Media24Media.com: #DigitalEmpowerment

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #DigitalEmpowerment. Show all posts
Showing posts with label #DigitalEmpowerment. Show all posts

आधार सेवा केंद्र बना ग्रामीणों के लिए भरोसे का आधार

No comments Document Thumbnail

वर्षों से बंद पड़ी सुविधाएं हुईं बहाल,आयते को फिर मिलने लगा योजनाओं का लाभ

रायपुर- राज्य शासन द्वारा नागरिक सेवाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए संचालित आधार सेवा केंद्र अब ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले के ग्राम तोयलंका की निवासी आयते की कहानी इसका प्रेरक उदाहरण है, जिनकी वर्षों पुरानी आधार संबंधी समस्या का समाधान होने से उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ फिर से मिलने लगा है।

आयते लंबे समय से आधार कार्ड अपडेट नहीं होने के कारण परेशान थीं। आधार निष्क्रिय होने से उन्हें पेंशन, राशन और अन्य शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। कई बार प्रयास करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाने से वे निराश हो चुकी थीं।

इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आधार सेवा केंद्र संचालित किया जा रहा है, जहां आधार संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाता है। जानकारी मिलते ही वे सेवा केंद्र पहुंचीं और अपनी समस्या अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बताई।

जांच में पता चला कि लंबे समय से ई-केवाईसी नहीं होने के कारण उनका आधार निष्क्रिय हो गया था। सेवा केंद्र के कर्मचारियों ने आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराई और आधार को पुनः सक्रिय कर दिया। पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की गई।

आधार पुनः सक्रिय होने के बाद आयते को अब पेंशन, राशन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने जिला प्रशासन और आधार सेवा केंद्र के कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सुविधा ने उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कर दिया और उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है।

राज्य शासन की मंशा है कि हर नागरिक को बिना अनावश्यक परेशानी के शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिले। आधार सेवा केंद्रों के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक अपडेट, मोबाइल नंबर अपडेट और आधार सक्रियण जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे नागरिकों को सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान हो रही है और डिजिटल सेवाओं पर उनका भरोसा मजबूत हो रहा है।

डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम: SAMPANN पेंशन पोर्टल का DigiLocker से एकीकरण

No comments Document Thumbnail

प्रधान नियंत्रक संचार लेखा (Pr CCA), दिल्ली के कार्यालय ने दूरसंचार विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी पेंशनरों को सूचित किया है कि SAMPANN पेंशन पोर्टल का DigiLocker प्लेटफॉर्म के साथ सफलतापूर्वक एकीकरण कर दिया गया है। यह पहल भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अनुरूप है।

इस एकीकरण के माध्यम से पेंशनर अब SAMPANN से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज—जैसे पेंशन भुगतान आदेश (e-PPO), ग्रेच्युटी स्वीकृति आदेश, कम्यूटेशन स्वीकृति आदेश और फॉर्म-16—को सीधे अपने DigiLocker खाते से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा मोबाइल या डेस्कटॉप के माध्यम से कभी भी और कहीं से भी उपलब्ध है, जिससे सुरक्षित, पेपरलेस और पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित होती हैं। इससे बैंकिंग, चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं में भी सुविधा मिलेगी।

इस अवसर पर आशीष जोशी, प्रधान नियंत्रक संचार लेखा, दिल्ली ने कहा कि यह पहल भौतिक दस्तावेजों की आवश्यकता को समाप्त करती है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम पेंशनरों को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनाता है और सरकार के पेपरलेस डिजिटल गवर्नेंस के विजन को साकार करता है।

पेंशनर इस सेवा का लाभ उठाने के लिए https://digilocker.gov.in पर आधार के माध्यम से लॉग इन कर सकते हैं, अपना PPO नंबर लिंक कर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं। सहायता के लिए समर्पित हेल्पलाइन और SAMPANN पोर्टल उपलब्ध हैं। DigiLocker और SAMPANN सेवाओं से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) नीचे दिए गए हैं।

SAMPANN के बारे में

SAMPANN (System for Accounting and Management of Pension) दूरसंचार विभाग की एक प्रमुख डिजिटल पहल है, जिसे नियंत्रक जनरल संचार लेखा कार्यालय द्वारा विकसित, स्वामित्व और संचालित किया गया है। इसे 29 दिसंबर 2018 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था। यह प्रणाली पेंशन प्रशासन को प्रणाली-केंद्रित से पेंशनर-केंद्रित बनाती है।

SAMPANN ने पेंशन की पूरी प्रक्रिया को डिजिटाइज़ कर दिया है—मामलों की शुरुआत से लेकर e-PPO जारी करने, भुगतान, लेखा, ऑडिट, शिकायत निवारण तक। अब पेंशन सीधे बैंक खातों में जमा होती है। पेंशनर घर बैठे भुगतान की स्थिति देख सकते हैं, जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं, विवरण अपडेट कर सकते हैं और शिकायत दर्ज कर सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन भी संचालित की जा रही हैं।

FAQ: DigiLocker के माध्यम से SAMPANN सेवाएं

1. DigiLocker क्या है?

DigiLocker भारत सरकार का सुरक्षित क्लाउड प्लेटफॉर्म है, जहां नागरिक अपने महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज सुरक्षित रख सकते हैं और साझा कर सकते हैं। यह डिजिटल वॉलेट की तरह कार्य करता है और कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता को समाप्त करता है।

2. DigiLocker तक कैसे पहुंचें?

  • वेब पोर्टल: https://digilocker.gov.in

  • मोबाइल ऐप: Google Play Store (Android) या Apple Store (iOS) से DigiLocker ऐप डाउनलोड करें।

3. पंजीकरण और लॉग-इन कैसे करें?

  • मोबाइल नंबर/आधार से रजिस्ट्रेशन करें

  • OTP सत्यापन के बाद MPIN सेट करें

  • MPIN या OTP से लॉग-इन करें

4. DigiLocker पर सेवाएं कैसे खोजें?

लॉग-इन के बाद “Search Documents” विकल्प का उपयोग करें।
SAMPANN से जुड़ी सेवाओं को SAMPANN, DoT, Pension, Gratuity, Commutation जैसे कीवर्ड से खोजा जा सकता है।

5. DigiLocker पर उपलब्ध SAMPANN सेवाएं:

  • e-PPO

  • ग्रेच्युटी भुगतान आदेश

  • कम्यूटेशन भुगतान आदेश

  • फॉर्म-16

पेंशनर संबंधित सेवा में अपना PPO नंबर दर्ज कर “Get Document” पर क्लिक करके दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं।

यह पहल पेंशनरों के लिए सुविधा, पारदर्शिता और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

PM SVANidhi योजना का पुनर्गठित स्वरूप: 1.15 करोड़ स्ट्रीट वेंडर्स के लिए समग्र विकास और वित्तीय सशक्तिकरण

No comments Document Thumbnail

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 27 अगस्त 2025 को केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना के पुनर्गठन और लेंडिंग अवधि को 31 मार्च 2030 तक बढ़ाने को मंजूरी दी। इस योजना का कुल बजट ₹7,332 करोड़ है और इसका उद्देश्य 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ पहुंचाना है, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी शामिल हैं।

योजना का उद्देश्य और महत्व

स्ट्रीट वेंडर्स किसी भी शहर की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। वे आत्म-रोज़गार के माध्यम से रोज़मर्रा की वस्तुएँ और सेवाएँ नागरिकों तक पहुँचाते हैं। हालांकि, पहचान की कमी, सीमित वित्तीय पहुँच, शिक्षा और कौशल की कमी, उचित स्थानों का अभाव और सरकारी योजनाओं तक सीमित पहुँच जैसी चुनौतियाँ उनका सामना करती हैं। PM SVANidhi योजना का लक्ष्य इन्हीं चुनौतियों को दूर करना और स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।

प्रमुख विशेषताएँ और लाभ

  • लोन संरचना: पहली किस्त ₹15,000, दूसरी किस्त ₹25,000 और तीसरी किस्त ₹50,000 तक।

  • डिजिटल क्रेडिट कार्ड: समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों के लिए UPI-लिंक्ड RuPay क्रेडिट कार्ड।

  • कैशबैक प्रोत्साहन: डिजिटल लेन-देन पर अधिकतम ₹1,200 तक कैशबैक।

  • क्षेत्रीय विस्तार: योजना अब केवल सांविधिक शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि सेंसरस टाउन और पेरी-अर्बन क्षेत्रों में भी लागू।

कल्याण और क्षमता निर्माण

  • स्ट्रीट वेंडर्स को उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल कौशल और मार्केटिंग के प्रशिक्षण दिए जाएंगे।

  • स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए FSSAI के साथ मिलकर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण।

  • SVANidhi से समृद्धि (Svanidhi se Samriddhi): 8 सरकारी कल्याण योजनाओं से वेंडर्स और उनके परिवारों को जोड़ा गया। 47 लाख वेंडर्स का प्रोफाइल तैयार किया गया और 1.46 करोड़ योजनाएँ अब तक स्वीकृत।

क्रियान्वयन और साझेदारी

योजना का कार्यान्वयन आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) तथा वित्तीय सेवाएँ विभाग (DFS) के माध्यम से किया जाएगा। राज्यों, बैंकों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) की सक्रिय भागीदारी से लाभार्थियों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।

निष्कर्ष

PM SVANidhi योजना केवल वित्तीय स्थिरता प्रदान नहीं करती, बल्कि स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में शामिल कर, उन्हें आत्मनिर्भर और डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। यह योजना स्ट्रीट वेंडर्स के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है, जो समावेशी और टिकाऊ शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कोंडापल्ली में संचार क्रांति का नया सवेरा: मोबाइल नेटवर्क पहुंचते ही नाच उठे ग्रामीण

No comments Document Thumbnail

दशकों की प्रतीक्षा समाप्त: कोंडापल्ली में पहली बार मोबाइल नेटवर्क, गांव में उत्सव का माहौल

नियद नेल्ला नार योजना ने बदली तस्वीर: कोंडापल्ली में जीवन हुआ आसान

रायपुर- दूरसंचार, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ जहाँ देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य जीवन का आधार बन चुकी हैं, वहीं बस्तर संभाग के कुछ सुदूर वनांचलों ने दशकों तक इन सुविधाओं को कभी देखा ही नहीं था। ऐसे ही एक इलाके, बीजापुर जिले के ग्राम कोंडापल्ली, में अभूतपूर्व उत्सव का माहौल देखने को मिला जब गाँव में पहली बार मोबाइल नेटवर्क आया।

कोंडापल्ली तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित एक घना वनांचल है, जहाँ वर्षों से सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में गाँव में मोबाइल टॉवर स्थापित होना स्थानीय समुदाय के लिए केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि दुनिया से जुड़ने का प्रतीक बन गया।

जैसे ही टॉवर के सक्रिय होने की घोषणा हुई, ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। महिलाएँ, पुरुष, बच्चे — सभी रैली के रूप में टॉवर स्थल तक पहुँचे। पारंपरिक विधि से टॉवर की पूजा-अर्चना की गई। माँदर की थाप पर लोग भावुक होकर नाच उठे। यह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था।

इस उत्सव में केवल कोंडापल्ली ही नहीं, बल्कि आसपास के गाँवों के लोग भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि यह उनके लिए केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि “बाहरी दुनिया से पहला वास्तविक जुड़ाव” है। सुरक्षा बलों के जवानों ने भी ग्रामीणों की खुशी में शामिल होकर मिठाइयाँ वितरित कीं।

अब मोबाइल नेटवर्क ग्रामीणों के लिए बैंकिंग, आधार, राशन, स्वास्थ्य योजनाओं, पेंशन और शैक्षणिक सुविधाओं का प्रवेश-द्वार बनेगा। जिनके लिए यह सेवाएँ अब तक दूर का सपना थीं, उनके लिए यह दिन जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित नियद नेल्ला नार योजना का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाकर लोगों में विश्वास बढ़ाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। योजना के तहत सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बैंकिंग, संचार सहित प्रशासनिक सेवाओं को तेज़ी से पहुँचाने का काम किया जा रहा है।

योजना का दायरा व्यापक है — 69 नवीन कैम्पों के आसपास स्थित 403 ग्रामों में 09 विभागों की 18 सामुदायिक सेवाएँ और 11 विभागों की 25 व्यक्तिमूलक योजनाएँ पहुँचाई जा रही हैं, ताकि ग्रामीण किसी भी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहें।

इस पूरी प्रक्रिया में संचार अधोसंरचना सबसे प्रभावी साबित हो रही है। पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में 728 नए टॉवर स्थापित किए गए हैं — जिनमें 116 एलडब्ल्यूई कार्यक्रम से, 115 आकांक्षी जिलों में, और 467 टावर 4G नेटवर्क के रूप में लगाए गए हैं। इसके साथ ही 449 टॉवरों का 2G से 4G में उन्नयन किया गया है।

कोंडापल्ली में नियद नल्ला नार योजना से तेज़ी से बदलाव आए हैं। दिसम्बर 2024 में कैम्प स्थापित होने के बाद पहली बार प्रशासन गाँव तक नियमित रूप से पहुँचने लगा। यहाँ लंबे समय से बंद पड़ी सड़क का पुनर्निर्माण बार्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने अपने जिम्मे लिया है और 50 किलोमीटर सड़क का कार्य प्रगति पर है।

गाँव में दो महीने पहले ही पहली बार विद्युत लाइन पहुँची है। बिजली आने के बाद से बच्चों की पढ़ाई, छोटे व्यवसाय और ग्रामीण जीवन में अभूतपूर्व सकारात्मक बदलाव देखे जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा लगातार सेचुरेशन शिविर आयोजित कर सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक परिवार तक पहुँचाया जा रहा है।

कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क के आगमन से यह स्पष्ट हो गया है कि विकास की किरण अब उन इलाकों तक भी पहुँच रहा है, जो वर्षों से प्रतीक्षा में थे। संचार सुविधा के इस नए सवेरे ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है कि अब उनका गाँव भी राज्य के अन्य हिस्सों की तरह आधुनिक सुविधाओं से जुड़कर आगे बढ़ेगा।

बीजापुर जिले के कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क का पहुँचना सिर्फ एक टॉवर का खड़ा होना नहीं है, यह उन लोगों के सपनों का उठ खड़ा होना है जो वर्षों से दुनिया से कटे हुए थे। हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर का हर गांव–हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े, डिजिटल सुविधाओं तक पहुँचे और अवसरों के नए द्वार उनके लिए खुलें। यह सिर्फ संचार की शुरुआत नहीं, बल्कि विश्वास, बदलाव और नई संभावनाओं के युग का आरंभ है। - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सचिव वी. श्रीनिवास ने पंजाब नेशनल बैंक के मेगा कैंप का उद्घाटन किया, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के माध्यम से पेंशनभोगियों को सुविधा

No comments Document Thumbnail

वी. श्रीनिवास, सचिव (P&PW), ने 7 नवंबर, 2025 को दिल्ली के संसद मार्ग शाखा में पंजाब नेशनल बैंक द्वारा आयोजित मेगा कैंप का उद्घाटन किया। यह कैंप नैशनलवाइड DLC कैंपेन 4.0 के तहत आयोजित किया गया था। इस अवसर पर उन्होंने पेंशनभोगियों को संबोधित करते हुए सरकार द्वारा पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों को उजागर किया। डिजिटल माध्यम से लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) प्रस्तुत करने की सुविधा ने पेंशनभोगियों की जीवन की सुविधा (Ease of Living) को काफी बढ़ाया है और यह विशेष रूप से वृद्ध और बीमार पेंशनभोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी है।

पंजाब नेशनल बैंक इस कैंप को देशभर में 39 शहरों के 185 स्थानों पर आयोजित कर रहा है।

नैशनलवाइड DLC कैंपेन 4.0 को पेंशन और पेंशनभोगियों के कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा विभिन्न हितधारकों के सहयोग से 1 से 30 नवंबर, 2025 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें पेंशन वितरण बैंक, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पेंशनभोगी कल्याण संघ, CGDA, EPFO, DoT, रेलवे, UIDAI और MeitY शामिल हैं। इस अभियान का उद्देश्य देश के सबसे दूर-दराज़ इलाकों तक सभी पेंशनभोगियों तक पहुँचना है।

इस वर्ष अब तक कुल 67.94 लाख DLCs तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से 40.42 लाख Face Authentication के माध्यम से हैं। केवल 1 से 5 नवंबर के बीच 25.60 लाख DLCs तैयार किए गए, जिनमें से 15.62 लाख (61%) Face Authentication के माध्यम से हैं। 90 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगियों के लिए 37,000 से अधिक DLCs और 100 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगियों के लिए 985 DLCs तैयार किए गए हैं।

मेगा कैंप में पेंशनभोगियों के लिए Digital Life Certificate के लिए Face Authentication का उपयोग किया गया। डिजिटल माध्यम से लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा, विशेषकर फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक, ने इसे कहीं भी और कभी भी (Anytime Anywhere) प्रस्तुत करने योग्य बनाया।

मेगा कैंप के दौरान, वी. श्रीनिवास ने पेंशनभोगियों के साथ संवाद किया। पेंशनभोगियों ने डिजिटल माध्यम से लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा पर अपनी अत्यधिक संतुष्टि और खुशी व्यक्त की। विशेष रूप से Face Authentication तकनीक की सुविधा, जो स्मार्टफोन के माध्यम से आसानी से की जा सकती है, वृद्ध और बीमार पेंशनभोगियों के लिए अत्यंत उपयोगी है क्योंकि अब उन्हें किसी बैंक या पेंशन वितरण प्राधिकरण के पास जाने की आवश्यकता नहीं है।


15,000 वंचित छात्रों को मिलेगी फ्री ऑनलाइन कोचिंग: सामाजिक न्याय विभाग का पीडब्ल्यू(PW) फाउंडेशन से समझौता

No comments Document Thumbnail

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार ने आज पीडब्ल्यू फाउंडेशन (Physics Wallah Foundation) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत 15,000 पात्र अभ्यर्थियों – जिनमें अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के लाभार्थी शामिल हैं – को निःशुल्क संरचित ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जाएगी।

यह समझौता 7 नवम्बर 2025 को दोपहर 12 बजे शास्त्री भवन, नई दिल्ली में, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस पहल के अंतर्गत पीडब्ल्यू फाउंडेशन UPSC, SSC और बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी के लिए उच्च गुणवत्ता की डिजिटल कोचिंग निःशुल्क उपलब्ध कराएगा। इसमें लाइव और रिकॉर्डेड लेक्चर, टेस्ट सीरीज़, मेंटरशिप, काउंसलिंग और अध्ययन सामग्री शामिल होगी। इस पहल का उद्देश्य वंचित वर्गों के छात्रों के लिए प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी को सुलभ बनाना है।

यह साझेदारी गैर-वित्तीय सहयोग (Non-Financial Collaboration) के रूप में कार्य करेगी, जिसमें विभाग पात्र छात्रों का चयन पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से करेगा, जबकि पीडब्ल्यू फाउंडेशन बिना किसी शुल्क के अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कोचिंग सामग्री उपलब्ध कराएगा।

इस अवसर पर विभाग के सचिव ने कहा —

“यह सहयोग गुणवत्तापूर्ण कोचिंग सुविधाओं को हाशिए पर बसे वर्गों के छात्रों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल सशक्तिकरण और समावेशी शिक्षा के माध्यम से हम युवाओं को ऐसे अवसर प्रदान करना चाहते हैं जिससे वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो सकें।”

यह पहल सरकार की “समावेशी मानव संसाधन विकास” (Inclusive Human Resource Development) की प्रतिबद्धता को सशक्त बनाती है तथा संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-4 (SDG-4) — “सभी के लिए समावेशी और समान गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करना” — के अनुरूप है।

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा 1 से 30 नवम्बर, 2025 तक देशव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान 4.0 का आयोजन

No comments Document Thumbnail

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा 1 से 30 नवम्बर, 2025 तक देशव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान 4.0 आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान, डिजिटल इंडिया और ईज ऑफ लिविंग मिशन के अनुरूप, पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए सरकार की एक प्रमुख पहल है।

देशव्यापी DLC अभियान 4.0 के दौरान, दूरसंचार विभाग द्वारा अहमदाबाद के पालडी स्थित टैगोर हॉल में 4 नवम्बर, 2025 को एक मेगा कैंप आयोजित किया जा रहा है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारी इस कैंप का दौरा करेंगे। इस मेगा कैंप का उद्देश्य पेंशनभोगियों को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से अपना जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में सहायता करना है। UIDAI द्वारा आवश्यकता पड़ने पर आधार रिकॉर्ड अद्यतन और तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी।

DLC अभियान 4.0 का लक्ष्य 2 करोड़ पेंशनभोगियों तक पहुंचना है, जो देशभर के 2000 से अधिक शहरों और कस्बों को कवर करेगा। इस अभियान में आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के उपयोग पर जोर दिया गया है, जिससे पेंशनभोगी बिना बायोमेट्रिक उपकरणों के आसानी से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। विशेष ध्यान अति वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पेंशनभोगियों पर दिया जा रहा है, जिन्हें इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा डोरस्टेप DLC सेवा प्रदान की जा रही है।

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात (24 नवम्बर, 2024) और संविधान दिवस संबोधन (26 नवम्बर, 2024) में इस बात पर प्रकाश डाला था कि कैसे डिजिटल इंडिया जैसी पहलें, जैसे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, देशभर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन प्रक्रिया को सरल बना रही हैं।

यह अभियान बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, दूरसंचार विभाग, यूआईडीएआई, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), एनआईसी, तथा गुजरात की पेंशनभोगी कल्याण संघों — जैसे केंद्रीय निवृत्त कर्मचारी मंडल, बड़ोदा सेंट्रल पेंशनर्स एसोसिएशन, और डाक व तार एवं अन्य केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स एसोसिएशन — को एक साथ लाकर पेंशनभोगियों के डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देता है। DLC पोर्टल विभिन्न एजेंसियों द्वारा जीवन प्रमाण पत्र के वास्तविक समय मॉनिटरिंग की सुविधा प्रदान करता है।

मेगा कैंप के दौरान सचिव (P&PW) और कंट्रोलर जनरल ऑफ कम्युनिकेशंस अकाउंट्स की पेंशनभोगियों के साथ इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। अनुमान है कि लगभग 2000 पेंशनभोगी विभिन्न विभागों और संगठनों से इस कैंप में शामिल होंगे।

देशव्यापी DLC अभियान 4.0 के हिस्से के रूप में, गुजरात में 82 शहरों और 107 स्थानों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे, जो विभिन्न जिलों और उपविभागों को कवर करेंगे। इन सभी शिविरों के सुचारू संचालन हेतु कुल 107 नोडल अधिकारी भाग लेंगे।

विभाग पेंशनभोगियों के जीवन को सरल बनाने और उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त करने के लिए ऐसे प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों और पहलों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

डिजिटल इंडिया का प्रभाव: अटल पंचायत केंद्रों से गांवों को मिली सशक्तिकरण की सौगात

No comments Document Thumbnail

 गांव-गांव में डिजिटल सशक्तिकरण

रायपुर- महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण अंचलों को बैंकिंग सहित सभी सीएससी सेवाएं पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सूरजपुर जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित एक बैठक को संबोधित कर रही थीं। इस बैठक में जिले के सभी सरपंचों एवं सीएससी द्वारा अधिकृत वीएलई (Village Level Entrepreneur) उपस्थित थे।

बैठक में चर्चा की गई कि अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं, बिजली बिल भुगतान, पेंशन व बीमा योजनाएं, आधार व अन्य शासकीय योजनाओं की सेवाएं सीधे पंचायत स्तर पर उपलब्ध होंगी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह केंद्र ग्रामीणों की समय और संसाधन की बचत के साथ-साथ उन्हें डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने सरपंचों और वीएलई से अपील की कि वे पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक लोगों तक इन सेवाओं का लाभ पहुँचाएँ।

बैठक में विधायक भुलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.