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निति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने “ट्रेड वॉच क्वार्टरली” Q2 FY 25-26 का नवीनतम संस्करण जारी किया

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निति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने 13 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) के लिए “Trade Watch Quarterly” का नवीनतम संस्करण जारी किया। इस अवसर पर निति आयोग के सदस्य अरविंद वर्मानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस प्रकाशन में वैश्विक और घरेलू व्यापार रुझानों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। जबकि वैश्विक व्यापार वृद्धि धीमी रही, सेवाओं का प्रदर्शन माल से बेहतर रहा और विकासशील क्षेत्रों ने प्रमुख भूमिका निभाई। इस तिमाही के विशेष अनुभाग में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापार पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें मोबाइल फोन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स और कंपोनेंट्स में भारत के निर्यात और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखलाओं में भागीदारी का अध्ययन किया गया है।

विश्लेषण में यह पाया गया कि Q2 FY26 में भारत के व्यापार का प्रदर्शन निर्यात-प्रेरित रहा, जिससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद व्यापार विस्तार बना रहा। सेवाओं और वस्तुओं के निर्यात में ~8.5% की वृद्धि हुई। विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार में वृद्धि, ई-कॉमर्स के बढ़ते महत्व और भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में तेज़ी विशेष रूप से उजागर हुई।

इलेक्ट्रॉनिक्स अब भारत के निर्यात कार्ट में दूसरा सबसे बड़ा उत्पाद बन गया है। मोबाइल फोन निर्यात में तेज़ वृद्धि और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स व संचार उपकरणों में मजबूती के कारण भारत ने वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मांग में उल्लेखनीय हिस्सेदारी बनाई है। अब भारत घटक निर्माण और उच्च मूल्य संवर्धन की ओर अग्रसर है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स निर्माण योजना के तहत ₹40,000 करोड़ के आवंटन से मजबूती दी जा रही है।

सुमन बेरी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स आधुनिक विनिर्माण मूल्य श्रृंखलाओं का केंद्र है और इसका निर्यात संतुलन और तकनीकी संप्रभुता पर महत्वपूर्ण प्रभाव है। जबकि भारत ने अंतिम असेंबली में पैमाना हासिल कर लिया है, स्थायी प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए संरचनात्मक लागत कम करना, घरेलू घटक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और वैश्विक उत्पादन नेटवर्क में भारतीय फर्मों को शामिल करना आवश्यक है।

अरविंद वर्मानी ने भी टीम की तारीफ़ करते हुए कहा कि वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में गहन एकीकरण, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स में, भारत के निर्यात गति को बनाए रखने, उत्पादकता बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजित करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

यह प्रकाशन नीति निर्माताओं, उद्योग, शोधकर्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों के लिए डेटा-आधारित विश्लेषण और नीति अंतर्दृष्टि प्रदान करता है, जिससे वैश्विक परिदृश्य में भारत की व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ किया जा सके।

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