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ज्योतिबा फुले के विचार आज भी प्रासंगिक

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 पुण्यतिथि पर संगोष्ठी आयोजित,जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने की उठी मांग 

अभनपुर- मरार पटेल समाज अभनपुर राज एवं छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन रायपुर संभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को अभनपुर स्थित शाकंभरी भवन में महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर एक गरिमामय संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों, चिंतकों और विशिष्ट वक्ताओं ने भाग लेकर महात्मा फुले के जीवन, संघर्ष और विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार डॉ. कृष्ण कुमार पाटिल, वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. मनीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार एवं पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के संरक्षक आनंदराम पत्रकारश्री, सांसद प्रतिनिधि रायपुर अनिल अग्रवाल, सेवानिवृत्त अपर संचालक राजेंद्र पटेल, प्रदेश संयोजक सर्व समाज ब्रह्मदेव पटेल, जिलाध्यक्ष रायपुर एवं संभाग अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन ईश्वर पटेल, महामंत्री रायपुर संभाग वेदव्यास धीवर, पूर्व उपाध्यक्ष मरार पटेल समाज त्रिपुरारी पटेल, सर्व समाज उपाध्यक्ष फतीश साहू, महामंत्री सर्व समाज वेदव्यास देवांगन, कोषाध्यक्ष सर्व समाज भरत देवांगन, समाजसेवी नारायण सोनी और महेन्द्र पटेल उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके जीवनकाल में थे। सामाजिक विषमताओं, अशिक्षा, कुरीतियों, स्त्री शिक्षा तथा विधवा पुनर्विवाह जैसे मुद्दों पर फुले दंपत्ति—ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई—ने जिस साहस और दृढ़ता के साथ कार्य किया, वह वर्तमान समाज के लिए प्रेरणादायक है। वक्ताओं ने कहा कि फुले ने प्रतिकूल परिस्थितियों में समाज सुधार का जो मार्ग प्रशस्त किया, वह आज भी सामाजिक जागरूकता की दिशा में प्रकाशस्तंभ की तरह है।

संगोष्ठी में सर्वसम्मति से यह आग्रह किया गया कि महात्मा ज्योतिबा फुले की जीवनी और योगदान को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि बच्चे प्रारंभिक स्तर से ही समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के मूल्यों से परिचित हो सकें। साथ ही यह भी प्रस्ताव रखा गया कि चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और विद्यालयों में महात्मा फुले एवं भारत की प्रथम शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले की प्रतिमाएं एवं छायाचित्र स्थापित किए जाएं। वक्ताओं ने कहा कि शासन को प्रदेश के सभी स्कूलों में फुले दंपत्ति के छायाचित्र उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके योगदान को जान सके।

आभार प्रदर्शन करते हुए ईश्वर पटेल ने कहा कि आने वाले वर्षों में महात्मा फुले की जयंती एवं पुण्यतिथि पर और भी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं को माता सावित्रीबाई और ज्योतिबा फुले की छायाचित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर धर्मेंद्र पटेल, अवध राम पटेल, मधुसूदन पटेल, कोमल पटेल, व्यास नारायण पटेल, झड़ीराम पटेल, मिलन पटेल, नोहर पटेल, संजय पटेल, तिहारु राम पटेल, रिखीराम पटेल, लक्ष्मण पटेल, पंचूराम पटेल, बंसीलाल पटेल, संतोष पटेल, कमलेश पटेल, गोपाल पटेल, दौलत राम पटेल सहित सर्व समाज के बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।

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