षक 1161 कृष्णा नेताम — कांकेर

  37. आरक्षक 167 वेदांत कश्यप — कांकेर

  38. आरक्षक 1001 युगल किशोर — कांकेर

  39. आरक्षक 1005 देउ राम — कांकेर

  40. आरक्षक 935 तुलसी राम — कांकेर

  41. आरक्षक 1396 कुमेश कुमार — कांकेर

  42. आरक्षक 1301 नोमेश कुमार नायक — कांकेर

  43. आरक्षक 466 फगनू राम कावड़े — कांकेर

  44. आरक्षक 1365 शोभीराम दुग्गा — कांकेर

  45. बस्तर फाइटर आरक्षक 2226 विश्वनाथ सिन्हा — कांकेर

  46. बस्तर फाइटर आरक्षक 2235 धीरज बंजारे — कांकेर

  47. बस्तर फाइटर आरक्षक 2251 अमरेश पाल — कांकेर

  48. DSF आरक्षक 2329 अर्जुन दरो — कांकेर

  49. DSF आरक्षक 2360 लक्ष्मण नेताम — कांकेर

  50. DSF आरक्षक 2347 भुनेश्वर मरकाम — कांकेर

  51. DSF आरक्षक 2392 सोनुराम कोमरे — कांकेर

  52. बस्तर फाइटर आरक्षक 2012 मंजीत जुरी — कांकेर

  53. बस्तर फाइटर आरक्षक 2085 सुमन कड़िलया — कांकेर

  54. बस्तर फाइटर आरक्षक 2148 संजय नेताम — कांकेर

  55. बस्तर फाइटर आरक्षक 2188 भरत कुमार — कांकेर

  56. बस्तर फाइटर आरक्षक 2216 प्रमोद कुमार — कांकेर

  57. बस्तर फाइटर आरक्षक 2039 अमन मंडावी — कांकेर

  58. बस्तर फाइटर आरक्षक 2023 अमीर कुमार मरकाम — कांकेर

  59. बस्तर फाइटर आरक्षक 2115 अजय कुमार — कांकेर

  60. बस्तर फाइटर आरक्षक 2138 राहुल कुमार सलाम — कांकेर

  61. बस्तर फाइटर आरक्षक 2163 राकेश रावटे — कांकेर

  62. बस्तर फाइटर आरक्षक 2106 विश्वनाथ मंडावी — कांकेर

  63. बस्तर फाइटर आरक्षक 2275 सतीश कुमार यादव — कांकेर

  64. आरक्षक 471 उमेश बेदड़ा — कांकेर

विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक

  1.  मोती लाल कोटवानी — पुलिस उप महानिरीक्षक (विशेष शाखा), पुलिस मुख्यालय, रायपुर।

सराहनीय सेवाओं के लिए पदक

  1.  ओम प्रकाश शर्मा — पुलिस अधीक्षक, माननीय मुख्यमंत्री सुरक्षा, रायपुर

  2.  गायत्री सिंह — सहायक पुलिस महानिरीक्षक (ANTF), पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर

  3. डॉ. अर्चना झा — पुलिस उपायुक्त, यातायात एवं प्रोटोकॉल, कमिश्नरेट, रायपुर

  4.  दीपमाला कश्यप — पुलिस उपायुक्त, जोन उत्तर, कमिश्नरेट, रायपुर

  5.  रमा पटेल — उप सेनानी, 4वीं वाहिनी छसबल, माना-रायपुर

  6. ब्रजेश कुमार तिवारी — सहायक सेनानी, 6वीं वाहिनी छसबल, रायगढ़

  7. सविता सिंह परिहार — उप पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, भिलाई

  8. पिनाकी भट्टाचार्य — निरीक्षक (अ), प्रथम वाहिनी छसबल, भिलाई

  9. राकेश कुमार सिंह — कंपनी कमांडर, STF बघेरा, दुर्ग

  10. नेहरू लाल — प्लाटून कमांडर, STF बघेरा, दुर्ग

पुलिस महानिदेशक ने दी बधाई

पुलिस महानिदेशक द्वारा सभी पदक विजेता अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उनके परिजनों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं। यह सम्मान छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस, समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है।

लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का भव्य आयोजन, पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का होगा विशेष गायन

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नई दिल्ली- देश 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। इस वर्ष का समारोह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली विरासत को समर्पित होगा। साथ ही, विकसित भारत@2047 की दिशा में देश की युवा शक्ति की ऊर्जा, आकांक्षाओं और योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। इस वर्ष पहली बार लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ का विशेष गायन होगा।

प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर

लाल किले पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह करेंगे। इसके बाद दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक ले जाएंगे, जहां सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के संयुक्त दल द्वारा उन्हें सामान्य सलामी दी जाएगी।

इसके बाद प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे। इस वर्ष प्रधानमंत्री के गार्ड ऑफ ऑनर में सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के एक-एक अधिकारी तथा 24-24 जवान शामिल होंगे। स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए इस वर्ष भारतीय सेना समन्वयक सेवा है। गार्ड ऑफ ऑनर की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह संभालेंगे।

तिरंगा फहराने के साथ होगा 21 तोपों की सलामी का समन्वय

गार्ड ऑफ ऑनर के निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इस दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री की सहायता करेंगी। तिरंगा फहराने का कार्यक्रम 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के वीर तोपचियों द्वारा दी जाने वाली 21 तोपों की सलामी के साथ समन्वित होगा।

इस अवसर पर स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया जाएगा। सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत संभालेंगे।

तिरंगे को दिया जाएगा ‘राष्ट्रीय सलाम’

राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के समय सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस से जुड़े जवानों वाला राष्ट्रीय ध्वज गार्ड ‘राष्ट्रीय सलाम’ पेश करेगा। इस इंटर-सर्विसेज गार्ड और पुलिस गार्ड की कमान मेजर लोकेन्द्र सिंह शेखावत संभालेंगे।

तिरंगा फहराए जाने के बाद सेना का बैंड ‘वंदे मातरम्’ की धुन प्रस्तुत करेगा और समारोह में मौजूद सभी लोग राष्ट्रीय गीत का गायन करेंगे। इसके बाद राष्ट्रगान होगा। सेना बैंड का संचालन सूबेदार ईश्वर सिंह करेंगे।

हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा

राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के तुरंत बाद भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टर समारोह स्थल पर पुष्पवर्षा करेंगे। इनमें से एक हेलीकॉप्टर पर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरे पर ‘वंदे मातरम्’ का ध्वज होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करेंगे।

2,500 NCC कैडेट और ‘My Bharat’ स्वयंसेवक होंगे शामिल

प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) और ‘My Bharat’ के स्वयंसेवक ‘वंदे मातरम्’ का गायन करेंगे, जिसके बाद राष्ट्रगान होगा।

इस वर्ष कुल 2,500 बालक एवं बालिका कैडेट तथा ‘My Bharat’ स्वयंसेवक समारोह में भाग लेंगे। ये सभी ज्ञानपथ पर लाल किले की प्राचीर के सामने बैठेंगे और सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे। ज्ञानपथ पर ‘विकसित भारत@2047’ विषय को दर्शाने वाले व्यू-कटर भी लगाए जाएंगे।

देशभर से करीब 5,000 विशेष अतिथि होंगे शामिल

इस वर्ष लाल किले पर आयोजित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के स्वयंसेवक, पीएम मुद्रा योजना की महिला उद्यमी, NAMASTE, PM AJAY और SEED योजनाओं के लाभार्थी, उत्कृष्ट My Bharat स्वयंसेवक, PMAY (Urban) के लाभार्थी, पीएम स्वनिधि के स्ट्रीट वेंडर, स्वच्छ भारत मिशन के शहरी स्वच्छता कर्मी और दिल्ली मेट्रो के उत्कृष्ट कर्मचारी शामिल हैं।

इसके अलावा कर्तव्य पथ एवं सेंट्रल विस्टा में कार्यरत उत्कृष्ट कर्मचारी, युवा नवप्रवर्तक, विभिन्न क्षेत्रों के श्रेष्ठ वैज्ञानिक, भारत टैक्सी के सारथी और चालक, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के श्रेष्ठ इंटर्न, स्टार्टअप इंडिया से जुड़े उत्कृष्ट स्टार्टअप, पीएम कौशल विकास योजना के उत्कृष्ट प्रशिक्षित युवा, सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग ऑर्डरली, पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी, पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर और उत्कृष्ट किसान भी समारोह में शामिल होंगे।

देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 1,500 से अधिक लोग पारंपरिक परिधानों में भी समारोह में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किए गए हैं।

दर्शकों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

समारोह में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए छह स्थानों पर 25 क्लोक रूम बनाए गए हैं। आगंतुकों की सहायता के लिए 200 स्वयंसेवक, जिनमें 100 NCC और 100 My Bharat स्वयंसेवक शामिल हैं, तैनात रहेंगे।

जरूरतमंद लोगों के लिए मेट्रो स्टेशनों और पार्किंग क्षेत्रों में NCC कैडेट व्हीलचेयर सहायता उपलब्ध कराएंगे। 15 अगस्त को सुबह 4 बजे से मेट्रो सेवा शुरू होगी और आमंत्रित अतिथियों के लिए मेट्रो सेवा नि:शुल्क रहेगी। पार्किंग, पैदल यात्रियों के लिए रैंप और यातायात संबंधी जानकारी के लिए Google एवं Mappls Maps पर भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

इस बार नदियों की जगह देश की प्रमुख झीलों के नाम पर होंगे एनक्लोजर

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए बैठने वाले एनक्लोजरों के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं। इनमें डल, चिलिका, लोकटक, सांभर, पुष्कर, पांगोंग त्सो, वुलर, वेम्बनाड, पुलिकट, कोलेरू और अन्य प्रमुख झीलों के नाम शामिल हैं।

स्वच्छता और बारिश से निपटने की भी तैयारी

समारोह के बाद लाल किले पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। NCC कैडेट और My Bharat स्वयंसेवक दर्शकों के जाने के बाद प्लॉगिंग और कचरा हटाने का कार्य करेंगे।

संभावित बारिश को देखते हुए लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में जल निकासी एवं सीवेज व्यवस्था की व्यापक सफाई की जा रही है, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।

स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में प्रतियोगिताएं

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्रालय और MyGov के सहयोग से विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इनमें ‘2047 तक विकसित भारत के निर्माण में AI की भूमिका’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता, ‘भारत 1947 बनाम भारत 2047’ पर चित्रकला प्रतियोगिता और संविधान, स्वतंत्रता आंदोलन, आधुनिक भारत की तकनीकी प्रगति, अंतरिक्ष तथा परमाणु तकनीक से जुड़े ऑनलाइन क्विज शामिल हैं।

इन प्रतियोगिताओं के करीब 600 विजेता भी स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनेंगे।

देशभर में 343 स्थानों पर बैंड प्रदर्शन

देशभक्ति की भावना को मजबूत करने और स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देशभर में 343 प्रमुख स्थानों पर बैंड प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें सेना, नौसेना, वायुसेना, भारतीय तटरक्षक, NCC, CRPF, ITBP, CISF, SSB, BSF, Integrated Defence Staff, RPF और असम राइफल्स के बैंड शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में आम नागरिकों के लिए प्रवेश खुला रहेगा।

अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भी फहराया जाएगा तिरंगा

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय नौसेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।

कुल मिलाकर, 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह भारत की स्वतंत्रता की गौरवशाली विरासत, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा और विकसित भारत@2047 के संकल्प को एक साथ सामने लाएगा। समारोह में युवाओं की भागीदारी, तकनीकी प्रगति, सांस्कृतिक विविधता और देशभक्ति की भावना को विशेष महत्व दिया गया है।

15 अगस्त 2026 को देश मनाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस

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15 अगस्त 2026 को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का भी अवसर है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लाखों लोगों को प्रेरित करने वाले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को पहली बार लाल किले की प्राचीर से गाकर इसकी गौरवशाली विरासत को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

प्रधानमंत्री के लाल किले पहुंचने पर ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और राष्ट्र को अपना परंपरागत संबोधन देंगे। इस वर्ष के समारोह में युवा शक्ति को भी विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में देश के युवाओं के योगदान को सम्मानित किया जाएगा।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष

लाल किले की फूलों से होने वाली सजावट में ‘वंदे मातरम्’ की थीम दिखाई देगी। ज्ञानपथ पर प्राचीर के सामने NCC और MY Bharat के कुल 2,500 छात्र-छात्रा कैडेट एवं स्वयंसेवक ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे। भारतीय वायुसेना का एक Mi-17 हेलीकॉप्टर ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बैनर लेकर लाल किले पर मौजूद लोगों के ऊपर पुष्पवर्षा करेगा।

सैन्य बैंड प्रस्तुतियां

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों को एकजुट और प्रेरित करने वाले राष्ट्रीय गीत को श्रद्धांजलि देने के लिए 8 अगस्त 2026 से देशभर में विभिन्न बैंड प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है।

सेना, नौसेना, वायुसेना, भारतीय तटरक्षक बल, NCC, CRPF, ITBP, CISF, SSB, BSF, Integrated Defence Staff, RPF और असम राइफल्स के बैंड देशभर के 343 प्रमुख स्थानों पर प्रस्तुतियां देंगे। ये कार्यक्रम 15 अगस्त 2026 तक जारी रहेंगे। नागरिकों में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन कार्यक्रमों में आम जनता के लिए प्रवेश खुला रहेगा।

युवा शक्ति: विकसित भारत @2047 की यात्रा का नेतृत्व

स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 में विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की उपलब्धियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान और गणित ओलंपियाड में पदक जीतने वाले 19 छात्र-छात्राओं की उपलब्धियां विज्ञान के क्षेत्र में युवा शक्ति की सफलता का उदाहरण हैं। इन्हें समारोह में आमंत्रित किया गया है और वे लाल किले की प्राचीर पर बैठेंगे।

पृष्ठभूमि में लगाए गए विजुअल्स के माध्यम से परमाणु और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की प्रगति को प्रदर्शित किया जाएगा। गार्ड ऑफ ऑनर क्षेत्र में फूलों की सजावट के माध्यम से विकसित भारत @2047 की भारत की यात्रा को दर्शाया जाएगा।

विशेष अतिथि

विकसित भारत की यात्रा में योगदान देने वाले विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 5,000 उपलब्धि हासिल करने वाले लोगों को समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इनमें शामिल हैं:

  • राष्ट्रीय नवाचार कार्यक्रमों के युवा नवोन्मेषक

  • प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के उत्कृष्ट इंटर्न

  • विभिन्न योजनाओं से सहायता प्राप्त उत्कृष्ट स्टार्टअप

  • PM कौशल विकास योजना के उत्कृष्ट प्रशिक्षित युवा

  • Startup India Seed Fund से समर्थित उत्कृष्ट स्टार्टअप

  • उत्कृष्ट MY Bharat स्वयंसेवक

  • NAMASTE, PM AJAY और SEED योजनाओं के लाभार्थी

  • विभिन्न क्विज एवं प्रतियोगिताओं में चयनित दिल्ली सरकार के स्कूलों के विद्यार्थी

उद्यमियों, नवोन्मेषकों और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले लोगों के विकसित भारत @2047 में योगदान को सम्मानित करने के लिए निम्नलिखित वर्गों से भी विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है:

  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के स्वयंसेवक

  • PM Mudra Yojana की महिला उद्यमी

  • PMAY (U) के उत्कृष्ट लाभार्थी

  • विभिन्न क्षेत्रों के नवोन्मेषक एवं वैज्ञानिक

  • दिल्ली में Bharat Taxi के सारथी/कैब चालक/टैक्सी चालक

  • PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के लाभार्थी

  • PM Vishwakarma योजना के कारीगर

  • प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) योजना के उत्कृष्ट लाभार्थी

  • प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) के उत्कृष्ट किसान

विशेष अतिथियों में ऐसे मौन योद्धा भी शामिल हैं, जो दूसरों की सफलता में सहायता के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। स्वतंत्रता दिवस पर उनके योगदान को भी सम्मानित किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:

  • PM SVANidhi के स्ट्रीट वेंडर

  • स्वच्छ भारत मिशन के शहरी स्वच्छता कर्मचारी

  • उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिल्ली मेट्रो कर्मचारी

  • कर्तव्य पथ/सेंट्रल विस्टा के उत्कृष्ट कर्मचारी

  • दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग ऑर्डरली (वार्ड अटेंडेंट) और अन्य कर्मचारी

विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से दिल्ली में रहने वाले 1,500 से अधिक लोगों को भी पारंपरिक परिधानों में समारोह देखने के लिए आमंत्रित किया गया है। वे लाल किले पर भारत की विविधता का जीवंत स्वरूप प्रस्तुत करेंगे।

प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों की भागीदारी

स्वतंत्रता दिवस से पहले रक्षा मंत्रालय ने MyGov के सहयोग से विभिन्न क्विज और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। इनमें ‘2047 तक विकसित भारत के निर्माण में AI की भूमिका’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता, ‘भारत 1947 बनाम भारत 2047’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता तथा कई ऑनलाइन क्विज शामिल हैं।

इनमें भारतीय संविधान—मौलिक अधिकार, कर्तव्य, प्रमुख अनुच्छेद एवं संविधान निर्माता; भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका—रानी लक्ष्मीबाई से सरोजिनी नायडू तक; आधुनिक भारत के प्रमुख पड़ाव—तकनीकी प्रगति एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की उपलब्धियां; तथा परमाणु प्रौद्योगिकी में भारत की सफलता जैसे विषय शामिल हैं।

इन प्रतियोगिताओं के लगभग 600 विजेता भी स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनेंगे।

अन्य मंत्रालयों/विभागों, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस द्वारा भी नागरिकों को राष्ट्रीय पर्व से जोड़ने के लिए विभिन्न ऑनलाइन और ऑफलाइन क्विज एवं गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

जनसुविधाओं की विशेष व्यवस्था

  • क्लॉक रूम: आगामी समारोह के लिए छह स्थानों पर 25 क्लॉक रूम बनाए गए हैं।

  • हेल्पडेस्क पर स्वयंसेवक: 200 स्वयंसेवक—MY Bharat के 100 और NCC के 100—पुलिसकर्मियों के साथ आगंतुकों की सहायता करेंगे।

  • व्हीलचेयर सुविधा: जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए मेट्रो स्टेशनों और पार्किंग क्षेत्रों में NCC कैडेट 20 व्हीलचेयर के साथ मौजूद रहेंगे।

  • मेट्रो सेवा: 15 अगस्त को लोगों की सुविधा के लिए मेट्रो सेवा सुबह 4 बजे से शुरू होगी। सभी आमंत्रितों को मेट्रो सेवा निःशुल्क उपलब्ध होगी। ई-निमंत्रण के साथ मेट्रो QR कोड दिए जाएंगे।

  • पार्किंग सुविधा: वैध पार्किंग पास/लेबल वाले आगंतुकों के लिए परेड ग्राउंड में पार्किंग की सुविधा होगी।

  • पैदल यात्रियों के लिए रैंप: ऊपरी सुभाष मार्ग से निचले सुभाष मार्ग तक सुगम आवागमन के लिए रैंप और सीढ़ियां बनाई गई हैं।

  • Google एवं Mappls Maps: मुख्य समारोह के दिन यातायात प्रतिबंधों की जानकारी Google और Mappls Maps पर उपलब्ध होगी।

  • रेन पोंचो: मौसम की अनिश्चित परिस्थितियों को देखते हुए माधव दास पार्क और 15 अगस्त पार्क में सभी आमंत्रितों को तथा प्राचीर पर मौजूद गणमान्य अतिथियों को रेन पोंचो उपलब्ध कराए जाएंगे।

निमंत्रण पत्र: जनसेवा और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री ने ‘सेवा तीर्थ’ को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा था कि ‘सेवा तीर्थ’ कर्तव्य, करुणा और राष्ट्र प्रथम की भावना का सशक्त प्रतीक है। यह आने वाली पीढ़ियों को निस्वार्थ सेवा और देशवासियों के कल्याण के लिए समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देगा।

इसी भावना के साथ इस वर्ष के मुख्य समारोह के निमंत्रण पत्र पर ‘सेवा तीर्थ’ को प्रदर्शित किया गया है, ताकि प्रत्येक नागरिक के कल्याण के लिए समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले। निमंत्रण पत्र पर बना धर्म चक्र धर्मपूर्ण कर्तव्य, निरंतर सेवा और निस्वार्थ कर्म की शाश्वत गति का प्रतीक है।

स्वच्छता अभियान

कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता की भावना के साथ इस वर्ष समारोह के बाद लाल किले पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसमें NCC कैडेट और MY Bharat स्वयंसेवक भाग लेंगे।

इस अभियान का उद्देश्य दर्शकों के लौटने के बाद उसी दिन व्यवस्थित तरीके से प्लॉगिंग और कचरे को हटाना है। इसके माध्यम से स्वच्छ भारत अभियान का संदेश दिया जाएगा। अभियान के बाद लाल किला देशभर से आने वाले पर्यटकों के लिए स्वच्छ रूप में उपलब्ध रहेगा।

प्रवेश कक्षों के नाम

VIP संस्कृति को समाप्त करने और जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से गणतंत्र दिवस 2026 में बैठने के कक्षों के नाम भारत की नदियों पर रखे गए थे। स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए इन बैठने के कक्षों के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं।

जल निकासी की व्यवस्था

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान संभावित बारिश को देखते हुए जलभराव रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में जल निकासी एवं सीवेज व्यवस्था की पूरी तरह सफाई की जा रही है, ताकि बारिश की स्थिति में पानी का सुचारु निकास सुनिश्चित किया जा सके।

80वें स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के मुख्य कार्यक्रम में करेंगे ध्वजारोहण

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केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर, उपमुख्यमंत्री अरूण साव दुर्ग और विजय शर्मा बस्तर में फहराएंगे ध्वज

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव जिला मुख्यालय में करेंगे ध्वजारोहण

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आगामी 15 अगस्त, को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में राजधानी रायपुर के पुलिस मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। वहीं मुख्यालय जिला बिलासपुर में केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, दुर्ग में उप मुख्यमंत्री अरुण साव तथा बस्तर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सरगुजा में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा में वन मंत्री केदार कश्यप, कबीरधाम में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहपण करेंगे। इसी प्रकार रायगढ़ में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कांकेर में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सूरजपुर में महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, जशपुर में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, बालोद में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, बलौदाबाजार में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में सांसद विजय बघेल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में सांसद संतोष पांडेय ध्वजारोहण करेंगे।

इसी प्रकार कोंडागांव में सांसद भोजराज नाग, बलरामपुर में सांसद चिंतामणि महाराज, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सांसद  राधेश्याम राठिया, गरियाबंद में सांसद रूपकुमारी चौधरी, सक्ती में सांसद  कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद महेश कश्यप, सुकमा में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में राज्यसभा सांसद  लक्ष्मी वर्मा ध्वजारोहण करेंगे।

जिला कोरबा में विधायक अमर अग्रवाल, धमतरी में विधायक अजय चंद्राकर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में विधायक धरमजीत सिंह, मुंगेली जिला मुख्यालय में विधायक पुन्नूलाल मोहले, कोरिया में विधायक भैय्या लाल राजवाड़े और नारायणपुर जिला मुख्यालय में विधायक लता उसेंडी स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। इस अवसर पर समस्त मुख्य अतिथि जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

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