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भारत-मंगोलिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

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भारत और मंगोलिया के बीच कूटनीतिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर “भारत और मंगोलिया के बीच सांस्कृतिक अंतरप्रवाह” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के बृहत्तर भारत एवं क्षेत्र अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित किया गया, जो संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्था है। सम्मेलन का उद्घाटन आज नई दिल्ली स्थित IGNCA के संवेत ऑडिटोरियम में किया गया।

मंगोलियाई संस्कृति पर विशेष प्रदर्शनी

इस अवसर पर मंगोलियाई संस्कृति की दृश्य प्रस्तुति पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया, जो 25 फरवरी तक IGNCA की दर्शनम गैलरी में आम जनता के लिए खुली रहेगी।
सम्मेलन में भारत, मंगोलिया, अमेरिका, फ्रांस और अन्य देशों के 31 विद्वान भाग ले रहे हैं, और दो दिनों में कुल 75 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।

मुख्य अतिथि के विचार

मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह सम्मेलन भारत और मंगोलिया के बीच साझा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध केवल धर्म तक सीमित नहीं रहे, बल्कि खगोल विज्ञान, पंचांग विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और दर्शन जैसे क्षेत्रों तक फैले हैं।

उन्होंने मंगोलियन कांग्यूर को भाषाई और दार्शनिक विद्वत्ता का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बताया और कहा कि इसके संरक्षण और डिजिटलीकरण से सभ्यतागत संवाद और सांस्कृतिक कूटनीति मजबूत होती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के 2015 मंगोलिया दौरे के दौरान भारत को “आध्यात्मिक पड़ोसी” कहे जाने का उल्लेख किया और कहा कि यह सम्मेलन 70 वर्षों के कूटनीतिक संबंधों और सदियों पुराने सभ्यतागत रिश्तों को दर्शाता है।

संस्कृति मंत्रालय की भूमिका

संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि भारत और मंगोलिया साझा सभ्यतागत स्मृति और सांस्कृतिक निकटता पर आधारित साझेदारी बना रहे हैं।
उन्होंने तेल रिफाइनरी परियोजना, रक्षा, शिक्षा और पांडुलिपि संरक्षण जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग का उल्लेख किया।उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट मौसमी और प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत के तहत साझा अमूर्त विरासत को दस्तावेज़ करने और यूनेस्को में बहुराष्ट्रीय मान्यता दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मंगोलिया के राजदूत का संबोधन

मंगोलिया के राजदूत गनबोल्ड डम्बाजाव ने भारत को मंगोलिया का “आध्यात्मिक पड़ोसी” और प्रमुख क्षेत्रीय साझेदार बताया।उन्होंने बौद्ध धर्म को दोनों देशों का साझा मूल्य बताया और कांग्यूर और तेंग्यूर जैसे बौद्ध ग्रंथों के संरक्षण और अनुवाद का उल्लेख किया।उन्होंने इनके प्रसार में भारत के सहयोग की सराहना की और दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी पर प्रकाश डाला।

सम्मेलन का उद्देश्य

यह सम्मेलन विद्वानों को भारत और मंगोलिया के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों पर चर्चा का मंच प्रदान करता है, जिसमें:

  • पुरातात्विक संबंध

  • धार्मिक और साहित्यिक परंपराएँ

  • मंगोलिया में संस्कृत पांडुलिपियाँ

  • कला और सांस्कृतिक आदान-प्रदान

  • साझा भौतिक विरासत
    जैसे विषय शामिल हैं।


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