Media24Media.com: #HighwayProject

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #HighwayProject. Show all posts
Showing posts with label #HighwayProject. Show all posts

NH-160A हाईवे परियोजना को मंजूरी, 3,320 करोड़ रुपये की लागत से महाराष्ट्र में सड़क नेटवर्क को बड़ी मजबूती

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने महाराष्ट्र में घोटी–त्र्यंबकेश्वर (मोखाडा)–जवाहर–मनोऱ–पालघर खंड (NH-160A) के पुनर्वास और उन्नयन परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लंबाई 154.635 किलोमीटर है और इसकी कुल पूंजीगत लागत 3,320.38 करोड़ रुपये है।

यह परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर लागू की जाएगी।

नासिक और मुंबई क्षेत्र को मिलेगा वैकल्पिक मार्ग

नासिक के पश्चिमी क्षेत्र, विशेषकर अंबाड और सतपुर औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में उद्योग इकाइयाँ हैं, जिससे भारी मालवाहक यातायात उत्पन्न होता है। वर्तमान में यह यातायात नासिक शहर से होकर गुजरता है, जिससे शहरी सड़कों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।

NH-160A के उन्नयन से औद्योगिक क्षेत्रों को त्र्यंबकेश्वर के माध्यम से वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे नासिक शहर में यातायात जाम में कमी आएगी।

4-लेन हाईवे और बेहतर कनेक्टिविटी

  • वर्ष 2028 के बाद इस कॉरिडोर पर यातायात 10,000 PCU प्रतिदिन से अधिक होने का अनुमान है, जिससे इसे 4-लेन हाईवे में विकसित किया जाएगा।

  • त्र्यंबकेश्वर से पालघर और मनोऱ तक का मार्ग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, NH-48 और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों को जोड़ेगा।

  • शहरी क्षेत्रों में यातायात को सुगम बनाने के लिए मनोऱ–पालघर खंड को 4-लेन किया जाएगा।

PM गति शक्ति योजना के तहत विकास

यह परियोजना पीएम गति शक्ति सिद्धांतों के अनुरूप प्रस्तावित है और महाराष्ट्र में:

  • 6 आर्थिक नोड्स

  • 7 सामाजिक नोड्स

  • 8 लॉजिस्टिक्स नोड्स
    को जोड़ेगी।
    इससे देश के लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस इंडेक्स (LPI) में भी सुधार होगा।

आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा

इस परियोजना से:

  • यात्रा समय में कमी आएगी

  • वाहन परिचालन लागत घटेगी

  • आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास होगा

  • क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा

परियोजना से लगभग:

  • 19.98 लाख व्यक्ति-दिन का प्रत्यक्ष रोजगार

  • 24.86 लाख व्यक्ति-दिन का अप्रत्यक्ष रोजगार
    उत्पन्न होने का अनुमान है।

परियोजना का विवरण

  • परियोजना नाम: घोटी–त्र्यंबकेश्वर–जवाहर–मनोऱ–पालघर (NH-160A) उन्नयन

  • कुल लंबाई: 154.635 किमी

  • कुल लागत: ₹3,320.38 करोड़

  • मोड: EPC

  • प्रमुख एक्सप्रेसवे कनेक्शन: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग

  • प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-848, NH-48

  • प्रमुख शहर: त्र्यंबकेश्वर, जवाहर, मनोऱ, पालघर, मुंबई, नासिक


बिहार को मिली नई सौगात: साहेबगंज-अरेराज-बेतिया NH-139W परियोजना को मिली मंजूरी

No comments Document Thumbnail

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग-139W के साहेबगंज-अरेराज-बेतिया खंड को 4-लेन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह परियोजना हाइब्रिड एन्‍युइटी मोड (HAM) पर विकसित की जाएगी, जिसकी कुल लंबाई 78.942 किमी और कुल पूंजी लागत ₹3,822.31 करोड़ होगी।

प्रस्तावित 4-लेन ग्रीनफील्ड परियोजना का उद्देश्य राज्य की राजधानी पटना को बेतिया से जोड़ते हुए उत्तर बिहार के जिलों वैशाली, सारण, सिवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण तक, भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र तक बेहतर संपर्क प्रदान करना है। यह परियोजना लंबी दूरी के माल परिवहन को समर्थन देगी, प्रमुख अवसंरचना तक पहुँच को सुगम बनाएगी और कृषि क्षेत्रों, औद्योगिक क्षेत्रों एवं सीमा-पार व्यापार मार्गों से संपर्क सुधारकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देगी।

यह परियोजना 7 पीएम गति शक्ति आर्थिक नोड्स, 6 सामाजिक नोड्स, 8 लॉजिस्टिक नोड्स और 9 प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक केंद्रों को जोड़ेगी। इसके माध्यम से बिहार की प्रमुख धरोहरों और बौद्ध पर्यटन स्थलों तक पहुँच सुधरेगी, जिनमें केसरिया बुद्ध स्तूप (साहेबगंज), सोमेश्वरनाथ मंदिर (अरेराज), जैन मंदिर और विश्व शांति स्तूप (वैशाली) तथा महावीर मंदिर (पटना) शामिल हैं। इससे बौद्ध परिपथ (Buddhist Circuit) और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन की संभावनाएँ मजबूत होंगी।

एनएच-139W को उच्च गति वाले कनेक्टिविटी मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा, जो वर्तमान में जामग्रस्त और ज्यामितीय रूप से कमजोर वैकल्पिक मार्गों का स्थान लेगा। यह परियोजना एनएच-31, एनएच-722, एनएच-727, एनएच-27 और एनएच-227A से महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करेगी।

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट औसतन 80 किमी/घंटा की वाहन गति को समर्थन देगा (डिजाइन गति 100 किमी/घंटा है)। इससे साहेबगंज से बेतिया के बीच की यात्रा अवधि 2.5 घंटे से घटकर मात्र 1 घंटा रह जाएगी। यह यात्री और माल वाहनों के लिए तेज, सुरक्षित और निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।

78.94 किमी लंबी इस प्रस्तावित परियोजना से करीब 14.22 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार और 17.69 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होगा। परियोजना के आस-पास आर्थिक गतिविधि बढ़ने से अतिरिक्त रोजगार अवसर भी पैदा होंगे।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.