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Technology Development Board का बड़ा कदम: CAR-NK थेरेपी के लिए East Ocyon Bio Private Limited को समर्थन

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भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत Technology Development Board (TDB) ने गुरुग्राम स्थित East Ocyon Bio Private Limited को “CAR-NK आधारित सेल थेरेपी विकास एवं कठिन-उपचार योग्य ट्यूमर तथा लीशमैनियासिस के लिए क्लिनिकल परीक्षण” परियोजना हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह परियोजना भारत में पहली बार ऑफ-द-शेल्फ CAR-NK सेल थेरेपी के लिए एक प्लेटफॉर्म-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्नत इम्यूनोथेरेपी और बायोथेरेप्यूटिक्स निर्माण क्षमता को सुदृढ़ करेगा।

CAR-NK (काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर–नेचुरल किलर) सेल थेरेपी पारंपरिक ऑटोलॉगस CAR-T थेरेपी की तुलना में अधिक सुरक्षित और स्केलेबल विकल्प के रूप में उभर रही है। इसमें स्वस्थ दाताओं से NK कोशिकाओं को अलग कर उनका विस्तार किया जाता है और उन्हें रोग-विशिष्ट लक्ष्यों के विरुद्ध CAR संरचना के साथ इंजीनियर किया जाता है। CAR-T थेरेपी के विपरीत, CAR-NK थेरेपी तुरंत उपलब्ध होती है, निर्माण प्रक्रिया सरल होती है, ग्राफ्ट-वर्सस-होस्ट डिजीज (GvHD) का जोखिम कम होता है तथा साइटोकाइन रिलीज सिंड्रोम (CRS) और न्यूरोटॉक्सिसिटी की संभावना भी अपेक्षाकृत कम रहती है।

इस परियोजना के अंतर्गत कंपनी निम्नलिखित विकसित और व्यावसायीकरण करने का प्रस्ताव रखती है:

  • मल्टीपल प्रतिरोधी ठोस ट्यूमर के लिए Anti-PD-L1 CAR-NK सेल थेरेपी

  • लीशमैनियासिस के उपचार हेतु CAR-NK आधारित नई इम्यूनोथेरेप्यूटिक रणनीति

“यह स्वदेशी तकनीकी प्लेटफॉर्म एलोजेनिक, ऑफ-द-शेल्फ CAR-NK और CAR-गामा डेल्टा (γδ) टी-सेल थेरेपी पर आधारित है…”,जिन्हें स्वस्थ दाताओं से प्राप्त कर बड़े पैमाने पर इंजीनियर किया जाएगा, GMP-अनुकूल प्रणालियों के अंतर्गत क्रायो-प्रिजर्व किया जाएगा और बिना रोगी-मैचिंग के उपयोग में लाया जाएगा। यह प्रक्रिया लागत-प्रभावशीलता, तीव्र उपलब्धता और व्यापक पहुंच सुनिश्चित करेगी। प्रमुख नवाचार में PD-L1 लक्षित CAR संरचना को NK कोशिकाओं में गामा-रेट्रोवायरल प्लेटफॉर्म के माध्यम से समाहित किया गया है, जिससे उच्च अभिव्यक्ति दक्षता और दीर्घकालिक कार्यक्षमता सुनिश्चित होती है।

इस अवसर पर TDB के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि यह समर्थन उच्च-प्रभाव वाली उन्नत तकनीकों को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो अपूर्ण चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ स्वदेशी निर्माण क्षमताओं को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि देश में उन्नत सेल थेरेपी प्लेटफॉर्म विकसित होने से आयातित उपचारों पर निर्भरता कम होगी और भारत अगली पीढ़ी की इम्यूनोथेरेपी में प्रतिस्पर्धी भूमिका निभा सकेगा।

कंपनी के सह-संस्थापक डॉ. रेनु और डॉ. दिनेश कुंडू ने कहा कि TDB का सहयोग CAR-NK प्लेटफॉर्म के क्लिनिकल अनुवाद को गति देगा और प्रयोगशाला नवाचार से मरीजों तक पहुंच के बीच की दूरी को कम करेगा। उनका मानना है कि स्वदेशी, स्केलेबल और किफायती सेल थेरेपी प्लेटफॉर्म का विकास भारत और विश्व स्तर पर कैंसर एवं संक्रामक रोगों के उपचार परिदृश्य में परिवर्तन ला सकता है।

यह परियोजना भारत के बायो-इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने, तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाने और अत्याधुनिक उपचारों की सुलभता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप है।

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