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पेट्रोलियम और LPG की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय

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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स के पास पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और देश के किसी भी हिस्से में किसी प्रकार की कमी नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की जानबूझकर फैलाई गई, भ्रामक और सामूहिक अफवाहों पर विश्वास न करें, जो अनावश्यक घबराहट फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर साझा की जा रही हैं।

पेट्रोल और डीजल: कोई कमी नहीं, कोई राशनिंग नहीं

  1. भारत ऊर्जा सुरक्षा का एक मॉडल है। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातक है, जो 150 से अधिक देशों को ईंधन आपूर्ति करता है। भारत एक नेट निर्यातक देश है, इसलिए घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित है। देश के 1 लाख से अधिक रिटेल फ्यूल आउटलेट्स पूरी तरह से खुले हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन प्रदान कर रहे हैं। किसी भी आउटलेट को राशनिंग करने के लिए नहीं कहा गया है।

क्रूड ऑइल आपूर्ति: कोई अंतर नहीं

  1. हॉर्मुज जलसंधि की स्थिति के बावजूद, भारत वर्तमान में दुनिया भर के 41 से अधिक आपूर्तिकर्ताओं से पहले से अधिक क्रूड ऑइल प्राप्त कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उच्च मात्रा उपलब्ध होने के कारण किसी भी व्यवधान की भरपाई हो गई है। सभी भारतीय रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर चल रही हैं। अगले 60 दिनों की क्रूड आपूर्ति पहले से ही तय कर ली गई है।

स्ट्रैटेजिक रिजर्व: वास्तविक स्थिति

  1. अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि देश में केवल 6 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। वास्तविकता यह है कि भारत के पास कुल 74 दिनों की रिजर्व क्षमता है और वर्तमान में लगभग 60 दिनों का स्टॉक मौजूद है, जिसमें क्रूड, उत्पाद स्टॉक और स्ट्रैटेजिक स्टोरेज शामिल हैं। इसलिए किसी भी तरह की कमी की बात करना पूरी तरह गलत है।

LPG: उत्पादन बढ़ा, आयात कम, आपूर्ति सुनिश्चित

  1. LPG की कोई कमी नहीं है। घरेलू रिफाइनरी उत्पादन को 40% बढ़ाकर दैनिक 50 हजार मीट्रिक टन किया गया है, जो हमारी आवश्यकताओं का 60% से अधिक है। कुल आवश्यकता लगभग 80 हजार मीट्रिक टन है। आयात की आवश्यकता घटकर 30 हजार मीट्रिक टन रह गई है। 800 हजार मीट्रिक टन सुनिश्चित एलपीजी कार्गो पहले से ही अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से भारत के 22 एलपीजी आयात टर्मिनलों में आ रहा है। रोजाना 50 लाख सिलेंडर सफलतापूर्वक वितरित किए जा रहे हैं।

PNG: लंबी अवधि की योजना, संकट प्रतिक्रिया नहीं

  1. पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा दिया जा रहा है क्योंकि यह सस्ता, साफ और सुरक्षित ईंधन है। भारत वर्तमान में 92 MMSCMD गैस घरेलू रूप से उत्पादन करता है, कुल दैनिक आवश्यकता 191 MMSCMD है। PNG कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ हो गए हैं। PNG को LPG की कमी के कारण नहीं बल्कि दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति के हिस्से के रूप में बढ़ाया जा रहा है।

मंत्रालय की चेतावनी: भ्रामक जानकारी के खिलाफ कार्रवाई

  1. मंत्रालय ने गंभीर चिंता व्यक्त की है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और पोस्ट फैल रही हैं, जो कतिपय देशों में राशनिंग की झूठी जानकारी देकर भारत में संकट का भ्रम फैला रही हैं।

  2. कुछ पोस्ट सरकारी आदेशों को आपात स्थिति के रूप में गलत तरीके से पेश कर रही हैं, जबकि वे केवल सामान्य प्रशासनिक उपाय हैं।

  3. इस भ्रामक जानकारी के फैलाव से अनावश्यक चिंता और अफवाहें पैदा हो रही हैं। मंत्रालय सभी नागरिकों से अनुरोध करता है कि वे ईंधन और गैस की उपलब्धता के बारे में केवल आधिकारिक सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। गलत जानकारी फैलाना कानून के तहत अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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