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प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत 2024-25 में ₹630 करोड़ का फंड आवंटन, मांग आधारित प्रणाली से मिलती है सहायता

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खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) केंद्रीय क्षेत्र की अम्ब्रेला योजना प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) का क्रियान्वयन कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए PMKSY के तहत ₹630 करोड़ का फंड आवंटन किया गया था।

PMKSY के अंतर्गत घटक योजनाएं निम्नलिखित हैं:

(i) एकीकृत कोल्ड चेन और मूल्य संवर्धन अवसंरचना (Integrated Cold Chain & Value Addition Infrastructure – ICC&VAI)
(ii) कृषि-प्रसंस्करण क्लस्टरों के लिए अवसंरचना (Infrastructure for Agro-processing Clusters – APC)
(iii) खाद्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण क्षमता का सृजन/विस्तार (Creation/Expansion of Food Processing & Preservation Capacities – CEFPPC)
(iv) खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता आश्वासन अवसंरचना (Food Safety and Quality Assurance Infrastructure – FSQAI)
(v) मानव संसाधन और संस्थान (अनुसंधान एवं विकास)
(vi) ऑपरेशन ग्रीन्स (Operation Greens – OG)
(vii) मेगा फूड पार्क (01.04.2021 से बंद)
(viii) बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का सृजन (01.04.2021 से बंद)

PMKSY के तहत पात्र संस्थाओं जैसे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों, एकल स्वामित्व फर्म, साझेदारी फर्म, एलएलपी, सहकारी समितियां, एफपीओ/एफपीसी/एसएचजी आदि को खाद्य प्रसंस्करण/संरक्षण/परीक्षण/विश्लेषण अवसंरचना स्थापित करने और खाद्य प्रसंस्करण एवं संबद्ध क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए अनुदान सहायता (ग्रांट-इन-एड) प्रतिपूर्ति आधार पर प्रदान की जाती है। यह योजना हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में लागू है।

PMKSY एक मांग आधारित योजना है और इसके तहत आवेदन एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) के माध्यम से पूरे देश से आमंत्रित किए जाते हैं, जिसमें हिमाचल प्रदेश भी शामिल है। इस योजना के तहत किसी भी घटक योजना में राज्यों के अनुसार धन आवंटित/स्वीकृत/जारी नहीं किया जाता। प्राप्त प्रस्तावों की पात्रता की जांच की जाती है और योजना दिशानिर्देशों के अनुसार तय मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। उपलब्ध निधि के आधार पर मेरिट के अनुसार पात्र प्रस्तावों को स्वीकृति दी जाती है।

यह जानकारी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।


एग्रीस्टैक पोर्टल बनेगा किसानों की डिजिटल पहचान, धान खरीदी सहित अन्य योजनाओं के लाभ हेतु 31 अक्टूबर तक पंजीयन अनिवार्य

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रायपुर-राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब सभी किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। सहायक आयुक्त सहकारिता ने बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है, जो किसान पंजीयन से छूटे हों, वे शीघ्र ही अपना पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए एक डिजिटल इकोसिस्टम है, जिसे भारतीय सरकार ने विकसित किया है। जिसका उद्देश्य किसानों के लिए एक संपूर्ण डेटाबेस बनाना है, जिसमें उनकी पहचान, भूमि रिकॉर्ड, आय, ऋण, फसल की जानकारी और बीमा इतिहास के बारे में जानकारी शामिल है। एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराने से किसानों को धान खरीदी सहित शासन की अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा।

एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन के फायदे

एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसान आईडी बनवाने से किसानों को धान खरीदी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, किसान क्रेडिट कार्ड, उर्वरक अनुदान, प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि मशीनीकरण योजना एवं मुख्यमंत्री किसान सहायता योजना जैसी अनेक केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त होगा। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिले के सभी किसानों से अपील की है, कि वे शीघ्रता से एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कराएँ, ताकि किसी भी योजना का लाभ लेने में उन्हें कठिनाई न हो। उन्होंने बताया कि किसान स्वयं मोबाइल ऐप से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। साथ ही, स्थानीय सीएससी सेंटर, सेवा सहकारी समिति एवं पटवारी कार्यालयों के माध्यम से भी निःशुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही https://cgfr.agristack.gov.in/पर भी पंजीयन किया जा सकता है। 


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