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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भूटान की आधिकारिक यात्रा पर, भारत–भूटान आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित

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 केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण 30 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025 तक भूटान की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा में वे वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं।

सीतारमण अपनी आधिकारिक यात्रा की शुरुआत ऐतिहासिक संगचेन चोेखोर मठ से करेंगी, जिसकी स्थापना वर्ष 1765 में हुई थी। यह मठ 100 से अधिक भिक्षुओं का अध्ययन केंद्र है, जहाँ उन्नत बौद्ध दर्शन का अध्ययन कराया जाता है।

यात्रा के दौरान, वे भारत सरकार के सहयोग से संचालित कई प्रमुख परियोजनाओं का दौरा करेंगी, जिनमें कुरिचू हाइड्रोपावर प्लांट डैम और पावरहाउस, ग्यालसंग अकादमी, संगचेन चोेखोर मठ और पुनाखा जोंग शामिल हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री भूटान के राजा महामहिम जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक और भूटान के प्रधानमंत्री महामहिम दशो त्शेरिंग टोबग से शिष्टाचार भेंट करेंगी। इसके अलावा, वे भूटान के वित्त मंत्री श्री लेकी दोरजी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगी, जिसमें भारत–भूटान के आर्थिक और वित्तीय सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।

आधिकारिक कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, श्रीमती सीतारमण निम्नलिखित विषयों पर प्रस्तुतियों में भाग लेंगी —

  • भूटान की ऊर्जा क्षेत्र पर ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DGPC) की प्रस्तुति,

  • भूटान की 21वीं सदी की आर्थिक रोडमैप,

  • ड्रुक पीएनबी और बैंक ऑफ भूटान द्वारा बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र पर प्रस्तुति,

  • और गेलफू माइंडफुलनेस सिटी प्रोजेक्ट पर प्रस्तुति।

वित्त मंत्री कॉटेज एंड स्मॉल इंडस्ट्री (CSI) मार्केट का भी दौरा करेंगी, जहाँ वे भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से एक लेनदेन का अवलोकन करेंगी। यह दोनों देशों के बीच डिजिटल और वित्तीय जुड़ाव को और सशक्त बनाने का प्रतीक है।

यात्रा के अंतिम चरण में, सीतारमण भूटान के पुनाखा जोंग — देश का दूसरा सबसे पुराना और दूसरा सबसे बड़ा जोंग — का दौरा करेंगी। वहाँ जाते समय वे भूटानी किसानों से भी संवाद करेंगी, ताकि उनके कृषि अभ्यासों, चुनौतियों और अवसरों को समझा जा सके।

यह यात्रा भारत और भूटान के बीच गहरे और भरोसेमंद साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो परस्पर सम्मान, विश्वास और क्षेत्रीय प्रगति एवं समृद्धि की साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।

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