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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में 'मिशन 5 मिलियन ट्रीज़' अभियान का शुभारंभ किया

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के अहमदाबाद में अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के 'मिशन 5 मिलियन ट्रीज़' के तहत आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अहमदाबाद में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज केवल गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में ही नागरिकों द्वारा एक करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त अहमदाबाद शहर में 50 लाख पौधों का रोपण किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य हरित पर्यावरण का निर्माण करना, स्वच्छ वायु एवं शुद्ध जल सुनिश्चित करना तथा भावी पीढ़ियों के लिए पृथ्वी को रहने योग्य बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि 1.25 करोड़ पौधे लगाने का अभियान अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि जन आंदोलन बन चुका है।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान ने बहुत कम समय में जन आंदोलन का रूप ले लिया है और पूरा देश उनके "People, Planet with Progress" के मंत्र को आत्मसात कर रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि पिछले सात वर्षों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) ने देशभर में सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले दिल्ली में भी बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि लगाए जा रहे पौधे भारत की पारिस्थितिकी के अनुरूप देशी प्रजातियों के हैं और इनमें अनेक वृक्षों की आयु 100 वर्ष से अधिक होती है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक रूप से अहमदाबाद को एक हरित शहर में परिवर्तित करना है।

शाह ने बताया कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में पहले 12 ऑक्सीजन पार्क थे, जबकि आज 61 नए ऑक्सीजन पार्कों का उद्घाटन किया गया है, जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर 73 हो गई है। वहीं अहमदाबाद नगर निगम ने एक ही दिन में 101 ऑक्सीजन पार्कों का उद्घाटन किया है।

उन्होंने कहा कि अहमदाबाद नगर निगम ने वैज्ञानिक पहल के तहत एक विशेष वाहन सेवा शुरू की है, जिसके माध्यम से वृक्षारोपण के इच्छुक नागरिकों के घर तक पौधे पहुंचाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह वृक्षारोपण अभियान अहमदाबाद का तापमान अन्य शहरों की तुलना में कम से कम 5 प्रतिशत तक घटाने में सहायक होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सबसे प्रभावी पहल है। उन्होंने सभी नागरिकों से एक-एक पौधा लगाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए ओजोन परत की रक्षा में योगदान देने का आह्वान किया।

शाह ने कहा कि साणंद, गांधीनगर, कलोल और अहमदाबाद शहर ने मिलकर गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) को 11.23 प्रतिशत तक बढ़ाया है और वर्ष 2029 तक इसे 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।

उन्होंने कहा कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में 20 प्रतिशत हरित क्षेत्र का लक्ष्य प्राप्त करना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि देश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक सोलर रूफटॉप स्थापना गांधीनगर में हुई है। उन्होंने अहमदाबाद और गांधीनगर के नागरिकों से अपील की कि कोई भी घर, अपार्टमेंट या छत सोलर रूफटॉप से वंचित न रहे।

शाह ने बताया कि आज 22 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा सात परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि 325 नई एएमटीएस और बीआरटीएस बसों के संचालन से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और आज के बाद अहमदाबाद में प्रदूषण फैलाने वाली कोई भी बस नहीं बचेगी।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में अब तक ₹28,492 करोड़ की विकास परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इनमें घाटलोडिया में ₹7,030 करोड़, वेजलपुर में ₹2,670 करोड़, साबरमती में ₹2,149 करोड़, नारणपुरा में ₹3,262 करोड़, साणंद में ₹2,800 करोड़, गांधीनगर उत्तर में ₹4,300 करोड़ तथा कलोल में ₹2,003 करोड़ की परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने अहमदाबाद शहर एवं गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि वे अपनी आवासीय सोसायटियों के किसी भी कोने को वृक्षों से वंचित न रहने दें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी को अधिक हरित और रहने योग्य बनाना हम सभी का सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रत्येक घर में सोलर रूफटॉप स्थापित करने का भी आह्वान किया।

ओडिशा के राज्यपाल ने युवा संगम फेज़-VI के गुजरात छात्र प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात

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भुवनेश्वर- ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने युवा संगम फेज़-VI में भाग ले रहे गुजरात के छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद किया। यह प्रतिनिधिमंडल भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) अहमदाबाद के नेतृत्व में 22 मई 2026 को ओडिशा पहुंचा था। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) राउरकेला द्वारा आयोजित इस शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत छात्रों का 25 मई को गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका, सांस्कृतिक समझ विकसित करने के महत्व और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इस संवाद के दौरान छात्रों को नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन मिला।

अपने दौरे के दौरान छात्र प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक, शैक्षणिक और विकासात्मक विरासत को करीब से जाना। छात्रों ने कोणार्क सूर्य मंदिर और मां समलेश्वरी मंदिर का भ्रमण कर राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को समझा। इसके अलावा उन्होंने स्थानीय बुनकरों और कारीगरों से मुलाकात कर ओडिशा की प्रसिद्ध वस्त्र परंपरा के बारे में जानकारी प्राप्त की। छात्रों ने मुंडा जनजाति समुदाय के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक प्रस्तुतियों में भी भाग लिया।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान द्वारा आयोजित एक विशेष सत्र में भाग लिया, जहां भारत की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक समरसता में उसकी भूमिका पर चर्चा की गई। छात्रों ने NIT राउरकेला FTBI लैब, राउरकेला स्टील प्लांट, हीराकुंड बांध और बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम का भी दौरा किया। इन यात्राओं के माध्यम से उन्हें ओडिशा की नवाचार क्षमता, औद्योगिक विकास, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और खेल अवसंरचना की जानकारी मिली।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छात्रों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में भाग लिया और पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और सतत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को भी समझा।

30 मई 2026 को आयोजित समापन समारोह के साथ यह यात्रा संपन्न हुई। युवा संगम के तहत आयोजित यह कार्यक्रम छात्रों के लिए सीखने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का एक यादगार अनुभव साबित हुआ।

पीएम मोदी ने साणंद में केन्स सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया, भारत के टेक इकोसिस्टम की तेज़ प्रगति पर जोर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में केन्स टेक्नोलॉजी (Kaynes Technology) के सेमीकंडक्टर प्लांट के उद्घाटन के अवसर की झलकियां साझा कीं, जिससे इस इकाई में उत्पादन की शुरुआत हुई। उन्होंने उल्लेख किया कि वे 28 फरवरी को माइक्रोन प्लांट के उत्पादन शुभारंभ के लिए साणंद आए थे और ठीक एक महीने बाद फिर से केन्स की इस उपलब्धि के लिए उपस्थित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल संयोग नहीं है, बल्कि यह भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के तेज़ी से विकास का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेशों में कहा:

“यह भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए गर्व का क्षण है कि केन्स सेमीकॉन OSAT सुविधा का साणंद, गुजरात में उद्घाटन हुआ है। इससे भारत के भविष्य की प्रौद्योगिकियों और नवाचार में अग्रणी बनने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।”

“‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ को बढ़ावा।”

“भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग विभिन्न राज्यों में तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे अनगिनत युवाओं के लिए नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। इन प्रयासों को और विस्तार देने के लिए हम अब सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 पर काम कर रहे हैं।”


प्रधानमंत्री ने दो नए रामसर स्थलों को लेकर जताई खुशी

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा जिले स्थित पटना पक्षी विहार और गुजरात के कच्छ क्षेत्र के छारी-ढांड को रामसर स्थल के रूप में मान्यता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि देश की जैव विविधता के संरक्षण और महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने इन क्षेत्रों की स्थानीय जनता और आर्द्रभूमि संरक्षण से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह मान्यता उनके प्रयासों का सम्मान है। उन्होंने आशा जताई कि ये आर्द्रभूमियां भविष्य में भी प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के लिए सुरक्षित आवास बनी रहेंगी।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यह जानकर प्रसन्नता हुई कि एटा का पटना पक्षी विहार और कच्छ का छारी-ढांड अब रामसर स्थल घोषित किए गए हैं। स्थानीय लोगों और आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए कार्य करने वालों को बधाई। यह मान्यता जैव विविधता संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।”




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद फ्लावर शो की सराहना की, रचनात्मकता और जन-भागीदारी को बताया प्रेरणादायी

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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद फ्लावर शो की सराहना करते हुए इसे रचनात्मकता, सततता और जन-भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन शहर की जीवंत भावना और प्रकृति के प्रति उसके गहरे प्रेम को सुंदरता से प्रदर्शित करता है।

फ्लावर शो के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम वर्षों के साथ अपने स्वरूप, भव्यता और कल्पनाशीलता में निरंतर विस्तार करता गया है और आज यह अहमदाबाद की सांस्कृतिक समृद्धि तथा पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक बन चुका है।

गुजरात के मुख्यमंत्री द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:

“अहमदाबाद का फ्लावर शो हर किसी का मन मोह लेने वाला है! यह क्रिएटिविटी के साथ-साथ जन भागीदारी का अद्भुत उदाहरण है। इससे शहर की जीवंत भावना के साथ ही प्रकृति से उसका लगाव भी खूबसूरती से प्रदर्शित हो रहा है। यहां यह देखना भी उत्साह से भर देता है कि कैसे इस फ्लावर शो की भव्यता और कल्पनाशीलता हर साल निरंतर बढ़ती जा रही है। इस फ्लावर शो की कुछ आकर्षक तस्वीरें…”

प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी अहमदाबाद फ्लावर शो की बढ़ती लोकप्रियता, रचनात्मक प्रस्तुति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को रेखांकित करती है।





कानून और न्याय मंत्रालय ने जारी किए नोटरी (संशोधन) नियम, 2025 — चार राज्यों में नोटरी की अधिकतम संख्या बढ़ाई गई

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नई दिल्ली-कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी कार्य विभाग ने नोटरी (संशोधन) नियम, 2025 अधिसूचित किए हैं। यह अधिसूचना जी.एस.आर. 763(ई) के रूप में 17 अक्टूबर 2025 को जारी की गई है। इन नियमों के माध्यम से नोटरी नियम, 1956 में संशोधन किया गया है, जो नोटरी अधिनियम, 1952 की धारा 15 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए किया गया है।

इस संशोधन के तहत गुजरात, तमिलनाडु, राजस्थान और नागालैंड में राज्य सरकारों द्वारा नियुक्त किए जा सकने वाले नोटरी की अधिकतम संख्या में वृद्धि की गई है।

संशोधित आंकड़े इस प्रकार हैं —

  • गुजरात : 2,900 से बढ़ाकर 6,000

  • तमिलनाडु : 2,500 से बढ़ाकर 3,500

  • राजस्थान : 2,000 से बढ़ाकर 3,000

  • नागालैंड : 200 से बढ़ाकर 400

संशोधन के अनुसार, ये नियम राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होंगे।

केंद्र सरकार ने यह कदम संबंधित राज्य सरकारों से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर उठाया है। राज्यों ने यह मांग जनसंख्या वृद्धि, जिलों, तहसीलों और तालुकों की संख्या में वृद्धि तथा नोटरी सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए की थी।

इस संशोधन से आम नागरिकों को नोटरी सेवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी और राज्यों में कानूनी प्रक्रियाओं के सुचारू संचालन में सुविधा होगी।

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