Media24Media.com: #ExamStressFree

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #ExamStressFree. Show all posts
Showing posts with label #ExamStressFree. Show all posts

परीक्षा पे चर्चा बनी जन आंदोलन, विकसित भारत की शिक्षा यात्रा में निर्णायक बदलाव

No comments Document Thumbnail

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक लेख साझा किया, जिसमें बताया गया है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ किस तरह एक जन आंदोलन बन चुकी है और यह भारत की शिक्षा यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है, जो विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में मार्ग प्रशस्त कर रही है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के एक्स (X) पर किए गए एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO India) ने कहा कि इस लेख में यह स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा पे चर्चा केवल एक संवाद कार्यक्रम नहीं रह गई है, बल्कि यह देशव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसने शिक्षा को लेकर सोच और दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।

लेख में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह नीति बाल-केंद्रित दृष्टिकोण, भारतीय ज्ञान परंपरा पर जोर और मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।

प्रधानमंत्री ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव बताते हुए कहा कि परीक्षा पे चर्चा छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को तनावमुक्त और सकारात्मक माहौल में जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। यह पहल न केवल छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा रही है, बल्कि शिक्षा को आनंदमय और उद्देश्यपूर्ण बनाने में भी योगदान दे रही है।

यह पहल भारत को एक शिक्षित, सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखी जा रही है।

परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि: पालक सहभागिता में देश में प्रथम

No comments Document Thumbnail

81,533 पालकों का पंजीयन: देश में पहले स्थान पर छत्तीसगढ़

पालक सहभागिता में देश में प्रथम स्थान गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

परीक्षा पे चर्चा में छत्तीसगढ़ अव्वल: देश के अभिभावकों के लिए बना रोल मॉडल

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा को तनावमुक्त उत्सव के रूप में मनाने की पहल “परीक्षा पे चर्चा 2026” में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने पालकों की भागीदारी में प्रथम स्थान हासिल कर पूरे देश में उदाहरण प्रस्तुत किया है। 

अब तक छत्तीसगढ़ से 25.16 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन किया है, जिनमें 22.75 लाख विद्यार्थी, 1.55 लाख शिक्षक और 81,533 पालक शामिल हैं। यह उपलब्धि राज्य में परीक्षा प्रबंधन, समय प्रबंधन, पालकों को अपने बच्चों को परीक्षा में अधिक अंक लाने हेतु अनावश्यक दबाव देने से बचने तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए किए जा रहे सुनियोजित प्रयासों को दर्शाती है।

'परीक्षा पे चर्चा' में पालकों की भागीदारी के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। कुल पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है।  बलोदाबाजार जिले में 14,658 तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 9,952 पालकों द्वारा पंजीयन किया गया है, जो इस अभियान के प्रति अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता, सहभागिता और विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है। यह उपलब्धि केवल संख्यात्मक सफलता नहीं है, बल्कि यह परीक्षा के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव का भी संकेत देती है।

इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे राज्य में अपनाई गई नवाचारपूर्ण रणनीतियाँ महत्वपूर्ण रही हैं। जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की गई, शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर ऑन-साइट पंजीयन की व्यवस्था की गई तथा युवा क्लब और “अंगना म शिक्षा कार्यक्रम” के माध्यम से समुदाय को बड़े पैमाने पर जोड़ा गया। 

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” से एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन दर्ज हुए, जबकि इससे पहले प्रतिदिन औसत पंजीयन लगभग 1500 के आसपास था। पिछले प्रयासों के रूप में आयोजित शिक्षक-पालक सम्मेलन और मेगा पीटीएम ने भी अभिभावकों की सजगता और सहभागिता को नई दिशा दी है।

परीक्षा पे चर्चा से जुड़े प्रेरक अनुभव भी लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले वर्ष इस कार्यक्रम में शामिल हुई कु. युक्तामुखी ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस वर्ष अधिक से अधिक विद्यार्थियों से पंजीयन कर अपने प्रश्न पूछने की अपील की है। उनका प्रेरक संदेश विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मविश्वास और सक्रिय सहभागिता की भावना जागृत कर रहा है। 

इसी प्रकार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शीतकालीन अवकाश के दौरान आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” में सभी विद्यालयों, समुदाय, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की और इस आयोजन के परिणामस्वरूप एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन हुए। इस सफलता से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी परीक्षा पे चर्चा मेलों का आयोजन किया जा रहा है और लोग उत्साहपूर्वक इस अभियान से जुड़ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में परीक्षा पे चर्चा में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण स्थलों पर ही पंजीयन की व्यवस्था की गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को पंजीयन प्रक्रिया विस्तारपूर्वक समझाई गई और वहीं पर पंजीयन कराने में सहयोग दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षकों द्वारा बहुत बड़ी संख्या में पंजीयन किया गया। 

पंजीयन प्रक्रिया 11 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी और इस बात की पूरी संभावना है कि छत्तीसगढ़ में 30 लाख से अधिक पंजीयन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि “परीक्षा पे चर्चा” माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का वार्षिक संवाद कार्यक्रम है, जिसमें वे विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों से सीधे संवाद करते हैं। इस संवाद में परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों, तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास बढ़ाने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया जाता है तथा पालकों को यह संदेश भी दिया जाता है कि वे अधिक अंक लाने के लिए अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि बच्चों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाएँ। यह पहल अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है और परीक्षा को तनाव का विषय न मानकर उत्सव के रूप में मनाने की व्यापक सामाजिक चेतना विकसित कर रही है।

“परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ द्वारा प्राप्त की गई यह उपलब्धि पूरे राज्य के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा परीक्षा को तनाव नहीं बल्कि उत्सव के रूप में मनाने का जो संदेश दिया गया है, उसे छत्तीसगढ़ ने दिल से अपनाया है। कुल पंजीयन में देश में चौथा स्थान और पालक सहभागिता में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि हमारे यहां अभिभावकों में भी जागरूकता बढ़ी है और वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इसी उत्साह के साथ हम 30 लाख से अधिक पंजीयन के लक्ष्य को भी प्राप्त करेंगे और परीक्षा को तनावमुक्त बनाने के इस अभियान को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाते रहेंगे।” - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए पंजीकरण ने पार किया 3 करोड़ का आंकड़ा

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख पहल ‘परीक्षा पे चर्चा (PPC)’ के लिए पंजीकरण ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 30 दिसंबर 2025 तक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों सहित 3 करोड़ से अधिक पंजीकरण दर्ज किए जा चुके हैं।

यह अभूतपूर्व प्रतिक्रिया कार्यक्रम की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है और यह साबित करती है कि परीक्षा से जुड़े तनाव और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर छात्रों से संवाद स्थापित करने में यह पहल कितनी सफल रही है। इतनी बड़ी भागीदारी यह भी दर्शाती है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ अब एक जन आंदोलन के रूप में उभर चुकी है, जो देशभर के विद्यार्थियों और शिक्षकों से गहराई से जुड़ रही है।

परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 1 दिसंबर 2025 से MyGov पोर्टल पर शुरू किए गए थे। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला यह कार्यक्रम अब सीखने, संवाद और सकारात्मक सोच का एक प्रतीक्षित उत्सव बन चुका है, जो छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को एक साझा मंच पर लाता है।

परीक्षा पे चर्चा 2026 में भाग लेने के लिए यहां पंजीकरण करें:

जनवरी 2026 में होगा ‘परीक्षा पे चर्चा’ का 9वां संस्करण; पीएम मोदी फिर करेंगे छात्रों से संवाद

No comments Document Thumbnail

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) अपनी 9वीं कड़ी के साथ जनवरी 2026 में आयोजित होने जा रहा है। इस अनोखी पहल में देश-विदेश के छात्र, अभिभावक और शिक्षक परीक्षाओं से जुड़ी चुनौतियों, तनाव और ‘परीक्षा को उत्सव’ के रूप में मनाने को लेकर प्रधानमंत्री से सीधा संवाद करते हैं।

प्रतिभागियों के चयन के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिता

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए MCQ आधारित ऑनलाइन प्रतियोगिता का आयोजन MyGov पोर्टल पर 1 दिसंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है।
कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक इसमें भाग ले सकते हैं। सभी प्रतिभागियों को MyGov द्वारा भागीदारी प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

2025 की 8वीं कड़ी ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

पिछला संस्करण 10 फरवरी 2025 को नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में आयोजित हुआ था, जिसमें देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से चुने गए 36 छात्रों ने हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम में केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय और CBSE स्कूलों के छात्र जुड़े थे, साथ ही PRERANA विद्यार्थी, कला उत्सव और वीर गाथा के विजेताओं ने भी भाग लिया।

2025 के PPC ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए 245 देशों के छात्रों, 153 देशों के शिक्षकों और 149 देशों के अभिभावकों की भागीदारी दर्ज की।
कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2018 में 22,000 प्रतिभागियों से शुरू हुई यह पहल 2025 में बढ़कर 3.56 करोड़ पंजीकरण तक पहुँच गई।
देशभर में PPC 2025 से जुड़े जन आंदोलन गतिविधियों में 1.55 करोड़ लोगों ने भाग लिया और कुल भागीदारी करीब 5 करोड़ तक पहुँच गई।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.