Media24Media.com: #EmploymentNews

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #EmploymentNews. Show all posts
Showing posts with label #EmploymentNews. Show all posts

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: युवाओं के लिए ₹500 करोड़ का स्टार्टअप मिशन, सरकारी कर्मचारियों की आयु सीमा 45 साल

No comments Document Thumbnail

रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए साय कैबिनेट की बड़ी पहल; 33 जिलों में बनेंगे उद्यमिता विकास केंद्र

रायपुर- छत्तीसगढ़ में युवाओं, रोजगार और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी गई है। इस मिशन के लिए अगले पांच वर्षों में ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सरकार के मुताबिक इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर पैदा करना है। इसके तहत युवाओं को पारंपरिक नौकरी की तलाश तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपना व्यवसाय और रोजगार पैदा करने वाले उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

33 जिलों में बनेंगे उद्यमिता विकास केंद्र

‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही 100 उभरती तकनीक प्रयोगशालाएं और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर विकसित करने की योजना है।

इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को नई तकनीकों, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। मिशन के तहत NIPUN Job Engine भी विकसित किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार के अवसरों से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके।

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, आयु सीमा 45 साल

कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने अन्य सरकारी सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने वाले पात्र कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने को मंजूरी दी है।

यह लाभ स्थायी और अस्थायी राज्य सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ निगम-मंडल, स्वायत्त संस्थाओं, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों जैसे संबंधित वर्गों पर लागू होगा। इस बदलाव से ऐसे कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं या उच्च पदों के लिए आवेदन करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। सरकार ने कहा है कि संशोधित आयु सीमा को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।

स्टार्टअप और रोजगार पर सरकार का फोकस

सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ में ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न रहें, बल्कि उद्यमी बनकर नए रोजगार के अवसर भी पैदा करें। राज्य की मौजूदा स्टार्टअप नीति में भी नवाचार, सीड फंडिंग, इनक्यूबेशन और तकनीक आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन देने की व्यवस्था है।

सरकार के इन फैसलों को प्रदेश में युवा रोजगार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और कौशल विकास को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। खास तौर पर ₹500 करोड़ के मिशन और सरकारी सेवाओं में आयु सीमा बढ़ाने से युवाओं तथा कार्यरत कर्मचारियों—दोनों वर्गों को राहत मिलने की उम्मीद है।

खेल और युवा शक्ति बनेंगे विकसित भारत की ताकत, PM मोदी ने रोजगार और 2036 ओलंपिक पर रखा जोर

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में खेल और युवा शक्ति की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने खेलों में भारत की बढ़ती उपलब्धियों, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, स्टार्टअप, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और 2036 ओलंपिक की तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

युवाओं के लिए ₹1 लाख करोड़ की रोजगार योजना

प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत करीब 3.5 करोड़ युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकार की ओर से ₹15,000 की सहायता दी जाएगी। वहीं, अधिक संख्या में नए रोजगार पैदा करने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

2036 ओलंपिक की मेजबानी पर भारत की नजर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत खेलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार के रूप में आगे बढ़ रहा है। साथ ही भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भी करेगा।

उन्होंने कहा कि ओलंपिक में करीब 40 खेलों और 325 से 350 स्पर्धाओं का आयोजन होता है, लेकिन भारत आज लगभग दो-तिहाई स्पर्धाओं में हिस्सा नहीं लेता। ऐसे में इन खेलों में भारतीय प्रतिभाओं को आगे लाने की जरूरत है।

5 से 15 साल के बच्चों के लिए टैलेंट हंट

2036 ओलंपिक की तैयारी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने देशभर के गांवों, शहरों और स्कूलों में टैलेंट हंट अभियान चलाने की बात कही। इसके तहत 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान की जाएगी।

चयनित बच्चों की क्षमताओं का आकलन कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। प्रधानमंत्री ने इस अभियान में बेटियों पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।

खेलों के पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि TOPS योजना, खेलो इंडिया गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स और बीच गेम्स के साथ-साथ खेल बुनियादी ढांचे, कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन और स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन के क्षेत्र में भी भारत आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जो युवा खिलाड़ी नहीं भी बन पाते, उनके लिए भी खेलों से जुड़े सपोर्ट सिस्टम में रोजगार और करियर के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

कोचिंग संस्थानों की बढ़ती लागत को मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बताते हुए प्रधानमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि भारत के पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रतिभाशाली शिक्षक और विशेषज्ञ हैं। इन सभी संसाधनों को एक साथ जोड़कर युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने बताया कि Startup India के तहत देश में 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हो चुके हैं। युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने ₹1 लाख करोड़ के Innovation Fund का भी उल्लेख किया और कहा कि युवा अपने सपनों के साथ आगे आएं, संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी।

नशामुक्त भारत का आह्वान

प्रधानमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या को गंभीर चुनौती बताते हुए ‘नशामुक्त भारत’ को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति को मजबूत बनाना विकसित भारत के निर्माण के लिए जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है और 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं की आकांक्षाओं और भागीदारी को विकास यात्रा से जोड़ना होगा।


https://twitter.com/i/status/2088497310938669077

श्रमिकों को मिली बड़ी राहत: विशेष अभियान के तहत 23 श्रम मामलों का निपटारा, 10.32 लाख रुपये का भुगतान

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) कार्यालय द्वारा लंबित श्रम मामलों के त्वरित निपटारे के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और उसके ठेकेदारों से जुड़े दावा मामलों की संयुक्त सुनवाई आयोजित की गई। यह सुनवाई नई दिल्ली स्थित उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) कार्यालय में क्षेत्रीय श्रमायुक्त (केंद्रीय)-सह-प्राधिकरण, वेतन संहिता 2019 के समक्ष संपन्न हुई।

मामलों के प्रभावी और शीघ्र समाधान के उद्देश्य से मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) सोनल मिश्रा भी सुनवाई में शामिल हुईं। उन्होंने दिल्ली क्षेत्र के अधिकारियों, प्रबंधन प्रतिनिधियों और श्रमिकों को संबोधित करते हुए श्रम विवादों के समयबद्ध निपटारे तथा श्रम कानूनों के सख्त अनुपालन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

सुनवाई के दौरान कुल 193 दावा मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 23 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इसके परिणामस्वरूप 12 श्रमिकों को उनके बकाया भुगतान के रूप में कुल 10,32,484 रुपये प्रदान किए गए। शेष मामलों में भी विस्तृत सुनवाई की गई, जिससे अगली निर्धारित तिथि पर उनके समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ।

कार्यवाही के दौरान DMRC के वरिष्ठ श्रम कल्याण निरीक्षक, श्रम कल्याण निरीक्षक तथा ठेकेदारों के प्रतिनिधियों को श्रम कानूनों के अनुपालन के प्रति जागरूक किया गया। विशेष रूप से समय पर वेतन भुगतान, वैधानिक अभिलेखों के रखरखाव और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया गया। प्रबंधन पक्ष ने श्रम अधिकारियों को आश्वासन दिया कि नियमों के बेहतर अनुपालन के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का यह विशेष अभियान श्रमिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान, न्याय तक उनकी पहुंच को सशक्त बनाने, श्रम कानूनों के अनुपालन को मजबूत करने और सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



डिजिटल ज्ञान तक आसान पहुंच: प्रकाशन विभाग की पत्रिकाएं और ई-बुक्स WAVES प्लेटफॉर्म पर मुफ्त उपलब्ध

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- डिजिटल ज्ञान तक आम जनता की पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, प्रकाशन विभाग ने अपनी प्रमुख पत्रिकाएं— योजना, कुरुक्षेत्र, आजकल और बाल भारती— तथा साप्ताहिक रोजगार समाचार को प्रसार भारती के WAVES ओटीटी प्लेटफॉर्म पर निःशुल्क उपलब्ध करा दिया है। इससे देशभर के पाठकों को समृद्ध और विश्वसनीय सामग्री तक सीधी पहुंच मिलेगी।

यह पहल देश के हर वर्ग तक जानकारीपूर्ण, विश्वसनीय और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध सामग्री पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। जहां मासिक पत्रिकाएं सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, ग्रामीण विकास, साहित्य और बच्चों की शिक्षा पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती हैं, वहीं रोजगार समाचार नौकरी के इच्छुक युवाओं के लिए रोजगार अवसरों, भर्ती सूचनाओं, करियर मार्गदर्शन और कौशल विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।

पत्रिकाओं के अलावा, WAVES प्लेटफॉर्म पर विभिन्न विषयों की 227 ई-बुक्स भी निःशुल्क उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें प्रतिष्ठित भारत ईयर बुक भी शामिल है, जो देश के शासन, अर्थव्यवस्था और विकास योजनाओं का विस्तृत और प्रामाणिक विवरण प्रस्तुत करती है।

प्रकाशन विभाग ने अपने डिजिटल विस्तार को आगे बढ़ाते हुए अप्रैल के अंत तक लगभग 300 अतिरिक्त ई-बुक्स भी उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। ये पुस्तकें नाममात्र कीमत पर उपलब्ध होंगी, जिससे ज्ञान का प्रसार सुलभ और किफायती बना रहेगा।

पाठकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, WAVES प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रकाशन विभाग की प्रिंटेड किताबें भी खरीदी जा सकती हैं। यह सुविधा ONDC (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) के तहत CSC ग्रामीण ई-स्टोर के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी किताबों की सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। वर्तमान में 524 प्रिंटेड पुस्तकें खरीद के लिए उपलब्ध हैं।

यह पहल डिजिटल माध्यमों के जरिए ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा देने और पाठकों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के प्रति प्रकाशन विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुफ्त डिजिटल सामग्री, किफायती ई-बुक्स और प्रिंटेड पुस्तकों की उपलब्धता के साथ एक समावेशी और व्यापक पाठन प्रणाली विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

जनता से अपील की गई है कि वे WAVES ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध इन संसाधनों का लाभ उठाएं और ज्ञान की इस पहल का हिस्सा बनें।

आबकारी आरक्षक के 200 पदों पर भर्ती हेतु अंतिम चयन परिणाम जारी

No comments Document Thumbnail

रायपुर- आबकारी विभाग के अंतर्गत आबकारी आरक्षक के रिक्त 200 पदों की पूर्ति हेतु सीधी भर्ती के माध्यम से छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर (व्यापम) द्वारा 27 जुलाई 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। उक्त भर्ती परीक्षा का अंतिम उत्तर तथा परीक्षा परिणाम व्यापम की वेबसाइट पर 19 सितम्बर 2025 को प्रदर्शित किया गया।

आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग को उपलब्ध कराये गये परीक्षा परिणाम की प्राप्तांक सूची एवं परीक्षा से संबंधित अन्य अभिलेखों के आधार पर विज्ञापन में उल्लेखित वर्गवार, प्रवर्गवार रिक्तियों की संख्या के लगभग तीन गुना अभ्यर्थियों को मेरिट क्रम में चिन्हांकित किया गया। उनके मूल प्रमाण पत्रों (दस्तावेजों) का सत्यापन एवं शारीरिक मापदण्ड की जॉच के लिए बुलाया गया, किन्तु पर्याप्त अवसर दिये जाने के बाद भी सत्यापन में अनुपस्थित एवं शारीरिक मापदण्ड में अपात्र पाये गये कुल 128 अभ्यर्थियों के नामों पर चयन प्रक्रिया में विचार नहीं करने संबंधी 12 मार्च 2026 को पत्र  जारी किया गया। शेष पात्र अभ्यर्थियों में से व्यापम द्वारा जारी मेरिट क्रम के आधार पर वर्गवार, प्रवर्गवार आबकारी आरक्षक पद के कुल 200 पदों के विरूद्ध 200 पदों पर अभ्यर्थियों की उपलब्धता अनुसार चयन सूची तथा 43 अनुपूरक (प्रतीक्षा) सूची जारी गई है। 

अधिकारियों ने बताया कि आबकारी आरक्षक पद हेतु छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में व्यापम द्वारा जारी मेरिट सूची के आधार पर विभाग में दस्तावेज सत्यापन एवं शारीरिक मापदण्ड में पात्र पाये गये अभ्यर्थियों में से चयन हेतु उपयुक्त पाये गये अभ्यर्थियों की सूची मंडल की वेबसाईट https://vyapamcg.cgstate.gov.in/ पर अपलोड कर दी गई है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.