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India–AI Impact Summit 2026 की तैयारी: गांधीनगर में क्षेत्रीय सम्मेलन

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भारत में जिम्मेदार, समावेशी और नवाचार-आधारित AI इकोसिस्टम को राज्यों में विस्तार देने की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के अंतर्गत IndiaAI Mission, गुजरात सरकार और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गांधीनगर के सहयोग से 11 दिसंबर 2025 को महात्मा मंदिर, गांधीनगर में एक रीजनल प्री-समिट कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

यह क्षेत्रीय सम्मेलन 15–20 फरवरी 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में निर्धारित India–AI Impact Summit 2026 के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।

क्षेत्रीय सम्मेलन में वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, प्रौद्योगिकी नेताओं, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया जाएगा, जहाँ वे AI-आधारित आर्थिक, डिजिटल और सामाजिक परिवर्तन पर विचार-विमर्श करेंगे।

सम्मेलन की शुरुआत औपचारिक उद्घाटन सत्र से होगी जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई राजनिकांत पटेल, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष रमेशभाई सांघवी, गुजरात सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुनभाई देवाभाई मोधवाडिया, गुजरात सरकार के मुख्य सचिव मनोज कुमार दास, MeitY के अतिरिक्त सचिव और NIC के महानिदेशक अभिषेक सिंह, तथा गुजरात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पोनुगुमतला भारती जैसी विशिष्ट हस्तियाँ शामिल होंगी।

AI for Good Governance: Empowering India’s Digital Future विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में MeitY, Bhashini, Google Cloud, Microsoft, IBM Research, NVIDIA, Oracle और AWS के राष्ट्रीय व वैश्विक विशेषज्ञ उच्चस्तरीय कीनोट सत्रों का नेतृत्व करेंगे। इन सत्रों में निम्न विषय शामिल होंगे:

  • शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में AI

  • शहरी और ग्रामीण विकास में AI-संचालित परिवर्तन

  • स्मार्ट कृषि और ग्रामीण समृद्धि के लिए AI

  • जेनरेटिव AI और भविष्य की नवाचार शक्तियाँ

  • स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक कल्याण में AI

  • फिनटेक और डिजिटल समावेशन हेतु AI

  • बहुभाषी AI और भाषाई पहुंच में BHASHINI की भूमिका

सत्रों के अतिरिक्त, प्रतिभागी नेटवर्किंग सत्रों में शामिल होंगे और IndiaAI एवं DST Gujarat द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किए गए एक्सपीरियंस ज़ोन का अवलोकन करेंगे, जिसमें शासन, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग क्षेत्रों में AI समाधानों को प्रदर्शित किया जाएगा।

सरकारी नेताओं, उद्योग नवप्रवर्तकों और शैक्षणिक विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाकर, गांधीनगर रीजनल प्री-समिट का उद्देश्य भारत के AI इकोसिस्टम को ऐसे ढाँचों के साथ सुदृढ़ करना है जो स्केलेबल, विश्वसनीय, इंटरऑपरेबल और जनहित आधारित हों। इस सम्मेलन से प्राप्त अंतर्दृष्टियाँ सीधे तौर पर India–AI Impact Summit 2026 के एजेंडा और परिणामों को आकार देंगी, जिससे एक सुरक्षित, विश्वसनीय और वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक AI भविष्य के निर्माण में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका और मजबूत होगी।


प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता में वैश्विक नेतृत्व के लिए आशाजनक बताया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence/AI) में नेतृत्व क्षमता को लेकर आशावाद व्यक्त किया, यह टिप्पणी उन्होंने Microsoft के अध्यक्ष और CEO, सत्या नडेला के साथ उपयोगी चर्चा के बाद की।

प्रधानमंत्री ने Microsoft के एशिया में अब तक के सबसे बड़े निवेश को भारत में करने की घोषणा का स्वागत किया, जो देश की नवाचार और तकनीक के लिए भरोसेमंद गंतव्य के रूप में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

सत्या नडेला के पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा:

"जहाँ तक AI की बात है, दुनिया भारत के प्रति आशावादी है!

सत्या नडेला के साथ बहुत उपयोगी चर्चा हुई। यह देखकर खुशी हुई कि भारत वह स्थान है, जहाँ Microsoft एशिया में अब तक का सबसे बड़ा निवेश करेगा।

भारत के युवा इस अवसर का उपयोग कर नवाचार करेंगे और बेहतर ग्रह के लिए AI की शक्ति का लाभ उठाएंगे।"

उत्तराखंड AI इम्पैक्ट समिट 2025: भारत की वैश्विक AI नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करता एक महत्वपूर्ण मंच

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देहरादून-उत्तराखंड सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के इंडिया AI मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से उत्तराखंड AI इम्पैक्ट समिट 2025 का आयोजन किया गया। यह समिट India – AI Impact Summit 2026 का आधिकारिक प्री-सम्मिट इवेंट है, जो 19-20 फरवरी 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है।

इस समिट का उद्घाटन जितिन प्रसाद, राज्यमंत्री (MeitY) ने किया। अन्य प्रमुख उपस्थितियों में शामिल थे:

  •  नितेश कुमार झा, सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी, उत्तराखंड सरकार

  • मोहम्मद वाई. सफिरुल्ला, निदेशक, इंडिया AI मिशन, MeitY

  • डॉ. दुर्गेश पंत, महानिदेशक, UCOST

  • प्रो. राम शर्मा, कुलपति, UPES, देहरादून

  •  संजय गुप्ता, SIO, NIC

  • शर्मिष्ठा दास, DDG & HOG, AI Division, NIC HQ

मुख्य अंश और उद्घाटन भाषण:

जितिन प्रसाद ने कहा, “जैसे परमाणु प्रौद्योगिकी पिछली सदी में महत्वपूर्ण थी, वैसे ही AI इस सदी में है। इस बार भारत सुनिश्चित कर रहा है कि यह अवसर सभी के लिए हो। हम विश्व-स्तरीय कंप्यूटिंग शक्ति को कम लागत में उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे शोध, नवाचार और सामाजिक लाभ के लिए AI का उपयोग संभव हो। कुम्भ का प्रबंधन हो या शिक्षा और शासन में परिवर्तन, भारत दिखा रहा है कि जो कभी असंभव था, अब संभव है। यह है नया भारत—आत्मविश्वासी, सक्षम और तकनीक के उपयोग में अग्रणी।”

नितेश कुमार झा ने कहा, “हम नियमित रूप से AI का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन सरकार का बड़ा उद्देश्य सिर्फ AI का उपयोग नहीं, बल्कि AI का निर्माण करना है। हमने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और पहला Drone Applications Centre स्थापित किया है, जहां AI को ड्रोन प्रौद्योगिकी में एकीकृत किया जा रहा है। इसके लिए हमें इस वर्ष प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।”

समिट की विशेषताएँ:

  • इस प्री-सम्मिट इवेंट में IIT Roorkee, IIM Kashipur, Tony Blair Institute for Global Change, UPES और STPI Dehradun जैसी प्रमुख संस्थाएँ शामिल हुईं।

  • AI-स्टार्टअप्स ने शासन, उद्यमिता और सामाजिक प्रभाव में AI के व्यावहारिक उपयोगों पर प्रस्तुतियाँ दीं।

  • पैनल चर्चा में स्मार्ट शिक्षा और नवाचार पर जोर, युवा प्रतिभाओं में रचनात्मकता और समस्या समाधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। पैनल का संचालन श्री विवेक अग्रवाल, कंट्री डायरेक्टर, Tony Blair Institute ने किया।

India – AI Impact Summit 2026 की रूपरेखा:

  • 19-20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला यह वैश्विक मंच AI के सामाजिक समावेशन, नवाचार और सार्वजनिक सेवा में योगदान को प्रदर्शित करेगा।

  • यह समिट “AI for All” की भारत की दृष्टि को साकार करेगा और AI को समान, टिकाऊ और लोगों-केंद्रित बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

तीन सूत्र (Sutras):

  1. People: AI सभी के लिए हो, सांस्कृतिक पहचान और गरिमा का सम्मान करे।

  2. Planet: AI विकास संसाधन-कुशल और पर्यावरणीय संरक्षण के अनुकूल हो।

  3. Progress: AI के लाभ समान रूप से वितरित हों; शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शासन में लागू हों।

सात चक्र (Chakras):

  1. मानव संसाधन—रोजगार, कौशल विकास और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयार करना।

  2. सामाजिक सशक्तिकरण—भाषा, संस्कृति और पहचान के अनुसार AI को समावेशी बनाना।

  3. सुरक्षित और भरोसेमंद AI—पारदर्शिता, ऑडिट और सुरक्षा परीक्षण।

  4. नवाचार और दक्षता—स्थानीय वास्तविकताओं के अनुसार हल्का और अनुकूल AI।

  5. विज्ञान—जिम्मेदार AI का उपयोग शोध और खोज में बढ़ावा देना।

  6. AI संसाधनों का लोकतंत्रीकरण—डेटा, कंप्यूटिंग और मॉडल्स तक समान पहुँच।

  7. आर्थिक विकास और सामाजिक लाभ—सार्वजनिक हित वाले क्षेत्रों में AI अनुप्रयोगों को बढ़ावा।

समाप्ति:

उत्तराखंड AI इम्पैक्ट समिट 2025 ने भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व को प्रदर्शित किया और 2026 के India – AI Impact Summit के लिए मंच तैयार किया। यह समिट वैश्विक दक्षिण देशों में AI के समान, टिकाऊ और सामाजिक रूप से लाभकारी उपयोग को प्रोत्साहित करने का संदेश देती है।

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