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सरकार का फोकस सुरक्षित साइबरस्पेस पर: CERT-In और NCIIPC के जरिए मजबूत की जा रही देश की डिजिटल सुरक्षा

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नई दिल्ली- भारत सरकार सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह साइबरस्पेस सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सतर्कता के साथ काम कर रही है। देश की डिजिटल अवसंरचना पर साइबर खतरों को देखते हुए भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (NCIIPC) चौबीसों घंटे डिजिटल सेवाओं और महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा में जुटे हैं।

CERT-In और NCIIPC साइबर घटनाओं की नियमित निगरानी करते हैं, त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करते हैं और सेवाओं की बहाली में सहयोग करते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत सुरक्षा और भेद्यता ऑडिट किए जाते हैं। इसी कड़ी में जुलाई 2025 में CERT-In ने समग्र साइबर सुरक्षा ऑडिट नीति दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत सभी क्षेत्रों—विशेषकर महत्वपूर्ण अवसंरचना—में वर्ष में कम से कम एक बार साइबर सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया गया है। इसके लिए 231 सुरक्षा ऑडिट संगठनों को पैनल में शामिल किया गया है।

सरकार ने रैनसमवेयर और सीमा-पार साइबर अपराधों से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। CERT-In को आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 70B के तहत राष्ट्रीय नोडल एजेंसी घोषित किया गया है, जो नवीनतम साइबर खतरों पर अलर्ट और एडवाइजरी जारी करता है तथा प्रभावित संस्थानों को सुधारात्मक उपायों की सलाह देता है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और राष्ट्रीय डेटा केंद्रों की वार्षिक सुरक्षा ऑडिट कराई जाती है, साथ ही एआई/एमएल आधारित उन्नत टूल्स से 24×7 निगरानी, ज़ीरो ट्रस्ट सुरक्षा, एंडपॉइंट प्रोटेक्शन और पुराने सिस्टम्स को हटाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

इसके अलावा, CERT-In का स्वचालित साइबर थ्रेट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विभिन्न क्षेत्रों के संगठनों के साथ रियल-टाइम अलर्ट साझा करता है। साइबर मॉक ड्रिल, सेक्टर-विशिष्ट CSIRT (जैसे CSIRT-Fin, CSIRT-Power), साइबर क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान (CCMP) और 213 संवेदनशीलता कार्यशालाओं के जरिए तैयारियों को और मजबूत किया गया है।

साइबर प्रतिभा विकास के लिए ISEA कार्यक्रम, CSPAI (AI सुरक्षा) प्रमाणन, और साइबर स्वच्छता केंद्र (CSK) के माध्यम से नागरिकों व संगठनों को मुफ्त टूल्स, सलाह और जागरूकता सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

यह जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 17 दिसंबर 2025 को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

DARPG ने आयोजित किया साइबर सुरक्षा कार्यशाला, सशक्त डिजिटल भारत के लिए बढ़ाई जागरूकता

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नई दिल्ली- प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने नई दिल्ली के सिविल सर्विसेज़ ऑफिसर्स’ इंस्टिट्यूट (CSOI) में साइबर सुरक्षा पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की। यह पहल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत CERT-In द्वारा स्थापित साइबर स्वच्छता केंद्र (Cyber Swachhta Kendra) से प्रेरित है।

कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सार्वजनिक ई-गवर्नेंस सिस्टम की सुरक्षा के लिए मजबूत साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर के महत्व पर जोर देना था।

कार्यशाला में MeitY के सचिव एस. कृष्णन ने डेटा के जिम्मेदार और सुरक्षित उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि CERT-In के महानिदेशक डॉ. संजय बहल ने साइबर सहनशीलता (Cyber Resilience) की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की।

DARPG के सचिव वी. श्रीनिवास ने ई-ऑफिस एनालिटिक्स का उपयोग और VPN सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने का आग्रह किया। CERT-In के वैज्ञानिक-जी एस.एस. शर्मा ने साइबर सुरक्षा की सरल और प्रभावी प्रथाओं जैसे सुरक्षित पासवर्ड, लिंक सत्यापन और वेबसाइट सुरक्षा प्रमाणपत्र जांचने पर जोर दिया।

NIC की मिस अंजलि ढींगरा ने एप्लिकेशन सुरक्षा, एन्क्रिप्शन और मजबूत प्रमाणीकरण के महत्व को रेखांकित किया। DoPPW के वरिष्ठ निदेशक अनिल बंसल ने भविष्य पोर्टल की उपलब्धियों और पारदर्शी पेंशन प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला का समापन DARPG के अतिरिक्त सचिव पुणीत यादव ने धन्यवाद प्रस्ताव के साथ किया। इस कार्यशाला से सरकारी अधिकारियों की साइबर जागरूकता बढ़ाने और डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।



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