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ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ी खबर: अक्टूबर से शुरू होंगे DDU-GKY 2.0 के नए ट्रेनिंग बैच

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नई दिल्ली- ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण देने की दिशा में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) 2.0 के तहत नए प्रशिक्षण बैच अक्टूबर 2026 से शुरू किए जाएंगे। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, अधिकांश राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में योजना के नए बैच शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

रोजगार के लिए युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण

DDU-GKY का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार करना है। योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को उनकी योग्यता और बाजार की जरूरतों के अनुरूप रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जाता है।

नई व्यवस्था के तहत प्रशिक्षण पर जोर

DDU-GKY 2.0 के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा युवाओं को उद्योग की जरूरत के अनुसार कौशल प्रदान करने पर ध्यान दिया जा रहा है। नए प्रशिक्षण बैचों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।

अक्टूबर 2026 से शुरू होंगे नए बैच

मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर 2026 से अधिकांश राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में DDU-GKY 2.0 के नए प्रशिक्षण बैच शुरू किए जाएंगे। इससे ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।


नन्हे दिल को मिली नई धड़कन, 'चिरायु योजना' ने धमतरी के भाव्यांश को दिया नया जीवन

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रायपुर- समय पर ली गई एक सही स्वास्थ्य जांच किसी मासूम का पूरा भविष्य संवार सकती है, इसका जीवंत उदाहरण धमतरी के नन्हें भाव्यांश साहू की यह सफलता की कहानी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत संचालित 'चिरायु योजना' ने जन्मजात हृदयरोग से जूझ रहे इस बच्चे को न केवल समय पर सही इलाज दिलाया, बल्कि उसके परिवार के जीवन में खुशियों की एक नई रोशनी भी बिखेर दी।

कहानी की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब शहरी चिरायु टीम धमतरी ने जालमपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 में बच्चों के स्वास्थ्य का नियमित परीक्षण किया। जांच के दौरान डॉक्टरों की सजग नजरों ने भाव्यांश में जन्मजात हृदयरोग के लक्षणों को तुरंत पहचान लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टीम ने बिना कोई समय गंवाए बच्चे को आगे के उच्च स्तरीय उपचार के लिए सत्य साईं अस्पताल, नया रायपुर रेफर किया और पूरे मार्गदर्शन तथा सहयोग के साथ परिजनों की हिम्मत बढ़ाई।

अस्पताल में विशेषज्ञों की गहन जांच और परामर्श के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया। 31 अगस्त 2026 को भाव्यांश को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 2 सितंबर को विशेषज्ञ कार्डियाक सर्जनों की टीम द्वारा उसकी सफल हृदय सर्जरी संपन्न हुई। चिकित्सकों की निरंतर देखरेख और सही देखभाल का ही परिणाम था कि मासूम के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आया और 9 सितंबर को उसे पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का मुख्य ध्येय जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात विकृतियों, गंभीर बीमारियों और पोषण संबंधी कमियों की समय रहते पहचान कर उन्हें निःशुल्क और सर्वश्रेष्ठ उपचार उपलब्ध कराना है। चिरायु टीम की तत्परता और विशेषज्ञ चिकित्सकों के इस समन्वय से आज भाव्यांश पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने सामान्य जीवन में लौट आया है। उसकी खिलखिलाती मुस्कान इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सरकार की यह संवेदनशील योजना प्रदेश के जरूरतमंद बच्चों के लिए नवजीवन का वरदान साबित हो रही है।

सरकारी योजना से बदली जिंदगीः मड़कम देवा ने झींगा पालन से लिखी सफलता की नई कहानी

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एक साल में 5 लाख रूपए की कमाई, दूर-दूर से खरीदने पहुंच रहे ग्राहक

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन और उद्यानिकी जैसे आयवर्धक व्यवसायों को लगातार बढ़ावा दे रही है।

छत्तीसगढ के सुकमा जिले के दुब्बाटोटा गांव के किसान मड़कम देवा इसकी प्रेरक मिसाल बनकर उभरे हैं। शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने झींगा और मछली पालन शुरू किया और आज आत्मनिर्भर बन चुके हैं।

सरकारी सहायता से मिली नई शुरुआत

मड़कम देवा ने मत्स्य पालन विभाग की योजना के तहत तालाब निर्माण के लिए 7.20 लाख रूपए का ऋण प्राप्त किया, जिसमें 4.20 लाख रुपये का अनुदान शामिल था। इसके अलावा क्रेड़ा विभाग से अनुदान पर सोलर पंप मिलने से उन्हें 24 घंटे सिंचाई और तालाब में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। इससे उनका व्यवसाय शुरू करना आसान हो गया।

प्रशिक्षण और मेहनत ने दिलाई बड़ी सफलता

मड़कम देवा ने कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग से आधुनिक मत्स्य पालन का प्रशिक्षण लिया। वैज्ञानिक तरीके से झींगा और मछली पालन करने का परिणाम यह रहा कि इस वर्ष जून माह में उन्होंने लगभग 2.50 क्विंटल झींगा और 15 क्विंटल मछली का उत्पादन कर करीब 5 लाख रूपए की आय अर्जित की।

उनके झींगा और मछली की गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि आसपास ही नहीं, दूर-दूर से लोग दुब्बाटोटा पहुंचकर खरीदारी करते हैं।

रायपुर में हुआ सम्मान

झींगा पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने मड़कम देवा को सम्मानित किया। यह सम्मान उनकी मेहनत और शासकीय योजनाओं के प्रभावी उपयोग का प्रमाण है।

अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा स्रोत

कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि सुकमा में मीठे पानी के झींगा पालन की अपार संभावनाएं हैं। मड़कम देवा जैसे किसान आज जिले के युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान पारंपरिक खेती के साथ मत्स्य और झींगा पालन जैसे लाभकारी व्यवसायों से जुड़कर अपनी आय बढ़ाएं।

आत्मनिर्भर गांव की ओर बढ़ता कदम

झींगा और मछली पालन कम भूमि और कम लागत में शुरू होने वाला लाभकारी व्यवसाय है। इससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आज अनेक किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। मड़कम देवा की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और मेहनत से ग्रामीण क्षेत्रों में भी समृद्धि की नई इबारत लिखी जा सकती है।

मध्य प्रदेश में ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ को बड़ी ताकत: 80 हजार से अधिक परिवारों को मिला पीएम आवास योजना का लाभ

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मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U) के तहत आज एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इंदौर जिले के सांवेर में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में 80 हजार से अधिक परिवारों को आवासीय लाभ प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

42 हजार से अधिक परिवारों को स्वीकृति पत्र

प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 के तहत 42 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। इसके लिए सरकार द्वारा लगभग 1,050 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। वहीं, राज्य के विभिन्न जिलों में 38 हजार परिवारों ने अपने नए पक्के मकानों में गृह प्रवेश किया।

‘हर घर सम्मान, सुरक्षा और उम्मीद का प्रतीक’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि नया घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीद का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है।

आवास योजना के क्रियान्वयन में अग्रणी है मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री आवास योजना के सफल क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत राज्य में अब तक 10.39 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 9.08 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।

महिलाओं को भी मिल रहा सशक्तिकरण

योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि मकान का स्वामित्व महिला सदस्य के नाम या संयुक्त स्वामित्व में दिया जाता है। इससे महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

1 करोड़ परिवारों के आवासीय सपनों को मिलेगा सहारा

PMAY-U 2.0 के तहत केंद्र सरकार देशभर के 1 करोड़ अतिरिक्त EWS, LIG और MIG परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय सहायता दे रही है। पात्र परिवारों को शहरी क्षेत्रों में घर बनाने, खरीदने या किराए पर लेने के लिए ₹2.5 लाख तक की सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्य बातें

  • मध्य प्रदेश में 80 हजार से अधिक परिवारों को PMAY-U का लाभ।

  • 42 हजार से अधिक हितग्राहियों को आवास स्वीकृति पत्र वितरित।

  • ₹1,050 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान।

  • 38 हजार परिवारों ने नए पक्के घरों में किया गृह प्रवेश।

  • राज्य में अब तक 10.39 लाख आवास स्वीकृत, 9.08 लाख पूर्ण।

  • महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में दिए जा रहे घर।


छत्तीसगढ़ के किसानों को बड़ी सौगात: पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी

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छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए आज बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 23वीं किस्त जारी कर दी गई है, जिससे राज्य के लाखों किसानों के चेहरों पर राहत और खुशी देखने को मिल रही है।

24.52 लाख किसानों को 490.54 करोड़ रुपये का लाभ

इस किस्त के तहत छत्तीसगढ़ के करीब 24.52 लाख किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में कुल 490.54 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से की जा रही है, जिससे राशि बिना किसी रुकावट के सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है।

किसानों की आर्थिक मदद के लिए अहम कदम

PM-KISAN योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। यह राशि किसानों को खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है।

सरकार की प्रमुख योजना

यह योजना केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक मजबूती देना है। इस पहल से देशभर में करोड़ों किसान लाभान्वित हो रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

मुख्य बातें

  • 23वीं किस्त आज जारी

  • छत्तीसगढ़ के 24.52 लाख किसान लाभान्वित

  • कुल ₹490.54 करोड़ की राशि ट्रांसफर

  • राशि सीधे बैंक खातों में DBT के माध्यम से


सक्षम आंगनबाड़ी योजना में खरीदी केंद्र सरकार के प्रावधानों और राज्य के वित्तीय नियमों के तहत, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन का पूरा ध्यान

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रायपुर- महिला एवं बाल विकास विभाग ने सक्षम आंगनबाड़ी योजना के तहत आंगनबाड़ियों में आरओ एवं एलईडी टीवी खरीदी को लेकर  विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि योजना से संबंधित सभी प्रक्रियाएं केंद्र सरकार के प्रावधानों और राज्य सरकार के वित्तीय नियमों के अनुरूप ही की जा रही हैं, जिससे किसी प्रकार के भ्रम की स्थिति नहीं है।

विभाग ने बताया कि पिछले दो वर्षों से बजट उपलब्ध होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं किया गया, जो तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। वास्तविक स्थिति यह है कि 10 फरवरी 2026 को भारत सरकार से सक्षम आंगनबाड़ी योजना के लिए मदर सैंक्शन प्राप्त हुआ। यह केंद्र प्रवर्तित योजना है, इसलिए मदर सैंक्शन प्राप्त होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकती थी। मदर सैंक्शन से पहले टेंडर जारी न होने पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एलईडी टीवी, आरओ प्यूरीफायर, वाल पेंटिंग और रेन वाटर हारवेस्टिंग के लिए राशि भारत सरकार द्वारा ही निर्धारित की गई है। इसके तहत एलईडी टीवी के लिए 25 हजार रुपये, आरओ प्यूरीफायर के लिए 10 हजार रुपये, वाल पेंटिंग के लिए 10 हजार रुपये और रेन वाटर हारवेस्टिंग के लिए 16 हजार रुपये की राशि तय की गई है।

तकनीकी स्पेसिफिकेशन को लेकर भी विभाग ने पूरी स्पष्टता रखी है। एलईडी टीवी के लिए न्यूनतम 32 इंच या उससे अधिक का प्रावधान विभागीय पत्र में उल्लेखित है और सभी खरीदी प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से की जानी है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सक्षम आंगनबाड़ी के उन्नयन से जुड़े सभी कार्य छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम, कोषालय संहिता, वित्तीय संहिता, एसएनए स्पर्श प्रणाली तथा शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के तहत ही किए जा रहे हैं। विभाग ने यह भी कहा है कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों का बेहतर उन्नयन सुनिश्चित हो सके।

होली से पहले किसानों को बड़ी सौगात, 10 हजार करोड़ का होगा भुगतान

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई।

बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के षष्ठम् विधानसभा के अष्टम् सत्र (फरवरी-मार्च 2026) के लिए राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी गई।

विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले बजट अनुमान 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई।

कैबिनेट ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया।

समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि का भुगतान होली से पहले एकमुश्त किया जाएगा।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई।

कृषक उन्नति योजना के तहत लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।

सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कर रही है। यह देश में सर्वाधिक है।

बीते दो वर्षों में किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

इस वर्ष के भुगतान के बाद यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रुपये हो जाएगी।

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