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आईएनएस सुदर्शिनी की लास पालमास यात्रा संपन्न, समुद्री कूटनीति को मिली मजबूती

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भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस सुदर्शिनी ने 26 अप्रैल 2026 को कैनरी द्वीप समूह के लास पालमास में अपनी तीन दिवसीय ऐतिहासिक पोर्ट कॉल सफलतापूर्वक संपन्न की। यह यात्रा उसके लोकायन 26 ट्रांसओशैनिक अभियान का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर रही। स्पेन के इस द्वीप समूह की यात्रा ने समुद्री कूटनीति और पेशेवर सहयोग के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

इस दौरान जहाज के कमांडिंग ऑफिसर ने कैनरी द्वीप नौसैनिक कमान के प्रमुख सैंटियागो डे कोल्सा ट्रुएबासे मुलाकात की। इस वार्ता में दोनों नौसेनाओं के बीच मजबूत होते संबंधों और बढ़ती साझेदारी पर जोर दिया गया।

पोर्ट कॉल के दौरान जहाज को आम लोगों के लिए भी खोला गया, जहां स्थानीय समुदाय और भारतीय प्रवासी बड़ी संख्या में पहुंचे। आगंतुकों को जहाज का भ्रमण कराया गया, जिसमें भारत की समृद्ध समुद्री विरासत, महासागरीय यात्रा के अनुभव और अंतरराष्ट्रीय मित्रता के भाव को साझा किया गया।

अब आईएनएस सुदर्शिनी अपनी अगली मंजिल मिंडेलो के लिए रवाना हो गया है, जो ट्रांस-अटलांटिक यात्रा से पहले उसका अंतिम अफ्रीकी पड़ाव होगा। अब तक यह जहाज पश्चिम एशिया, भूमध्यसागर, यूरोप और अफ्रीका के कई देशों में सात पोर्ट कॉल और नौसैनिक सहभागिता पूरी कर चुका है।

यह यात्रा भारतीय नौसेना की “मित्रता और विश्वास के पुल” बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

आईएनएस सुदर्शिनी की मोरक्को यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न, समुद्री सहयोग को मिला नया बल

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नई दिल्ली: भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस सुदर्शिनी 18 अप्रैल 2026 को कैसाब्लांका मोरक्को की अपनी सफल और सार्थक बंदरगाह यात्रा पूरी कर आगे बढ़ गया। यह दौरा ‘लोकायन 26’ तैनाती के तहत भारत-मोरक्को समुद्री साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

समुद्री सहयोग और प्रशिक्षण पर जोर

इस दौरान जहाज के कमांडिंग ऑफिसर ने मोरक्को नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पेशेवर बातचीत की, जिसमें प्रशिक्षण आदान-प्रदान और समुद्री सहयोग को लेकर चर्चा हुई। भारतीय नौसेना के प्रशिक्षुओं ने रॉयल मोरक्कन नौसैनिक विद्यालय के कैडेट्स के साथ क्रॉस-डेक विजिट और मैत्रीपूर्ण खेल गतिविधियों में भाग लिया।

राजनयिक और सांस्कृतिक संबंध मजबूत

इस यात्रा के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी पर एक औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया, वहीं मोरक्को नौसेना की ओर से भी एक विशेष लंच का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों ने दोनों देशों के बीच पेशेवर और सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ किया।

वैश्विक मैत्री का संदेश

यह यात्रा भारत और मोरक्को के बीच गहरे होते समुद्री संबंधों की पुष्टि करती है, जो साझा हितों और रणनीतिक सहयोग पर आधारित हैं। अब आईएनएस सुदर्शिनी स्पेन के लास पाल्मास के लिए रवाना हो गया है, जहां वह ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश फैलाते हुए अपनी अगली यात्रा जारी रखेगा।

निष्कर्ष

आईएनएस सुदर्शिनी की यह यात्रा न केवल सैन्य सहयोग को मजबूत करती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की मित्रता और सद्भावना के संदेश को भी आगे बढ़ाती है।

आईएनएस सुदर्शिनी लोकायन-26 अभियान के तहत मिस्र के सफागा पहुँचा

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भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी अपने जारी लोकायन-26 अभियान के तहत 21 फरवरी 2026 को मिस्र के सफागा बंदरगाह पहुँचा। सलालाह से सफागा तक 1,832 समुद्री मील की दूरी 16 दिनों में तय करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही, जो जहाज के चालक दल की दृढ़ता, आत्मविश्वास और सहनशक्ति को दर्शाती है।

आगमन पर जहाज का मिस्र की नौसेना के अधिकारियों और भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने रेड सी और सफागा नौसेना बेस के बेस कमांडर रियर एडमिरल रामी अहमद इस्माइल मोहम्मद से भेंट की। इन संवादों में दोनों नौसेनाओं के बीच बढ़ती समुद्री साझेदारी पर जोर दिया गया, जो नौसैनिक सहयोग और अंतर-संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) बढ़ाने के साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है।

बंदरगाह प्रवास के दौरान भारतीय नौसेना मिस्र के नौसैनिक कर्मियों के साथ पेशेवर संवाद करेगी, नौकायन प्रशिक्षण में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेगी और द्विपक्षीय सद्भाव को मजबूत करने के लिए सामुदायिक संपर्क गतिविधियाँ भी करेगी।

अदन की खाड़ी और लाल सागर से होकर गुजरना इस यात्रा का एक प्रमुख परिचालन चरण था, जहाँ जहाज ने चुनौतीपूर्ण मौसम परिस्थितियों और घने समुद्री यातायात के बीच उच्च स्तर की पेशेवर क्षमता और समुद्री कौशल का प्रदर्शन किया। सफागा में आईएनएस सुदर्शिनी की यात्रा “ब्रिजेस ऑफ फ्रेंडशिप” पहल के तहत समुद्री संपर्क बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है और भारत तथा मिस्र के बीच मजबूत और स्थायी संबंधों को रेखांकित करती है।


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