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मुख्य सचिव ने बच्चों के लिए स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लेकर यूनिसेफ और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली

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बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता सेवाओं को मजबूत करने पर जोर

जिलों में पोषण कार्यक्रमों के विस्तार पर हुई चर्चा

रायपुर- मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य में बच्चों के लिए चलाये जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लेकर यूनिसेफ और राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारी की बैठक ली।

बैठक में राज्य में बच्चों के लिए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, साफ-सफाई और स्वच्छता सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाये जाने के लिए विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बच्चों में कुपोषण, एनिमिया, विकास में देरी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई है। बच्चों के स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, फोलेट, विटामिन, बी-12 और जिंक  की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूनिसेफ और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में मातृ एवं  शिशु मृत्यु दर, एनिमिया नियंत्रण, कुपोषण और बाल विवाह जैसी समस्याओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

अधिकारियों और यूनिसेफ की संयुक्त बैठक में बच्चों के कम्यूनिटी मेनेजमेंट का सभी जिलों तक विस्तार करने, विकलांगता वाले बच्चों के माता-पिता को खानपान संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। बैठक में टेक होम राशन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने के साथ-साथ घर पर पोष्टिक भोजन और बच्चों को भोजन खिलाने की बेहतर पद्धतियों को बढ़ावा देने के संबंध में जानकारी दी गई। अनाज, दाल, फल्लियों की उपलब्धता ग्राम पंचायत स्तर पर अनाज बैंक की अवधारणा पर भी चर्चा हुई। 

इसके साथ ही राज्य के किसानों तक विविध एवं पोषक तत्वों से भरपूर फसलों और दालों की पहुंच बढ़ाने के लिए अच्छे बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि राज्य में एंटी-मलेरिया अभियान के चलते मलेरिया के रोगियों में उल्लेखनीय कमी आयी है। बच्चों में एनिमिया की स्थिति के बारे में चर्चा हुई। इसके तहत बस्तर में बच्चों मे एनिमिया से निपटने विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाए जा रहे है। मुख्य सचिव ने सभी जिलों में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, जमीन स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और लोगों तक जरूरी सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए है।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋर्चा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव अब्दुल कैसर हक, गृह विभाग की सचिव नेहा चंपावत, आयुक्त समग्र शिक्षा किरण  कौशल सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

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