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इंडिया पोस्ट और NSE के बीच MoU, अब पोस्ट ऑफिस से मिलेंगे म्यूचुअल फंड उत्पाद

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नई दिल्ली- डाक विभाग (Department of Posts) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत अब इंडिया पोस्ट के विशाल नेटवर्क के माध्यम से म्यूचुअल फंड उत्पादों का वितरण किया जाएगा।

देशभर में 1.64 लाख से अधिक पोस्ट ऑफिस के नेटवर्क का उपयोग करते हुए, डाक विभाग NSE के डिजिटल म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर निवेश सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में निवेश की अंतिम मील तक पहुंच सुनिश्चित होगी।

वित्तीय समावेशन को मिलेगा बढ़ावा

यह साझेदारी सरकार के वित्तीय समावेशन के विजन के अनुरूप है, जिसमें इंडिया पोस्ट की विश्वसनीयता और व्यापक पहुंच को NSE की तकनीकी विशेषज्ञता और बाजार संरचना के साथ जोड़ा जाएगा। इससे निवेशकों में जागरूकता, पारदर्शिता और पूंजी बाजार से जुड़े वित्तीय उत्पादों में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

नई दिल्ली में हुआ MoU पर हस्ताक्षर

इस समझौते पर डाक विभाग की ओर से मनीषा बंसल बादल और NSE की ओर से श्रीराम कृष्णन ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

MoU के तहत चयनित डाक विभाग कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर प्रमाणित म्यूचुअल फंड वितरक बनाया जाएगा। ये अधिकारी NSE प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश सेवाएं प्रदान करेंगे। इसके लिए NISM प्रमाणन और EUIN पंजीकरण अनिवार्य होगा।

ग्रामीण और टियर-2, टियर-3 शहरों में निवेश को बढ़ावा

यह पहल टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण क्षेत्रों में म्यूचुअल फंड निवेश को बढ़ावा देगी, निवेशकों का भरोसा मजबूत करेगी और भारत को वित्तीय रूप से सशक्त समाज बनाने में मदद करेगी।

यह MoU 10 फरवरी 2026 को हस्ताक्षरित हुआ और तीन वर्षों तक मान्य रहेगा, जिसे आपसी सहमति से नवीनीकरण किया जा सकता है। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसकी शुरुआत चयनित स्थानों पर पायलट परियोजना से होगी।


कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के तहत IEPFA और SEBI ने अमृतसर में सफलतापूर्वक आयोजित किया “निवेशक शिविर” — निवेशक सेवाओं को मिली नई गति

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कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के तहत आने वाले निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष प्राधिकरण (IEPFA) ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के सहयोग से 1 नवंबर, 2025 को अमृतसर में “निवेशक शिविर (Niveshak Shivir)” का सफल आयोजन किया।

एक दिवसीय इस शिविर में पंजाब भर के निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस शिविर का उद्देश्य निवेशकों को एक सिंगल-विंडो सुविधा मंच प्रदान करना था, जिसके माध्यम से अवितरित लाभांश, शेयरों और अन्य निवेश सेवाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान किया गया।

कार्यक्रम में अनीता शाह अकेला, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, IEPFA एवं संयुक्त सचिव, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय; लेफ्टिनेंट कर्नल आदित्य सिन्हा, महाप्रबंधक, IEPFA; बिनोद शर्मा, महाप्रबंधक, SEBI सहित IEPFA, MIIs और RTAs के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों से 223 से अधिक निवेशकों और दावाकर्ताओं ने भाग लिया। शिविर का उद्देश्य निवेश सेवाओं को नागरिकों के निकट लाना और प्रत्यक्ष सुविधा एवं मौके पर सहायता प्रदान करना था।

पुणे और हैदराबाद में सफल आयोजनों के बाद, अमृतसर इस पहल की मेजबानी करने वाला अगला शहर बना, जिसने IEPFA की निवेशक-केंद्रित वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। इस शिविर ने न केवल निवेशकों की शिकायतों के त्वरित समाधान को सुनिश्चित किया, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक भी किया।

निवेशक शिविर में की गई प्रमुख गतिविधियाँ:

  • 6–7 वर्षों से लंबित अवितरित लाभांश और दावों का प्रत्यक्ष निपटान

  • मौके पर KYC और नामांकन अपडेट की सुविधा

  • IEPFA दावों से संबंधित मुद्दों का समाधान

  • कंपनियों और RTAs द्वारा लगाए गए विशेष कियोस्क, जिनके माध्यम से निवेशकों ने सीधे अधिकारियों से बातचीत की, जिससे बिचौलियों की आवश्यकता समाप्त हुई।

इसके अलावा, IEPFA और SEBI ने MIIs के सहयोग से CDSL IPF द्वारा विकसित एक जानकारीपूर्ण वीडियो “IEPFA के माध्यम से अवितरित लाभांश का दावा करने की प्रक्रिया को समझें” भी लॉन्च किया।

यह वीडियो दर्शकों को अवितरित लाभांश की पूरी यात्रा समझाने में मदद करता है — यह क्या है, क्यों लंबित रहता है, इसे दावा करने की प्रक्रिया क्या है, और IEPFA की भूमिका क्या है।

सैकड़ों निवेशकों ने कंपनियों, RTAs और IEPFA तथा SEBI अधिकारियों से सीधे संवाद करके लाभ उठाया। इस पहल की व्यापक सराहना की गई क्योंकि इससे शिकायत निवारण प्रक्रिया तेज़, पारदर्शी और सरल बनी।

आगे की राह:

अमृतसर का “निवेशक शिविर” IEPFA के देशव्यापी निवेशक जागरूकता अभियानों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य उन शहरों में पहुंच बनाना है जहाँ अवितरित निवेशों की मात्रा अधिक है। ये शिविर IEPFA की वित्तीय पारदर्शिता, पहुंच और भरोसे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

वीडियो देखने के लिए लिंक:

IEPFA के बारे में:

निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष प्राधिकरण (IEPFA), कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्यरत है। इसका उद्देश्य निरंतर जागरूकता अभियानों, शिक्षा और रणनीतिक सहयोग के माध्यम से निवेशक सशक्तिकरण और संरक्षण को बढ़ावा देना है। अपनी स्थापना के बाद से ही IEPFA ने देशभर में निवेशकों को सशक्त बनाने और शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं।

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