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‘रक्षा शक्ति’ बनेगी विकसित भारत की ताकत, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर PM मोदी का जोर

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से दिए स्वतंत्रता दिवस संबोधन में ‘रक्षा शक्ति’ को विकसित भारत के लिए सप्तधारा की सात प्रमुख शक्तियों में शामिल किया। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को जरूरी बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में भारत केवल दुनिया का बाजार बनकर नहीं रह सकता। देश को अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीकों का विकास कर वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और हाइपरसोनिक रक्षा तकनीक में नेतृत्व हासिल करने पर जोर दिया।

रक्षा उत्पादन में तेज बढ़ोतरी

प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का रक्षा उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा है, जबकि रक्षा निर्यात में लगभग 50 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि भारत के हथियार अब करीब 100 देशों तक पहुंच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सीमाओं के भीतर या बाहर किसी भी चुनौती से निपटने के लिए भारत को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच देश की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करना जरूरी है।

आधुनिक युद्ध के लिए नई तैयारी

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आधुनिक संघर्ष केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि रिफाइनरी, बैंकिंग सिस्टम, डेटा सेंटर, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ के तहत चल रहे कार्यों का उल्लेख किया और आधुनिक खतरों से निपटने के लिए रक्षा तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया।

साइबर सुरक्षा में युवाओं की भूमिका

प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा को भी रक्षा का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की प्रतिभा और तकनीकी क्षमता का इस्तेमाल साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और भारत के साथ-साथ दुनिया के हित में किया जा सकता है।

नागरिक सुरक्षा का बनेगा मजबूत नेटवर्क

प्रधानमंत्री ने नागरिकों की सुरक्षा को भी राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि पिछली सदी के युद्धों को ध्यान में रखकर बनाए गए मौजूदा नागरिक सुरक्षा तंत्र को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप बदलने की जरूरत है।

उन्होंने आने वाले समय में आधुनिक प्रणालियों से लैस एक व्यापक नागरिक सुरक्षा नेटवर्क और बड़ी स्वैच्छिक सिविल डिफेंस फोर्स तैयार करने की घोषणा की।

रक्षा क्षेत्र में नारी शक्ति की बढ़ती भूमिका

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में भी देश की बेटियां नई भूमिका निभा रही हैं। NDA से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला कैडेट्स सैन्य नेतृत्व की क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं।

प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा कि आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता, आधुनिक तकनीक, साइबर सुरक्षा और नागरिकों की तैयारियों के जरिए भारत को एक सुरक्षित और मजबूत राष्ट्र बनाना विकसित भारत 2047 की यात्रा का अहम हिस्सा है।

रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम, नागपुर में गोला-बारूद निर्माण संयंत्र का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन

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नागपुर- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की गोला-बारूद निर्माण में आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत) हासिल करने और भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक उत्पादन केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने 19 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड की मीडियम कैलिबर एम्युनिशन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब गोला-बारूद की कमी के कारण देश की रक्षा तैयारियों पर असर पड़ता था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना अत्यंत आवश्यक है। उद्घाटित संयंत्र एक पूर्णतः स्वचालित इकाई है, जहां 30 मिमी गोला-बारूद का निर्माण किया जाएगा, जिसका व्यापक उपयोग भारतीय सेना और भारतीय नौसेना द्वारा किया जाता है।

रक्षा मंत्री ने पिनाका रॉकेट निर्माण इकाई का भी दौरा किया और आर्मेनिया के लिए निर्देशित पिनाका रॉकेटों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

निजी क्षेत्र के योगदान की सराहना करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय गोला-बारूद का निर्माण कर रहा है। उन्होंने 2021 में भारतीय सेना को सौंपे गए स्वदेशी मल्टी-मोड हैंड ग्रेनेड का विशेष उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने सोलर समूह द्वारा निर्मित नागास्त्र ड्रोन की प्रशंसा की, जिनका ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सफलतापूर्वक उपयोग किया गया और आतंकी ठिकानों को सटीक रूप से निशाना बनाया गया।

रक्षा मंत्री ने सोलर कंपनी द्वारा विकसित ‘भार्गवास्त्र’ काउंटर ड्रोन सिस्टम के सफल परीक्षण को निजी क्षेत्र की तकनीकी क्षमता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि पिनाका मिसाइलों का निर्यात शुरू होना इस बात का संकेत है कि भारत अब केवल आयातक नहीं, बल्कि तेजी से निर्यातक देश बन रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर को आत्मनिर्भरता का उदाहरण बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध के स्वरूप में तेजी से बदलाव आ रहा है। ऊर्जा, व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला, तकनीक और सूचना जैसे नए क्षेत्र भी संघर्ष का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में मजबूत रक्षा औद्योगिक आधार और निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी समय की मांग है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में रक्षा विनिर्माण में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत या उससे अधिक करने का है। सरकार स्वदेशीकरण को बढ़ावा दे रही है और जहां पूर्ण निर्माण संभव नहीं है, वहां भी न्यूनतम 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री सुनिश्चित की जा रही है।

रक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में जहां देश का रक्षा उत्पादन 46,425 करोड़ रुपये था, वहीं आज यह बढ़कर लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें से 33,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान निजी क्षेत्र का है। साथ ही, रक्षा निर्यात जो एक दशक पहले 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था, अब बढ़कर 24,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

उन्होंने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संतुलित सहयोग को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि दोनों को एक-दूसरे की क्षमताओं का पूरक बनकर राष्ट्रीय हित में कार्य करना होगा।

इस अवसर पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संबोधन: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व का प्रतीक

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर इस बात का प्रमाण है कि भारत शांति और सद्भावना की भाषा न समझने वालों को करारा जवाब देना बखूबी जानता है।” वे गुजरात के वडोदरा में 2 दिसंबर 2025 को आयोजित सरदार सभा को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम मेरा युवा (MY) भारत द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘यूनिटी मार्च’ का हिस्सा था।

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की शक्ति का संदेश

रक्षा मंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि दुनिया आज भारतीय सैनिकों की बहादुरी और क्षमता को मान रही है। उन्होंने कहा:

  • “हम शांति-प्रिय राष्ट्र हैं, लेकिन यदि कोई उकसाता है तो उसे बख्शते नहीं।”

  • ऑपरेशन सिंदूर ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और सम्मान के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगा।

सरदार पटेल की विरासत और भारत की एकता

राजनाथ सिंह ने सरदार पटेल को भारत की एकता का शिल्पकार बताते हुए कहा:

  • उनकी दूरदर्शिता के कारण भारत एकजुट हुआ।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वन इंडिया, बेस्ट इंडिया’ के उनके सपने को नई मजबूती मिली है।

  • अनुच्छेद 370 हटाना, जम्मू-कश्मीर को मुख्यधारा में लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम था।

भारत की वैश्विक स्थिति और मजबूत नेतृत्व

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज भारत:

  • विश्व मंच पर अपनी बात मजबूती से रखता है।

  • एक प्रमुख आर्थिक व सामरिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

  • वर्ष 2014 में आर्थिक रैंकिंग में 11वें स्थान पर था, आज चौथे स्थान पर पहुंच चुका है।

उन्होंने सरकार की नीति ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ को सरदार पटेल के सिद्धांतों का आधुनिक रूप बताया।

रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता

 राजनाथ सिंह ने कहा:

  • सरदार पटेल की सोच रक्षा आधुनिकीकरण पर आधारित थी।

  • ‘मेक इन इंडिया’ के चलते आज भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा है।

  • पिछले 11 वर्षों में रक्षा निर्यात 34 गुना बढ़ा है।

  • लक्ष्य:

    • ₹3 लाख करोड़ रक्षा उत्पादन

    • ₹50,000 करोड़ रक्षा निर्यात (वर्ष 2029 तक)

नैतिकता और सुशासन: संविधान (130वां संशोधन) विधेयक

उन्होंने सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख की जानकारी देते हुए कहा:

  • यदि किसी उच्च पदाधिकारी पर गंभीर आरोप में गिरफ्तारी के बाद 30 दिनों तक जमानत नहीं मिलती, तो वह स्वचालित रूप से अपने पद से मुक्त हो जाएगा।

युवा पीढ़ी से आह्वान

रक्षा मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया:

  • भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लें।

  • एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करें।

  • सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाएं और अगली पीढ़ी तक पहुंचाएं।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

  • पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया

  • उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

  • श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

  • केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे

  • अन्य वरिष्ठ अधिकारी

यह आयोजन सरदार पटेल की एकता, राष्ट्रवाद और दृढ़ नेतृत्व की भावना को समर्पित रहा।

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