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ओडिशा के राज्यपाल ने युवा संगम फेज़-VI के गुजरात छात्र प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात

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भुवनेश्वर- ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने युवा संगम फेज़-VI में भाग ले रहे गुजरात के छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद किया। यह प्रतिनिधिमंडल भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) अहमदाबाद के नेतृत्व में 22 मई 2026 को ओडिशा पहुंचा था। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) राउरकेला द्वारा आयोजित इस शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत छात्रों का 25 मई को गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका, सांस्कृतिक समझ विकसित करने के महत्व और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इस संवाद के दौरान छात्रों को नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन मिला।

अपने दौरे के दौरान छात्र प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक, शैक्षणिक और विकासात्मक विरासत को करीब से जाना। छात्रों ने कोणार्क सूर्य मंदिर और मां समलेश्वरी मंदिर का भ्रमण कर राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को समझा। इसके अलावा उन्होंने स्थानीय बुनकरों और कारीगरों से मुलाकात कर ओडिशा की प्रसिद्ध वस्त्र परंपरा के बारे में जानकारी प्राप्त की। छात्रों ने मुंडा जनजाति समुदाय के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक प्रस्तुतियों में भी भाग लिया।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान द्वारा आयोजित एक विशेष सत्र में भाग लिया, जहां भारत की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक समरसता में उसकी भूमिका पर चर्चा की गई। छात्रों ने NIT राउरकेला FTBI लैब, राउरकेला स्टील प्लांट, हीराकुंड बांध और बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम का भी दौरा किया। इन यात्राओं के माध्यम से उन्हें ओडिशा की नवाचार क्षमता, औद्योगिक विकास, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और खेल अवसंरचना की जानकारी मिली।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छात्रों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में भाग लिया और पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और सतत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को भी समझा।

30 मई 2026 को आयोजित समापन समारोह के साथ यह यात्रा संपन्न हुई। युवा संगम के तहत आयोजित यह कार्यक्रम छात्रों के लिए सीखने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का एक यादगार अनुभव साबित हुआ।

पीएम मोदी ने साणंद में केन्स सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया, भारत के टेक इकोसिस्टम की तेज़ प्रगति पर जोर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में केन्स टेक्नोलॉजी (Kaynes Technology) के सेमीकंडक्टर प्लांट के उद्घाटन के अवसर की झलकियां साझा कीं, जिससे इस इकाई में उत्पादन की शुरुआत हुई। उन्होंने उल्लेख किया कि वे 28 फरवरी को माइक्रोन प्लांट के उत्पादन शुभारंभ के लिए साणंद आए थे और ठीक एक महीने बाद फिर से केन्स की इस उपलब्धि के लिए उपस्थित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल संयोग नहीं है, बल्कि यह भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के तेज़ी से विकास का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेशों में कहा:

“यह भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए गर्व का क्षण है कि केन्स सेमीकॉन OSAT सुविधा का साणंद, गुजरात में उद्घाटन हुआ है। इससे भारत के भविष्य की प्रौद्योगिकियों और नवाचार में अग्रणी बनने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।”

“‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ को बढ़ावा।”

“भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग विभिन्न राज्यों में तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे अनगिनत युवाओं के लिए नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। इन प्रयासों को और विस्तार देने के लिए हम अब सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 पर काम कर रहे हैं।”


प्रधानमंत्री ने दो नए रामसर स्थलों को लेकर जताई खुशी

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा जिले स्थित पटना पक्षी विहार और गुजरात के कच्छ क्षेत्र के छारी-ढांड को रामसर स्थल के रूप में मान्यता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि देश की जैव विविधता के संरक्षण और महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने इन क्षेत्रों की स्थानीय जनता और आर्द्रभूमि संरक्षण से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह मान्यता उनके प्रयासों का सम्मान है। उन्होंने आशा जताई कि ये आर्द्रभूमियां भविष्य में भी प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के लिए सुरक्षित आवास बनी रहेंगी।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यह जानकर प्रसन्नता हुई कि एटा का पटना पक्षी विहार और कच्छ का छारी-ढांड अब रामसर स्थल घोषित किए गए हैं। स्थानीय लोगों और आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए कार्य करने वालों को बधाई। यह मान्यता जैव विविधता संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।”




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद फ्लावर शो की सराहना की, रचनात्मकता और जन-भागीदारी को बताया प्रेरणादायी

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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद फ्लावर शो की सराहना करते हुए इसे रचनात्मकता, सततता और जन-भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन शहर की जीवंत भावना और प्रकृति के प्रति उसके गहरे प्रेम को सुंदरता से प्रदर्शित करता है।

फ्लावर शो के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम वर्षों के साथ अपने स्वरूप, भव्यता और कल्पनाशीलता में निरंतर विस्तार करता गया है और आज यह अहमदाबाद की सांस्कृतिक समृद्धि तथा पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक बन चुका है।

गुजरात के मुख्यमंत्री द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:

“अहमदाबाद का फ्लावर शो हर किसी का मन मोह लेने वाला है! यह क्रिएटिविटी के साथ-साथ जन भागीदारी का अद्भुत उदाहरण है। इससे शहर की जीवंत भावना के साथ ही प्रकृति से उसका लगाव भी खूबसूरती से प्रदर्शित हो रहा है। यहां यह देखना भी उत्साह से भर देता है कि कैसे इस फ्लावर शो की भव्यता और कल्पनाशीलता हर साल निरंतर बढ़ती जा रही है। इस फ्लावर शो की कुछ आकर्षक तस्वीरें…”

प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी अहमदाबाद फ्लावर शो की बढ़ती लोकप्रियता, रचनात्मक प्रस्तुति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को रेखांकित करती है।





कानून और न्याय मंत्रालय ने जारी किए नोटरी (संशोधन) नियम, 2025 — चार राज्यों में नोटरी की अधिकतम संख्या बढ़ाई गई

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नई दिल्ली-कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी कार्य विभाग ने नोटरी (संशोधन) नियम, 2025 अधिसूचित किए हैं। यह अधिसूचना जी.एस.आर. 763(ई) के रूप में 17 अक्टूबर 2025 को जारी की गई है। इन नियमों के माध्यम से नोटरी नियम, 1956 में संशोधन किया गया है, जो नोटरी अधिनियम, 1952 की धारा 15 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए किया गया है।

इस संशोधन के तहत गुजरात, तमिलनाडु, राजस्थान और नागालैंड में राज्य सरकारों द्वारा नियुक्त किए जा सकने वाले नोटरी की अधिकतम संख्या में वृद्धि की गई है।

संशोधित आंकड़े इस प्रकार हैं —

  • गुजरात : 2,900 से बढ़ाकर 6,000

  • तमिलनाडु : 2,500 से बढ़ाकर 3,500

  • राजस्थान : 2,000 से बढ़ाकर 3,000

  • नागालैंड : 200 से बढ़ाकर 400

संशोधन के अनुसार, ये नियम राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होंगे।

केंद्र सरकार ने यह कदम संबंधित राज्य सरकारों से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर उठाया है। राज्यों ने यह मांग जनसंख्या वृद्धि, जिलों, तहसीलों और तालुकों की संख्या में वृद्धि तथा नोटरी सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए की थी।

इस संशोधन से आम नागरिकों को नोटरी सेवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी और राज्यों में कानूनी प्रक्रियाओं के सुचारू संचालन में सुविधा होगी।

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