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EIMA Agrimach India 2025 संपन्न: ग्रीन फ्यूल आधारित कृषि मशीनरी पर मिला वैश्विक जोर

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नई दिल्ली— FICCI और इटली की कृषि उद्योग संस्था FederUnacoma द्वारा, भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सहयोग से आयोजित ‘EIMA Agrimach India 2025’ का तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में भविष्य की कृषि मशीनरी को ग्रीन फ्यूल आधारित तकनीकों की ओर मोड़ने का आह्वान किया गया।

भव्य आयोजन में किसानों और उद्योग जगत की बड़ी भागीदारी

दिल्ली के पूसा (IARI ग्राउंड) में 27–29 नवंबर तक आयोजित इस कार्यक्रम में—

  • 20,000 से अधिक किसान — मुख्य रूप से यूपी, पंजाब, हरियाणा और ओडिशा से

  • 4,000+ डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर्स

  • 180+ देशी-विदेशी कंपनियां

  • 100+ विदेशी खरीदार (अल्जीरिया, नेपाल, श्रीलंका, केन्या, ओमान, मलेशिया, मोरक्को, नाइजीरिया, वियतनाम, जापान आदि देशों से)
    ने भाग लिया।

इटली इस आयोजन का पार्टनर देश रहा, जबकि नीदरलैंड, जापान, अमेरिका और पोलैंड ने भी अपनी प्रमुख उपस्थिति दर्ज कराई।

ग्रीन फ्यूल आधारित मशीनरी पर जोर

उद्घाटन सत्र में डॉ. देवेश चतुर्वेदी, सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने कहा कि भारतीय कृषि के विजन 2047 को पूरा करने के लिए उद्योग को ग्रीन फ्यूल—इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और CBG आधारित मशीनों पर काम तेज करना होगा।

उन्होंने कहा:

“मशीनें इलेक्ट्रिक या ग्रामीण CBG प्लांट से प्राप्त बायोगैस पर चल सकें—यह दिशा आने वाले 5–10 वर्षों में आवश्यक है। इससे किसानों की रखरखाव व संचालन लागत भी घटेगी।”

महिला किसानों के लिए जेंडर-फ्रेंडली उपकरणों की मांग

2026 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि—

  • जेंडर बजटिंग का अर्थ केवल मशीनरी का मालिकाना हक देना नहीं है

  • बल्कि ऐसी मशीनें विकसित करना आवश्यक है जो महिला किसानों की मेहनत व शारीरिक बोझ को वास्तविक रूप से कम करें

भारत–इटली कृषि सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

इटली के भारत में राजदूत एंटोनियो बार्तोली ने जल्द ही दूतावास में कृषि अटैची नियुक्त किए जाने की संभावना जताई, जिससे दोनों देशों के कृषि सहयोग को गति मिलेगी।

"कृषि को सेवा के रूप में विकसित करने की जरूरत"

EIMA Agrimach India के आयोजन समिति अध्यक्ष टी. आर. केसवन ने कहा कि कई महंगे उपकरण, जैसे सीडर, किसानों के लिए खरीदना मुश्किल है, इसलिए—

“कृषि मशीनरी को सेवा (Agriculture as a Service) के रूप में उपलब्ध कराना भविष्य का मॉडल बन सकता है।”

भारत–इटली कृषि बाजार का उज्ज्वल भविष्य

FederUnacoma की DG सिमोना रापास्टेला ने बताया कि—

  • 2023 में भारत का कृषि मशीनरी बाजार 13.7 बिलियन USD का था

  • 2033 तक इसके 31.6 बिलियन USD तक बढ़ने का अनुमान है

  • वार्षिक वृद्धि दर लगभग 9%

कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर जोर

FICCI कृषि समिति के सह-अध्यक्ष सुबरतो गीड ने कहा—

“भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए उत्पादकता बढ़ाना अनिवार्य है। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक तकनीक और मशीनीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

 FICCI–PwC रिपोर्ट हुई जारी

कार्यक्रम में ‘Farm Mechanisation: The Path Towards a Future-Ready India’ रिपोर्ट भी जारी की गई।

अगला आयोजन इटली में

कार्यक्रम के 10वें संस्करण का आयोजन अगले वर्ष इटली में किया जाएगा।

यदि आप चाहें, तो मैं इसका संक्षिप्त संस्करण, सोशल मीडिया पोस्ट, या हैशटैग सेट भी तैयार कर देता हूँ।

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