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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026: अधिकार, न्याय और कार्रवाई के साथ महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में भारत

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नई दिल्ली- हर वर्ष International Women’s Day 8 मार्च को विश्वभर में मनाया जाता है। वर्ष 2026 के लिए इसका वैश्विक विषय “Rights. Justice. Action. For ALL Women and Girls” निर्धारित किया गया है, जो महिलाओं के अधिकारों को सुदृढ़ करने, न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने और लैंगिक समानता के लिए ठोस कार्रवाई पर बल देता है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों, नेतृत्व और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान को सम्मान देने का अवसर है। यह दिन लैंगिक समानता, सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता को भी पुनः स्थापित करता है।

महिला अधिकारों की ऐतिहासिक यात्रा

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 20वीं सदी की शुरुआत में उत्तरी अमेरिका और यूरोप के श्रमिक आंदोलनों से हुई। वर्ष 1917 में रूस में महिलाओं ने “रोटी और शांति” की मांग को लेकर हड़ताल की थी, जिसके बाद 8 मार्च की तिथि को प्रतीकात्मक रूप से अपनाया गया। बाद में United Nations ने 1977 में इस दिवस को औपचारिक मान्यता दी।

आज यह दिवस दुनिया के अनेक देशों में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक उपलब्धियों को सम्मान देने और उनके अधिकारों को मजबूत करने के लिए मनाया जाता है।

“Give to Gain” वैश्विक अभियान

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर “Give to Gain” वैश्विक अभियान भी चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि जब व्यक्ति, संगठन और समाज मिलकर महिलाओं को अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, तो उससे समाज अधिक समावेशी और सशक्त बनता है।

भारत में महिला-नेतृत्व वाला विकास

भारत में विकास की अवधारणा समय के साथ “महिलाओं के लिए विकास” से आगे बढ़कर “महिला-नेतृत्व वाले विकास” तक पहुंच गई है। अब महिलाओं को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं बल्कि आर्थिक और सामाजिक प्रगति के प्रमुख प्रेरक के रूप में देखा जा रहा है।

देश में शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन, सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में कई पहलें महिलाओं के सशक्तिकरण को मजबूत कर रही हैं। स्वयं सहायता समूह, उद्यमिता योजनाएँ और कौशल विकास कार्यक्रम महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और उद्यम निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं।

संविधान में लैंगिक समानता की गारंटी

भारत का संविधान महिलाओं को समान अधिकार प्रदान करता है और लैंगिक भेदभाव को निषिद्ध करता है।

  • अनुच्छेद 15 – धर्म, जाति, लिंग आदि के आधार पर भेदभाव को प्रतिबंधित करता है।

  • अनुच्छेद 16 – सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर सुनिश्चित करता है।

  • अनुच्छेद 39 – पुरुषों और महिलाओं के लिए समान आजीविका के अवसर सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।

  • अनुच्छेद 42 – मातृत्व राहत और मानवीय कार्य परिस्थितियों का प्रावधान करता है।

भारत ने स्वतंत्रता के समय से ही सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार लागू किया, जिससे महिलाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में समान भागीदारी का अधिकार मिला।

शिक्षा और अवसरों का विस्तार

महिलाओं के सशक्तिकरण की नींव शिक्षा से जुड़ी है। समग्र शिक्षा अभियान, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, और उच्च शिक्षा में विशेष सीटों जैसी पहलों ने लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा दिया है।

उच्च शिक्षा में महिला नामांकन 2014-15 के 1.57 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में 2.18 करोड़ हो गया है। इसी अवधि में महिला सकल नामांकन अनुपात 22.9 से बढ़कर 30.2 हो गया।

Sukanya Samriddhi Yojana, जो Beti Bachao Beti Padhao अभियान के अंतर्गत 2015 में शुरू की गई, बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य के लिए बचत को प्रोत्साहित करती है। दिसंबर 2025 तक इस योजना के तहत 4.53 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं।

स्वास्थ्य, पोषण और गरिमा

महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए कई योजनाएँ लागू की गई हैं।

  • Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana के तहत मातृत्व सहायता प्रदान की जाती है।

  • Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के माध्यम से 10.56 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन महिलाओं को दिए गए हैं।

  • Jal Jeevan Mission के तहत ग्रामीण घरों में नल से जल की उपलब्धता 16.72% से बढ़कर 81% से अधिक हो गई है।

  • Swachh Bharat Mission के अंतर्गत 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए हैं।

इन प्रयासों से भारत में मातृ मृत्यु अनुपात 130 (2014-16) से घटकर 88 (2021-23) हो गया है।

सुरक्षा और न्याय

महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए Mission Shakti के तहत वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन और SHe-Box पोर्टल जैसी व्यवस्थाएँ स्थापित की गई हैं।

इसके अलावा Sexual Harassment of Women at Workplace Act 2013 कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करता है।

राजनीतिक भागीदारी में वृद्धि

स्थानीय शासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 73rd Constitutional Amendment Act और 74th Constitutional Amendment Act के माध्यम से पंचायतों और शहरी निकायों में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गईं।

हाल ही में पारित Nari Shakti Vandan Adhiniyam लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान करता है।

आर्थिक सशक्तिकरण

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ लागू की गई हैं।

  • Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihood Mission के तहत 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवार स्वयं सहायता समूहों से जुड़े हैं।

  • Pradhan Mantri Mudra Yojana के तहत दिए गए ऋणों में लगभग 68% लाभार्थी महिलाएँ हैं।

  • Stand-Up India के माध्यम से 2 लाख से अधिक महिला उद्यमियों को सहायता मिली है।

इसके अतिरिक्त NaMo Drone Didi जैसी पहलें ग्रामीण महिलाओं को नई तकनीकों से जोड़ रही हैं।

विकसित भारत 2047 की दिशा में नारी शक्ति

आज महिलाएँ उद्यमिता, विज्ञान, शासन, कृषि और तकनीक सहित अनेक क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से लेकर स्टार्ट-अप और स्थानीय शासन तक, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भारत के विकास को अधिक समावेशी और सशक्त बना रही है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 इस परिवर्तन को रेखांकित करता है और यह संदेश देता है कि अधिकार, न्याय और ठोस कार्रवाई के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी ही विकसित भारत 2047 की आधारशिला है।


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर “शक्ति वॉक – #SheLeadsBharat” का आयोजन कर्तव्य पथ पर

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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कल 8 मार्च 2026 को “शक्ति वॉक – #SheLeadsBharat” नामक महिला-नेतृत्व वाली पदयात्रा का आयोजन कर्तव्य पथ पर करेगा।

International Women’s Day, जो हर वर्ष 8 मार्च को विश्वभर में मनाया जाता है, जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों, नेतृत्व और योगदान का सम्मान करता है तथा लैंगिक समानता, सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराता है। इसी भावना के साथ शक्ति वॉक का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य एक प्रगतिशील और समावेशी भारत के निर्माण में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका को उजागर करना है।

शक्ति वॉक का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व और योगदान का उत्सव मनाना, महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करना, महिलाओं के लिए चल रही प्रमुख सरकारी योजनाओं और पहलों को प्रदर्शित करना, विविध पृष्ठभूमि की महिलाओं के बीच एकजुटता और सामूहिक गर्व की भावना को बढ़ावा देना तथा यह संदेश देना है कि महिला-नेतृत्व वाला विकास राष्ट्रीय प्रगति का एक महत्वपूर्ण आधार है।

यह पदयात्रा सुबह 7:30 बजे से 10:00 बजे तक आयोजित की जाएगी और लगभग 2 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, जो “इंडिया गेट से विजय चौक तक कर्तव्य पथ के मार्ग पर होगी।

इस कार्यक्रम में लगभग 3000 महिलाओं के भाग लेने की अपेक्षा है, जो 150 से अधिक मंत्रालयों, विभागों और संगठनों का प्रतिनिधित्व करेंगी। इनमें सशस्त्र बलों, पुलिस, मीडिया, स्वास्थ्य सेवा, खेल, सरकारी संस्थानों, उद्योग और जमीनी संगठनों की प्रतिनिधि महिलाएँ शामिल होंगी। प्रतिभागी #SheLeadsBharat विषय के अंतर्गत एक साथ पदयात्रा करेंगे, जो एक प्रगतिशील और समावेशी भारत के निर्माण में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करेगा।

भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की महिला अधिकारी भी इसमें भाग लेंगी। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों की भी भागीदारी देखने को मिलेगी।

इस पदयात्रा का नेतृत्व महिला जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा, जिनमें केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, संसद सदस्य, विधायक तथा विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट महिला नेता और प्रमुख हस्तियाँ शामिल होंगी।

कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य व्यक्तियों के संक्षिप्त संबोधन से होगी, जिसके बाद पदयात्रा को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

कर्तव्य पथ पर महिलाओं के लिए सरकार की प्रमुख योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली विशेष स्थापनाएँ (इंस्टॉलेशन) भी प्रदर्शित की जाएंगी।

इंडिया गेट पर एक विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति आयोजित की जाएगी, जो नारी शक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना का उत्सव मनाएगी। इसमें डोल्लू कुनीथा, कलारीपयट्टू, श्रृंगारिमेलम, रनचंडी और घूमर जैसे पारंपरिक प्रस्तुतियाँ शामिल होंगी, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और महिलाओं की शक्ति को दर्शाती हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन से होगी। इस अवसर पर “Shakti Walk – #SheLeadsBharat” संदेश वाले गुब्बारे भी आकाश में छोड़े जाएंगे।

ये समारोह विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करते हैं।


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मानेकशॉ सेंटर में राष्ट्रीय समारोह आयोजित होगा

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भारत सरकार कल 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का उत्सव मना रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में एक राष्ट्रीय स्तर का समारोह आयोजित करेगा, जिसमें भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।

यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी तथा महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, जो हर वर्ष 8 मार्च को विश्वभर में मनाया जाता है, विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों और योगदान का सम्मान करता है तथा लैंगिक समानता, सुरक्षा, सम्मान और महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को पुनः दृढ़ करता है।

कार्यक्रम की शुरुआत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक के स्वागत भाषण से होगी। इसके बाद ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती कार्यबल भागीदारी को प्रदर्शित किया जाएगा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रमुख नीतियों और योजनाओं को भी दिखाया जाएगा।

इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य संबोधन (Keynote Address) देंगी।

इसके पश्चात महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी सभा को संबोधित करेंगी और देश में महिला-नेतृत्व वाले विकास को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदमों और पहलों पर प्रकाश डालेंगी।

उद्घाटन सत्र के बाद कार्यक्रम में दो पैनल चर्चाएँ आयोजित की जाएंगी।

  • पहली पैनल चर्चा का विषय होगा “लेबर कोड्स – महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा”।

  • दूसरी पैनल चर्चा “स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ उद्यमी के रूप में” विषय पर केंद्रित होगी।

इस कार्यक्रम में लगभग 1000 महिलाओं के भाग लेने की अपेक्षा है, जो 150 से अधिक मंत्रालयों, विभागों और संगठनों का प्रतिनिधित्व करेंगी। इनमें सशस्त्र बलों, पुलिस, मीडिया, स्वास्थ्य सेवा, खेल तथा अन्य क्षेत्रों की प्रतिनिधि महिलाएँ शामिल होंगी। यह देशभर में महिलाओं के विविध योगदान और भारत सरकार की महिला-नेतृत्व वाले विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह कार्यक्रम लाइव वेबकास्ट के माध्यम से भी देखा जा सकेगा:


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