Media24Media.com: #CurrentAffairs

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #CurrentAffairs. Show all posts
Showing posts with label #CurrentAffairs. Show all posts

बिहार बंद आज: शिक्षा सुधार और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का बड़ा आंदोलन, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

No comments Document Thumbnail

पटना- ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और अन्य छात्र संगठनों के आह्वान पर आज बिहार बंद का आयोजन किया गया है। आंदोलनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

बंद को देखते हुए पटना समेत कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और ट्रैफिक संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है। 

प्रदर्शन के चलते कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित

No comments Document Thumbnail

रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इसके मसौदे (ड्राफ्ट) को तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है।

समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) वी. रमासुब्रमणियन करेंगे। समिति में कानून, प्रशासन और समाज से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, ताकि व्यापक विचार-विमर्श के बाद राज्य के लिए उपयुक्त मसौदा तैयार किया जा सके।

सरकार के अनुसार, यह समिति विभिन्न राज्यों में लागू या प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के प्रावधानों का अध्ययन करेगी, संबंधित कानूनों की समीक्षा करेगी और विभिन्न सामाजिक, धार्मिक तथा कानूनी पक्षों से सुझाव प्राप्त करने के बाद अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी।

समिति राज्य के सभी वर्गों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से संवाद स्थापित कर एक संतुलित और व्यवहारिक मसौदा तैयार करेगी।

गौरतलब है कि उत्तराखंड के बाद छत्तीसगढ़ समान नागरिक संहिता की दिशा में ठोस पहल करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानूनों की संभावनाओं का अध्ययन करना और राज्य के हित में उपयुक्त सुझाव तैयार करना है।

विदेश मंत्रालय की स्पष्टता: पासपोर्ट अकेले नागरिकता का प्रमाण नहीं

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज़ है और इसे अपने आप में भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण नागरिकता और पहचान दस्तावेज़ों से जुड़ी चर्चाओं के बीच जारी किया।


विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट धारक की पहचान और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए जारी किया जाता है, जबकि नागरिकता से संबंधित मामलों का निर्धारण संबंधित कानूनी प्रावधानों और सक्षम प्राधिकरणों द्वारा किया जाता है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त (Visa-Free) और वीजा-ऑन-अराइवल (Visa-on-Arrival) सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जिससे भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए कई देशों की यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मंत्रालय की यह स्पष्टता नागरिकता और यात्रा दस्तावेज़ों के बीच अंतर को समझने में मदद करेगी। साथ ही, यह जानकारी उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो पासपोर्ट को नागरिकता के एकमात्र प्रमाण के रूप में देखते हैं।

विदेश मंत्रालय ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे नागरिकता, पहचान और यात्रा दस्तावेज़ों से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करें तथा किसी भी भ्रम की स्थिति में संबंधित सरकारी एजेंसियों से संपर्क करें।


भारत की अर्थव्यवस्था ने फिर दिखाई मजबूती, चौथी तिमाही में 7.8% की शानदार वृद्धि

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में 7.8 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है। यह वृद्धि बाजार की अपेक्षाओं से अधिक रही, जिससे भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने में सफल रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, विनिर्माण, सेवा और निवेश क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन के कारण आर्थिक विकास को गति मिली। सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों, बुनियादी ढांचे में निवेश और बढ़ती घरेलू मांग ने भी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है।

इस उपलब्धि के साथ भारत ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी अपनी आर्थिक क्षमता का प्रदर्शन किया है। आर्थिक वृद्धि के ताजा आंकड़े देश में निवेश और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

मुख्य बिंदु:

  • जनवरी-मार्च तिमाही में GDP वृद्धि दर 7.8% रही।

  • वृद्धि दर बाजार के अनुमान से अधिक रही।

  • भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल।

  • विनिर्माण, सेवा और निवेश क्षेत्रों का रहा महत्वपूर्ण योगदान।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.