Media24Media.com: #Haryana

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #Haryana. Show all posts
Showing posts with label #Haryana. Show all posts

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सख्ती: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने हरियाणा सरकार के साथ की समीक्षा बैठक, सर्दियों से पहले तेज़ कार्रवाई के निर्देश

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए चल रहे प्रयासों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में हरियाणा के पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सर्दियों के मौसम से पहले उपलब्ध समय का पूरा उपयोग मिशन मोड में प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने समयबद्ध कार्रवाई, बेहतर समन्वय और सख्त निगरानी पर विशेष जोर दिया।

सड़कों की धूल और सफाई पर विशेष ध्यान

भूपेंद्र यादव ने सड़कों के दोनों ओर हरियाली विकसित करने, गड्ढों की शीघ्र मरम्मत, फुटपाथ निर्माण और नियमित गहरी सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सितंबर तक सभी मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों (MRSM) की तैनाती पूरी कर उन्हें जियो-टैग किया जाए, ताकि सफाई कार्य की रियल-टाइम निगरानी हो सके।

इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

मंत्री ने एनसीआर के हरियाणा नगर निगम क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही सात नगर निगम क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की तेज़ स्थापना के लिए हरियाणा सरकार की सराहना की।

पुराने वाहनों पर सख्ती

बैठक में एंड-ऑफ-लाइफ (EoL) वाहनों को एनसीआर से बाहर स्थानांतरित करने के लिए एनओसी प्रक्रिया तेज़ करने और पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।

'No PUCC, No Fuel' अभियान होगा सख्त

मंत्री ने सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने के निर्देश दिए, ताकि 'No PUCC, No Fuel' अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। साथ ही ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों की पहचान कर त्वरित समाधान के निर्देश भी दिए।

उद्योगों और कचरा प्रबंधन पर भी जोर

औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) और एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस (APCDs) जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए गए। निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे के प्रबंधन, पुराने कचरे के निस्तारण और नगर निगम के ठोस कचरे के 100% संग्रहण पर भी जोर दिया गया।

पराली जलाने पर रोक के लिए विशेष योजना

भूपेंद्र यादव ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट (CRM) मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने, किसानों को प्रशिक्षण देने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन से उद्योगों की फसल अवशेष उपयोग क्षमता का सर्वे कराने और मांग-आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने को भी कहा।

बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि "वायु प्रदूषण की चुनौती का समाधान तभी संभव है, जब सरकार और समाज मिलकर 'Whole of Government' और 'Whole of Society' दृष्टिकोण अपनाएं।" वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

राजस्थान-हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना पर ऐतिहासिक समझौता, तीन दशक पुरानी पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राजस्थान और हरियाणा सरकारों ने यमुना जल परियोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित केंद्र और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

प्रमुख बातें

  • लगभग 30 वर्षों से लंबित पेयजल विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी सफलता।

  • जुलाई से अक्टूबर तक यमुना नहर से राजस्थान को 580 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

  • पानी की आपूर्ति 3.6 मीटर से अधिक व्यास वाली तीन भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से की जाएगी।

  • परियोजना से राजस्थान और हरियाणा दोनों राज्यों को पेयजल उपलब्ध होगा।

किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ?

राजस्थान

  • सीकर

  • चूरू

  • झुंझुनूं

हरियाणा

  • भिवानी

  • फतेहाबाद

समझौते की विशेषताएं

  • जल बंटवारा, लागत साझा करने और रखरखाव की स्पष्ट व्यवस्था।

  • आधुनिक निगरानी प्रणाली और पारदर्शी संचालन तंत्र।

  • विवाद समाधान के लिए मजबूत और वैज्ञानिक व्यवस्था।

  • केंद्र सरकार, दोनों राज्य सरकारों और केंद्रीय जल आयोग (CWC) के समन्वय से तैयार व्यापक ढांचा।

अमित शाह ने क्या कहा?

अमित शाह ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "संवाद से समाधान" और सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) के सिद्धांत का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वर्षों से व्यर्थ बह रहा पानी अब लोगों की प्यास बुझाएगा, भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करेगा और दोनों राज्यों के विकास को नई गति देगा।

परियोजना का उद्देश्य

यह परियोजना 1994 के अपर यमुना बेसिन जल बंटवारा समझौते के तहत राजस्थान को आवंटित यमुना जल का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करेगी। साथ ही, शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में लाखों लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराकर सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।

युवा संगम चरण-VI: हरियाणा के विद्यार्थियों का त्रिपुरा दौरा, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को मिला बढ़ावा

No comments Document Thumbnail

त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू ने 26 मई 2026 को अगरतला स्थित लोक भवन में हरियाणा के छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल ‘युवा संगम चरण-VI’ कार्यक्रम के तहत त्रिपुरा के दौरे पर आया हुआ था।

छात्रों का स्वागत और अनुभव

यह प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र ने किया, सबसे पहले राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अगरतला पहुंचा, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

राज्यपाल से मुलाकात के दौरान छात्रों ने त्रिपुरा की प्रशासनिक व्यवस्था, शासन की प्रमुख पहल और विकास प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस बातचीत से उन्हें राज्य की सांस्कृतिक विविधता और संस्थागत ढांचे को समझने का अवसर मिला।

सांस्कृतिक और शैक्षणिक भ्रमण

कार्यक्रम के तहत छात्रों ने त्रिपुरा के कई ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक स्थलों का दौरा किया। उन्होंने राज्य की समृद्ध परंपराओं, विरासत और विकास यात्रा को नजदीक से जाना।

इसके अलावा, छात्रों ने त्रिपुरा के प्रसिद्ध मंदिरों का भी दर्शन किया, जहां उन्हें राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव हुआ।

‘युवा संगम’ पहल

Yuva Sangam Phase VI की शुरुआत उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय द्वारा की गई है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सद्भाव और भावनात्मक एकीकरण को बढ़ावा देना है।

यह कार्यक्रम 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच युवाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से भारत की विविधता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने पर केंद्रित है।

जींद के अस्पताल में शव को चूहों द्वारा कुतरे जाने की घटना पर NHRC का संज्ञान, हरियाणा सरकार से रिपोर्ट तलब

No comments Document Thumbnail

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), भारत ने एक मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि हरियाणा के जींद जिले स्थित नरवाना सिविल अस्पताल की शवगृह में एक शव को चूहों ने कुतर दिया। बताया गया है कि यह इस अस्पताल में सामने आया पहला ऐसा मामला नहीं है।

आयोग ने टिप्पणी की है कि यदि समाचार रिपोर्ट की सामग्री सत्य है, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के मुद्दे उठाती है। इसलिए, आयोग ने हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

12 नवंबर 2025 की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उन्होंने शवगृह के फ्रीजर की मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी को शिकायत दी है, लेकिन उसकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, अस्थायी तौर पर फ्रीजर में चूहों के प्रवेश को रोकने के लिए जाली लगाई गई है।


कुरुक्षेत्र में गूंजे गीता के संदेश: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का संबोधन

No comments Document Thumbnail

भारत के उपराष्ट्रपति, सी. पी. राधाकृष्णन ने आज हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 के तहत आयोजित अखिल भारतीय देवस्थानम् सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर उपस्थित होकर स्वयं को अत्यंत गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं—एक ऐसी भूमि जिसे “वेदों की धरती” के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि यह वही पावन स्थल है जहां हजारों वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवद्‌गीता का दिव्य उपदेश दिया था। कुरुक्षेत्र आज भी यह स्मरण कराता है कि कितना भी शक्तिशाली अधर्म क्यों न प्रतीत हो, अंततः विजय धर्म की ही होती है।

उपराष्ट्रपति ने भगवद्‌गीता को केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि “सत्यनिष्ठ जीवन, साहसिक कर्म और प्रबुद्ध चेतना का सार्वभौमिक मार्गदर्शक” बताया। उन्होंने कहा कि धर्म द्वारा निर्देशित होकर कर्म करने का श्रीकृष्ण का संदेश आज भी अर्थपूर्ण और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की कुंजी है।

चरित्र निर्माण के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि चरित्र संपत्ति या भौतिक उपलब्धियों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि गीता मनुष्य को सदाचार, अनुशासन और नैतिक जीवन की ओर ले जाती है—और यह भी याद दिलाती है कि नैतिक शक्ति, उद्देश्य की स्पष्टता और धर्म के प्रति समर्पण से ही उत्पन्न होती है।

तेज़ी से बदलते युग में गीता की शिक्षाएँ व्यक्तियों, समाजों और राष्ट्रों को शांति और सद्भाव की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी, यह विश्वास भी उन्होंने व्यक्त किया।

कार्यक्रम की प्रगति की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में गीता जयंती एक वैश्विक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्सव का रूप ले चुकी है। उन्होंने हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री नैब सिंह सैनी को महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने और हरियाणा को प्रगति के नए आयामों की ओर अग्रसर करने के लिए बधाई दी।

उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य गुणों, श्रीमद् भगवद्‌गीता की शिक्षाओं और सनातन धर्म की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सभी आयु वर्गों तक अत्यंत सहज तरीके से पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

उन्होंने महोत्सव को एक ऐसे मंच के रूप में सराहा जो भारत को सदियों से संबल देने वाले मूल्यों—धर्म, कर्तव्य, आत्म-अनुशासन और उत्कृष्टता की भावना—को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि यही मूल्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतिपादित आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत @2047 की राष्ट्रीय दृष्टि की आधारशिला हैं।

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और गीता नॉलेज इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित इस सम्मेलन की भी उन्होंने प्रशंसा की, जिसमें देशभर के संत, विद्वान, तकनीकी विशेषज्ञ, कलाकार और सांस्कृतिक नेताओं ने भाग लिया। ऐसे आयोजन संवाद को गहराते हैं, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करते हैं और युवाओं को गीता को दूरस्थ ग्रंथ नहीं, बल्कि साहस, विनम्रता और ज्ञान का जीवंत मार्गदर्शक के रूप में देखने के लिए प्रेरित करते हैं।

अपने संबोधन के अंत में सी. पी. राधाकृष्णन ने सभी से आग्रह किया कि वे गीता की अनंत शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें—धर्म के मार्ग पर चलें, ज्ञान की खोज करें, शांति अपनाएँ और मानव कल्याण में योगदान दें।

कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नैब सिंह सैनी, स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

इससे पहले उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कुरुक्षेत्र स्थित माँ भद्रकाली शक्तिपीठ मंदिर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।


केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रोहतक (हरियाणा) में साबर डेयरी प्लांट का किया उद्घाटन

No comments Document Thumbnail

रोहतक- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज रोहतक (हरियाणा) में साबर डेयरी प्लांट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय राज्य मंत्री (सहकारिता)कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की दशकों पुरानी मांग पूरी करते हुए अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की है, जिसके लिए पूरा देश उनका आभारी है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में सहकारिता मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर सहकारी संस्थाओं की नींव को मजबूत करने का काम किया है। शाह ने विश्वास जताया कि साल 2029 तक देश की हर पंचायत में एक सहकारी समिति होगी।

अमित शाह ने कहा कि लगभग ₹350 करोड़ की लागत से तैयार हुआ यह देश का सबसे बड़ा दही, छाछ और योगर्ट उत्पादन प्लांट है, जो दुग्ध उत्पादकों के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने बताया कि हरियाणा से ही दिल्ली-एनसीआर की डेयरी उत्पादों की पूरी मांग पूरी होगी। गुजरात के साबरकांठा जिले से शुरू हुई साबर डेयरी आज 9 राज्यों के दूध उत्पादकों को अवसर दे रही है। गुजरात की सहकारी डेयरी से जुड़कर आज 35 लाख महिलाएँ ₹85,000 करोड़ का वार्षिक कारोबार कर रही हैं।

साबर प्लांट में प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 10 मीट्रिक टन योगर्ट, 3 लाख लीटर छाछ और 10,000 किलो मिठाइयों का उत्पादन होगा। शाह ने कहा कि आज साबर डेयरी राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की भी सेवा कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अमूल के नेतृत्व में गुजरात में एंब्रियो ट्रांसफर, सेक्स-डिटरमिनेशन, बायोगैस, मधुमक्खी पालन और ऑर्गेनिक खेती जैसे वैज्ञानिक प्रयोग सफल रहे हैं और इन्हें हरियाणा में भी लागू करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत का दुग्ध क्षेत्र 70% बढ़ा है, जिससे यह दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता डेयरी सेक्टर बन गया है। 2014-15 में देश में 86 मिलियन दुधारू पशु थे, जो अब बढ़कर 112 मिलियन हो गए हैं। दूध उत्पादन भी 146 मिलियन टन से बढ़कर 239 मिलियन टन हो गया है। देश में आज 8 करोड़ किसान दुग्ध क्षेत्र से जुड़े हैं और दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता 124 ग्राम से बढ़कर 471 ग्राम हो चुकी है।

अमित शाह ने बताया कि हरियाणा हमेशा प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता में शीर्ष तीन राज्यों में रहता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनकर गर्व से खड़ा है। व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0 के तहत जल्द ही 75,000 से अधिक नई डेयरी समितियाँ बनाई जाएंगी और 46,000 सहकारी समितियों को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दूध प्रोसेसिंग क्षमता 660 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 1000 लाख लीटर प्रतिदिन (2028-29 तक) करने का लक्ष्य है। इससे सीधा लाभ दूध उत्पादन करने वाली माताओं और बहनों को मिलेगा।

अमित शाह ने बताया कि मोदी सरकार ने हाल ही में पशु चारा उत्पादन, गोबर प्रबंधन और मृत पशुओं के अवशेषों के उपयोग के लिए तीन राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं की स्थापना की है। इसके अलावा, सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, पशुपालन अवसंरचना विकास कोष और राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत डेयरी प्लांट निर्माण में आत्मनिर्भर बनेगा और अनुसंधान एवं विकास को तीन गुना बढ़ाकर डेयरी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करेगा।



Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.