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भारत में सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन इकोसिस्टम को मिल रही नई मजबूती, DLI योजना से स्टार्टअप्स को बढ़ावा

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नई दिल्ली- भारत का सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन इकोसिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है। डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना के तहत समर्थित स्टार्टअप्स को निवेशकों और उद्योग जगत से बढ़ती रुचि मिल रही है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में लंबे विकास समय, भारी R&D निवेश और तकनीकी जोखिम के कारण पहले निवेश सीमित था, लेकिन सरकार की DLI योजना ने इस स्थिति को बदलने में अहम भूमिका निभाई है।

DLI योजना से स्टार्टअप्स को मिला बड़ा समर्थन

2022 में शुरू की गई DLI योजना के तहत स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, एडवांस चिप डिजाइन टूल्स, IP कोर और तकनीकी इकोसिस्टम का समर्थन दिया जा रहा है। विशेषज्ञों की समिति द्वारा कठोर चयन प्रक्रिया के बाद ही कंपनियों को योजना में शामिल किया जाता है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और भारत में डीप-टेक स्टार्टअप्स को नई गति मिली है।

C2i Semiconductors: AI डेटा सेंटर के लिए पावर मैनेजमेंट चिप्स

बेंगलुरु में 5 जून 2024 को स्थापित C2i Semiconductors कंपनी टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, नेशनल सेमीकंडक्टर और मैक्सिम इंटीग्रेटेड जैसी वैश्विक कंपनियों में काम कर चुके अनुभवी इंजीनियरों द्वारा शुरू की गई है। कंपनी को 1 नवंबर 2024 से DLI योजना के तहत वित्तीय सहायता और एडवांस डिजाइन टूल्स की सुविधा मिली।

C2i अगली पीढ़ी के AI डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पावर मैनेजमेंट सेमीकंडक्टर समाधान विकसित कर रही है। कंपनी की इंजीनियरिंग टीम बढ़कर 65 इंजीनियरों तक पहुंच चुकी है और यह DLI के तहत उपलब्ध EDA टूल्स का उपयोग करने वाली शीर्ष कंपनियों में शामिल है।

AI डेटा सेंटर की बड़ी चुनौती: बिजली आपूर्ति

आधुनिक डेटा सेंटर में AI वर्कलोड बढ़ने के साथ स्थिर और बड़ी बिजली आपूर्ति की जरूरत बढ़ गई है। पुराने पावर सिस्टम लगातार उच्च कंप्यूटिंग के लिए डिजाइन नहीं किए गए थे, जिससे ऊर्जा हानि, अत्यधिक गर्मी और विश्वसनीयता की समस्या उत्पन्न होती है।

नई तकनीक: Grid से Core तक स्मार्ट पावर मैनेजमेंट

C2i Semiconductors बिजली के प्रवाह को ग्रिड से प्रोसेसर चिप तक नए तरीके से डिजाइन कर रही है। कंपनी एक स्मार्ट पावर प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है जो रियल टाइम में बिजली वितरण को मैनेज और ऑप्टिमाइज करेगा। इससे ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी, गर्मी कम होगी, सिस्टम की उम्र बढ़ेगी और डेटा सेंटर का विस्तार आसान होगा।

निवेशकों का भरोसा, करोड़ों की फंडिंग

C2i में Peak XV Partners ने 15 मिलियन डॉलर का निवेश किया है, जबकि 2024 में Yali Capital ने 4 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। कुल निवेश लगभग ₹170 करोड़ तक पहुंच चुका है, साथ ही सरकार की DLI योजना का समर्थन भी मिला है।

Peak XV के मैनेजिंग डायरेक्टर राजन आनंदन ने कहा कि C2i की पावर मैनेजमेंट तकनीक GPU की उम्र बढ़ा सकती है और उद्योग को अरबों डॉलर की बचत करा सकती है।

सरकार का विज़न: डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग में भारत को वैश्विक लीडर बनाना

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर कार्यक्रम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग दोनों को मजबूत करने पर केंद्रित है। सरकार का लक्ष्य घरेलू बौद्धिक संपदा विकसित करना और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाना है।


स्टार्टअप इंडिया के एक दशक: भारत के नवाचार और आर्थिक परिवर्तन की कहानी

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मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • दिसंबर 2025 तक 2 लाख से अधिक DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के साथ भारत विश्व के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में मजबूती से स्थापित है।

  • स्टार्टअप इंडिया के एक दशक में विचार (Ideation) से लेकर फंडिंग, मेंटरशिप और स्केल-अप तक पूर्ण जीवन-चक्र समर्थन प्रणाली विकसित हुई है।

  • लगभग 50% स्टार्टअप टियर-II और टियर-III शहरों से उभर रहे हैं, जो उद्यमिता के लोकतंत्रीकरण का संकेत है।

  • AIM 2.0 का फोकस इकोसिस्टम की कमियों को दूर करने हेतु नए प्रयोगों (पायलट) और सफल मॉडलों के विस्तार पर है, जिसमें सरकार, उद्योग, शिक्षा संस्थान और समुदायों के साथ सहयोग किया जा रहा है।

  • SVEP, ASPIRE और PMEGP जैसे ग्रामीण और जमीनी कार्यक्रम सूक्ष्म उद्यमों, महिला-नेतृत्व वाले उपक्रमों और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं।

स्टार्टअप्स: आर्थिक परिवर्तन में निर्णायक भूमिका

16 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर स्टार्टअप इंडिया पहल के एक ऐतिहासिक दशक को चिह्नित किया जा रहा है। 2016 में उद्यमिता को गति देने के लिए शुरू हुई यह पहल आज विश्व के सबसे बड़े और विविध स्टार्टअप इकोसिस्टम में परिवर्तित हो चुकी है।
“स्टार्टअप इंडिया” के माध्यम से यह आंदोलन विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से गहराई से जुड़ा है, जिसमें आर्थिक आधुनिकीकरण के साथ समावेशी और क्षेत्रीय विकास को भी प्राथमिकता दी गई है।

पिछले एक दशक में स्टार्टअप्स भारत के आर्थिक परिवर्तन के एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरे हैं—जो नवाचार, रोजगार सृजन और समावेशी विकास को आगे बढ़ा रहे हैं। दिसंबर 2025 तक भारत में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रमुख केंद्रों के साथ-साथ छोटे शहर भी इस गति में योगदान दे रहे हैं, जहाँ से लगभग 50% स्टार्टअप्स उभर रहे हैं।

आर्थिक विकास के प्रेरक के रूप में स्टार्टअप्स

स्टार्टअप्स:

  • तकनीकी नवाचार और उत्पादकता को बढ़ावा देते हैं

  • बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करते हैं

  • वित्तीय समावेशन और डिजिटल पहुँच को मजबूत करते हैं

  • क्षेत्रीय और जमीनी स्तर की उद्यमिता को प्रोत्साहित करते हैं

एग्री-टेक, टेलीमेडिसिन, माइक्रोफाइनेंस, पर्यटन और एड-टेक जैसे क्षेत्रों में समाधान देकर स्टार्टअप्स ग्रामीण–शहरी अंतर को पाट रहे हैं।
दिसंबर 2025 तक 45% से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक/भागीदार हैं, जो समावेशी और संतुलित विकास का स्पष्ट संकेत है।

स्टार्टअप इंडिया पहल: भारत के नवाचार तंत्र की रीढ़

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत DPIIT द्वारा संचालित स्टार्टअप इंडिया पहल आज एक बहुआयामी मंच बन चुकी है, जो विचार से लेकर विस्तार तक स्टार्टअप्स का समर्थन करती है।
2014 में जहाँ केवल 4 यूनिकॉर्न थे, वहीं आज 120 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियाँ हैं, जिनका संयुक्त मूल्यांकन 350 बिलियन डॉलर से अधिक है।

स्टार्टअप्स भारत की युवा जनसंख्या का लाभ उठाते हुए प्रौद्योगिकी, सेवाओं और विनिर्माण क्षेत्रों में रोजगार सृजित कर रहे हैं, साथ ही गिग इकॉनमी और सप्लाई चेन के माध्यम से अप्रत्यक्ष रोजगार भी बढ़ा रहे हैं।

स्टार्टअप इंडिया के प्रमुख कार्यक्रम

फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS)

  • कुल कोष: ₹10,000 करोड़

  • 140+ AIFs के माध्यम से 1,370+ स्टार्टअप्स में ₹25,500+ करोड़ निवेश

क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स (CGSS)

  • 330+ ऋण, ₹800 करोड़ से अधिक की गारंटी

स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (SISFS)

  • कुल कोष: ₹945 करोड़

  • 215+ इनक्यूबेटर्स को स्वीकृति

स्टार्टअप इंडिया हब

  • निवेशकों, मेंटर्स, इनक्यूबेटर्स और उद्यमियों को जोड़ने वाला डिजिटल मंच

स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग फ्रेमवर्क (SRF)

  • राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा

राष्ट्रीय मेंटरशिप पोर्टल (MAARG)

  • देशभर के स्टार्टअप्स को अनुभवी मार्गदर्शकों से जोड़ता है

स्टार्टअप इंडिया इन्वेस्टर कनेक्ट पोर्टल

  • SIDBI के सहयोग से स्टार्टअप्स और निवेशकों को जोड़ने वाला मंच

स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त करने वाली अन्य योजनाएँ

अटल इनोवेशन मिशन (AIM)

  • कुल परिव्यय: ₹2,750 करोड़ (2028 तक)

  • 10,000+ अटल टिंकरिंग लैब्स, 1.1 करोड़ से अधिक छात्र लाभान्वित

AIM 2.0 में नई पहलें:

  • LIPI (भाषा समावेशन)

  • फ्रंटियर प्रोग्राम (J&K, NE, आकांक्षी जिले)

  • डीपटेक रिएक्टर

  • इंटरनेशनल इनोवेशन सहयोग

GENESIS (MeitY)

  • बजट: ₹490 करोड़

  • टियर-II/III शहरों में 1,600 डीपटेक स्टार्टअप्स को समर्थन

MeitY स्टार्टअप हब

  • 6,148+ स्टार्टअप्स, 517+ इनक्यूबेटर्स

TIDE 2.0

  • 51 इनक्यूबेटर्स के माध्यम से ICT आधारित स्टार्टअप्स को समर्थन

NIDHI (DST)

  • 12,000+ स्टार्टअप्स, 1.3 लाख+ रोजगार, 1,100+ IP

ग्रामीण और जमीनी स्तर की पहल

SVEP

  • 3.74 लाख उद्यमों को समर्थन (जून 2025 तक)

ASPIRE

  • ग्रामीण उद्योगों और माइक्रो-एंटरप्राइज को बढ़ावा

PMEGP

  • स्वरोजगार हेतु मार्जिन मनी सब्सिडी

  • विनिर्माण क्षेत्र में ₹50 लाख तक परियोजना समर्थन

आगे की राह: नवाचार और क्रियान्वयन का भविष्य

स्टार्टअप इंडिया के एक दशक बाद, भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेज़ विस्तार से टिकाऊ विकास की ओर अग्रसर है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, युवा जनसंख्या और सुधार-आधारित नीतियों के बल पर स्टार्टअप्स भारत की $7.3 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था (2030) और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में केंद्रीय भूमिका निभाते रहेंगे।

स्टार्टअप्स अब केवल विकास के उत्प्रेरक नहीं, बल्कि भारत के भविष्य-तैयार, नवाचार-आधारित आर्थिक मॉडल के प्रतीक बन चुके हैं।

ESTIC 2025 में PitchX: भारत के DeepTech स्टार्टअप्स ने नवाचार और निवेशकों के समक्ष प्रदर्शित किया अपनी प्रतिभा

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नई दिल्ली-Emerging Science & Technology Innovation Conclave (ESTIC 2025) के दूसरे दिन PitchX @ ESTIC 2025 में नवाचार और उद्यमिता का जीवंत प्रदर्शन देखा गया, जिसमें भारत के सबसे आशाजनक DeepTech स्टार्टअप्स और प्रमुख निवेशक एकत्र हुए।

इस कार्यक्रम में 20 से अधिक अग्रणी स्टार्टअप्स ने अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया और प्रतिष्ठित निवेशकों के सामने अपने विचार प्रस्तुत किए। निवेशकों में PeakXV, Yournest, FAST India, IIMA Ventures, और Silver Needle Ventures (SNV) Fund के प्रतिनिधि शामिल थे। इस आयोजन ने भारत में DeepTech उद्यमिता की बढ़ती गति और वैज्ञानिक अनुसंधान को बाजार-योग्य समाधानों में बदलने की दृष्टि को प्रदर्शित किया।

सम्माननीय केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नवाचार को समर्थन देने के लिए प्रारंभिक उद्योग संबंधों और निवेशक जुड़ाव के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने हाल ही में लॉन्च किए गए ₹1 लाख करोड़ के Research, Development and Innovation (RDI) योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करेगी और भारत के DeepTech क्रांति को गति देगी।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, प्रो. अभय करंदिकर ने RDI योजना के संचालनात्मक ढांचे पर प्रकाश डाला और घोषणा की कि DST और Technology Development Board (TDB) जल्द ही Sunrise सेक्टर्स में DeepTech स्टार्टअप्स का समर्थन करने के लिए प्रारंभिक निवेश करेंगे।

DeepTech स्टार्टअप शोकेस में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा नामांकित 30 ब्रेकथ्रू स्टार्टअप्स को प्रदर्शित किया गया। इस शोकेस ने अनुसंधान उत्कृष्टता, बौद्धिक संपदा सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता से प्रेरित नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने में सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर किया।

स्टार्टअप्स ने Space & Defence, Quantum Technologies, Cybersecurity, Health & Life Sciences, Semiconductors, Industry 4.0, Artificial Intelligence, Water और AgriTech जैसे क्षेत्र प्रस्तुत किए।

कुछ स्टार्टअप्स जैसे EndureAir Systems, Atreya Innovations, Lifespark Technologies, Noccarc Robotics, और FortyTwo Labs अत्यधिक निवेश योग्य के रूप में उभरे। इस सम्मेलन में महिला उद्यमियों को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जो भारत के समावेशी, तकनीक-प्रधान उद्यमिता दृष्टिकोण का प्रतीक हैं।

इस आयोजन का समापन निवेशकों और स्टार्टअप्स की उत्साही भागीदारी के साथ हुआ, जिसने PitchX @ ESTIC 2025 को भारत के DeepTech भविष्य के लिए उत्प्रेरक और देश की नवाचार-आधारित वृद्धि के लिए एक मजबूत आधार के रूप में पुष्ट किया।


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