Media24Media.com: #GrassrootsGovernance

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #GrassrootsGovernance. Show all posts
Showing posts with label #GrassrootsGovernance. Show all posts

आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान

No comments Document Thumbnail

निमधा में नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की घोषणा

लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी : महिलाओं को दिया ‘करोड़पति दीदी’ बनने का मंत्र

स्व-सहायता समूहों की सफलता को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री ने किया ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन

रायपुर- सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आज मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा की।

ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।

जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से सुशासन और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई।

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिसका लाभ ग्राम निमधा सहित पूरे जिले की महिलाओं को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है।

जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों - जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणादायक सफलता कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का जीवंत दस्तावेज है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

गांव की चौपाल में दिखी मुख्यमंत्री की सादगी और संवेदनशीलता

No comments Document Thumbnail

पीपल के पेड़ तले खाट पर बैठकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद: समस्याएं सुनीं और मौके पर दिए समाधान के निर्देश

ग्राम कोसला में “महतारी सदन” एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा

रायपुर- सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री साय के गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बन गया। मुख्यमंत्री साय का बेहद सहज, आत्मीय और सादगीपूर्ण स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब वे बिना किसी औपचारिकता के गांव के पीपल पेड़ की छांव तले आयोजित चौपाल में ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर उनसे सीधे संवाद करने लगे। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए यादगार बन गया और चौपाल आत्मीय संवाद तथा संवेदनशील शासन की मिसाल बन गई।

मुख्यमंत्री साय ने चौपाल में ग्रामीणों, महिलाओं और किसानों से सीधे चर्चा करते हुए शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार महिलाओं, किसानों, गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है।

ग्रामीणों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पूछा, “पटवारी नियमित रूप से गांव आते हैं या नहीं?” ग्रामीणों द्वारा सकारात्मक जवाब दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने गांव के पटवारी शत्रुघन कुर्रे को निर्देशित किया कि ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

चौपाल के दौरान ग्राम कोसला की सावित्री कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने नियमित रूप से सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिल रही है और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बन रही है।

इसी दौरान ग्राम की “लखपति दीदी” नीमा तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें शुरुआत में 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने आटा चक्की का व्यवसाय शुरू किया और आज उनके पास पांच आटा चक्कियां संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में ग्राम कोसला में 474 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास प्लस सर्वेक्षण के माध्यम से छूटे हुए सभी पात्र हितग्राहियों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी और अब हजारों परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। महिलाओं की सुविधा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ग्राम कोसला में “महतारी सदन” निर्माण की घोषणा की। साथ ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और विद्यार्थियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है और किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जिससे उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जनप्रतिनिधि और अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

कटहल–गुलमोहर की छांव में सजी चौपाल, मुख्यमंत्री ने सरोधी में सुनी जनता की आवाज

No comments Document Thumbnail

खाट में बैठकर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, सुनी समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश

रायपुर- सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज  खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान के ग्राम सरोधी पहुंचे, जहां उन्हें अपने बीच पाकर ग्रामीणों में उत्साह, आत्मीयता और अपनत्व का अनोखा दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री के आगमन से गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण उन्हें देखने और उनसे मिलने उमड़ पड़े।

गांव की महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने महुआ, चार, आम और रखियां बड़ी भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया, वहीं स्कूली बच्चों ने अपने हाथों से तैयार गुलमोहर और कनेर के फूलों के गुलदस्ते भेंट कर अपनी खुशी और सम्मान व्यक्त किया। यह स्वागत ग्रामीण संस्कृति और सादगी की जीवंत झलक बन गया।

ग्राम सरोधी के पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में कटहल और गुलमोहर के पेड़ों की छांव तले मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस सहज और आत्मीय वातावरण में उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से हम आपके बीच आकर आपका हाल-चाल जानने, सुख-दुख सुनने और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को समझने आए हैं। यह अभियान 1 मई से 10 जून तक चलेगा, जिसमें सरकार स्वयं आपके द्वार तक पहुंचेगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का प्रतीक है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी तरह समस्याओं का संकलन कर समाधान शिविरों के माध्यम से उनका निराकरण किया गया था और इस वर्ष भी उसी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी रूप में लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार को अभी महज 28 माह हुए हैं, लेकिन मोदी की गारंटी के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और दो वर्षों का बकाया बोनस भी दिया गया है। 

उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी गई है, जिससे वनांचल क्षेत्र के लोगों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही श्री रामलला दर्शन योजना और तीर्थ यात्रा दर्शन योजना के माध्यम से लोगों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने विशेष रूप से पेयजल समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनसमस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के साथ और समयबद्ध तरीके से किया जाए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम सरोधी एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें राशन पीडीएस दुकान की स्थापना, नवीन ग्राम पंचायत भवन, पूर्व माध्यमिक शाला के लिए नए भवन का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही गंडई से बकरकट्टा मार्ग का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, तेन्दूभाठा से जोम ओटेबंध तक सड़क निर्माण, साल्हेवारा-पंडरापानी मार्ग पर मगुरदा नाला पर पुल निर्माण, पीएचसी बकरकट्टा में 108 एम्बुलेंस की तैनाती, बकरकट्टा से नवागांव सड़क का नवीनीकरण तथा क्षेत्र में 33 केवी सब स्टेशन की स्वीकृति दी गई। 

इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जन-हितैषी पहल,'मिशन कनेक्ट' से चौपाल तक पहुँचा प्रशासन

No comments Document Thumbnail

गाँव-गाँव जाकर अधिकारियों ने सुनी समस्याएँ, मौके पर हुआ समाधान

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अंत्योदय और सुशासन की सोच को साकार करने के लिए सुकमा जिले में 'मिशन कनेक्ट' की शुरुआत की गई है। संभागायुक्त बस्तर डोमन सिंह के निर्देशन और कलेक्टर के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को खत्म कर सरकारी सेवाओं को लोगों के घर-घर तक पहुँचाना है।

गाँव-गाँव पहुँचे अधिकारी, मौके पर हुआ समाधान

विगत दिनों मिशन कनेक्ट के तहत छिंदगढ़ विकासखंड की लगभग 60 पंचायतों में जिला स्तरीय अधिकारी पहुँचे। यह केवल निरीक्षण नहीं था, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को समझकर मौके पर उनका समाधान करने की एक नई पहल थी। सुबह 10 बजे से ही अधिकारी स्कूलों, आंगनबाड़ियों, आश्रम-छात्रावासों, ग्राम पंचायतों और स्वास्थ्य केंद्रों में सक्रिय दिखाई दिए।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मध्यान्ह भोजन और पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता की स्वयं जांच की। स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की गंभीरता से जाँच की गई। ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई, ताकि सरकारी राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।

अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएँ और सुझाव सुने, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत हुआ।

कलेक्टर और सीईओ ने की विस्तृत समीक्षा

निरीक्षण के बाद जनपद पंचायत छिंदगढ़ में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ ने सभी पंचायतों की रिपोर्ट का गहन विश्लेषण किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला स्तर की समस्याओं का समाधान तुरंत किया जाए, जबकि राज्य स्तर के विषयों को संबंधित विभागों को तत्काल भेजा जाए।

कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि मिशन कनेक्ट का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना हमारी प्राथमिकता है।

सुशासन की ओर मजबूत कदम 'मिशन कनेक्ट' ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि अब योजनाएँ सिर्फ कागजों पर नहीं रहेंगी, बल्कि वास्तव में ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाएँगी। अधिकारियों की सक्रियता से क्षेत्र में लोगों में उत्साह और भरोसा बढ़ा है।

असम की ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए केंद्र ने जारी किए पंचदश वित्त आयोग के अनुदान

No comments Document Thumbnail

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान पंचदश वित्त आयोग (XV FC) के तहत असम की ग्रामीण स्थानीय निकायों (Rural Local Bodies) के लिए अनुदान जारी कर दिए हैं। इसमें वित्त वर्ष 2024–25 की दूसरी किस्त का अनटाइड ग्रांट शामिल है, जिसकी कुल राशि ₹219.24 करोड़ है। यह राशि राज्य के सभी पात्र 27 जिला पंचायतों (DPs), 182 ब्लॉक पंचायतों (BPs) और 2192 ग्राम पंचायतों (GPs) के लिए है।

इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2024–25 की पहली किस्त के अनटाइड ग्रांट के रोके गए हिस्से में से ₹4.698 करोड़ भी जारी किए गए हैं, जो 26 अतिरिक्त पात्र ब्लॉक पंचायतों के लिए हैं।

भारत सरकार, पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से राज्यों को XV-FC अनुदानों की सिफारिश करती है, जिन्हें वित्त मंत्रालय द्वारा दो किस्तों में जारी किया जाता है।

अनुदानों का उपयोग

  • अनटाइड ग्रांट्स: पंचायतों द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार उपयोग किए जाएंगे।
    इनका उपयोग संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में दिए गए 29 विषयों पर किया जा सकता है,
    सिवाय वेतन और संस्थागत खर्चों के।

  • टाइड ग्रांट्स: इनका उपयोग निम्न सेवाओं के लिए किया जाएगा—
    (a) स्वच्छता सेवाएँ और ODF स्थिति का रखरखाव, जिसमें घरेलू कचरा प्रबंधन, मानव मल तथा फीकल स्लज मैनेजमेंट शामिल हैं।
    (b) पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण।

यह वित्तीय सहायता असम में ग्रामीण शासन को सशक्त बनाने, बुनियादी सेवाओं में सुधार लाने और स्थानीय विकास को मजबूती प्रदान करने में सहायक होगी।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.