Media24Media.com: #FirstTrainingSquadron

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #FirstTrainingSquadron. Show all posts
Showing posts with label #FirstTrainingSquadron. Show all posts

भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए दीर्घ दूरी प्रशिक्षण तैनाती पर रवाना

No comments Document Thumbnail

भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (First Training Squadron – 1TS) के जहाज — आईएनएस तिर, शार्दुल, सुजाता और आईसीजीएस सारथी — 110वें एकीकृत अधिकारी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (Integrated Officers’ Training Course – IOTC) के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के अंतर्गत दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए दीर्घ दूरी प्रशिक्षण तैनाती (Long Range Training Deployment – LRTD) पर प्रस्थान करेंगे।

इस तैनाती के तहत स्क्वाड्रन सिंगापुर, इंडोनेशिया और थाईलैंड में बंदरगाह यात्राएं करेगा। इस तैनाती का उद्देश्य अधिकारी प्रशिक्षुओं को व्यापक परिचालन और अंतर-सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करना है, साथ ही भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ तथा मुक्त, खुले और समावेशी हिंद महासागर क्षेत्र की परिकल्पना के अनुरूप दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ भारत की सतत समुद्री सहभागिता को सुदृढ़ करना है।

इन बंदरगाह यात्राओं के दौरान मेजबान नौसेनाओं और समुद्री एजेंसियों के साथ विभिन्न पेशेवर संवाद, प्रशिक्षण अभ्यास और सहयोगात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इनमें संरचित प्रशिक्षण आदान-प्रदान, क्रॉस-डेक विज़िट, विषय विशेषज्ञों के साथ संवाद और संयुक्त समुद्री साझेदारी अभ्यास शामिल होंगे।

इन गतिविधियों का उद्देश्य आपसी संचालनात्मक समन्वय (इंटरऑपरेबिलिटी), पारस्परिक विश्वास और समझ को और अधिक मजबूत करना है, साथ ही समुद्र में श्रेष्ठ प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।

110वें एकीकृत अधिकारी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में छह अंतरराष्ट्रीय अधिकारी प्रशिक्षु भी शामिल हैं, जो मित्र देशों के कार्मिकों के क्षमता निर्माण और व्यावसायिक प्रशिक्षण के प्रति भारतीय नौसेना की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इसके अतिरिक्त, इस तैनाती के लिए भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना के कार्मिक भी जहाजों पर सवार हैं, जिससे तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता और आपसी समन्वय को और अधिक मजबूती मिलेगी।

यह दीर्घ दूरी प्रशिक्षण तैनाती प्रशिक्षण उत्कृष्टता पर भारतीय नौसेना के विशेष जोर को रेखांकित करती है, साथ ही क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए समुद्री कूटनीति, सद्भावना और सहयोगात्मक दृष्टिकोण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।



मोम्बासा पहुँचा भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन, भारत-केन्या समुद्री सहयोग को मिलेगा नया आयाम

No comments Document Thumbnail

भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS) के जहाज़ – आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता, आईएनएस शार्दूल और आईसीजीएस सारथि ने 25 सितम्बर 2025 को केन्या के मोम्बासा बंदरगाह का दौरा किया। स्क्वाड्रन का केन्या नौसेना, रक्षा सलाहकार एवं भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

यह स्क्वाड्रन वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में लंबी दूरी के प्रशिक्षण परिनियोजन पर है। इससे पूर्व यह सेशेल्स, मॉरीशस, ला रेयूनियन और मोज़ाम्बिक का दौरा कर चुका है।

मोम्बासा प्रवास के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के कर्मियों के बीच पेशेवर एवं सामाजिक गतिविधियाँ आयोजित होंगी, जिनमें संयुक्त प्रशिक्षण, समुद्री साझेदारी अभ्यास (MPX), पैसेज एक्सरसाइज (PASSEX), संयुक्त योग सत्र, भारत और केन्या नौसेना बैंड का संयुक्त प्रदर्शन तथा सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम शामिल हैं।

1TS की यह यात्रा दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्री साझेदारी और सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो “महा-सागर – क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति” की भावना को और प्रबल करता है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.