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डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने WTDC 25 में भारत की डिजिटल नेतृत्व और ITU साझेदारी को रेखांकित किया

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केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने आज बाकू में WTDC 25 के सत्रों के दौरान आयोजित नेटवर्किंग ब्रेकफास्ट को संबोधित किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के साथ भारत की 150 वर्षों से चली आ रही साझेदारी को दोहराया।

अपने संबोधन में मंत्री ने भारत की ठोस उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारत ने एक अरब नागरिकों को इंटरनेट से जोड़ा, 1.4 अरब लोगों को सेवा देने वाली दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली बनाई, और अब वैश्विक डिजिटल लेनदेन का 46 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अपने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से संचालित करता है। साथ ही, इन प्रणालियों को खुला, सुलभ और किफायती बनाए रखने का भी ध्यान रखा गया।

मंत्री ने भारत के वैश्विक योगदान पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल पहचान, भुगतान और शासन में भारत की नवाचार क्षमताएं अफ्रीका, एशिया और प्रशांत क्षेत्र के देशों को समर्थन प्रदान कर रही हैं। यह योगदान केवल वाणिज्यिक हितों के लिए नहीं, बल्कि यह मान्यता देते हुए किया गया है कि डिजिटल क्षमताओं को साझा किया जाना चाहिए। भारत के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने स्पेक्ट्रम प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और डिजिटल शासन में हजारों पेशेवरों को प्रशिक्षित किया है। साथ ही, भारत ने हमेशा समान स्पेक्ट्रम आवंटन, किफायती सैटेलाइट ब्रॉडबैंड और तकनीकी हस्तांतरण के माध्यम से विकासशील देशों को सशक्त बनाने का समर्थन किया है।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने 2027–2030 के लिए ITU काउंसिल में पुन: चुनाव हेतु भारत की उम्मीदवारी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को बढ़ावा देगा, तकनीकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण जैसे व्यावहारिक समाधानों का समर्थन करेगा और क्षेत्रों के बीच सहमति बनाने में मदद करेगा। मंत्री ने रेडियो कम्यूनिकेशन ब्यूरो के निदेशक के लिए भारत की नामांकन की भी घोषणा की, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि भारत नवाचार-प्रधान, भविष्य-सक्षम स्पेक्ट्रम शासन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देगा।

अंत में मंत्री ने यह दोहराया कि भारत का समर्थन मांगना सतत कार्रवाई, पारदर्शी सहभागिता और डिजिटल परिवर्तन से गुजर रहे देशों के प्रति वास्तविक एकजुटता पर आधारित है। भारत सभी सदस्य देशों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि कनेक्टिविटी के लाभ हर नागरिक तक पहुँच सकें।

भारत का दृष्टिकोण: सतत, सुरक्षित और समावेशी वैश्विक डिजिटल भविष्य

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केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मसानी चंद्र शेखर ने आज बाकू में आयोजित वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन डेवलपमेंट कॉन्फ्रेंस (WTDC-25) के उच्च-स्तरीय सत्र को संबोधित किया और भारत का सतत, सुरक्षित और समावेशी वैश्विक डिजिटल भविष्य के लिए दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

उन्होंने भारत के “वसुधैव कुटुम्बकम” के आदर्श—“सारा विश्व एक परिवार है”—को दोहराया और 1869 से आईटीयू के साथ भारत की गहरी साझेदारी को उजागर किया।

मंत्री ने कहा कि साइबर सुरक्षा वैश्विक जिम्मेदारी है, और देशों से resilient (मजबूत) एवं पार-अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा ढांचों पर सहयोग करने का आग्रह किया।

भारत के अभूतपूर्व डिजिटल परिवर्तन को प्रदर्शित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे जुड़े हुए समाजों में से एक बन चुका है, जिसमें 1.2 अरब टेलीकॉम सब्सक्राइबर, 1 अरब इंटरनेट उपयोगकर्ता और 1.4 अरब डिजिटल पहचान शामिल हैं।

उन्होंने भारत के $4.8 बिलियन के अंतिम मील 4G विस्तार और दुनिया के सबसे तेज 5G रोलआउट—जो अब 99% जिलों में उपलब्ध है—को वैश्विक मानकों को नई ऊँचाई पर पहुँचाने वाला बताया।

मंत्री ने कहा, “दुनिया में सबसे कम डेटा शुल्क, उच्चतम डेटा खपत, और एक ऐसा डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जो 46% वैश्विक डिजिटल लेन-देन को सक्षम करता है, ने साबित किया है कि पहुंच, किफायतीपन और पैमाना एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।”

साइबर सुरक्षा पर उन्होंने भारत की सिटिजन-सेंट्रिक सुरक्षा प्रणालियों जैसे संचार साथी और फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर को उजागर किया, जिन्होंने मिलकर 3 करोड़ धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शन को ब्लॉक किया और 66 लाख वित्तीय धोखाधड़ी प्रयासों को रोका। उन्होंने कहा, “साइबर सुरक्षा अब केवल राष्ट्रीय चिंता नहीं, बल्कि वैश्विक आवश्यकता बन गई है—और भारत हर डिजिटल उपयोगकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले भरोसेमंद, सहयोगात्मक ढांचे बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

वैश्विक डिजिटल एकता की अपील करते हुए डॉ. चंद्र शेखर ने सभी आईटीयू सदस्य देशों के साथ नज़दीकी साझेदारी की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “जैसे नदियाँ साथ बहने पर अधिक शक्तिशाली होती हैं, भारत वैश्विक समुदाय के साथ हाथ मिलाने और एक ऐसा डिजिटल इकोसिस्टम बनाने के लिए तैयार है, जो लोगों को सशक्त बनाए, हमारे ग्रह की सुरक्षा करे और किसी भी राष्ट्र को पीछे न छोड़े।”

WTDC-25 के बारे में

वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन डेवलपमेंट कॉन्फ्रेंस (WTDC) को इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन के डेवलपमेंट सेक्टर (ITU-D) द्वारा आयोजित किया जाता है, ताकि वैश्विक स्तर पर टेलीकॉम और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार और सुधार के लिए प्राथमिकताएँ तय की जा सकें। WTDC में सरकार, उद्योग नेता और विशेषज्ञ मिलकर रणनीतियाँ, नीतियाँ और कार्यक्रम तय करते हैं, जो देशों, विशेषकर विकासशील देशों, की ICT (सूचना एवं संचार तकनीक) संरचना को मजबूत करने, डिजिटल विभाजन को कम करने और समावेशी डिजिटल विकास को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। WTDC-25, जो बाकू में शुरू हुआ, अगले वैश्विक विकास कार्यों के चक्र को आकार देगा, जिसका फोकस सार्वभौमिक, सार्थक और किफायती कनेक्टिविटी हासिल करने पर है।


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